बरियारपुर में आग का तांडव: दर्जनों घर जलकर राख, लाखों की संपत्ति नष्ट, गांव में मातम नौतन प्रखंड के मंगलपुर कला पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 7 स्थित बरियारपुर गांव में मंगलवार की देर शाम उस समय भयावह मंजर देखने को मिला जब अचानक लगी भीषण आग ने पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दर्जनों घर इसकी चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसी को संभलने या सामान बचाने का भी मौका नहीं मिल सका। घरों में रखा अनाज, कपड़े, गहने, बर्तन, पलंग, कुर्सी और अन्य सभी घरेलू सामान पलभर में जलकर खाक हो गया, जिससे पीड़ित परिवारों की पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी समाप्त हो गई। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, लोग अपने-अपने घरों से सामान निकालने की कोशिश करते रहे लेकिन आग की भयावहता के आगे सब बेबस नजर आए। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग पर काबू पाने का भरसक प्रयास किया, बाल्टी, पंप और उपलब्ध संसाधनों से लोग आग बुझाने में जुट गए, लेकिन तेज हवा और आग की तीव्रता के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। इसके बाद अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक भारी तबाही हो चुकी थी। इस अगलगी की घटना में सुबोध राम, अकलु राम सहित दर्जनों परिवारों के घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता अभी तक नहीं चल सका है, हालांकि प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि चूल्हे की चिंगारी या शॉर्ट सर्किट के कारण यह भीषण हादसा हुआ हो सकता है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल कायम है। गांव के लोग अपने उजड़े हुए आशियाने को देखकर गम और सदमे में हैं। सूचना मिलने पर पंचायत समिति सदस्य रंजन यादव भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन को तत्काल जानकारी देते हुए पीड़ित परिवारों के लिए शीघ्र राहत और मुआवजे की मांग की है। इस दर्दनाक हादसे के बाद बरियारपुर गांव में मातम पसरा हुआ है और हर तरफ सिर्फ राख और उजड़े हुए घरों के निशान नजर आ रहे हैं। ग्रामीण प्रशासन से जल्द से जल्द राहत सामग्री, आवास व्यवस्था और मुआवजा उपलब्ध कराने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि इस भीषण त्रासदी से प्रभावित परिवारों को कुछ सहारा मिल सके।
बरियारपुर में आग का तांडव: दर्जनों घर जलकर राख, लाखों की संपत्ति नष्ट, गांव में मातम नौतन प्रखंड के मंगलपुर कला पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 7 स्थित बरियारपुर गांव में मंगलवार की देर शाम उस समय भयावह मंजर देखने को मिला जब अचानक लगी भीषण आग ने पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दर्जनों घर इसकी चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसी को संभलने या सामान बचाने का भी मौका नहीं मिल सका। घरों में रखा अनाज, कपड़े, गहने, बर्तन, पलंग, कुर्सी और अन्य सभी घरेलू सामान पलभर में जलकर खाक हो गया, जिससे पीड़ित परिवारों की पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी समाप्त हो गई। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, लोग अपने-अपने घरों से सामान निकालने की कोशिश करते रहे लेकिन आग की भयावहता के आगे सब बेबस नजर आए। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग पर काबू पाने का भरसक प्रयास किया, बाल्टी, पंप और उपलब्ध संसाधनों से लोग आग बुझाने में जुट गए, लेकिन तेज हवा और आग की तीव्रता के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। इसके बाद अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक भारी तबाही हो चुकी थी। इस अगलगी की घटना में सुबोध राम, अकलु राम सहित दर्जनों परिवारों के घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता अभी तक नहीं चल सका है, हालांकि प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि चूल्हे की चिंगारी या शॉर्ट सर्किट के कारण यह भीषण हादसा हुआ हो सकता है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल कायम है। गांव के लोग अपने उजड़े