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हेपेटाइटिस-बी से बचाव: गर्भवती महिलाओं की जांच और नवजात को 24 घंटे में टीका जरूरी चित्तौड़गढ़।हेपेटाइटिस-बी जागरूकता अभियान: गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच कराएं, नवजात शिशु को जन्म के 24 घंटे के भीतर लगवाएं हेपेटाइटिस-बी का टीका, सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध सुविधा

5 hrs ago
user_Hello Chittorgarh News
Hello Chittorgarh News
Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
5 hrs ago
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हेपेटाइटिस-बी से बचाव: गर्भवती महिलाओं की जांच और नवजात को 24 घंटे में टीका जरूरी चित्तौड़गढ़।हेपेटाइटिस-बी जागरूकता अभियान: गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच कराएं, नवजात शिशु को जन्म के 24 घंटे के भीतर लगवाएं हेपेटाइटिस-बी का टीका, सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध सुविधा

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  • हेपेटाइटिस-बी से बचाव: गर्भवती महिलाओं की जांच और नवजात को 24 घंटे में टीका जरूरी चित्तौड़गढ़।हेपेटाइटिस-बी जागरूकता अभियान: गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच कराएं, नवजात शिशु को जन्म के 24 घंटे के भीतर लगवाएं हेपेटाइटिस-बी का टीका, सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध सुविधा
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    हेपेटाइटिस-बी से बचाव: गर्भवती महिलाओं की जांच और नवजात को 24 घंटे में टीका जरूरी
चित्तौड़गढ़।हेपेटाइटिस-बी जागरूकता अभियान: गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच कराएं, नवजात शिशु को जन्म के 24 घंटे के भीतर लगवाएं हेपेटाइटिस-बी का टीका, सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध सुविधा
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • मानसिक रूप से विकृत वक्ति के परिजनों ने पेंशन शुरू करवाने के नाम पर रजिस्ट्री करवादी। भूपालसागर। उपखण्ड क्षेत्र के राणावतों की सादडी मे स्थित खेड़ी निवासी गोपी पत्नी माणा भील ने भूपालसागर तहसीलदार अपूर्व गौतम एवं पुलिस थाना भूपालसागर मे अपने पुत्र केला पुत्र माना भील सहित पहुँच रिपोर्ट पेश की जिसमे बताया की इनकी खेती की जमीन गांव मे पटवार हल्का पटोलिया तहसील भूपालसागर मे खसरा संख्या 1292/265 है जिसे अपने ही समाज और रिस्तेदार लोगों ने पेंशन शुरू करवाने का बहाना बना कर तहसील कार्यालय मे जमीन का रजिस्ट्रेशन करवा दिया था, इसके पश्चात् जब जमीन की नामांतरण प्रक्रिया की गई तब मेरे रिस्तेदार ने बताया की जमीन का नामांतरण कराया जा रहा है जमीन बेच दी क्या तब जाकर मुझे पता चला की मेरे से पुत्र केला मंदबुद्धि होकर मानसिक रूप से कमजोर होने से लोगो ने उसका गलत रूप से फ़ायदा उठा लिया है, इसको बहला-फुसलाकर कुछ लोगो ने इसकी जमीन को बेच दी हैं। जमीन खरीदने वाला सुरेश पुत्र मांगीलाल निवासी फतेहनगर,साथ में महेन्द्र पुत्र वासुदेव निवासी राणावतों की सादड़ी,रामलाल भील कल्कि मंगरी, महेन्द्र भील ओगड़ा का खेड़ा,शंकर भील सभी ने मिलकर प्राप्त रुपयों का आपस मे बाँटवारा कर लिया । पुत्र के जीने का सहारा जमीन का टुकड़ा ही हड़प लिया। बुजुर्ग महिला द्वारा न्याय की गुहार लगायी जा रही है।
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    मानसिक रूप से विकृत वक्ति के परिजनों ने पेंशन शुरू करवाने के नाम पर रजिस्ट्री करवादी।
भूपालसागर। उपखण्ड क्षेत्र के 
राणावतों की सादडी मे स्थित खेड़ी निवासी गोपी पत्नी माणा भील ने भूपालसागर तहसीलदार अपूर्व गौतम एवं पुलिस थाना भूपालसागर मे अपने पुत्र केला पुत्र माना भील सहित पहुँच रिपोर्ट पेश की जिसमे बताया की इनकी खेती की जमीन गांव मे पटवार हल्का पटोलिया तहसील भूपालसागर मे खसरा संख्या 1292/265 है जिसे अपने ही समाज और रिस्तेदार लोगों ने पेंशन शुरू करवाने का बहाना बना कर तहसील कार्यालय मे जमीन का रजिस्ट्रेशन करवा दिया था, इसके पश्चात् जब जमीन की नामांतरण प्रक्रिया की गई तब मेरे रिस्तेदार ने बताया की जमीन का नामांतरण कराया जा रहा है जमीन बेच दी क्या तब जाकर मुझे पता चला की मेरे से पुत्र केला मंदबुद्धि होकर मानसिक रूप से कमजोर होने से लोगो ने उसका गलत रूप से फ़ायदा उठा लिया है, इसको बहला-फुसलाकर कुछ लोगो ने इसकी जमीन को बेच दी हैं। जमीन खरीदने वाला सुरेश पुत्र मांगीलाल निवासी फतेहनगर,साथ में महेन्द्र पुत्र वासुदेव निवासी राणावतों की सादड़ी,रामलाल भील कल्कि मंगरी, महेन्द्र भील ओगड़ा का खेड़ा,शंकर भील सभी ने मिलकर प्राप्त रुपयों का आपस मे बाँटवारा कर लिया । पुत्र के जीने का सहारा जमीन का टुकड़ा ही हड़प लिया। बुजुर्ग महिला द्वारा न्याय की गुहार लगायी जा रही है।
