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“अमेरा तालाब में अनदेखी: जलकुंभी और गंदगी से ग्रामीण नहाने मजबूर” ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की पलारी, छत्तीसगढ़ अमेरा पंचायत का मुख्य तालाब पिछले कुछ वर्षों से जलकुंभी (स्थानीय भाषा में ‘चिला’) की चपेट में है। तालाब में यह जलकुंभी इतनी तेजी से फैल गई है कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं नहाने या पानी उपयोग करने में गंभीर कठिनाई का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी में गंदगी और तलछट के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत संदीप घृतलहरे, पंच, ने बताया कि तालाब की सफाई न होने के कारण कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। “यह सिर्फ पानी की गंदगी नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा और स्वास्थ्य का मुद्दा है। बच्चों और बुजुर्गों का नहाना खतरनाक हो गया है। यदि किसी को गंभीर बीमारी हुई, तो जिम्मेदार कौन होगा?” – उन्होंने सवाल उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब को मछुआरा संघ को 15 साल की लीज पर दिया गया था, लेकिन पिछले कई वर्षों में अपेक्षित सफाई नहीं हुई। धनेश तेरवंश, भरत जोशी, भूपेन्द कोसरिया, सुपत विश्वकर्मा, और जय कुमार घृतलहरे सहित पंचायत के कई प्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर बार-बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत और शासन का मूलभूत धन इस कार्य में सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो तालाब से होने वाले स्वास्थ्य और सामाजिक जोखिम बढ़ सकते हैं। प्रशासन की प्रतिक्रिया उप सरपंच अरुण देवांगन ने बताया कि तालाब लीज पर मछुआरा संघ को 15 साल के लिए दिया गया था। उन्होंने कहा, “समय-समय पर तालाब की सफाई के लिए कहा गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि तालाब में गंदगी के कारण नहाने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है, और प्रशासन लीज धारक की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया में है। तालाब की वर्तमान स्थिति स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब में जलकुंभी के साथ-साथ गंदगी और तलछट इतनी बढ़ गई है कि पानी में प्रवेश करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के रोजमर्रा के नहाने और घरेलू उपयोग के लिए इस पानी पर निर्भर हैं। तालाब के किनारे मछली पालन भी होता है, लेकिन लीज धारक ने सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी नहीं की। ग्रामीणों और पंचों की राय संदीप घृतलहरे (पंच): “अगर प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो यह स्वास्थ्य संकट बन सकता है।” भरत जोशी (पंच): “तालाब का पानी बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो गया है। साफ-सफाई प्राथमिकता होनी चाहिए।” संभावित कार्रवाई और प्रशासनिक कदम ग्रामीणों ने मांग की है कि: लीज धारक की जिम्मेदारी तय की जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। तालाब की सफाई के लिए शासकीय धन का उचित उपयोग किया जाए। स्वास्थ्य जोखिम को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द तालाब की साफ-सफाई शुरू की जाए।

2 hrs ago
user_तुलसी राम
तुलसी राम
Local News Reporter पलारी, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

“अमेरा तालाब में अनदेखी: जलकुंभी और गंदगी से ग्रामीण नहाने मजबूर” ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की पलारी, छत्तीसगढ़ अमेरा पंचायत का मुख्य तालाब पिछले कुछ वर्षों से जलकुंभी (स्थानीय भाषा में ‘चिला’) की चपेट में है। तालाब में यह जलकुंभी इतनी तेजी से फैल गई है कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं नहाने या पानी उपयोग करने में गंभीर कठिनाई का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी में गंदगी और तलछट के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत संदीप घृतलहरे, पंच, ने बताया कि तालाब की सफाई न होने के कारण कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। “यह सिर्फ पानी की गंदगी नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा और स्वास्थ्य

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का मुद्दा है। बच्चों और बुजुर्गों का नहाना खतरनाक हो गया है। यदि किसी को गंभीर बीमारी हुई, तो जिम्मेदार कौन होगा?” – उन्होंने सवाल उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब को मछुआरा संघ को 15 साल की लीज पर दिया गया था, लेकिन पिछले कई वर्षों में अपेक्षित सफाई नहीं हुई। धनेश तेरवंश, भरत जोशी, भूपेन्द कोसरिया, सुपत विश्वकर्मा, और जय कुमार घृतलहरे सहित पंचायत के कई प्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर बार-बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत और शासन का मूलभूत धन इस कार्य में सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो तालाब से होने

