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पुनासा/मुंदी बसों के काटे चालान,ओंकारेश्वर में यातायात पुलिस की बड़ी कार्रवाई..
Shahrukh mansuri333
पुनासा/मुंदी बसों के काटे चालान,ओंकारेश्वर में यातायात पुलिस की बड़ी कार्रवाई..
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- पुनासा/मुंदी बसों के काटे चालान,ओंकारेश्वर में यातायात पुलिस की बड़ी कार्रवाई..1
- शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि 100 वर्ष से अधिक श्री गणेश जी के पंडाल लग रहे हैं यातायात का बहाना लेकर राजनीति करना उचित नहीं है खंडवा लोकसभा जिले में विकास एकमात्र ब्रिज है मच्छी कारोबारी हो माटी के बर्तन बनाने वाले छोटे-छोटे ठेले वाले एवं 16 कोली की दुकानको आए दिन परेशान करना शहर के विकास को छुपाने के नए-नए तरीके ढूंढे जा रहे हैं शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि आगामी चुनाव की तैयारी त्योहारों को टारगेट किया जा रहा है विकास के नाम पर गरीबों के घर तोड़े जा रहे हैं दुकानें तोड़ी जा रही है उतना ही ना बचा तो मच्छी वाले मटके के बर्तन वाले ठेले वालों कोअब गणेश जी के पंडालतंबू ट्रैफिक के नाम पर अवैध होर्डिंगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।विकास की गंगा जनप्रतिनिधि कर रहे हैं।1
- #ANT वर्दी में इंसानियत! थाना प्रभारी की मानवीय पहल खकनार थाना प्रभारी ने बच्चों को बांटी किताबें, पेन, मिठाई सुरक्षा के साथ शिक्षा का संकल्प, पुलिस अधिकारी बने प्रेरणा1
- देवास जिले के सतवास क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई का एक रोचक मामला सामने आया है। पुलिस से बचने की कोशिश में आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी, लेकिन पुलिस जवानों ने हार नहीं मानी और नदी में उतरकर काफी मशक्कत के बाद हथियार बरामद कर लिया। पुलिस से बचने दतूनी नदी में फेंकी अवैध देशी पिस्टल, जवानों ने नदी में उतरकर ढूंढ निकाली कांटाफोड़-सतवास पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; न्यायालय ने भेजा जेल कन्नौद। देवास जिले के सतवास क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई का एक रोचक मामला सामने आया है। पुलिस से बचने की कोशिश में आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी, लेकिन पुलिस जवानों ने हार नहीं मानी और नदी में उतरकर काफी मशक्कत के बाद हथियार बरामद कर लिया। जानकारी के अनुसार कांटाफोड़ थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति अवैध हथियार लेकर कांटाफोड़ से खातेगांव की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने दोनों संदिग्धों का पीछा शुरू किया और इसकी जानकारी सतवास थाना पुलिस को दी। इसके बाद सतवास पुलिस ने पीपलकोटा के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश के दौरान आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी। हथियार नदी में फेंके जाने के बाद पुलिस जवानों ने तुरंत नदी में उतरकर उसकी तलाश शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद जवानों ने पानी के अंदर से अवैध देशी पिस्टल बरामद कर ली। पुलिस की इस कार्रवाई को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस के अनुसार संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी देवास जिले के कवलासा और सीहोर जिले के जामुनियाकला के रहने वाले बताए गए हैं। मामले में सतवास थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस की सतर्कता से हथियार बरामद पूरे घटनाक्रम में पुलिस की तत्परता देखने को मिली। आरोपियों ने सबूत मिटाने और हथियार छिपाने के इरादे से पिस्टल नदी में फेंकी, लेकिन पुलिस जवानों की मेहनत के चलते अवैध हथियार बरामद कर लिया गया।4
- 30 फीट ऊंचे बांध से स्टंट, टूट गए दोनों पैर | Reel बनाने के चक्कर में हुआ दर्दनाक हादसा झांसी में रील बनाने के लिए खतरनाक स्टंट करना एक युवक को भारी पड़ गया। पुष्पेन्द्र भदौरिया 30 फीट ऊंचे बांध से छलांग लगाकर रील बना रहा था, लेकिन नीचे पानी बेहद कम था और वह उसी जगह जा गिरा। हादसे में उसके दोनों पैर टूट गए। अब पुष्पेन्द्र खुद लोगों से अपील कर रहा है कि रील और सोशल मीडिया के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें। “अब कभी भी स्टंटबाजी नहीं करूंगा।” ⚠️ सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की वायरल रील के लिए अपनी जिंदगी खतरे में न डालें।1
- इंदौर में अवैध शराब पर कलेक्टर का शिकंजा, 3 दिन में 1.10 करोड़ की शराब जब्त ### इंदौर में अवैध शराब पर कलेक्टर का शिकंजा, 3 दिन में 1.10 करोड़ की शराब जब्त **इंदौर, 7 सितंबर।** सागर जिले में जहरीली शराब पीने से सात लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे मध्यप्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद प्रदेशभर में आबकारी विभाग अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में इंदौर में कलेक्टर **शिवम वर्मा** ने अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अभियान शुरू किया है। कलेक्टर के सीधे निर्देशन में आबकारी विभाग ने पिछले तीन दिनों में करीब **1 करोड़ 10 लाख रुपये कीमत की लगभग 1000 पेटी अवैध शराब जब्त** कर बड़ी कार्रवाई की है। ### तीन दिनों में तीन बड़ी कार्रवाई **7 सितंबर की कार्रवाई:** आबकारी विभाग की टीम ने सुबह गश्त के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान **14 पेटी अवैध शराब** जब्त की गई। इसमें विभिन्न ब्रांड की स्पिरिट और बीयर शामिल है। विभाग के मुताबिक, यह शराब बिना लाइसेंस के बिक्री के लिए रखी गई थी। **5 सितंबर की बड़ी कार्रवाई:** इस दिन आबकारी विभाग ने **रॉयल रोज ब्रांड की 475 पेटी अवैध शराब** बरामद की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में सामने आया कि शराब को अवैध रूप से भंडारित कर शहर में सप्लाई करने की तैयारी थी। **3 सितंबर की सबसे बड़ी