खीरी में सीएम योगी का अप्रैल महीने में दूसरा दौरा, मितौली में 21 अप्रैल को आगमन, प्रशासन हाई अलर्ट पर संवाददाता : आकाश सिंह (खीरी) लखीमपुर खीरी जिले में एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा तय होने के साथ ही प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। आगामी 21 अप्रैल को मुख्यमंत्री का मितौली क्षेत्र में आगमन प्रस्तावित है, जिसे लेकर तैयारियां तेज़ी से जारी हैं। यह मुख्यमंत्री का जिले में दूसरा दौरा होगा। इससे पहले वे 11 अप्रैल को पलिया और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। अब मितौली में होने वाले कार्यक्रम को लेकर प्रशासन कोई भी चूक नहीं छोड़ना चाहता। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर आज जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंच स्थल, सुरक्षा घेरा, यातायात व्यवस्था, पार्किंग और आमजन की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएं समय से पहले दुरुस्त कर ली जाएं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके में व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, चेकिंग अभियान और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही प्रशासनिक अधिकारी लगातार बैठक कर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है, जिसके मद्देनजर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।
खीरी में सीएम योगी का अप्रैल महीने में दूसरा दौरा, मितौली में 21 अप्रैल को आगमन, प्रशासन हाई अलर्ट पर संवाददाता : आकाश सिंह (खीरी) लखीमपुर खीरी जिले में एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा तय होने के साथ ही प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। आगामी 21 अप्रैल को मुख्यमंत्री का मितौली क्षेत्र में आगमन प्रस्तावित है, जिसे लेकर तैयारियां तेज़ी से जारी हैं। यह मुख्यमंत्री का जिले में दूसरा दौरा होगा। इससे पहले वे 11 अप्रैल को पलिया और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों
में शामिल हुए थे। अब मितौली में होने वाले कार्यक्रम को लेकर प्रशासन कोई भी चूक नहीं छोड़ना चाहता। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर आज जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंच स्थल, सुरक्षा घेरा, यातायात व्यवस्था, पार्किंग और आमजन की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएं समय से पहले दुरुस्त कर ली जाएं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके में व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, चेकिंग अभियान और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही प्रशासनिक अधिकारी लगातार बैठक कर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है, जिसके मद्देनजर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।
- Post by Kailash Gupta1
- लाखन आर्मी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सूरज पासी जी। लाखन आर्मी जिला अध्यक्ष श्री श्याम किशोर पासी जी। हर हर महादेव। जागो पासी समाज। जागो मार्शल समाज। #लाखनआर्मीजिलाअध्यक्षलखीमपुरखीरी #लाखन_आर्मी_सम्पूर्ण_भारत #श्यामकिशोरपासीजिलाअध्यक्षलखीमपुरखीरी #लाखनआर्मी #shyamkishorraj #Vedrampasi1
- ₹60000 रिश्वत लेते महिला एसडीएम गिरफ्तार राजस्थान के करौली जिले के नादौती में एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई में SDM काजल मीणा, रीडर दिनेश कुमार सैनी और UDC प्रवीण धाकड़ को ₹60,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया जमीन के बंटवारे के मामले में रिश्वत मांगी गई थी, ट्रैप के दौरान तीनों को कार्यालय से पकड़ा गया, कार्रवाई में रिश्वत की रकम के अलावा करीब ₹4 लाख नकद भी बरामद हुए, मामले की जांच जारी है2
- Post by Rajat Ai1
- थाने के भीतर क्या हुआ उस रात? पत्रकार से मारपीट, अपमान और धमकी के आरोपों से मचा बवाल, वायरल ऑडियो ने बढ़ाई सियासत कौशाम्बी ब्यूरो कौशाम्बी। एक रात, एक पत्रकार, एक थाना… और फिर आरोपों का ऐसा तूफान जिसने पूरे जनपद की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। सराय अकिल थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला अब केवल एक घटना नहीं रह गया है, बल्कि चर्चा, आक्रोश और जांच की मांग का केंद्र बन चुका है।कनैली महंगूपुर निवासी पत्रकार संजय सिंह का आरोप है कि बीती रात उन्हें कनैली चौराहे से पुलिस द्वारा उठाकर थाना सराय अकिल ले जाया गया। इसके बाद जो हुआ, वह उनके अनुसार न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि बेहद गंभीर भी।पीड़ित का कहना है कि थाने के भीतर उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और अपमानजनक व्यवहार किया गया। आरोप यह भी है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित ऑडियो में भी अपशब्दों और धमकी भरी आवाजों के सुने जाने का दावा किया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।