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वाले स्वास्थ्य और सामाजिक जोखिम बढ़ सकते हैं। प्रशासन की प्रतिक्रिया उप सरपंच अरुण देवांगन ने बताया कि तालाब लीज पर मछुआरा संघ को 15 साल के लिए दिया गया था। उन्होंने कहा, “समय-समय पर तालाब की सफाई के लिए कहा गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि तालाब में गंदगी के कारण नहाने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है, और प्रशासन लीज धारक की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया में है। तालाब की वर्तमान स्थिति स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब में जलकुंभी के साथ-साथ गंदगी और तलछट इतनी बढ़ गई है कि पानी में प्रवेश करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के रोजमर्रा के नहाने और

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घरेलू उपयोग के लिए इस पानी पर निर्भर हैं। तालाब के किनारे मछली पालन भी होता है, लेकिन लीज धारक ने सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी नहीं की। ग्रामीणों और पंचों की राय संदीप घृतलहरे (पंच): “अगर प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो यह स्वास्थ्य संकट बन सकता है।” भरत जोशी (पंच): “तालाब का पानी बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो गया है। साफ-सफाई प्राथमिकता होनी चाहिए।” संभावित कार्रवाई और प्रशासनिक कदम ग्रामीणों ने मांग की है कि: लीज धारक की जिम्मेदारी तय की जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। तालाब की सफाई के लिए शासकीय धन का उचित उपयोग किया जाए। स्वास्थ्य जोखिम को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द तालाब की साफ-सफाई शुरू की जाए।

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  • पलारी संडी, 9 अप्रैल 2026। संडी गांव में लंबे समय से प्रतीक्षित देशी कम्पोजिट शराब दुकान का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत संडी मुड़पार के सरपंच प्रतिनिधि मुरली साहू, जनपद सदस्य वीरेंद्र महेश्वरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और आबकारी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। *पूजा-अर्चना के साथ* *उद्घाटन* कार्यक्रम पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ। पूजा-अर्चना, नारियल फोड़ने और फीता काटने के साथ दुकान का उद्घाटन किया गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। *अवैध शराब पर नियंत्रण की* *उम्मीद* जनप्रतिनिधियों ने बताया कि अधिकृत दुकान के खुलने से क्षेत्र में लंबे समय से चल रही अवैध शराब बिक्री पर रोक लगेगी। अवैध शराब से जुड़ी स्वास्थ्य और सामाजिक समस्याओं को देखते हुए यह कदम जरूरी बताया गया। दुकान को स्थानीय मांग के आधार पर स्वीकृति दी गई है, ताकि बिक्री को नियंत्रित और कानूनी दायरे में लाया जा सके। *ग्रामीणों को मिली राहत* सरपंच प्रतिनिधि मुरली साहू ने कहा कि पहले अधिकृत दुकान न होने से ग्रामीणों को दूर जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। अब यह सुविधा गांव में ही उपलब्ध हो गई है। *राजस्व बढ़ेगा, पारदर्शिता* *आएगी* जनपद सदस्य वीरेंद्र महेश्वरी के अनुसार, अधिकृत दुकान से शासन के राजस्व में वृद्धि होगी। साथ ही, नियंत्रित बिक्री व्यवस्था से पारदर्शिता बनी रहेगी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा। *सामाजिक असर को लेकर* *चिंता* हालांकि, इस फैसले को लेकर गांव में मतभेद भी देखने को मिल रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि शराब की आसान उपलब्धता से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से युवाओं पर इसके नकारात्मक प्रभाव और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर चिंता जताई जा रही है। *समर्थन और विरोध के बीच* *संतुलन की चुनौती* दूसरी ओर, कई ग्रामीण इस पहल का समर्थन भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अवैध शराब के मुकाबले अधिकृत दुकान बेहतर और सुरक्षित विकल्प है। कुल मिलाकर, यह निर्णय प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके सामाजिक प्रभाव को संतुलित रखना आने वाले समय में बड़ी चुनौती होगी।
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    पलारी  संडी, 9 अप्रैल 2026।
संडी गांव में लंबे समय से प्रतीक्षित देशी कम्पोजिट शराब दुकान का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत संडी मुड़पार के सरपंच प्रतिनिधि मुरली साहू, जनपद सदस्य वीरेंद्र महेश्वरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और आबकारी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
*पूजा-अर्चना के साथ* *उद्घाटन* 
कार्यक्रम पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ। पूजा-अर्चना, नारियल फोड़ने और फीता काटने के साथ दुकान का उद्घाटन किया गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