    user_JBNEWS29
    JBNEWS29
    Advertising agency चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़। गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ जिले के गोभक्तों ने 7 लाख से अधिक हस्ताक्षर कर सरकार से स्पष्ट आग्रह किया कि गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए तथा गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिया जाए। जिला संयोजक गौरव सोमानी ने बताया कि लगभग 15 से 20 हजार गोभक्त जिले के विभिन्न क्षेत्रों से इंदिरा गांधी स्टेडियम, चित्तौड़गढ़ में एकत्रित हुए। कार्यक्रम में वैदिक परंपरा के अनुसार अनेक बटुकों एवं संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जोगणिया माता ट्रस्ट से 108 से अधिक बटुक, अलख वेद गुरुकुल (राशमी) से लगभग 80 बटुक, कल्लाजी वेद पीठ से 108 बटुक तथा मूंगाना धाम से 30 बटुक सहित विभिन्न संस्थाओं के संत एवं आचार्य उपस्थित रहे। 8:00 बजे से 10:00 तक विजय मंत्र का जाप किया गया। गायत्री शक्तिपीठ द्वारा सभी साथियों ने भी सहयोग किया। सभी भारतीय वेशभूषा में परंपरागत रूप में उपस्थित रहे। आरंभ में डॉ सुशीला लड्ढा ने गो वंदना प्रस्तुत की। जप करने के पश्चात सभी संतों के द्वारा आशीर्वचनों से हजारों गो भक्तों का उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुशीला लड्ढा, डॉ रेनू सोमानी और लीला खंगाल ने किया। जुलूस और पदयात्रा के पहले जिला संयोजक गौरव सोमानी द्वारा सभी को गौ रक्षा का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर संत दिग्विजयराम जी महाराज (रामद्वारा, चित्तौड़गढ़), श्री 1008 अनुज दास जी महाराज (मूंगाना धाम), आचार्य सुदर्शनाचार्य जी महाराज, आचार्य गो हितेश जी, श्री जोगणियां माता शक्तिपीठ वेद विद्यालय आचार्य श्री नारायण लाल शर्मा संत राधेश्याम जी सुखवाल (श्री राम गौशाला), कैलाश जी मूंदड़ा (कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय), आचार्य कर्मवीर जी सहित जिले भर से अनेक संत-महात्माओं ने सहभागिता कर गौ सम्मान का संदेश दिया। जिला संयोजक गौरव सोमानी ने बताया कि जिले की प्रत्येक तहसील एवं पंचायत से आए गोभक्तों ने सामूहिक संकल्प लिया कि जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान नहीं मिल जाता, तब तक गो सम्मान आह्वान अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुँचाते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान जब मंच पर संतों का सम्मान पुष्पमाला एवं दुपट्टा पहनाकर किया जाने लगा, तब सभी संतों ने विनम्रतापूर्वक सम्मान स्वीकार करने से इंकार करते हुए एक स्वर में कहा— 'जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान प्राप्त नहीं हो जाता और गौ माता का उचित सम्मान सुनिश्चित नहीं होता, तब तक हम अपना व्यक्तिगत सम्मान स्वीकार नहीं करेंगे।' संतों के इस संकल्प ने उपस्थित हजारों गोभक्तों में भावनात्मक ऊर्जा का संचार किया और पूरा वातावरण 'गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दो' के उद्घोष से गूंज उठा। कार्यक्रम के पश्चात सभी गोभक्तों ने शांतिपूर्वक विशाल जनसमूह के साथ जिला प्रशासन को प्रार्थना-पत्र सौंपकर अपनी जनभावनाओं से अवगत कराया। इसके बाद सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक भोजन ग्रहण किया। पूरा कार्यक्रम अनुशासित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
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    चित्तौड़गढ़। गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ जिले के गोभक्तों ने 7 लाख से अधिक हस्ताक्षर कर सरकार से स्पष्ट आग्रह किया कि गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए तथा गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिया जाए। जिला संयोजक गौरव सोमानी ने बताया कि लगभग 15 से 20 हजार गोभक्त जिले के विभिन्न क्षेत्रों से इंदिरा गांधी स्टेडियम, चित्तौड़गढ़ में एकत्रित हुए।

