प्रतापगढ़ चौक स्थित कचहरी रोड पर फलमंडी गेट के सामने खान मार्केट में एक अत्यधिक जर्जर दुकान किसी भी वक्त जमींदोज हो सकती है, जिससे जानलेवा हादसा होने की आशंका है। इस दुकान की छत पहले ही ढह चुकी है, फिर भी किराएदार उस पर प्लास्टिक की पन्नी लगाकर कब्जा बनाए हुए हैं। भवन स्वामी मतीन ने इस संबंध में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन उनकी अनदेखी जारी है। बरसात के पहले दिन ही इस जर्जर दुकान में पानी भर गया, जो इसकी नाजुक स्थिति को और गंभीर बनाता है। मालिक की शिकायत के बावजूद, प्रशासन का वही पुराना घिसा-पिटा जवाब है कि सक्षम न्यायालय में अनुतोष प्राप्त करें, जबकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मालिक के कहने पर किराएदार को घर खाली करना होगा और नए कानून ने तुलनात्मक जरूरत के बहानेबाजी का रास्ता बंद कर दिया है। किराएदार न केवल दुकान के अंदर कब्जा बनाए हुए हैं, बल्कि 'भरत मिलाप' के बाद से अभी तक दुकान के सामने सड़क किनारे जमीन पर फोल्डिंग चारपाई डालकर रात में सोते भी हैं। भीषण ठंड में भी आधा दर्जन से अधिक किराएदार दुकान के अगल-बगल और सड़क की पटरी पर रात बिताते हैं। इस वजह से भवन स्वामी के परिवार और किरायेदारों के बीच अक्सर विवाद होते रहते हैं, जिसे पुलिस आकर शांत करा देती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होता। जून के अंतिम सप्ताह से शुरू होने वाली बरसात के मौसम में ऐसे जर्जर भवन अक्सर गिर जाते हैं। दिन में गिरने पर कई लोगों की जान जा सकती है, और रात में गिरने पर दुकानदार व उसके परिवार, जो दुकान की रखवाली करते हैं, उनके जीवन पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। यह लालच में जीवन को दांव पर लगाने जैसा है, जिसे बुद्धिमानी नहीं कहा जा सकता। भवन स्वामी मतीन को इस बात का डर है कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कहीं उनके सिर न डाल दी जाए, जिससे वह बेहद परेशान रहते हैं। यदि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर प्रकरण पर ध्यान नहीं दिया, तो एक बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसका जिम्मेदार कौन होगा, यह एक बड़ा सवाल है।
प्रतापगढ़ चौक स्थित कचहरी रोड पर फलमंडी गेट के सामने खान मार्केट में एक अत्यधिक जर्जर दुकान किसी भी वक्त जमींदोज हो सकती है, जिससे जानलेवा हादसा होने की आशंका है। इस दुकान की छत पहले ही ढह चुकी है, फिर भी किराएदार उस पर प्लास्टिक की पन्नी लगाकर कब्जा बनाए हुए हैं। भवन स्वामी मतीन ने इस संबंध में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन उनकी अनदेखी जारी है। बरसात के पहले दिन ही इस जर्जर दुकान में पानी भर गया, जो इसकी नाजुक स्थिति को और गंभीर बनाता है। मालिक की शिकायत के बावजूद, प्रशासन का वही पुराना घिसा-पिटा जवाब है कि सक्षम न्यायालय में अनुतोष प्राप्त करें, जबकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मालिक के कहने पर किराएदार को घर खाली करना होगा और नए कानून ने तुलनात्मक जरूरत के बहानेबाजी का रास्ता बंद कर दिया है। किराएदार न केवल दुकान के अंदर कब्जा बनाए हुए हैं, बल्कि 'भरत मिलाप' के बाद से अभी तक दुकान के सामने सड़क किनारे जमीन पर फोल्डिंग चारपाई डालकर रात में सोते भी हैं। भीषण ठंड में भी आधा दर्जन से अधिक किराएदार दुकान के अगल-बगल और सड़क की पटरी पर रात बिताते हैं। इस वजह से भवन स्वामी के परिवार और किरायेदारों के बीच अक्सर विवाद होते रहते हैं, जिसे पुलिस आकर शांत करा देती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होता। जून के अंतिम सप्ताह से शुरू होने वाली बरसात के मौसम में ऐसे जर्जर भवन अक्सर गिर जाते हैं। दिन में गिरने पर कई लोगों की जान जा सकती है, और रात में गिरने पर दुकानदार व उसके परिवार, जो दुकान की रखवाली करते हैं, उनके जीवन पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। यह लालच में जीवन को दांव पर लगाने जैसा है, जिसे बुद्धिमानी नहीं कहा जा सकता। भवन स्वामी मतीन को इस बात का डर है कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कहीं उनके सिर न डाल दी जाए, जिससे वह बेहद परेशान रहते हैं। यदि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर प्रकरण पर ध्यान नहीं दिया, तो एक बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसका जिम्मेदार कौन होगा, यह एक बड़ा सवाल है।
- ₹12 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित और “वर्ल्ड क्लास” होने का दावा करने वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी 14 अप्रैल को इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था, लेकिन बरसाती सीजन शुरू होते ही इस पर गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के कारण अब गाड़ियों को भी नुकसान पहुँच रहा है।1