हुए आशियाने को देखकर गम और सदमे में हैं। सूचना मिलने पर पंचायत समिति सदस्य रंजन यादव भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन को तत्काल जानकारी देते हुए पीड़ित परिवारों के लिए शीघ्र राहत और मुआवजे की मांग की है। इस दर्दनाक हादसे के बाद बरियारपुर गांव में मातम पसरा हुआ है और हर तरफ सिर्फ राख और उजड़े हुए घरों के निशान नजर आ रहे हैं। ग्रामीण प्रशासन से जल्द से जल्द राहत सामग्री, आवास व्यवस्था और मुआवजा उपलब्ध कराने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि इस भीषण त्रासदी से प्रभावित परिवारों को कुछ सहारा मिल सके।
- **लौरिया में दान की जमीन का निबंधन कार्य नहीं होने से विद्यालय भवन के निर्माण पर लगा ग्रहण** **निबंधन लंबित होने पर विद्यालय को गौनाहा में किया गया समायोजित** **बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट** लौरिया प्रखंड के नवका टोला बगही बसवरिया स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का भूमि निबंधन वर्षों से लंबित रहने के कारण क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। वर्ष 2013 में गौनाहा निवासी मनोज प्रसाद ने विद्यालय निर्माण हेतु एक कट्ठा भूमि दान किया था, लेकिन अब तक उसका निबंधन राज्यपाल के नाम से नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार उक्त भूमि पर आंशिक रूप से शौचालय का निर्माण कर उसे अधूरा छोड़ दिया गया है, साथ ही निर्माण सामग्री के रूप में एस्बेस्टस भी वहीं पड़ा हुआ है, जिससे भूमि अनुपयोगी बनी हुई है। निबंधन लंबित रहने के कारण विद्यालय को गौनाहा में समायोजित कर दिया गया है, जिससे छोटे बच्चों को प्रतिदिन लगभग **3.5 किलोमीटर** दूरी तय कर नरकटियागंज मार्ग पार कर स्कूल जाना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। नतीजतन अभिभावकों में भय का माहौल है। करीब 1000 की आबादी वाले इस दलित बहुल गांव में नामांकन घटकर मात्र **130** हो गया है, जबकि चार शिक्षक कार्यरत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और वे शिक्षा के अधिकार से वंचित हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को नया बस्ती में समाजसेवी मोहम्मद गौरी खान की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें अंजर, सज्जाद, आलमगीर, इस्लाम, मेराज, इम्तेयाज मास्टर, वजीर, अनारुल, सनाउल्लाह, तीमाल, गयासुद्दीन समेत मुन्नी खातून, तहलीमा खातून, जमीला खातून व मिसरून खातून सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। देवराज मददगार कमिटी के अमजद अली, अबसार हुसैन, शाहिद हुसैन, साहिर जुल्फेकार व संदीप शर्मा ने भी समर्थन दिया। बैठक के बाद जागरूकता रैली निकालकर ग्रामीणों ने नया बस्ती में शीघ्र स्कूल स्थापना की मांग की। गौरी खान ने कहा, **“शिक्षा हमारा अधिकार है, प्रशासन को अविलंब पहल कर बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना होगा।”** ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र भूमि निबंधन व नए विद्यालय की स्थापना की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।1
- बेतिया शहर के विभिन्न स्थानों पर नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों, स्थानों, प्रमुख क्षेत्रों में एवं सार्वजनिक स्थलों पर शीतल पेय जल की समुचित व्यवस्था की गई। 21.04.2026.1
- गोपालगंज -चाची के प्यार में पागल हुआ भतीजा। चाचा-चाची को एकसाथ देख खाया चूहा मारने की दवाई।1
- बीते दिन लोकसभा में जिस प्रकार नारी शक्ति अधिनियम और परिसीमन बिल का विरोध विपक्षी सांसदों ने किया और वह बिल खरीच हो गया उसके बाद आज उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी के नेताओं ने बेतिया में महागठबंधन के खिलाफ निकाला धिक्कार मार्च जिसमें शैलेश कुशवाहा, अमित कुमार गुप्ता और सत्यदेव कुशवाहा सहित तमाम RLM नेताओं ने किया प्रदर्शन1
- reling se latak rahe bachche ko bandar ne bachaya1
- फाजिलनगर उप चुनाव में सुनीता शाही ने जनता से मांगा समर्थन । बोली फाजिलनगर को चमका दूंगी देखिए 👇 #fbviralpost2025シ #फाजिलनगर #viralvideo #viralposts #viralreelschallenge2024viralreelschallenge #tamkuhiraj #newsofkushinagar1
