Shuru
Apke Nagar Ki App…
गौ रक्षा महायज्ञ एवं श्री राम कथा का शुभारंभ हो चुका है जय गौ माता जय श्री राम गौ माता की रक्षा के लिए आपके क्षेत्र शिवराजपुर कुसमोर घाट के पास हर्रैया बस्ती से सहयोग की आवश्यकता है किसी भी नेता मंत्री ने आज तक कोई सहयोग नहीं किया है वैसे करोड़ों खर्च कर दिए जाते हैं और गौ माता के लिए करने में इतना क्यों सोचना क्षेत्र के माननीय नेता , मंत्री , विधायक , प्रधान आदि से निवेदन है कि गौ सेवा के लिए हमारा सहयोग करें 🙏🙏
पवन सिंह सनातनी
गौ रक्षा महायज्ञ एवं श्री राम कथा का शुभारंभ हो चुका है जय गौ माता जय श्री राम गौ माता की रक्षा के लिए आपके क्षेत्र शिवराजपुर कुसमोर घाट के पास हर्रैया बस्ती से सहयोग की आवश्यकता है किसी भी नेता मंत्री ने आज तक कोई सहयोग नहीं किया है वैसे करोड़ों खर्च कर दिए जाते हैं और गौ माता के लिए करने में इतना क्यों सोचना क्षेत्र के माननीय नेता , मंत्री , विधायक , प्रधान आदि से निवेदन है कि गौ सेवा के लिए हमारा सहयोग करें 🙏🙏
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जय गौ माता जय श्री राम गौ माता की रक्षा के लिए आपके क्षेत्र शिवराजपुर कुसमोर घाट के पास हर्रैया बस्ती से सहयोग की आवश्यकता है किसी भी नेता मंत्री ने आज तक कोई सहयोग नहीं किया है वैसे करोड़ों खर्च कर दिए जाते हैं और गौ माता के लिए करने में इतना क्यों सोचना क्षेत्र के माननीय नेता , मंत्री , विधायक , प्रधान आदि से निवेदन है कि गौ सेवा के लिए हमारा सहयोग करें 🙏🙏2
- अजीत मिश्रा (खोजी) 😇बस्ती: भ्रष्टाचार की 'काली राख' बनी PWD की नई सड़क, हाथ लगाते ही उखड़ रहा विकास का मुखौटा।😇 🙈"वीडियो ने खोली पोल: मिर्जापुर–सुअरहा मार्ग बना लूट का अड्डा, सरकारी खजाने पर डकैती!" 🙈"बस्ती में 'जीरो टॉलरेंस' को ठेंगा: भ्रष्टाचार के नंगे नाच पर PWD के जिम्मेदार मौन, जनता में आक्रोश!" 🙈"कुदरहा कांड: सड़क के नाम पर जनता से धोखा, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नई पिच!" ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश बस्ती। जनपद के कुदरहा विकास खंड में भ्रष्टाचार का ऐसा नंगा नाच देखने को मिल रहा है, जिसने सरकारी दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। मिर्जापुर-सुअरहा मार्ग पर प्रांतीय खंड PWD विभाग द्वारा बनाई जा रही नई नवेली सड़क जनता के लिए सुविधा नहीं, बल्कि विभाग और ठेकेदारों की 'अवैध कमाई' का जरिया बन गई है। आलम यह है कि सड़क बनने के कुछ ही घंटों बाद ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगी है। ✍️सड़क है या काली पुताई? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने विभाग की पोल खोल दी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ग्रामीण जैसे ही सड़क पर हाथ लगाते हैं, डामर और गिट्टी उखड़कर हाथ में आ जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है मानो डामर की जगह केवल 'थूक' का इस्तेमाल किया गया हो या फिर राख की एक पतली परत बिछा दी गई हो। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और विभाग के अधिकारियों ने मिलकर जनता की गाढ़ी कमाई का बंदरबांट कर लिया है। ✍️जेई की ढिठाई: 'सब चंगा है' का राग हैरानी की बात तो यह है कि एक तरफ सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, वहीं दूसरी तरफ विभाग के जिम्मेदार जेई (JE) अपनी अंधेरगर्दी और ढिठाई पर अड़े हुए हैं। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद विभाग का कहना है कि 'काम सही हो रहा है और कहीं कोई दिक्कत नहीं है।' यह बयान भ्रष्टाचार की उस जड़ को दर्शाता है जो PWD विभाग में गहराई तक धंसी हुई है। क्या विभाग के लिए भ्रष्टाचार का यह नंगा खेल ही 'सही काम' है? ✍️कमीशनखोरी की भेंट चढ़ा विकास मिर्जापुर-सुअरहा मार्ग अब PWD की लूट का खुला अड्डा बन चुका है। उद्घाटन से पहले ही सड़क का 'शहीद' हो जाना यह साबित करता है कि गुणवत्ता के नाम पर यहां केवल धोखा परोसा गया है। कमीशनखोरी के चक्कर में जनता के भरोसे का कत्ल किया गया है। 