⭐"शर्मनाक: कप्तानगंज CHC में मरीज को बेडशीट नहीं, बदसलूकी मिली! कमीशन के फेर में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर।" अजीत मिश्रा (खोजी) 🏥कप्तानगंज CHC बना 'कसाईखाना'? बेडशीट बदलने की मांग पर तीमारदारों से बदसलूकी, कमीशन के खेल में तड़प रहे मरीज🏥 ⭐"राम भरोसे कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र! इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूरी, कमीशनखोरों के बीच तड़प रही है मानवता।" ⭐"शर्मनाक: कप्तानगंज CHC में मरीज को बेडशीट नहीं, बदसलूकी मिली! कमीशन के फेर में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर।" ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती, मंडल उत्तर प्रदेश बस्ती। उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के सरकार के तमाम दावे कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दहलीज पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। ताज़ा मामला अस्पताल कर्मियों की गुंडागर्दी और संवेदनहीनता का है, जहाँ गंदी बेडशीट बदलने जैसी बुनियादी मांग करने पर मरीज और उनके परिजनों को इलाज के बजाय अपमान और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा। घंटो चले इस ड्रामे ने साबित कर दिया है कि यहाँ तैनात कुछ सफेदपोशों के लिए मरीजों की जान से ज्यादा अपना अहंकार और कमीशन प्यारा है। 💫बेडशीट मांगी तो मिला 'रौद्र रूप' मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों ने जब वार्ड में बिछी गंदगी से लथपथ बेडशीट को बदलने का आग्रह किया, तो अस्पताल कर्मी आगबबूला हो गए। मानवता को शर्मसार करते हुए कर्मियों ने तीमारदारों के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन्हें अस्पताल परिसर में ही अपमानित किया। वीडियो साक्ष्यों में स्पष्ट दिख रहा है कि किस तरह बुजुर्ग मरीज और उनके परिजन अपनी व्यथा सुना रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी अपनी कमियां छिपाने के लिए तू-तू, मैं-मैं पर उतारू हैं। 💫कमीशन का 'कड़वा' सच: बाहर की दवा और जांच का बोलबाला अस्पताल में सिर्फ व्यवहार ही खराब नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ें भी काफी गहरी हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों का आरोप है कि सरकारी सप्लाई की दवाओं के बावजूद डॉक्टर साहब 'मोटी कमीशन' के चक्कर में बाहर की महंगी दवाइयां लिख रहे हैं। गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है और अस्पताल के अंदर चल रहा जांच और दवाओं का सिंडिकेट मरीजों की जेब पर डाका डाल रहा है। 💫राम भरोसे व्यवस्था, जिम्मेदार मौन 👉कप्तानगंज CHC अक्सर अपने विवादों के कारण चर्चा में रहता है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है: 👉क्या अस्पताल कर्मियों को मरीजों के साथ मारपीट और अभद्रता करने की खुली छूट दी गई है? 👉बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग का हंटर कब चलेगा? 👉क्या उच्चाधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं? निष्कर्ष: अगर एक मरीज अस्पताल में बुनियादी स्वच्छता की मांग नहीं कर सकता, तो फिर इन करोड़ों के बजट वाले केंद्रों की उपयोगिता क्या है? कप्तानगंज CHC की यह गुंडागर्दी जिले के स्वास्थ्य महकमे पर एक बड़ा धब्बा है। अब देखना यह है कि मंडल के आला अधिकारी इस 'भ्रष्टाचार के केंद्र' पर कब प्रहार करते हैं या फिर गरीबों की जान के साथ यह खिलवाड़ इसी तरह बदस्तूर जारी रहेगा।
⭐"शर्मनाक: कप्तानगंज CHC में मरीज को बेडशीट नहीं, बदसलूकी मिली! कमीशन के फेर में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर।" अजीत मिश्रा (खोजी) 🏥कप्तानगंज CHC बना 'कसाईखाना'? बेडशीट बदलने की मांग पर तीमारदारों से बदसलूकी, कमीशन के खेल में तड़प रहे मरीज🏥 ⭐"राम भरोसे कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र! इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूरी, कमीशनखोरों के बीच तड़प रही है मानवता।" ⭐"शर्मनाक: कप्तानगंज CHC में मरीज को बेडशीट नहीं, बदसलूकी मिली! कमीशन के फेर में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर।" ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती, मंडल उत्तर प्रदेश बस्ती। उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के सरकार के तमाम दावे कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दहलीज पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। ताज़ा मामला अस्पताल कर्मियों की गुंडागर्दी और संवेदनहीनता का है, जहाँ गंदी बेडशीट बदलने जैसी बुनियादी मांग करने पर मरीज और उनके परिजनों को इलाज के बजाय अपमान और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा। घंटो चले इस ड्रामे ने साबित कर दिया है कि यहाँ तैनात कुछ सफेदपोशों के लिए मरीजों की जान से ज्यादा अपना अहंकार और कमीशन प्यारा है। 