- बेतिया में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब दिनदहाड़े भी लोग सुरक्षित नहीं हैं। ताजा मामला चनपटिया थाना क्षेत्र के सिसवनिया गांव से सामने आया है, जहां सुबह करीब 10 बजे घात लगाए बदमाशों ने एक युवक को सीने में गोली मार दी। घायल युवक की पहचान सिसवनिया निवासी रविंद्र पासवान के 25 वर्षीय पुत्र अजीत पासवान के रूप में हुई है, जो गांव में ही सिलाई का काम करता है। बताया जा रहा है कि अजीत खाना खाने के बाद अपने घर से दुकान लौट रहा था। इसी दौरान घर से महज 200 मीटर की दूरी पर पहले से घात लगाए हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली उसके सीने के दाहिने हिस्से में जा लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। गोली की आवाज सुनते ही आसपास के लोग दौड़े और परिजनों की मदद से गंभीर हालत में उसे तुरंत जीएमसीएच बेतिया पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है और स्थिति नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही चनपटिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है, हालांकि अभी तक हमले के पीछे के कारणों काऊ खुलासा नहीं हो सका है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। सदर एसडीपीओ विवेक दीप ने बताया कि घायल का इलाज चल रहा है और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं घायल के बड़े भाई सुजीत पासवान ने बताया कि जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वह तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने भाई को बाइक से अस्पताल लेकर आए। फिलहाल परिवार में दहशत और चिंता का माहौल है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
- यहां मॉडल स्कूलों के लिए शिक्षक अभ्यर्थियों के चयन हेतु काउंसलिंग - सह- स्कूटनी का कार्य संचालित किया जा रहा है। 21.04.2026.1
- स्वीट कॉर्न की खेती पर किसानों को मिलेगा 50% अनुदान: प्रधान वैज्ञानिक बेतिया | सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया जिले में किसानों के लिए बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की खेती आय बढ़ाने का नया माध्यम बनकर उभर रही है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि बदलते समय में ये फसलें किसानों के लिए लाभकारी विकल्प साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बेबी कॉर्न की फसल मात्र 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे किसान साल में कई बार इसकी खेती कर सकते हैं। जिले के विशुनपुर रघुनाथ क्षेत्र के युवा किसान रवि कुमार ने पारंपरिक खेती से हटकर बेबी कॉर्न को अपनाया और कम समय में बेहतर मुनाफा अर्जित किया। बेबी कॉर्न की खासियत इसकी दोहरी उपयोगिता है। इसका भुट्टा बाजार में अच्छी कीमत पर बिकता है, वहीं हरा पौधा पशुओं के लिए पौष्टिक चारा बनता है। किसान संजय कुमार के अनुसार, इस चारे के उपयोग से मवेशियों की दूध उत्पादन क्षमता भी बढ़ती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय होती है। ग्राम बैकुंठवा, प्रखंड नौतन के किसान राघोशरण प्रसाद ने बताया कि इस खेती से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है। अब किसान कम समय में नकदी फसल तैयार कर सीधे बाजार से जुड़ पा रहे हैं। वहीं, स्वीट कॉर्न की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। डॉ. सिंह ने बताया कि स्वीट कॉर्न की खेती के लिए बीज पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। यह फसल 65 से 75 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी बाजार में अच्छी मांग है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे आधुनिक खेती की ओर बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि आज खेती केवल पारंपरिक कार्य नहीं, बल्कि एक लाभकारी व्यवसाय बन चुकी है। जो किसान समय और बाजार की मांग को समझते हुए नई फसलों को अपनाएंगे, वही भविष्य में आगे बढ़ेंगे। इस अवसर पर माधोपुर पैक्स अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह, रवि कुमार, सौरभ कुमार सहित कई किसान मौजूद रहे।1