🔥डीएम साहब जागिए! जनता पूछ रही सवाल कुदरहा की जनता अब शासन और प्रशासन से सवाल पूछ रही है। क्या मुख्यमंत्री जी के 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का बस्ती में यही हश्र होगा? वायरल वीडियो ने भ्रष्टाचार के मुंह पर करारा तमाचा मारा है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इन भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों पर नकेल कसेगा या फिर जांच के नाम पर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा। "यह सड़क नहीं, धोखा है!" "हम सालों से इस सड़क का इंतजार कर रहे थे, लेकिन PWD ने हमें विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का जहर दिया है। अगर हाथ से सड़क उखड़ रही है, तो पहली बारिश में इसका क्या होगा? हम इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) पर करेंगे।"— क्षेत्रीय ग्रामीण 🙊शर्म करो विभाग! सड़क नहीं, यह जनता के पसीने की कमाई की लूट है।🙊1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर बरसे जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी अम्बेडकरनगर /अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर बरसे जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, कहा योगी आदित्यनाथ ने 16 करोड़ पशुओं का बेचा मांस, सनातन धर्म देगा सजा, अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों डिप्टी सीएम की किया सराहना, अम्बेडकरनगर में एक मंदिर के कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं शंकराचार्य |1
- अयोध्या सरायराशि रामकथा समापन पर आस्था महाविस्फोट बेकाबू जनसैलाब लाखों ने प्रसाद पाया भंडारा ऐतिहासिक1
- पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू का गनर हटाया गया अयोध्या. पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू का गनर हटाया गया। मीडिया से अपना दर्द बयां किया जितेंद्र सिंह बबलू ने, कहा हमारा कार्यक्रम ही नहीं रद्द कराया जा रहा बल्कि हमारे गनर को भी हटा दिया गया, मेरे खिलाफ राजनीतिक कुचक्र किया जा रहा है, सैकड़ो लोगों को गनर दिया गया है उनको दिक्कत नहीं है लेकिन मेरे गनर को आज हटा दिया गया, हैरिंग्टनगंज में एक फाउंडेशन ट्रस्ट के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे जितेंद्र सिंह बबलू, दरअसल पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू विधानसभा चुनाव लड़ने की कर रहे हैं तैयारी।1
- अयोध्या जिले में ब्लाक हैरिंग्टनगंज अंतर्गत बल्लीपुर बाजार के गयासुद्दीनपुर मार्ग पर आयोजक राहुल जायसवाल के अगुवाई में बीकापुर विधान सभा से पूर्व विधायक रहे जितेंद्र सिंह बबलू द्वारा फीता काटकर जय मां फाउंडेशन कार्यालय का शुभारंभ किया गया,कार्यक्रम में फीता काटने से पहले कार्यक्रम के आयोजक राहुल जायसवाल द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जितेंद्र सिंह बबलू व अन्य अतिथियों का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया तथा अंगवस्त्र व रामलला का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया,कार्यक्रम में आए हुए वक्ताओं द्वारा राहुल जायसवाल व जय मां फाउंडेशन ट्रस्ट पर अपने अपने विचार वक्त किए गए,कार्यक्रम में राहुल जायसवाल द्वारा आए हुए मीडिया कर्मियों कापी-डायरी, पेन v सम्मान पत्र मुख्य अतिथि जितेंद्र सिंह बबलू के हाथों से दिलवाकर सम्मानित किया गया,कार्यक्रम का संचालन पत्रकार दिनेश तिवारी(जय माई)द्वारा किया गया कार्यक्रम के बारे में आयोजक राहुल जायसवाल द्वारा जानकारी दी गई।1
