डंडखोरा प्रखंड क्षेत्र की सोरिया पंचायत के सिहला गांव में 24 प्रहर अखंड हरीनाम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया है। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भक्ति रस में सराबोर दिखे, जिससे पूरा वातावरण भजन, कीर्तन और हरिनाम की गूंज से भक्तिमय हो उठा। आयोजन समिति के सदस्यों ने जानकारी दी कि विभिन्न जगहों से आईं छह कीर्तन मंडलियों ने इसमें भाग लिया, जिनमें सिहला, मरंगी, हरियाणा, रटनी और मरंगी गांव की बी टीम कीर्तन मंडलियां मुख्य रूप से शामिल थीं। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि पूजा-अर्चना के माध्यम से क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई। उनका मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, साथ ही लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। समिति के सदस्यों की सराहना करते हुए यह भी कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया और देर रात तक भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी रहा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की भारी उपस्थिति से आयोजन स्थल गुलजार रहा। पूजा समिति के सदस्य निरंजन केवट, मोती केवट, रंजीत केवट, प्रकाश केवट, मुन्ना केवट, संजय केवट, लड्डू केवट सहित अन्य ग्रामीण इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, जिससे पूरे गांव में उत्साह का माहौल है और दूर-दराज के लोग भी इसमें भाग लेने पहुंच रहे हैं।
डंडखोरा प्रखंड क्षेत्र की सोरिया पंचायत के सिहला गांव में 24 प्रहर अखंड हरीनाम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया है। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भक्ति रस में सराबोर दिखे, जिससे पूरा वातावरण भजन, कीर्तन और हरिनाम की गूंज से भक्तिमय हो उठा। आयोजन समिति के सदस्यों ने जानकारी दी कि विभिन्न जगहों से आईं छह कीर्तन मंडलियों ने इसमें भाग लिया, जिनमें सिहला, मरंगी, हरियाणा, रटनी और मरंगी गांव की बी टीम कीर्तन मंडलियां मुख्य रूप से शामिल थीं। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि पूजा-अर्चना के माध्यम से क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई। उनका मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, साथ ही लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। समिति के सदस्यों की सराहना करते हुए यह भी कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया और देर रात तक भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी रहा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की भारी उपस्थिति से आयोजन स्थल गुलजार रहा। पूजा समिति के सदस्य निरंजन केवट, मोती केवट, रंजीत केवट, प्रकाश केवट, मुन्ना केवट, संजय केवट, लड्डू केवट सहित अन्य ग्रामीण इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, जिससे पूरे गांव में उत्साह का माहौल है और दूर-दराज के लोग भी इसमें भाग लेने पहुंच रहे हैं।
- प्रेम प्रसंग के चलते घर छोड़ने वाली एक बेटी का उसके परिवार ने जीते जी अंतिम संस्कार कर दिया है। यह चौंकाने वाली घटना गांव में सामने आई, जहां जीवित बेटी के लिए बाकायदा अर्थी निकाली गई। परिवार द्वारा उठाए गए इस कदम से रिश्ते की मर्यादा और सामाजिक प्रतिक्रिया की गंभीरता स्पष्ट होती है।1
- कटिहार में भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से बेरोजगारी दूर करने तथा मछली व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मत्स्य विभाग ने पुरुष एवं महिला मछली विक्रेताओं के बीच आजीविका उपार्जन हेतु विशेष किट वितरित किए हैं। इन किटों में तराजू, छाता, आइस बॉक्स, और सूखे व गीले कचरे को रखने के लिए ट्रे जैसी आवश्यक सामग्री शामिल थी। विभाग ने कटिहार में इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मत्स्यजीवी कार्यालय में इन किटों का वितरण कर अपनी जिम्मेदारी पूरी की।1
- डंडखोरा प्रखंड क्षेत्र की सोरिया पंचायत के सिहला गांव में 24 प्रहर अखंड हरीनाम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया है। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भक्ति रस में सराबोर दिखे, जिससे पूरा वातावरण भजन, कीर्तन और हरिनाम की गूंज से भक्तिमय हो उठा। आयोजन समिति के सदस्यों ने जानकारी दी कि विभिन्न जगहों से आईं छह कीर्तन मंडलियों ने इसमें भाग लिया, जिनमें सिहला, मरंगी, हरियाणा, रटनी और मरंगी गांव की बी टीम कीर्तन मंडलियां मुख्य रूप से शामिल थीं। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि पूजा-अर्चना के माध्यम से क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई। उनका मानना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, साथ ही लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। समिति के सदस्यों की सराहना करते हुए यह भी कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया और देर रात तक भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी रहा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की भारी उपस्थिति से आयोजन स्थल गुलजार रहा। पूजा समिति के सदस्य निरंजन केवट, मोती केवट, रंजीत केवट, प्रकाश केवट, मुन्ना केवट, संजय केवट, लड्डू केवट सहित अन्य ग्रामीण इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, जिससे पूरे गांव में उत्साह का माहौल है और दूर-दराज के लोग भी इसमें भाग लेने पहुंच रहे हैं।1