कार्यक्रम में वैदिक परंपरा के अनुसार अनेक बटुकों एवं संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जोगणिया माता ट्रस्ट से 108 से अधिक बटुक, अलख वेद गुरुकुल (राशमी) से लगभग 80 बटुक, कल्लाजी वेद पीठ से 108 बटुक तथा मूंगाना धाम से 30 बटुक सहित विभिन्न संस्थाओं के संत एवं आचार्य उपस्थित रहे। 8:00 बजे से 10:00 तक विजय मंत्र का जाप किया गया। गायत्री शक्तिपीठ द्वारा सभी साथियों ने भी सहयोग किया। सभी भारतीय वेशभूषा में परंपरागत रूप में उपस्थित रहे। आरंभ में डॉ सुशीला लड्ढा ने गो वंदना प्रस्तुत की। जप करने के पश्चात सभी संतों के द्वारा आशीर्वचनों से हजारों गो भक्तों का उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुशीला लड्ढा, डॉ रेनू सोमानी और लीला खंगाल ने किया। जुलूस और पदयात्रा के पहले जिला संयोजक गौरव सोमानी द्वारा सभी को गौ रक्षा का संकल्प दिलाया गया।

इस अवसर पर संत दिग्विजयराम जी महाराज (रामद्वारा, चित्तौड़गढ़), श्री 1008 अनुज दास जी महाराज (मूंगाना धाम), आचार्य सुदर्शनाचार्य जी महाराज, आचार्य गो हितेश जी, श्री जोगणियां माता शक्तिपीठ वेद विद्यालय आचार्य श्री नारायण लाल शर्मा संत राधेश्याम जी सुखवाल (श्री राम गौशाला), कैलाश जी मूंदड़ा (कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय), आचार्य कर्मवीर जी सहित जिले भर से अनेक संत-महात्माओं ने सहभागिता कर गौ सम्मान का संदेश दिया।

जिला संयोजक गौरव सोमानी ने बताया कि जिले की प्रत्येक तहसील एवं पंचायत से आए गोभक्तों ने सामूहिक संकल्प लिया कि जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान नहीं मिल जाता, तब तक गो सम्मान आह्वान अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुँचाते रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान जब मंच पर संतों का सम्मान पुष्पमाला एवं दुपट्टा पहनाकर किया जाने लगा, तब सभी संतों ने विनम्रतापूर्वक सम्मान स्वीकार करने से इंकार करते हुए एक स्वर में कहा— 'जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान प्राप्त नहीं हो जाता और गौ माता का उचित सम्मान सुनिश्चित नहीं होता, तब तक हम अपना व्यक्तिगत सम्मान स्वीकार नहीं करेंगे।' संतों के इस संकल्प ने उपस्थित हजारों गोभक्तों में भावनात्मक ऊर्जा का संचार किया और पूरा वातावरण 'गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दो' के उद्घोष से गूंज उठा।

कार्यक्रम के पश्चात सभी गोभक्तों ने शांतिपूर्वक विशाल जनसमूह के साथ जिला प्रशासन को प्रार्थना-पत्र सौंपकर अपनी जनभावनाओं से अवगत कराया। इसके बाद सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक भोजन ग्रहण किया। पूरा कार्यक्रम अनुशासित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
    user_PRAVEEN DAVE
    PRAVEEN DAVE
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद NEET परीक्षा से जुड़े दिवंगत छात्र के परिजनों की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। अपनों को खोने का दर्द बयां करते हुए परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने सवाल उठाया है कि किसी के भी इस्तीफा देने से क्या सब ठीक हो जाएगा। परिजनों का कहना है कि उनके बेटे ने नीट एग्जाम में जान गंवाई है और उनका दुख किसी के इस्तीफे से कम नहीं होगा। वे चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। परिवार का मानना है कि केवल इस्तीफा देना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
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    पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद NEET परीक्षा से जुड़े दिवंगत छात्र के परिजनों की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। अपनों को खोने का दर्द बयां करते हुए परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने सवाल उठाया है कि किसी के भी इस्तीफा देने से क्या सब ठीक हो जाएगा।

परिजनों का कहना है कि उनके बेटे ने नीट एग्जाम में जान गंवाई है और उनका दुख किसी के इस्तीफे से कम नहीं होगा। वे चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। परिवार का मानना है कि केवल इस्तीफा देना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
    user_DS7NEWS NETWORK
    DS7NEWS NETWORK
    News Anchor चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • बिना ऑपरेशन पंचकर्म थैरेपी से घुटनों का सफ़ल ईलाज आयुष हॉस्पिटल आकाशवाणी चौराहा गांधी नगर चितौड़गढ़ में हो रहा है 8302083835
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    बिना ऑपरेशन पंचकर्म थैरेपी से घुटनों का सफ़ल ईलाज आयुष हॉस्पिटल आकाशवाणी चौराहा गांधी नगर चितौड़गढ़ में हो रहा है 8302083835