- प्रतापगढ़ चौक स्थित कचहरी रोड पर फलमंडी गेट के सामने खान मार्केट में एक अत्यधिक जर्जर दुकान किसी भी वक्त जमींदोज हो सकती है, जिससे जानलेवा हादसा होने की आशंका है। इस दुकान की छत पहले ही ढह चुकी है, फिर भी किराएदार उस पर प्लास्टिक की पन्नी लगाकर कब्जा बनाए हुए हैं। भवन स्वामी मतीन ने इस संबंध में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन उनकी अनदेखी जारी है। बरसात के पहले दिन ही इस जर्जर दुकान में पानी भर गया, जो इसकी नाजुक स्थिति को और गंभीर बनाता है। मालिक की शिकायत के बावजूद, प्रशासन का वही पुराना घिसा-पिटा जवाब है कि सक्षम न्यायालय में अनुतोष प्राप्त करें, जबकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मालिक के कहने पर किराएदार को घर खाली करना होगा और नए कानून ने तुलनात्मक जरूरत के बहानेबाजी का रास्ता बंद कर दिया है। किराएदार न केवल दुकान के अंदर कब्जा बनाए हुए हैं, बल्कि 'भरत मिलाप' के बाद से अभी तक दुकान के सामने सड़क किनारे जमीन पर फोल्डिंग चारपाई डालकर रात में सोते भी हैं। भीषण ठंड में भी आधा दर्जन से अधिक किराएदार दुकान के अगल-बगल और सड़क की पटरी पर रात बिताते हैं। इस वजह से भवन स्वामी के परिवार और किरायेदारों के बीच अक्सर विवाद होते रहते हैं, जिसे पुलिस आकर शांत करा देती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होता। जून के अंतिम सप्ताह से शुरू होने वाली बरसात के मौसम में ऐसे जर्जर भवन अक्सर गिर जाते हैं। दिन में गिरने पर कई लोगों की जान जा सकती है, और रात में गिरने पर दुकानदार व उसके परिवार, जो दुकान की रखवाली करते हैं, उनके जीवन पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। यह लालच में जीवन को दांव पर लगाने जैसा है, जिसे बुद्धिमानी नहीं कहा जा सकता। भवन स्वामी मतीन को इस बात का डर है कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कहीं उनके सिर न डाल दी जाए, जिससे वह बेहद परेशान रहते हैं। यदि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर पालिका प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर प्रकरण पर ध्यान नहीं दिया, तो एक बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसका जिम्मेदार कौन होगा, यह एक बड़ा सवाल है।1
- श्री हनुमान बालाजी सेवा फाउंडेशन, सुल्तानपुर-अयोध्या (उत्तर प्रदेश) द्वारा 30 जून 2026, मंगलवार को कादीपुर तहसील गेट परिसर और आसपास के क्षेत्र में जनसेवा और स्वच्छता को समर्पित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार उपाध्याय की उपस्थिति में प्रातः शीतल जल एवं शरबत वितरण कार्यक्रम हुआ, जिसके उपरांत दोपहर 2:30 बजे से 3:30 बजे तक संस्था के निदेशक श्री परमात्मा दीन गुप्ता के नेतृत्व में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों और सेवादाताओं ने कार्यक्रम स्थल तथा उसके आसपास के क्षेत्र की व्यापक साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ कादीपुर तहसील के तहसीलदार श्री उमेश चंद्र यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री आनन्द कुमार जायसवाल, व्यापार मंडल के सभासद श्री बृजेश सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सूर्यदेव उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार केशव प्रसाद मिश्र सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर संस्था द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पमालाओं से स्वागत एवं सम्मान किया गया तथा बालाजी सरकार की प्रतिमा भेंट कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। उपस्थित अतिथियों ने संस्था के इस जनहितकारी और लोकसेवा से जुड़े कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के नव नियुक्त पर्यावरण विभाग के निदेशक श्री वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने "पर्यावरण बचाओ, जीवन बचाओ" का संदेश देते हुए कहा कि स्वच्छ पर्यावरण ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अमित कुमार अग्रहरि, शिव नायक उपाध्याय, सूरज तिवारी, वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, दयाराम पाण्डेय (वरिष्ठ अधिवक्ता), रामचन्द्र मौर्य, श्रवण कुमार उपाध्याय (एडवोकेट), राम सहाय दुबे, श्रीराम त्रिपाठी, प्रवेंद्र कुमार, आदित्य उपाध्याय, गोविन्द बरनवाल, अनुराग प्रजापति, श्रीमती शशिकला यादव, श्रीमती श्यामकली, डॉ. आशीष कुमार यादव, धीरेन्द्र शर्मा (एडवोकेट), नरेन्द्र कुमार सिंह सरदार, राम प्यारे मिश्रा, अनुपम, मनीराम निषाद, कपूर चंद सोनी, अशोक कुमार यादव सहित अनेक सेवादाताओं एवं कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। संस्था प्रबंधन समिति ने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, सेवादाताओं एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि भविष्य में भी जनहित, सेवा, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।3