- बकरीद (ईद-उल-अज़हा) के अवसर पर गुरुवार सुबह कटिहार के ललियाही ईदगाह में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में लोग नए परिधानों में सुबह से ही ईदगाह पहुंचने लगे, जहाँ तय समय पर अमन, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए विशेष नमाज़ अदा की गई। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी, जिससे पूरे क्षेत्र में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। इस पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। ललियाही ईदगाह परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे। सदर डीएसपी और साइबर डीएसपी सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं जवान मौके पर तैनात रहे, जिन्होंने ईदगाह परिसर, मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की लगातार निगरानी की। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं, स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था के प्रति प्रशासन की तत्परता की सराहना की। शांतिपूर्ण माहौल में नमाज़ अदा होने के बाद सभी लोग अपने-अपने घरों को लौट गए।2
- कटिहार जिले के डंडखोरा प्रखंड अंतर्गत दुवासे ग्राम में स्थानीय ग्रामीणों को सड़क पर कीचड़ की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह दिक्कत विशेष रूप से वार्ड संख्या 10 में मस्जिद के पास की सड़क पर देखी जा रही है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है।1
- कटिहार जिले के आजमनगर में पिछले 15 सालों से एक प्रमुख सड़क की स्थिति दयनीय बनी हुई है, जहाँ रोड जर्जर हालत में है और पानी के निकास की भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यह सड़क आजमनगर मार्केट को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग है, जिसकी बदहाली के कारण वार्ड नंबर 5 और 7/8 के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महलदार टोला ठाकुरबाड़ी क्षेत्र में, ग्रामीणों को घर से निकलते ही जलभराव की समस्या झेलनी पड़ती है। इस जलभराव के कारण आए दिन स्कूल जाने वाले बच्चे भी गिर जाते हैं। पिछले डेढ़ दशक से चली आ रही यह समस्या स्थानीय लोगों के लिए लगातार गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है।2
- तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, इस मौसमी बदलाव ने किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है।1
- कटिहार शहर स्थित अग्रसेन भवन में गुरुवार से चार दिवसीय बिहार राज्य शतरंज प्रतियोगिता का शानदार शुभारंभ हुआ है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी लगातार तीसरी बार कटिहार को मिली है, जिससे खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस आयोजन की जिम्मेदारी कटिहार जिला शतरंज संघ ने ली है। प्रतियोगिता का उद्घाटन महापौर उषा देवी अग्रवाल, डॉ. शंभू नाथ, गीत अविनाश, डॉ. आलोक राज, पीयूष कुमार, संजीव सुरेखा और विकास खंडेलिया सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजकों ने इस अवसर पर कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षमता, धैर्य और रणनीति का एक अद्भुत संगम है। संघ के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने जानकारी दी कि इस प्रतियोगिता में विजयी होने वाले खिलाड़ियों को पुडुचेरी में होने वाली राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस आयोजन को बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। प्रतियोगिता में राज्य के 19 जिलों से 13 वर्ष आयु वर्ग के कुल 109 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें पूर्णिया, पटना, किशनगंज, छपरा, बांका, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पश्चिम चंपारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, सारण, खगड़िया, मुंगेर, भोजपुर, भागलपुर, मधुबनी और वैशाली जैसे कई जिलों के खिलाड़ी शामिल हैं। संघ के संयुक्त सचिव सत्यम समदर्शी ने इस बात पर जोर दिया कि संगठन हर साल ऐसी प्रतियोगिताओं का आयोजन जारी रखेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इन आयोजनों से ऐसी प्रतिभाएं निकलेंगी जो ग्रैंडमास्टर बनकर न केवल कटिहार जिले, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन करेंगी। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और पूरे शहरवासियों में हर्ष और उत्साह का माहौल बना हुआ है।1