*अवैध शराब पर नियंत्रण की* *उम्मीद* 
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि अधिकृत दुकान के खुलने से क्षेत्र में लंबे समय से चल रही अवैध शराब बिक्री पर रोक लगेगी। अवैध शराब से जुड़ी स्वास्थ्य और सामाजिक समस्याओं को देखते हुए यह कदम जरूरी बताया गया।
दुकान को स्थानीय मांग के आधार पर स्वीकृति दी गई है, ताकि बिक्री को नियंत्रित और कानूनी दायरे में लाया जा सके।
*ग्रामीणों को मिली राहत* 
सरपंच प्रतिनिधि मुरली साहू ने कहा कि पहले अधिकृत दुकान न होने से ग्रामीणों को दूर जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। अब यह सुविधा गांव में ही उपलब्ध हो गई है।
*राजस्व बढ़ेगा, पारदर्शिता* *आएगी* 
जनपद सदस्य वीरेंद्र महेश्वरी के अनुसार, अधिकृत दुकान से शासन के राजस्व में वृद्धि होगी। साथ ही, नियंत्रित बिक्री व्यवस्था से पारदर्शिता बनी रहेगी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा।
*सामाजिक असर को लेकर* *चिंता* 
हालांकि, इस फैसले को लेकर गांव में मतभेद भी देखने को मिल रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि शराब की आसान उपलब्धता से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है।
विशेष रूप से युवाओं पर इसके नकारात्मक प्रभाव और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर चिंता जताई जा रही है।
*समर्थन और विरोध के बीच* *संतुलन की चुनौती* 
दूसरी ओर, कई ग्रामीण इस पहल का समर्थन भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अवैध शराब के मुकाबले अधिकृत दुकान बेहतर और सुरक्षित विकल्प है।
कुल मिलाकर, यह निर्णय प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके सामाजिक प्रभाव को संतुलित रखना आने वाले समय में बड़ी चुनौती होगी।
    user_तुलसी राम
    तुलसी राम
    Local News Reporter पलारी, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    55 min ago
  • Post by गोविंद राम 9294731537
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    Post by गोविंद राम 9294731537
    user_गोविंद राम 9294731537
    गोविंद राम 9294731537
    Palari, Baloda Bazar•
    23 hrs ago
  • बलौदा बाजार जिला के विकासखंड पलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैहा में बिजली विभाग के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए मामला सामने आया। विकासखंड पलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैहा में नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है जिसमें बिजली विभाग के ठेका कर्मचारीयों के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए दिखाई दिया गया न शासन प्रशासन और न ही बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को किसी प्रकार की सेफ्टी उपकरण नहीं दिया जा रहा है बीना सीढ़ी के 15से20फिट खंभे और ट्रांसफार्मर के ऊपर चढ़कर बिना कुछ सहारा ऊपर नीचे कार्य कर रहे हैं जिससे ओ अपने जान को जोखिम में डालकर कार्य कर रहे हैं जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है पुछे जाने पर बताया गया कि कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दिया जा रहा है और नहीं हमारे वेतन में भी बढ़ोतरी करते हैं जबकि बिजली विभाग के कर्मचारी गर्मी हो या बरसात के दिनों में 24 घंटे कार्य करते हैं जिसे आम जनता को किसी प्रकार की तकलीफ ना हो और सरकार दिन के दिन बिजली बिल को बढ़ा चढ़ा कर भेजते हैं जिससे आम नागरिक जनता आए दिन परेशानियो का सामना करना पड़ता है। सवाल यह उठता है कि इतने भीषण गर्मी में कहीं बीजली विभाग के ठेकेदार के मजदूर यदि खंभे में चढ़कर कार्य कर रहे हैं अगर पैर फिसल कर नीचे जमीन में गीरता है तो गंभीर चोट लग सकता है और ठेकेदार के द्वारा किसी प्रकार की सेफ्टी उपकरण नहीं दिया जा रहा है तो तो शासन प्रशासन और ठेकेदार ध्यान देना चाहिए यदि कहीं घटना घटती है तो ईसका जिम्मेदार कौन रहेगा।
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    बलौदा बाजार जिला के विकासखंड पलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैहा में बिजली विभाग के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए मामला सामने आया।
