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उत्तराखंड :चंपावत जिले के लोहाघाट मे डीएम के निर्देश पर 19 साल बाद खुले बंद पड़े हाईटेक शौचालय के तले महिला यात्रियों को बड़ी राहत
Laxman bisht
उत्तराखंड :चंपावत जिले के लोहाघाट मे डीएम के निर्देश पर 19 साल बाद खुले बंद पड़े हाईटेक शौचालय के तले महिला यात्रियों को बड़ी राहत
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- रानीखेत: रानीखेत के चौगांव-फल्दाकोट, जैनोली सैमधार चैतव कौतिक समिति द्वारा अड्डू प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व ब्लॉक प्रमुख ताड़ीखेत रचना रावत और पूर्व प्रधान उपराड़ी प्रदीप बिष्ट ने रिबन काटकर किया।जैनोली में आयोजित चैतव मेले के दौरान झोड़ा, चांचरी सहित कई पारंपरिक प्रतियोगिताएं और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।लेकिन इस बार अड्डू प्रतियोगिता खास आकर्षण का केंद्र रही। अड्डू एक पारंपरिक खेल है, जिसे पुराने समय में महिलाएं बेहद पसंद करती थीं, लेकिन समय के साथ यह खेल धीरे-धीरे लुप्त होता चला गया।समिति के अध्यक्ष कृपाल राम आर्य ने इस पारंपरिक खेल को फिर से जीवंत करने की पहल की, जिसके चलते इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।1
- हड़ताल से गूंज उठा तंत्र, इंजीनियरों की एकजुट आवाज ने बढ़ाया दबाव मेरा हक न्यूज़ में आपका स्वागत है। एक तरफ विकास कार्यों की रफ्तार और दूसरी तरफ अपने अधिकारों की लड़ाई… जब ये दोनों आमने-सामने आ जाएं तो तस्वीर बदल जाती है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला जब डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के बैनर तले प्रदेशभर में अभियंताओं ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार हड़ताल शुरू कर दी। बागेश्वर में भी इस हड़ताल का असर साफ दिखाई दिया, जहां लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, सिंचाई विभाग, जल निगम, जल संस्थान, आरडब्ल्यूडी, शहरी आवास और उरेडा से जुड़े अभियंताओं ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। अभियंताओं की मुख्य मांग चौवन सौ ग्रेड पे को लागू करने की है, जिसे वे पिछले लंबे समय से उठा रहे हैं और अब इसे लागू करने के लिए आंदोलन तेज कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग डांगर बंगला में बने धरनास्थल पर अभियंताओं का उत्साह और एकजुटता देखने लायक थी। इसी दौरान कई सामाजिक और राजनीतिक लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। इस दौरान राजेंद्र टंगड़िया, कुंदन गोस्वामी, राम सिंह गढ़िया और गौरव परिहार सहित कई युवा साथियों ने अभियंताओं के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। धरनास्थल पर पहुंचे लोगों ने कहा कि यह केवल अभियंताओं की मांग नहीं है, बल्कि यह एक न्यायसंगत अधिकार की लड़ाई है, जिसे लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इन मांगों को नहीं माना गया तो इसका असर विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है। इस पूरे आंदोलन में पूर्व विधायक ललित फर्श्वण भी शामिल हुए और उन्होंने अभियंताओं की मांगों को जायज बताते हुए उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द समाधान निकाले ताकि कामकाज प्रभावित न हो और अभियंताओं को उनका हक मिल सके। धरने में शामिल अभियंताओं ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब देखना होगा कि यह हड़ताल सरकार तक कितना असर डालती है और अभियंताओं की मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है। फिलहाल बागेश्वर से उठी यह आवाज पूरे प्रदेश में गूंज रही है और सभी की निगाहें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। #BageshwarNews #EngineerStrike #GradePay5400 #UttarakhandNews #MeraHaqNews1
- माननीय सांसद जी ने अपने संसदीय कार्य क्षेत्र में वन्य जीवों द्वारा हो रही घटनाओं (मानव-वन्यजीव संघर्ष) को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम हेतु तत्काल ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा, कि हमारी सरकार मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और लोगों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।1
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