    user_Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉ
    Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉ
    Ayurvedic Practitioner Nimbahera, Chittorgarh•
    14 hrs ago
  • मद्रास हाईकोर्ट ने मृतकों के परिजनों को नौकरी देने का आदेश रद्द किया करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को झटका चेन्नई / करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को बड़ा झटका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का सरकारी आदेश रद्द कर दिया है। अदालत से कहा कि इस मामले की जांच अभी सीबीआई कर रही है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी इसकी निगरानी कर रहा है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले इस मुद्दे पर कोई राय देना उचित नहीं होगा। मद्रास हाई कोर्ट ने उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने के फैसले को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने तमिलनाडु सरकार का आदेश रद्द कर दिया। सीबीआई जांच का दिया हवाला कोर्ट ने कहा कि करूर भगदड़ की जांच फिलहाल सीबीआई के पास है। इतना ही नहीं, इस पूरी जांच पर सुप्रीम कोर्ट भी नजर बनाए हुए है। इसलिए घटना के तथ्यों या जिम्मेदारी को लेकर इस स्तर पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। अदालत ने साफ किया कि मामले की जांच जारी है। ऐसे में अंतिम नतीजे आने से पहले किसी भी तरह का प्रशासनिक फैसला उचित नहीं माना जा सकता। इसी वजह से सरकारी नौकरी देने का आदेश रद्द किया गया। क्या है पूरा मामला बता दें कि 27 सितंबर 2025 को करूर जिले के वेलुस्वामीपुरम में टीवीके की एक राजनीतिक रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। विजय का भाषण सुनने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे थे। भीड़ बेकाबू होने से 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। एजेंसी टीवीके के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज कर चुकी है। इसी आदेश को चुनौती देते हुए कई जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद 10 जुलाई 2026 को विजय पहली बार करूर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सितंबर 2025 की करूर भगदड़ से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास कार्यक्रम की शुरुआत की। साथ ही, जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों में से 32 पात्र सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। राज्य सरकार ने भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। जिसे अब मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार का यह आदेश रद्द कर दिया है।
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    मद्रास हाईकोर्ट ने मृतकों के परिजनों को नौकरी देने का आदेश रद्द किया

करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को झटका
चेन्नई /  करूर भगदड़ मामले में तमिलनाडु की विजय सरकार को बड़ा झटका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का सरकारी आदेश रद्द कर दिया है। अदालत से कहा कि इस मामले की जांच अभी सीबीआई कर रही है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी इसकी निगरानी कर रहा है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले इस मुद्दे पर कोई राय देना उचित नहीं होगा। मद्रास हाई कोर्ट ने उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने के फैसले को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने तमिलनाडु सरकार का आदेश रद्द कर दिया।
सीबीआई जांच का दिया हवाला
कोर्ट ने कहा कि करूर भगदड़ की जांच फिलहाल सीबीआई के पास है। इतना ही नहीं, इस पूरी जांच पर सुप्रीम कोर्ट भी नजर बनाए हुए है। इसलिए घटना के तथ्यों या जिम्मेदारी को लेकर इस स्तर पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। अदालत ने साफ किया कि मामले की जांच जारी है। ऐसे में अंतिम नतीजे आने से पहले किसी भी तरह का प्रशासनिक फैसला उचित नहीं माना जा सकता। इसी वजह से सरकारी नौकरी देने का आदेश रद्द किया गया।