💫बेडशीट मांगी तो मिला 'रौद्र रूप' मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों ने जब वार्ड में बिछी गंदगी से लथपथ बेडशीट को बदलने का आग्रह किया, तो अस्पताल कर्मी आगबबूला हो गए। मानवता को शर्मसार करते हुए कर्मियों ने तीमारदारों के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन्हें अस्पताल परिसर में ही अपमानित किया। वीडियो साक्ष्यों में स्पष्ट दिख रहा है कि किस तरह बुजुर्ग मरीज और उनके परिजन अपनी व्यथा सुना रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी अपनी कमियां छिपाने के लिए तू-तू, मैं-मैं पर उतारू हैं। 💫कमीशन का 'कड़वा' सच: बाहर की दवा और जांच का बोलबाला अस्पताल में सिर्फ व्यवहार ही खराब नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ें भी काफी गहरी हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों का आरोप है कि सरकारी सप्लाई की दवाओं के बावजूद डॉक्टर साहब 'मोटी कमीशन' के चक्कर में बाहर की महंगी दवाइयां लिख रहे हैं। गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है और अस्पताल के अंदर चल रहा जांच और दवाओं का सिंडिकेट मरीजों की जेब पर डाका डाल रहा है। 💫राम भरोसे व्यवस्था, जिम्मेदार मौन 👉कप्तानगंज CHC अक्सर अपने विवादों के कारण चर्चा में रहता है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है: 👉क्या अस्पताल कर्मियों को मरीजों के साथ मारपीट और अभद्रता करने की खुली छूट दी गई है? 👉बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग का हंटर कब चलेगा? 👉क्या उच्चाधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं? निष्कर्ष: अगर एक मरीज अस्पताल में बुनियादी स्वच्छता की मांग नहीं कर सकता, तो फिर इन करोड़ों के बजट वाले केंद्रों की उपयोगिता क्या है? कप्तानगंज CHC की यह गुंडागर्दी जिले के स्वास्थ्य महकमे पर एक बड़ा धब्बा है। अब देखना यह है कि मंडल के आला अधिकारी इस 'भ्रष्टाचार के केंद्र' पर कब प्रहार करते हैं या फिर गरीबों की जान के साथ यह खिलवाड़ इसी तरह बदस्तूर जारी रहेगा।
- अजीत मिश्रा (खोजी) 😇बस्ती: भ्रष्टाचार की 'काली राख' बनी PWD की नई सड़क, हाथ लगाते ही उखड़ रहा विकास का मुखौटा।😇 🙈"वीडियो ने खोली पोल: मिर्जापुर–सुअरहा मार्ग बना लूट का अड्डा, सरकारी खजाने पर डकैती!" 🙈"बस्ती में 'जीरो टॉलरेंस' को ठेंगा: भ्रष्टाचार के नंगे नाच पर PWD के जिम्मेदार मौन, जनता में आक्रोश!" 🙈"कुदरहा कांड: सड़क के नाम पर जनता से धोखा, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नई पिच!" ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश बस्ती। जनपद के कुदरहा विकास खंड में भ्रष्टाचार का ऐसा नंगा नाच देखने को मिल रहा है, जिसने सरकारी दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। मिर्जापुर-सुअरहा मार्ग पर प्रांतीय खंड PWD विभाग द्वारा बनाई जा रही नई नवेली सड़क जनता के लिए सुविधा नहीं, बल्कि विभाग और ठेकेदारों की 'अवैध कमाई' का जरिया बन गई है। आलम यह है कि सड़क बनने के कुछ ही घंटों बाद ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगी है। ✍️सड़क है या काली पुताई? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने विभाग की पोल खोल दी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ग्रामीण जैसे ही सड़क पर हाथ लगाते हैं, डामर और गिट्टी उखड़कर हाथ में आ जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है मानो डामर की जगह केवल 'थूक' का इस्तेमाल किया गया हो या फिर राख की एक पतली परत बिछा दी गई हो। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और विभाग के अधिकारियों ने मिलकर जनता की गाढ़ी कमाई का बंदरबांट कर लिया है। ✍️जेई की ढिठाई: 'सब चंगा है' का राग हैरानी की बात तो यह है कि एक तरफ सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, वहीं दूसरी तरफ विभाग के जिम्मेदार जेई (JE) अपनी अंधेरगर्दी और ढिठाई पर अड़े हुए हैं। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद विभाग का कहना है कि 'काम सही हो रहा है और कहीं कोई दिक्कत नहीं है।' यह बयान भ्रष्टाचार की उस जड़ को दर्शाता है जो PWD विभाग में गहराई तक धंसी हुई है। क्या विभाग के लिए भ्रष्टाचार का यह नंगा खेल ही 'सही काम' है? ✍️कमीशनखोरी की भेंट चढ़ा विकास मिर्जापुर-सुअरहा मार्ग अब PWD की लूट का खुला अड्डा बन चुका है। उद्घाटन से पहले ही सड़क का 'शहीद' हो जाना यह साबित करता है कि गुणवत्ता के नाम पर यहां केवल धोखा परोसा गया है। कमीशनखोरी के चक्कर में जनता के भरोसे का कत्ल किया गया है। 🔥डीएम साहब जागिए! जनता पूछ रही सवाल कुदरहा की जनता अब शासन और प्रशासन से सवाल पूछ रही है। क्या मुख्यमंत्री जी के 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का बस्ती में यही हश्र होगा? वायरल वीडियो ने भ्रष्टाचार के मुंह पर करारा तमाचा मारा है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इन भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों पर नकेल कसेगा या फिर जांच के नाम पर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा। "यह सड़क नहीं, धोखा है!" "हम सालों से इस सड़क का इंतजार कर रहे थे, लेकिन PWD ने हमें विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का जहर दिया है। अगर हाथ से सड़क उखड़ रही है, तो पहली बारिश में इसका क्या होगा? हम इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) पर करेंगे।"— क्षेत्रीय ग्रामीण 🙊शर्म करो विभाग! सड़क नहीं, यह जनता के पसीने की कमाई की लूट है।🙊1
- जय गौ माता जय श्री राम गौ माता की रक्षा के लिए आपके क्षेत्र शिवराजपुर कुसमोर घाट के पास हर्रैया बस्ती से सहयोग की आवश्यकता है किसी भी नेता मंत्री ने आज तक कोई सहयोग नहीं किया है वैसे करोड़ों खर्च कर दिए जाते हैं और गौ माता के लिए करने में इतना क्यों सोचना क्षेत्र के माननीय नेता , मंत्री , विधायक , प्रधान आदि से निवेदन है कि गौ सेवा के लिए हमारा सहयोग करें 🙏🙏2
- भदाह चौराहा, 30 मार्च 2026। गायत्री एकेडमी एवं जगदीश प्रसाद उपाध्याय इंटरमीडिएट कॉलेज, भदाह चौराहा के विद्यालय परिसर में सोमवार को परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय के संरक्षक राजेश उपाध्याय एवं प्रबंधक करन उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथियों ने मेधावी विद्यार्थियों को मेडल व पुरस्कार प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अन्य छात्रों को कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री राम शिव चौधरी, सूर्यवंश चौधरी, पप्पू प्रधान (गंगौली), रामस्वरूप चौधरी (बरहटा), अनीश चौधरी (बारीगांव) एवं विजय श्रीवास्तव (बखारिया) उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान संरक्षक राजेश उपाध्याय ने अपने सम्बोधन में कहा कि “शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। छात्र-छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करना चाहिए। आज के मेधावी छात्र आने वाले कल का उज्ज्वल भविष्य हैं। विद्यालय परिवार का प्रयास है कि हर विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन मिले।” उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों के योगदान की भी सराहना की। कक्षा 9 के टॉपर्स: संतोषी, पूजा, सृष्टि, प्रिया, शिवा यादव, क्रांति कक्षा 11 के टॉपर्स: तितिक्षा उपाध्याय, सलोनी आर्या, उदय कुमार, यासमीन, शिवांगी राय, विनीता कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया तथा छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।1
- आज की💁👉👀👂 कहानी🌹❗1
- संतकबीरनगर । जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना महुली पुलिस ने दहेज मृत्यु के एक गंभीर मामले में वांछित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चल रही कार्रवाई के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय के नेतृत्व में गठित टीम ने यह सफलता प्राप्त की। पुलिस के अनुसार, मु0अ0सं0 105/2026 में धारा 80(2)/85/92 बीएनएस एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज मामले में वांछित अभियुक्त मनीष गौड़ (28), रजनीश कुमार उर्फ पप्पू गौड़ (32), रामकिशुन (62) एवं रीता (32) निवासी वार्ड नंबर 08, रंगपाल नगर, नगर पंचायत हरिहरपुर, थाना महुली को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को हरिहरपुर क्षेत्र से पकड़कर न्यायालय रवाना किया गया। घटना के संबंध में वादी द्वारा 28 मार्च 2026 को थाना महुली में तहरीर दी गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी पुत्री को दहेज के लिए लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। 26 मार्च 2026 को उसकी पुत्री संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। महिला संबंधी अपराधों को गंभीरता से लेते हुए महुली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल पंकज यादव, कांस्टेबल छोटेलाल कनौजिया, महिला कांस्टेबल सौम्या पाण्डेय एवं कमलेश कुमारी शामिल रहीं।1