- अयोध्या जिले में ब्लाक हैरिंग्टनगंज के बल्लीपुर बाजार में आयोजित एक कार्यालय उदघाटन के अवसर पर मीडिया से अपना दर्द साझा करते हुए बीकापुर विधान सभा के पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू बोले मेरा क्षेत्र में निकलना कुछ राजनीतिज्ञों को पच नहीं रहा है, हमारा कार्यक्रम ही नहीं रद्द कराया जा रहा बल्कि हमारे गनर को भी हटा लिया गया है, मेरे खिलाफ राजनीतिक कुचक्र किया जा रहा है, सैकड़ो लोगों को गनर दिया गया है उनके लिए दिक्कत नहीं है लेकिन मेरे गनर को आज हटा दिया गया।मेरे साथ रची जा रही साजिश से जनता में उबाल है।3
- अजीत मिश्रा (खोजी) 🏥कप्तानगंज CHC बना 'कसाईखाना'? बेडशीट बदलने की मांग पर तीमारदारों से बदसलूकी, कमीशन के खेल में तड़प रहे मरीज🏥 ⭐"राम भरोसे कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र! इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूरी, कमीशनखोरों के बीच तड़प रही है मानवता।" ⭐"शर्मनाक: कप्तानगंज CHC में मरीज को बेडशीट नहीं, बदसलूकी मिली! कमीशन के फेर में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर।" ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती, मंडल उत्तर प्रदेश बस्ती। उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के सरकार के तमाम दावे कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दहलीज पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। ताज़ा मामला अस्पताल कर्मियों की गुंडागर्दी और संवेदनहीनता का है, जहाँ गंदी बेडशीट बदलने जैसी बुनियादी मांग करने पर मरीज और उनके परिजनों को इलाज के बजाय अपमान और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा। घंटो चले इस ड्रामे ने साबित कर दिया है कि यहाँ तैनात कुछ सफेदपोशों के लिए मरीजों की जान से ज्यादा अपना अहंकार और कमीशन प्यारा है। 💫बेडशीट मांगी तो मिला 'रौद्र रूप' मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों ने जब वार्ड में बिछी गंदगी से लथपथ बेडशीट को बदलने का आग्रह किया, तो अस्पताल कर्मी आगबबूला हो गए। मानवता को शर्मसार करते हुए कर्मियों ने तीमारदारों के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन्हें अस्पताल परिसर में ही अपमानित किया। वीडियो साक्ष्यों में स्पष्ट दिख रहा है कि किस तरह बुजुर्ग मरीज और उनके परिजन अपनी व्यथा सुना रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी अपनी कमियां छिपाने के लिए तू-तू, मैं-मैं पर उतारू हैं। 💫कमीशन का 'कड़वा' सच: बाहर की दवा और जांच का बोलबाला अस्पताल में सिर्फ व्यवहार ही खराब नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ें भी काफी गहरी हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों का आरोप है कि सरकारी सप्लाई की दवाओं के बावजूद डॉक्टर साहब 'मोटी कमीशन' के चक्कर में बाहर की महंगी दवाइयां लिख रहे हैं। गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है और अस्पताल के अंदर चल रहा जांच और दवाओं का सिंडिकेट मरीजों की जेब पर डाका डाल रहा है। 💫राम भरोसे व्यवस्था, जिम्मेदार मौन 👉कप्तानगंज CHC अक्सर अपने विवादों के कारण चर्चा में रहता है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है: 👉क्या अस्पताल कर्मियों को मरीजों के साथ मारपीट और अभद्रता करने की खुली छूट दी गई है? 👉बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग का हंटर कब चलेगा? 👉क्या उच्चाधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं? निष्कर्ष: अगर एक मरीज अस्पताल में बुनियादी स्वच्छता की मांग नहीं कर सकता, तो फिर इन करोड़ों के बजट वाले केंद्रों की उपयोगिता क्या है? कप्तानगंज CHC की यह गुंडागर्दी जिले के स्वास्थ्य महकमे पर एक बड़ा धब्बा है। अब देखना यह है कि मंडल के आला अधिकारी इस 'भ्रष्टाचार के केंद्र' पर कब प्रहार करते हैं या फिर गरीबों की जान के साथ यह खिलवाड़ इसी तरह बदस्तूर जारी रहेगा।1