देवास जिले के सतवास क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई का एक रोचक मामला सामने आया है। पुलिस से बचने की कोशिश में आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी, लेकिन पुलिस जवानों ने हार नहीं मानी और नदी में उतरकर काफी मशक्कत के बाद हथियार बरामद कर लिया। पुलिस से बचने दतूनी नदी में फेंकी अवैध देशी पिस्टल, जवानों ने नदी में उतरकर ढूंढ निकाली कांटाफोड़-सतवास पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; न्यायालय ने भेजा जेल कन्नौद। देवास जिले के सतवास क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई का एक रोचक मामला सामने आया है। पुलिस से बचने की कोशिश में आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी, लेकिन पुलिस जवानों ने हार नहीं मानी और नदी में उतरकर काफी मशक्कत के बाद हथियार बरामद कर लिया। जानकारी के अनुसार कांटाफोड़ थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति अवैध हथियार लेकर कांटाफोड़ से खातेगांव की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने दोनों संदिग्धों का पीछा शुरू किया और इसकी जानकारी सतवास थाना पुलिस को दी। इसके बाद सतवास पुलिस ने पीपलकोटा के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश के दौरान आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी। हथियार नदी में फेंके जाने के बाद पुलिस जवानों ने तुरंत नदी में उतरकर उसकी तलाश शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद जवानों ने पानी के अंदर से अवैध देशी पिस्टल बरामद कर ली। पुलिस की इस कार्रवाई को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस के अनुसार संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी देवास जिले के कवलासा और सीहोर जिले के जामुनियाकला के रहने वाले बताए गए हैं। मामले में सतवास थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस की सतर्कता से हथियार बरामद पूरे घटनाक्रम में पुलिस की तत्परता देखने को मिली। आरोपियों ने सबूत मिटाने और हथियार छिपाने के इरादे से पिस्टल नदी में फेंकी, लेकिन पुलिस जवानों की मेहनत के चलते अवैध हथियार बरामद कर लिया गया।
देवास जिले के सतवास क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई का एक रोचक मामला सामने आया है। पुलिस से बचने की कोशिश में आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी, लेकिन पुलिस जवानों ने हार नहीं मानी और नदी में उतरकर काफी मशक्कत के बाद हथियार बरामद कर लिया। पुलिस से बचने दतूनी नदी में फेंकी अवैध देशी पिस्टल, जवानों ने नदी में उतरकर ढूंढ निकाली कांटाफोड़-सतवास पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; न्यायालय ने भेजा जेल कन्नौद। देवास जिले के सतवास क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई का
एक रोचक मामला सामने आया है। पुलिस से बचने की कोशिश में आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी, लेकिन पुलिस जवानों ने हार नहीं मानी और नदी में उतरकर काफी मशक्कत के बाद हथियार बरामद कर लिया। जानकारी के अनुसार कांटाफोड़ थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति अवैध हथियार लेकर कांटाफोड़ से खातेगांव की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने दोनों संदिग्धों का पीछा शुरू किया और इसकी जानकारी सतवास थाना पुलिस को दी। इसके बाद सतवास पुलिस
ने पीपलकोटा के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश के दौरान आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी। हथियार नदी में फेंके जाने के बाद पुलिस जवानों ने तुरंत नदी में उतरकर उसकी तलाश शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद जवानों ने पानी के अंदर से अवैध देशी पिस्टल बरामद कर ली। पुलिस की इस कार्रवाई को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस के अनुसार संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किए
गए दोनों आरोपी देवास जिले के कवलासा और सीहोर जिले के जामुनियाकला के रहने वाले बताए गए हैं। मामले में सतवास थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस की सतर्कता से हथियार बरामद पूरे घटनाक्रम में पुलिस की तत्परता देखने को मिली। आरोपियों ने सबूत मिटाने और हथियार छिपाने के इरादे से पिस्टल नदी में फेंकी, लेकिन पुलिस जवानों की मेहनत के चलते अवैध हथियार बरामद कर लिया गया।