सबसे बड़ा सवाल इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजह को लेकर उठ रहा है। पत्रकार का दावा है कि उन्होंने हाल ही में क्षेत्र में चल रहे अवैध बालू घाटों को लेकर खबर प्रकाशित की थी, जिससे कुछ लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा था। इसी कारण उन्हें निशाना बनाया गया और कथित रूप से फर्जी तरीके से फंसाने की कोशिश की गई।इस मामले के सामने आने और ऑडियो वायरल होने के बाद पत्रकारों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। कई पत्रकार संगठनों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री ने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर आरोप सही हैं, तो कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था के भीतर ही इस तरह की घटनाएं कैसे हो रही हैं। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या वायरल ऑडियो की सच्चाई सामने आएगी? और सबसे बड़ा सवाल।क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा।यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही की परीक्षा बन चुका है। 🖋️1
- *लगातार एक्सीडेंटों के मामले को लेकर अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल कि विभाग महामंत्री संगीता गुप्ता ने खोला मोर्चा* 24 घंटे में कार्रवाई नहीं तो होगा विशालकाय प्रदर्शन राष्ट्रीय बजरंग दल की विभाग महामंत्री संगीता गुप्ता ने ज्ञापन देकर हाईवे रोड पर लगी जालियों के हटाने की उठाई मांग - जनपद लखीमपुर खीरी के नगर पंचायत ओयल में सड़क डिवाइडर पर लगी लोहे की जालियां लगातार हादसे का कारण बन रही है 15 अप्रैल की रात एकता नगर निवासी अमित शाह की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया जिस मामले को लेकर अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल की विभाग महामंत्री संगीता गुप्ता ने अधिशासी अधिकारी ओयल को ज्ञापन देखकर जालियों को हटाने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे में कार्यवाही नहीं हुई तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा स्थानीय लोगों का कहना है की घनी जालियों के कारण सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते जिससे सड़क पार करना जोखिम भरा हो गया है और आए दिन एक्सीडेंट में लोगों की जाने जा रहे हैं1
- संवाददाता रिपोर्ट प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी ने अब किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तापमान में तेज़ी से हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर खेतों में खड़ी फसलों पर दिखाई देने लगा है। तेज धूप और लू के कारण गेहूं, धान, सब्जियों और दलहनी फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। किसानों के अनुसार, समय से पहले पड़ रही भीषण गर्मी से फसलों की बढ़वार रुक गई है। खासतौर पर सब्जियों की फसलें जैसे टमाटर, मिर्च और बैंगन में झुलसा रोग बढ़ रहा है, जिससे उत्पादन में गिरावट की आशंका है। वहीं, गेहूं की कटाई के दौरान भी अत्यधिक गर्मी से दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे सुबह या शाम के समय सिंचाई करें और फसलों को गर्म हवाओं से बचाने के लिए उचित उपाय अपनाएं।1
- Post by Kailash Gupta1
- ASTv24 digital शाहिद लखाही ढकेरवा क्षेत्र में अचानक डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति बंद होने से हालात बिगड़ गए हैं। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन न मिलने से किसान, वाहन चालक और आम लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। लोगों को पेट्रोल पंपों से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत पेट्रोलियम के रमियाबेहड़ स्थित पंप, इंडियन ऑयल रमियाबेहड़, भारत पेट्रोलियम ढकेरवा, इंडियन ऑयल ढकेरवा तथा हिन्दुस्तान पेट्रोलियम लखाही स्थित पेट्रोल पंपों पर अचानक ईंधन वितरण बंद कर दिया गया। इससे पूरे इलाके में ईंधन संकट गहरा गया है। ग्राहकों का कहना है कि वर्मा फ्यूल सेंटर ढकेरवा पर पहले डीजल उपलब्ध था, लेकिन मैनेजर द्वारा वितरण रुकवाने के बाद स्थिति और खराब हो गई। किसान अपने कृषि कार्यों के लिए और वाहन चालक अपने रोजमर्रा के कामों के लिए पेट्रोल पंप पहुंचे, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। ईंधन की कमी के चलते खेती के कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं लोगों के आवागमन में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बिना किसी पूर्व सूचना के पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बंद कर दी गई, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।1