मद्रास हाईकोर्ट ने मृतकों के परिजनों को नौकरी देने का आदेश रद्द किया करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को झटका चेन्नई / करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को बड़ा झटका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का सरकारी आदेश रद्द कर दिया है। अदालत से कहा कि इस मामले की जांच अभी सीबीआई कर रही है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी इसकी निगरानी कर रहा है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले इस मुद्दे पर कोई राय देना उचित नहीं होगा। मद्रास हाई कोर्ट ने उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने के फैसले को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने तमिलनाडु सरकार का आदेश रद्द कर दिया। सीबीआई जांच का दिया हवाला कोर्ट ने कहा कि करूर भगदड़ की जांच फिलहाल सीबीआई के पास है। इतना ही नहीं, इस पूरी जांच पर सुप्रीम कोर्ट भी नजर बनाए हुए है। इसलिए घटना के तथ्यों या जिम्मेदारी को लेकर इस स्तर पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। अदालत ने साफ किया कि मामले की जांच जारी है। ऐसे में अंतिम नतीजे आने से पहले किसी भी तरह का प्रशासनिक फैसला उचित नहीं माना जा सकता। इसी वजह से सरकारी नौकरी देने का आदेश रद्द किया गया। क्या है पूरा मामला बता दें कि 27 सितंबर 2025 को करूर जिले के वेलुस्वामीपुरम में टीवीके की एक राजनीतिक रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। विजय का भाषण सुनने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे थे। भीड़ बेकाबू होने से 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। एजेंसी टीवीके के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज कर चुकी है। इसी आदेश को चुनौती देते हुए कई जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद 10 जुलाई 2026 को विजय पहली बार करूर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सितंबर 2025 की करूर भगदड़ से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास कार्यक्रम की शुरुआत की। साथ ही, जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों में से 32 पात्र सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। राज्य सरकार ने भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। जिसे अब मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार का यह आदेश रद्द कर दिया है।
मद्रास हाईकोर्ट ने मृतकों के परिजनों को नौकरी देने का आदेश रद्द किया करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को झटका चेन्नई / करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को बड़ा झटका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का सरकारी आदेश रद्द कर दिया है। अदालत से कहा कि इस मामले की जांच अभी सीबीआई कर रही है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी इसकी निगरानी कर रहा है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले इस मुद्दे पर कोई राय देना उचित नहीं होगा। मद्रास हाई कोर्ट ने उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने के फैसले को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने तमिलनाडु सरकार का आदेश रद्द कर दिया। सीबीआई जांच का दिया हवाला कोर्ट ने कहा कि करूर भगदड़ की जांच फिलहाल सीबीआई के पास है। इतना ही नहीं, इस पूरी जांच पर सुप्रीम कोर्ट भी नजर बनाए हुए है। इसलिए घटना के तथ्यों या जिम्मेदारी को लेकर इस स्तर पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। अदालत ने साफ किया कि मामले की जांच जारी है। ऐसे में अंतिम नतीजे आने से पहले किसी भी तरह का प्रशासनिक फैसला उचित नहीं माना जा सकता। इसी वजह से सरकारी नौकरी देने का आदेश रद्द किया गया। क्या है पूरा मामला बता दें कि 27 सितंबर 2025 को करूर जिले के वेलुस्वामीपुरम में टीवीके की एक राजनीतिक रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। विजय का भाषण सुनने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे थे। भीड़ बेकाबू होने से 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। एजेंसी टीवीके