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि 27 सितंबर 2025 को करूर जिले के वेलुस्वामीपुरम में टीवीके की एक राजनीतिक रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। विजय का भाषण सुनने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे थे। भीड़ बेकाबू होने से 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। एजेंसी टीवीके के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज कर चुकी है। इसी आदेश को चुनौती देते हुए कई जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद 10 जुलाई 2026 को विजय पहली बार करूर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सितंबर 2025 की करूर भगदड़ से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास कार्यक्रम की शुरुआत की। साथ ही, जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों में से 32 पात्र सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। राज्य सरकार ने भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। जिसे अब मद्रास हाई कोर्ट ने सरकार का यह आदेश रद्द कर दिया है।
    user_राठौड़ न्यूज एजेंसी
    राठौड़ न्यूज एजेंसी
    Jawad, Neemuch•
    1 hr ago
  • गोगाथला में पैंथर का आतंक, घर के बाहर से कुत्ते का किया शिकार, ग्रामीणों में दहशत गोगाथला में पैंथर का आतंक, घर के बाहर से कुत्ते का किया शिकार, ग्रामीणों में दहशत रेलमगरा। उपखंड क्षेत्र के गोगाथला गांव में पैंथर की लगातार बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। शनिवार देर रात गोगाथला के मेन रोड स्थित भील बस्ती स्कूल के सामने बागरिया परिवार के घर के बाहर से पैंथर एक कुत्ते का शिकार कर ले गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि पैंथर की आवाजाही लगातार बनी हुई है, जिससे बच्चों, महिलाओं एवं मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने रात्रि के समय घरों से बाहर निकलने में भी सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासक छोगालाल सालवी को अवगत कराया गया। उन्होंने तत्काल क्षेत्रीय वन अधिकारी को सूचना देकर प्रभावित क्षेत्र में शीघ्र पिंजरा लगाने तथा पैंथर को सुरक्षित पकड़ने की मांग की, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या अन्य गंभीर घटना को रोका जा सके। ग्रामीणों ने वन विभाग से पैंथर की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने, आवश्यक सुरक्षा उपाय करने तथा जल्द से जल्द रेस्क्यू अभियान चलाकर पैंथर को पकड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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    गोगाथला में पैंथर का आतंक, घर के बाहर से कुत्ते का किया शिकार, ग्रामीणों में दहशत
गोगाथला में पैंथर का आतंक, घर के बाहर से कुत्ते का किया शिकार, ग्रामीणों में दहशत
रेलमगरा। उपखंड क्षेत्र के गोगाथला गांव में पैंथर की लगातार बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। शनिवार देर रात गोगाथला के मेन रोड स्थित भील बस्ती स्कूल के सामने बागरिया परिवार के घर के बाहर से पैंथर एक कुत्ते का शिकार कर ले गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
ग्रामीणों का कहना है कि पैंथर की आवाजाही लगातार बनी हुई है, जिससे बच्चों, महिलाओं एवं मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने रात्रि के समय घरों से बाहर निकलने में भी सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है।
घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासक छोगालाल सालवी को अवगत कराया गया। उन्होंने तत्काल क्षेत्रीय वन अधिकारी को सूचना देकर प्रभावित क्षेत्र में शीघ्र पिंजरा लगाने तथा पैंथर को सुरक्षित पकड़ने की मांग की, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या अन्य गंभीर घटना को रोका जा सके।
ग्रामीणों ने वन विभाग से पैंथर की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने, आवश्यक सुरक्षा उपाय करने तथा जल्द से जल्द रेस्क्यू अभियान चलाकर पैंथर को पकड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
    user_रेलमगरा न्यूज़
    रेलमगरा न्यूज़
    Local News Reporter रेलमगरा, राजसमंद, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • श्री सांवरिया सेठ टुडे लाइव श्रृंगार दर्शन कर लो प्यारे भक्तों श्री सांवरिया सेठ टुडे लाइव श्रृंगार दर्शन कर लो प्यारे भक्तों
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    श्री सांवरिया सेठ टुडे लाइव श्रृंगार दर्शन कर लो प्यारे भक्तों
श्री सांवरिया सेठ टुडे लाइव श्रृंगार दर्शन कर लो प्यारे भक्तों
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    12 hrs ago
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