- हैसर बाजार में स्वच्छता को मिली रफ्तार, ई-रिक्शा का हुआ शुभारंभ संत कबीर नगर। विकासखंड हैसर बाजार अंतर्गत धनघटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मौर में स्वच्छ भारत मिशन को गति देने के उद्देश्य से ई-रिक्शा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान हैसर बाजार ब्लॉक प्रमुख कालिंदी चौहान ने फीता काटकर ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाते हुए कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कन्हैया लाल यादव, कृष्ण मोहन तथा अंकुर पांडेय सहित अन्य गणमान्य लोगों ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि ई-रिक्शा के संचालन से गांव में कचरा संग्रहण और साफ-सफाई व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों में उत्साह देखा गया और सभी ने स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में सहयोग करने का संकल्प लिया।4
- Post by Vipin Rai Journalist1
- अजीत मिश्रा (खोजी) 🏥कप्तानगंज CHC बना 'कसाईखाना'? बेडशीट बदलने की मांग पर तीमारदारों से बदसलूकी, कमीशन के खेल में तड़प रहे मरीज🏥 ⭐"राम भरोसे कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र! इलाज के नाम पर सिर्फ खानापूरी, कमीशनखोरों के बीच तड़प रही है मानवता।" ⭐"शर्मनाक: कप्तानगंज CHC में मरीज को बेडशीट नहीं, बदसलूकी मिली! कमीशन के फेर में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर।" ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती, मंडल उत्तर प्रदेश बस्ती। उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के सरकार के तमाम दावे कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दहलीज पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। ताज़ा मामला अस्पताल कर्मियों की गुंडागर्दी और संवेदनहीनता का है, जहाँ गंदी बेडशीट बदलने जैसी बुनियादी मांग करने पर मरीज और उनके परिजनों को इलाज के बजाय अपमान और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा। घंटो चले इस ड्रामे ने साबित कर दिया है कि यहाँ तैनात कुछ सफेदपोशों के लिए मरीजों की जान से ज्यादा अपना अहंकार और कमीशन प्यारा है। 💫बेडशीट मांगी तो मिला 'रौद्र रूप' मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों ने जब वार्ड में बिछी गंदगी से लथपथ बेडशीट को बदलने का आग्रह किया, तो अस्पताल कर्मी आगबबूला हो गए। मानवता को शर्मसार करते हुए कर्मियों ने तीमारदारों के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन्हें अस्पताल परिसर में ही अपमानित किया। वीडियो साक्ष्यों में स्पष्ट दिख रहा है कि किस तरह बुजुर्ग मरीज और उनके परिजन अपनी व्यथा सुना रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी अपनी कमियां छिपाने के लिए तू-तू, मैं-मैं पर उतारू हैं। 💫कमीशन का 'कड़वा' सच: बाहर की दवा और जांच का बोलबाला अस्पताल में सिर्फ व्यवहार ही खराब नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार की जड़ें भी काफी गहरी हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों का आरोप है कि सरकारी सप्लाई की दवाओं के बावजूद डॉक्टर साहब 'मोटी कमीशन' के चक्कर में बाहर की महंगी दवाइयां लिख रहे हैं। गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है और अस्पताल के अंदर चल रहा जांच और दवाओं का सिंडिकेट मरीजों की जेब पर डाका डाल रहा है। 💫राम भरोसे व्यवस्था, जिम्मेदार मौन 👉कप्तानगंज CHC अक्सर अपने विवादों के कारण चर्चा में रहता है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है: 👉क्या अस्पताल कर्मियों को मरीजों के साथ मारपीट और अभद्रता करने की खुली छूट दी गई है? 👉बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग का हंटर कब चलेगा? 👉क्या उच्चाधिकारी किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं? निष्कर्ष: अगर एक मरीज अस्पताल में बुनियादी स्वच्छता की मांग नहीं कर सकता, तो फिर इन करोड़ों के बजट वाले केंद्रों की उपयोगिता क्या है? कप्तानगंज CHC की यह गुंडागर्दी जिले के स्वास्थ्य महकमे पर एक बड़ा धब्बा है। अब देखना यह है कि मंडल के आला अधिकारी इस 'भ्रष्टाचार के केंद्र' पर कब प्रहार करते हैं या फिर गरीबों की जान के साथ यह खिलवाड़ इसी तरह बदस्तूर जारी रहेगा।1