विकासखंड पलारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैहा में नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है जिसमें बिजली विभाग के ठेका कर्मचारीयों के द्वारा अनसेफ कार्य करते हुए दिखाई दिया गया न शासन प्रशासन और न ही बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को किसी प्रकार की सेफ्टी उपकरण नहीं दिया जा रहा है बीना सीढ़ी के 15से20फिट खंभे और ट्रांसफार्मर के ऊपर चढ़कर बिना कुछ सहारा ऊपर नीचे कार्य कर रहे हैं जिससे ओ अपने जान को जोखिम में डालकर कार्य कर रहे हैं जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है पुछे जाने पर बताया गया कि कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दिया जा रहा है और नहीं हमारे वेतन में भी बढ़ोतरी करते हैं जबकि बिजली विभाग के कर्मचारी गर्मी हो या बरसात के दिनों में 24 घंटे कार्य करते हैं जिसे आम जनता को किसी प्रकार की तकलीफ ना हो और सरकार दिन के दिन बिजली बिल को बढ़ा चढ़ा कर भेजते हैं जिससे आम नागरिक जनता आए दिन परेशानियो  का सामना करना पड़ता है। सवाल यह उठता है कि इतने भीषण गर्मी में  कहीं बीजली विभाग के ठेकेदार के मजदूर यदि खंभे में चढ़कर कार्य कर रहे हैं अगर पैर फिसल कर नीचे जमीन में गीरता है तो गंभीर चोट लग सकता है और ठेकेदार के द्वारा किसी प्रकार की सेफ्टी उपकरण नहीं दिया जा रहा है तो तो शासन प्रशासन और ठेकेदार ध्यान देना चाहिए यदि कहीं घटना घटती है तो ईसका जिम्मेदार कौन रहेगा।
    user_Hariom .Vishwakarma . रीपोर्ट
    Hariom .Vishwakarma . रीपोर्ट
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • गौ सम्मान आव्हान अभियान मे आप सबका स्वागत है अभिनंदन है साथी हाथ बढ़ाना अभी नही तो कभी नही याद रखे इतिहास बदलने वाला है मै रहु या ना रहू गौ वंश रहना चाहिए होश मे आव भारती जागो अभी नही तो दुनिया से विदा तय है
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    गौ सम्मान आव्हान अभियान मे आप सबका स्वागत है अभिनंदन है साथी हाथ बढ़ाना अभी नही तो कभी नही याद रखे इतिहास बदलने वाला है मै रहु या ना रहू गौ वंश रहना चाहिए होश मे आव भारती जागो अभी नही तो दुनिया से विदा तय है
    user_Navin Gauraha
    Navin Gauraha
    Animal Protection Organisation बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • तिल्दा-नेवरा (रायपुर ग्रामीण): करीब तीन साल पुराने हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपियों को तिल्दा-नेवरा पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहे थे, लेकिन पुलिस की सतत निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में ग्राम कुंदरू निवासी जितेंद्र पाल की ग्राम जलसो में कुछ आरोपियों द्वारा चाकू और लाठी से बेरहमीपूर्वक हत्या कर दी गई थी। इस दौरान मृतक के पुत्र पर भी प्राणघातक हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना के बाद मुख्य आरोपी आशु उईके सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, लेकिन कुछ आरोपी फरार चल रहे थे। ये आरोपी पिछले तीन वर्षों से पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना और पहचान बदल रहे थे तथा दूसरे राज्यों में छिपकर रह रहे थे। हाल ही में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि फरार आरोपी अपने गृह ग्राम जलसो आने वाले हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रणनीति बनाकर अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307, 458, 147, 148, 149, 294, 506बी, 427, 384 भादवि एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी: फेन्टा उर्फ फिरन्ता पारधी (26 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो मनोज उईके (30 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो ईशु उईके (26 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो निष्कर्ष: तिल्दा पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को कानून से बचना आसान नहीं है। लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है।
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    तिल्दा-नेवरा (रायपुर ग्रामीण):
करीब तीन साल पुराने हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपियों को तिल्दा-नेवरा पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहे थे, लेकिन पुलिस की सतत निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के चलते उन्हें पकड़ लिया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में ग्राम कुंदरू निवासी जितेंद्र पाल की ग्राम जलसो में कुछ आरोपियों द्वारा चाकू और लाठी से बेरहमीपूर्वक हत्या कर दी गई थी। इस दौरान मृतक के पुत्र पर भी प्राणघातक हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था।
घटना के बाद मुख्य आरोपी आशु उईके सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, लेकिन कुछ आरोपी फरार चल रहे थे। ये आरोपी पिछले तीन वर्षों से पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना और पहचान बदल रहे थे तथा दूसरे राज्यों में छिपकर रह रहे थे।
हाल ही में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि फरार आरोपी अपने गृह ग्राम जलसो आने वाले हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रणनीति बनाकर अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307, 458, 147, 148, 149, 294, 506बी, 427, 384 भादवि एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
फेन्टा उर्फ फिरन्ता पारधी (26 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो
मनोज उईके (30 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो
ईशु उईके (26 वर्ष), निवासी ग्राम जलसो
निष्कर्ष:
तिल्दा पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को कानून से बचना आसान नहीं है। लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है।
    user_Pavan Baghel
    Pavan Baghel
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • मुख्यमंत्री ने बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक के बड़े भाई स्व. श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को परसदा निवास पहुंच कर दी श्रद्धांजलि आज गुरुवार की रात 8:00 बजे पी आर ओ द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्व. श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को परसदा निवास पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री कौशिक का 30 मार्च को निधन हो गया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व. श्री भुलऊ प्रसाद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया और कहा कि बड़े भाई श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। श्री भुलऊ प्रसाद का सरल, स्नेहमयी और अनुपम स्वभाव सदैव स्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, उद्योगमंत्री श्री लखन लाल देवांगन, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, मुंगेली कलेक्टर श्री कुंदन कुमार, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, मुंगेली के सीईओ जिला पंचायत श्री प्रभाकर पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पांडे, श्री दीपक सिंह,श्री देवेंद्र कौशिक, ग्रामीण और अधिकारी भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।
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    मुख्यमंत्री ने बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक के बड़े भाई स्व. श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को परसदा निवास पहुंच कर दी श्रद्धांजलि
आज गुरुवार की रात 8:00 बजे पी आर ओ द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्व. श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को परसदा निवास पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री कौशिक का 30 मार्च को निधन हो गया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व. श्री भुलऊ प्रसाद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया और कहा कि बड़े भाई श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। श्री भुलऊ प्रसाद का सरल, स्नेहमयी और अनुपम स्वभाव सदैव स्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, उद्योगमंत्री श्री लखन लाल देवांगन, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, मुंगेली कलेक्टर श्री कुंदन कुमार, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, मुंगेली के सीईओ जिला पंचायत श्री प्रभाकर पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पांडे, श्री दीपक सिंह,श्री देवेंद्र कौशिक, ग्रामीण और अधिकारी भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    50 min ago
  • Post by Ram bhardwaj
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    Post by Ram bhardwaj
    user_Ram bhardwaj
    Ram bhardwaj
    बिल्हा, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की पलारी, छत्तीसगढ़ अमेरा पंचायत का मुख्य तालाब पिछले कुछ वर्षों से जलकुंभी (स्थानीय भाषा में ‘चिला’) की चपेट में है। तालाब में यह जलकुंभी इतनी तेजी से फैल गई है कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं नहाने या पानी उपयोग करने में गंभीर कठिनाई का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी में गंदगी और तलछट के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत संदीप घृतलहरे, पंच, ने बताया कि तालाब की सफाई न होने के कारण कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। “यह सिर्फ पानी की गंदगी नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा और स्वास्थ्य का मुद्दा है। बच्चों और बुजुर्गों का नहाना खतरनाक हो गया है। यदि किसी को गंभीर बीमारी हुई, तो जिम्मेदार कौन होगा?” – उन्होंने सवाल उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब को मछुआरा संघ को 15 साल की लीज पर दिया गया था, लेकिन पिछले कई वर्षों में अपेक्षित सफाई नहीं हुई। धनेश तेरवंश, भरत जोशी, भूपेन्द कोसरिया, सुपत विश्वकर्मा, और जय कुमार घृतलहरे सहित पंचायत के कई प्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर बार-बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत और शासन का मूलभूत धन इस कार्य में सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो तालाब से होने वाले स्वास्थ्य और सामाजिक जोखिम बढ़ सकते हैं। प्रशासन की प्रतिक्रिया उप सरपंच अरुण देवांगन ने बताया कि तालाब लीज पर मछुआरा संघ को 15 साल के लिए दिया