- देवास जिले के सतवास क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई का एक रोचक मामला सामने आया है। पुलिस से बचने की कोशिश में आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी, लेकिन पुलिस जवानों ने हार नहीं मानी और नदी में उतरकर काफी मशक्कत के बाद हथियार बरामद कर लिया। पुलिस से बचने दतूनी नदी में फेंकी अवैध देशी पिस्टल, जवानों ने नदी में उतरकर ढूंढ निकाली कांटाफोड़-सतवास पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; न्यायालय ने भेजा जेल कन्नौद। देवास जिले के सतवास क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई का एक रोचक मामला सामने आया है। पुलिस से बचने की कोशिश में आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी, लेकिन पुलिस जवानों ने हार नहीं मानी और नदी में उतरकर काफी मशक्कत के बाद हथियार बरामद कर लिया। जानकारी के अनुसार कांटाफोड़ थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति अवैध हथियार लेकर कांटाफोड़ से खातेगांव की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने दोनों संदिग्धों का पीछा शुरू किया और इसकी जानकारी सतवास थाना पुलिस को दी। इसके बाद सतवास पुलिस ने पीपलकोटा के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश के दौरान आरोपियों ने अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी। हथियार नदी में फेंके जाने के बाद पुलिस जवानों ने तुरंत नदी में उतरकर उसकी तलाश शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद जवानों ने पानी के अंदर से अवैध देशी पिस्टल बरामद कर ली। पुलिस की इस कार्रवाई को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस के अनुसार संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी देवास जिले के कवलासा और सीहोर जिले के जामुनियाकला के रहने वाले बताए गए हैं। मामले में सतवास थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस की सतर्कता से हथियार बरामद पूरे घटनाक्रम में पुलिस की तत्परता देखने को मिली। आरोपियों ने सबूत मिटाने और हथियार छिपाने के इरादे से पिस्टल नदी में फेंकी, लेकिन पुलिस जवानों की मेहनत के चलते अवैध हथियार बरामद कर लिया गया।4
- शिक्षक दिवस पर प्रेम नारायण शर्मा का सकल हिंदू समाज ने किया सम्मान शिक्षक दिवस के अवसर पर नगर के प्रतिष्ठित वरिष्ठ शिक्षाविद् श्री प्रेम नारायण शर्मा का सकल हिंदू समाज ने आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया l कार्यक्रम का आयोजन सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा पूर्व पार्षद के परसराम कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय पर हुआ। इस अवसर पर सकल हिंदू समाज ने श्री प्रेम नारायण शर्मा का शाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान कियाl उपस्थित सदस्यों ने उनके शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री प्रेम नारायण शर्मा ने कहा शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है। शिक्षक का दायित्व केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन और अच्छे चरित्र का निर्माण करना भी है। उन्होंने अपने शिक्षा क्षेत्र के अनुभव साझा करते हुए कहा कि समाज में शिक्षा और संस्कारों को बढ़ावा देने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने सकल हिंदू समाज द्वारा किए गए सम्मान के प्रति आभार व्यक्त किया। सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। आष्टा नगर में शिक्षा के क्षेत्र में श्री प्रेम नारायण शर्मा का योगदान उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर ऐसे वरिष्ठ शिक्षाविदों का सम्मान करना समाज के लिए गौरव की बात है। उनके अनुभव और शिक्षा के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर सकल हिंदू समाज संयोजक मुकेश नामदेव, सचिव मनीष डोंगरे, मोंटू कौरी, मनोहर वैरागी, रमेश मालवीय, अचल किरार, अमरचंद कुशवाहा, शुभम कुशवाहा सहित सकल हिंदू समाज के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण आत्मीय एवं सम्मानपूर्ण रहा।2
- थाना परिसर में गणेश उत्सव ,डोल ग्यारस पर्व के चलते शांति समिति की बैठक हुई, थाना परिसर में गणेश उत्सव ,डोल ग्यारस पर्व के चलते शांति समिति की बैठक हुई, हरदा/टिमरनी- आगामी गणेश महोत्सव एवं डोल ग्यारस धार्मिक त्योहारों के चलते शांति सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को लेकर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आहूत की गई। जिसमें एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया,एसडीओपी आकांक्षा तलैया ,नायब तहसीलदार हिमांशु परते, थाना प्रभारी मुकेश गोड़ मौजूद रहे। इस दौरान शांति समिति सदस्यों से धार्मिक त्योहारों के चलते अपने विचार,सुझाव एवं व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई। जानकारी देते हुए एसडीएम बडोनिया ने बताया कि पीओपी की प्रतिमा एनजीटी के आदेश अनुसार प्रतिबंधित रहेगी, डीजे पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा साथ ही स्थानीय नदी घाट पर बनाए जाने वाले विसर्जन कुंड में ही प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा, धारदार,प्रतिबन्धित हथियार का उपयोग चल समारोह के दौरान नहीं किया जाएगा। सभी से अपील की जाती है कि धार्मिक त्योहार पूर्ण शांति एवं उत्साह के साथ मनाया जाए। इस दौरान जनप्रतिनिधि,गणमान्य नागरिक गण मौजूद रहे।4
- पुनासा/मुंदी बसों के काटे चालान,ओंकारेश्वर में यातायात पुलिस की बड़ी कार्रवाई..1
- मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना की विशेष रिपोर्ट देखिए1
- कालापीपल थाना प्रभारी एसआई रवि भंडारी बने इंस्पेक्टर, PHQ भोपाल से आदेश जारी।1
- मध्यप्रदेश के देवास जिले की खातेगांव विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-173 के ग्राम आमला गौशाला की सड़क इन दिनों बदहाली का शिकार है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आमला गौशाला सड़क बदहाल, ग्रामीणों का आवागमन हुआ मुश्किल बच्चे-बुजुर्ग परेशान, जिम्मेदारों से सड़क निर्माण की मांग कन्नौद। मध्यप्रदेश के देवास जिले की खातेगांव विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-173 के ग्राम आमला गौशाला की सड़क इन दिनों बदहाली का शिकार है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और खराब मार्ग के कारण ग्रामीणों, बच्चों और बुजुर्गों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत अथवा निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सड़क की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत या पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन की समस्या से राहत मिल सके। अब सवाल यह है कि ग्रामीणों को बेहतर सड़क की सुविधा कब मिलेगी और जिम्मेदार विभाग इस बदहाल मार्ग की सुध कब लेगा?1
- सागर जहरीली शराब कांड: 30 आरोपियों पर केस, 14 गिरफ्तार; मृतकों के परिजनों को मिलेंगे ₹4-4 लाख बीएमसी पहुंचे डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने मरीजों का जाना हाल, बोले—दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई सागर- जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। जहरीली शराब के सेवन से अब तक 13 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है, जबकि प्रभावित लोगों का उपचार अस्पतालों में जारी है। मामले में पुलिस एवं आबकारी विभाग द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को बीएमसी पहुंचकर जहरीली शराब से प्रभावित मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों से उपचार व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेते हुए पीड़ितों के बेहतर इलाज पर जोर दिया। 30 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज, 14 गिरफ्तार डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने बताया कि जहरीली शराब मामले में अब तक 30 आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य इस पूरे मामले की तह तक पहुंचकर अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान करना है। जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत अवैध एवं जहरीली शराब के सेवन से अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है। घटना के बाद प्रभावित अन्य लोगों को उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों के उपचार एवं स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करना है। मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी है। सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया गया है कि उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। अवैध शराब के नेटवर्क पर होगी कार्रवाई जहरीली शराब की घटना के बाद सरकार ने अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और वितरण से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच का दायरा केवल शराब उपलब्ध कराने वाले लोगों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे नेटवर्क और उसकी कार्यप्रणाली की पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही मामले में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। लापरवाही या संलिप्तता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से मामले में जिम्मेदार पाए गए अधिकारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी भी दी गई है। दोबारा ऐसी घटना रोकने पर सरकार का जोर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। इसके लिए अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण, नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि जहरीली शराब के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा। बीएमसी में मरीजों का हाल जानने पहुंचे डिप्टी सीएम घटना के बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का बीएमसी पहुंचकर प्रभावित मरीजों से मिलना सरकार की ओर से मामले की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने उपचाररत लोगों की स्थिति जानी और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहने देने पर जोर दिया गया। सागर जहरीली शराब कांड में अब 30 आरोपियों पर केस और 14 गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। 13 मौतों के बाद सरकार के सामने एक ओर पीड़ित परिवारों को राहत देने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उस पर निर्णायक कार्रवाई करने की जिम्मेदारी भी है।2