जब्ती:** बायपास क्षेत्र में एक कंटेनर को रोककर तलाशी ली गई। कंटेनर से **हरियाणा निर्मित 500 पेटी अवैध शराब** बरामद हुई। इसकी कीमत करीब **55 लाख रुपये** आंकी गई है। शराब की पेटियों पर **'सेल इन चंडीगढ़ ओनली'** लिखा हुआ था। इसे मध्यप्रदेश में अवैध रूप से खपाने के लिए लाया जा रहा था। ### कलेक्टर की सीधी मॉनिटरिंग पूरे अभियान की कलेक्टर **शिवम वर्मा** स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने आबकारी विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध शराब के **भंडारण, परिवहन और बिक्री** में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की बात कही गई है। कलेक्टर के सख्त तेवरों के बाद आबकारी विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में है। संदिग्ध वाहनों और शराब के संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ### एक महीने में ढाई करोड़ से ज्यादा की शराब जब्त अगर पिछले एक महीने की कार्रवाई पर नजर डालें तो इंदौर जिले में अब तक **ढाई करोड़ रुपये से अधिक कीमत की अवैध शराब जब्त** की जा चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। ### आबकारी विभाग का बयान सहायक आबकारी आयुक्त **अभिषेक तिवारी** ने मीडिया से चर्चा में बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया है और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। राहत की बात यह है कि इंदौर जिले में अब तक **जहरीली शराब से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया है**, लेकिन आबकारी विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। **बाइट — इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा** **बाइट — इंदौर सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी**1
- शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि डबल इंजन सरकार वन कार्ड वन मेंशन वाल्मीकि समाज के उत्थान के लिए शिव सेवा ने आवाज बुलंद की और महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी नौकरियां एवं सभी सुविधा प्रदान की जाए जो कि नगर निगम खंडवा में नहीं मिल पा रही है। शिवसेना जिला प्रमुख गणेश भावसार ने बताया कि नगर निगम के द्वारा वाल्मीकि समाज को महाराष्ट्र के तर्ज पर पक्की नौकरी एवं अन्य भत्ते की मांग की दोहरा मापदंड पर खेत व्यक्त किया।1
- सागर जहरीली शराब कांड: 30 आरोपियों पर केस, 14 गिरफ्तार; मृतकों के परिजनों को मिलेंगे ₹4-4 लाख बीएमसी पहुंचे डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने मरीजों का जाना हाल, बोले—दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई सागर- जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। जहरीली शराब के सेवन से अब तक 13 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है, जबकि प्रभावित लोगों का उपचार अस्पतालों में जारी है। मामले में पुलिस एवं आबकारी विभाग द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को बीएमसी पहुंचकर जहरीली शराब से प्रभावित मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों से उपचार व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेते हुए पीड़ितों के बेहतर इलाज पर जोर दिया। 30 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज, 14 गिरफ्तार डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बताया कि जहरीली शराब मामले में अब तक 30 आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य इस पूरे मामले की तह तक पहुंचकर अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान करना है। जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत अवैध एवं जहरीली शराब के सेवन से अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है। घटना के बाद प्रभावित अन्य लोगों को उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों के उपचार एवं स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करना है। मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी है। सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया गया है कि उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। अवैध शराब के नेटवर्क पर होगी कार्रवाई जहरीली शराब की घटना के बाद सरकार ने अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और वितरण से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच का दायरा केवल शराब उपलब्ध कराने वाले लोगों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे नेटवर्क और उसकी कार्यप्रणाली की पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। लापरवाही या संलिप्तता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से मामले में जिम्मेदार पाए गए अधिकारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी भी दी गई है। दोबारा ऐसी घटना रोकने पर सरकार का जोर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। इसके लिए अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण, नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि जहरीली शराब के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा। बीएमसी में मरीजों का हाल जानने पहुंचे डिप्टी सीएम घटना के बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का बीएमसी पहुंचकर प्रभावित मरीजों से मिलना सरकार की ओर से मामले की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने उपचाररत लोगों की स्थिति जानी और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहने देने पर जोर दिया गया। सागर जहरीली शराब कांड में अब 30 आरोपियों पर केस और 14 गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। 13 मौतों के बाद सरकार के सामने एक ओर पीड़ित परिवारों को राहत देने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उस पर निर्णायक कार्रवाई करने की जिम्मेदारी भी है।2