के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज कर चुकी है। इसी आदेश को चुनौती देते हुए कई जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद 10 जुलाई 2026 को विजय पहली बार करूर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सितंबर 2025 की करूर भगदड़ से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास कार्यक्रम की शुरुआत की। साथ ही, जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों में से 32 पात्र सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। राज्य सरकार ने भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। जिसे अब मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार का यह आदेश रद्द कर दिया है।
- हेपेटाइटिस-बी से बचाव: गर्भवती महिलाओं की जांच और नवजात को 24 घंटे में टीका जरूरी चित्तौड़गढ़।हेपेटाइटिस-बी जागरूकता अभियान: गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच कराएं, नवजात शिशु को जन्म के 24 घंटे के भीतर लगवाएं हेपेटाइटिस-बी का टीका, सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध सुविधा4
- मानसिक रूप से विकृत वक्ति के परिजनों ने पेंशन शुरू करवाने के नाम पर रजिस्ट्री करवादी। भूपालसागर। उपखण्ड क्षेत्र के राणावतों की सादडी मे स्थित खेड़ी निवासी गोपी पत्नी माणा भील ने भूपालसागर तहसीलदार अपूर्व गौतम एवं पुलिस थाना भूपालसागर मे अपने पुत्र केला पुत्र माना भील सहित पहुँच रिपोर्ट पेश की जिसमे बताया की इनकी खेती की जमीन गांव मे पटवार हल्का पटोलिया तहसील भूपालसागर मे खसरा संख्या 1292/265 है जिसे अपने ही समाज और रिस्तेदार लोगों ने पेंशन शुरू करवाने का बहाना बना कर तहसील कार्यालय मे जमीन का रजिस्ट्रेशन करवा दिया था, इसके पश्चात् जब जमीन की नामांतरण प्रक्रिया की गई तब मेरे रिस्तेदार ने बताया की जमीन का नामांतरण कराया जा रहा है जमीन बेच दी क्या तब जाकर मुझे पता चला की मेरे से पुत्र केला मंदबुद्धि होकर मानसिक रूप से कमजोर होने से लोगो ने उसका गलत रूप से फ़ायदा उठा लिया है, इसको बहला-फुसलाकर कुछ लोगो ने इसकी जमीन को बेच दी हैं। जमीन खरीदने वाला सुरेश पुत्र मांगीलाल निवासी फतेहनगर,साथ में महेन्द्र पुत्र वासुदेव निवासी राणावतों की सादड़ी,रामलाल भील कल्कि मंगरी, महेन्द्र भील ओगड़ा का खेड़ा,शंकर भील सभी ने मिलकर प्राप्त रुपयों का आपस मे बाँटवारा कर लिया । पुत्र के जीने का सहारा जमीन का टुकड़ा ही हड़प लिया। बुजुर्ग महिला द्वारा न्याय की गुहार लगायी जा रही है।2
- ग्राम पंचायत भरकुंडी में हुआ फॉलोअप शिविर का आयोजन,वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश ग्राम पंचायत भरकुंडी में हुआ फॉलोअप शिविर का आयोजन,वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश जुबेर अहमद धरियावद धरियावद-मंगलवार को ग्राम पंचायत भरकुंडी में फॉलोअप शिविर का आयोजन किया गया है। इस दौरान वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। शिविर में नायब तहसीलदार नारायण लाल मीणा अविअ.लक्ष्मी लाल गमेती, प्रगति प्रसार अधिकारी नरेंद्र कुमार सुनिया की उपस्थिति में शिविर का आयोजन हुआ है। शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों के आवेदन एवं समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया है। शिविर के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पौधरोपण किया है। सभी ने पौधों की नियमित देखभाल करने एवं सुरक्षा का संकल्प लिया है। ग्राम पंचायत भरकुंडी के सरपंच प्रतिनिधि खेतसिंह मीणा ने जानकारी देते हुए बताया है की जनकल्याणकारी शिविरों का उद्देश्य आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ उनके गांव में ही उपलब्ध कराना है। वहीं पौधारोपण अभियान से पर्यावरण संरक्षण हरियाली बढ़ाने और आने वाली पीढियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाने का संदेश दिया गया है। इस दौरान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जन प्रतिनिधि,पंचायत कार्मिक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।4
- श्री सांवरिया सेठ टुडे लाइव श्रृंगार दर्शन कर लो प्यारे भक्तों श्री सांवरिया सेठ टुडे लाइव श्रृंगार दर्शन कर लो प्यारे भक्तों1
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