गया था। उन्होंने कहा, “समय-समय पर तालाब की सफाई के लिए कहा गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि तालाब में गंदगी के कारण नहाने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है, और प्रशासन लीज धारक की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया में है। तालाब की वर्तमान स्थिति स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब में जलकुंभी के साथ-साथ गंदगी और तलछट इतनी बढ़ गई है कि पानी में प्रवेश करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के रोजमर्रा के नहाने और घरेलू उपयोग के लिए इस पानी पर निर्भर हैं। तालाब के किनारे मछली पालन भी होता है, लेकिन लीज धारक ने सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी नहीं की। ग्रामीणों और पंचों की राय संदीप घृतलहरे (पंच): “अगर प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो यह स्वास्थ्य संकट बन सकता है।” भरत जोशी (पंच): “तालाब का पानी बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो गया है। साफ-सफाई प्राथमिकता होनी चाहिए।” संभावित कार्रवाई और प्रशासनिक कदम ग्रामीणों ने मांग की है कि: लीज धारक की जिम्मेदारी तय की जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। तालाब की सफाई के लिए शासकीय धन का उचित उपयोग किया जाए। स्वास्थ्य जोखिम को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द तालाब की साफ-सफाई शुरू की जाए।
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    ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की
पलारी, छत्तीसगढ़
अमेरा पंचायत का मुख्य तालाब पिछले कुछ वर्षों से जलकुंभी (स्थानीय भाषा में ‘चिला’) की चपेट में है। तालाब में यह जलकुंभी इतनी तेजी से फैल गई है कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं नहाने या पानी उपयोग करने में गंभीर कठिनाई का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी में गंदगी और तलछट के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं।
ग्रामीणों की शिकायत
संदीप घृतलहरे, पंच, ने बताया कि तालाब की सफाई न होने के कारण कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। “यह सिर्फ पानी की गंदगी नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा और स्वास्थ्य का मुद्दा है। बच्चों और बुजुर्गों का नहाना खतरनाक हो गया है। यदि किसी को गंभीर बीमारी हुई, तो जिम्मेदार कौन होगा?” – उन्होंने सवाल उठाया।
ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब को मछुआरा संघ को 15 साल की लीज पर दिया गया था, लेकिन पिछले कई वर्षों में अपेक्षित सफाई नहीं हुई। धनेश तेरवंश, भरत जोशी, भूपेन्द कोसरिया, सुपत विश्वकर्मा, और जय कुमार घृतलहरे सहित पंचायत के कई प्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर बार-बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत और शासन का मूलभूत धन इस कार्य में सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो तालाब से होने वाले स्वास्थ्य और सामाजिक जोखिम बढ़ सकते हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
उप सरपंच अरुण देवांगन ने बताया कि तालाब लीज पर मछुआरा संघ को 15 साल के लिए दिया गया था। उन्होंने कहा, “समय-समय पर तालाब की सफाई के लिए कहा गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। 
उन्होंने यह भी बताया कि तालाब में गंदगी के कारण नहाने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है, और प्रशासन लीज धारक की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया में है।
तालाब की वर्तमान स्थिति
स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब में जलकुंभी के साथ-साथ गंदगी और तलछट इतनी बढ़ गई है कि पानी में प्रवेश करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के रोजमर्रा के नहाने और घरेलू उपयोग के लिए इस पानी पर निर्भर हैं। तालाब के किनारे मछली पालन भी होता है, लेकिन लीज धारक ने सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी नहीं की।
ग्रामीणों और पंचों की राय
संदीप घृतलहरे (पंच): “अगर प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो यह स्वास्थ्य संकट बन सकता है।”
भरत जोशी (पंच): “तालाब का पानी बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो गया है। साफ-सफाई प्राथमिकता होनी चाहिए।”
संभावित कार्रवाई और प्रशासनिक कदम
ग्रामीणों ने मांग की है कि:
लीज धारक की जिम्मेदारी तय की जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
तालाब की सफाई के लिए शासकीय धन का उचित उपयोग किया जाए।
स्वास्थ्य जोखिम को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द तालाब की साफ-सफाई शुरू की जाए।
    user_तुलसी राम
    तुलसी राम
    Local News Reporter पलारी, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
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