- आज नगर पंचायत कादीपुर में श्री हनुमान बालाजी सेवा संस्थान के कार्यकर्ताओं द्वारा एक विशेष पहल की गई। संस्थान के सदस्यों ने पर्यावरण एवं स्वच्छता अभियान चलाकर स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।2
- आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी हालिया घटनाओं ने पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर उनके पुराने सवालों की प्रासंगिकता को और स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 26 फरवरी 2024 को ट्रस्ट से अनुरोध किया था कि वह स्वेच्छा से अपने ट्रस्ट दस्तावेज, वार्षिक प्रतिवेदन, बैलेंस शीट और अन्य मूलभूत वित्तीय अभिलेख सार्वजनिक करे। इस अनुरोध पर कोई सार्थक कार्रवाई न होने पर, उन्होंने 7 जून 2025 को फिर से पत्र भेजा। इसी दौरान, चंपत राय ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया कि ट्रस्ट के लेखों का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा होता है। इस पर अमिताभ ठाकुर ने चंपत राय को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया था। अपने उत्तर में, ट्रस्ट ने स्वयं को एक स्वतंत्र एवं स्वायत्त संस्था बताते हुए स्पष्ट किया कि उसके लेखों का कभी भी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा ऑडिट नहीं किया गया है। अमिताभ ठाकुर ने कहा कि वे इस संबंध में ट्रस्ट से फिर से पत्राचार करेंगे और अपने ट्रस्ट दस्तावेज, वार्षिक प्रतिवेदन, बैलेंस शीट तथा अन्य मूलभूत वित्तीय अभिलेख सार्वजनिक करने का अनुरोध करेंगे। उनका लक्ष्य है कि देश की करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण संस्थान में अधिकतम पारदर्शिता और जवाबदेही की स्थिति बन सके।1
- सुल्तानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र में उत्तरदहा स्थित तिरंगा भट्टे के पास बुधवार देर रात लगभग 12 बजे एक बड़ी वारदात होने से टल गई। चाणक्य न्यूज़ प्रदेश हेड रामबाबू यादव ने एक मोटरसाइकिल पर संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे तीन युवकों को देखा और संदेह होने पर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान एक युवक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जबकि रामबाबू यादव ने दो अन्य युवकों को उनकी मोटरसाइकिल सहित रोक लिया। रामबाबू यादव ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद कुड़वार थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिपाही अमरजीत यादव, अजय यादव और राजनारायण को मौके पर भेजा। 112 पुलिस टीम भी बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुंची और दोनों संदिग्ध युवकों को उनकी मोटरसाइकिल सहित हिरासत में लेकर थाने ले आई। पुलिस इन दोनों युवकों से गहन पूछताछ कर रही है और फरार तीसरे युवक की तलाश जारी है। प्रारंभिक आशंका है कि तीनों किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र में कुड़वार पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और सतर्कता की चर्चा हो रही है, जिससे एक संभावित बड़ी घटना टल गई।1
- पीलीभीत से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर सरकार और मुख्यमंत्री योगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने राम मंदिर के लिए एकत्र किए गए चंदे की कथित चोरी को लेकर एक बड़ा बयान भी दिया है। शंकराचार्य ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो सरकार राम और गाय के नाम पर सत्ता में आई थी, वह गौहत्या को रोकने में पूरी तरह से विफल रही है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मुख्यमंत्री के मथुरा से संबंधित बयान पर टिप्पणी करते हुए इसे जनता का ध्यान भटकाने का एक प्रयास बताया।1
- जनपद सुल्तानपुर के थाना कुड़वार के ग्राम सहगौली में दिनांक 1 जुलाई 2026 को गोमती नदी में नहाते समय दो नाबालिग बच्चे डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, एसडीआरएफ (SDRF) टीम को भी बुलाकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मौके पर शांति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है और अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री सौरभ सामंत ने भी जानकारी दी है।1
- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद एक बड़ा सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। इस घटना के मद्देनजर, अब मंदिर में प्रवेश और निकास के सभी द्वारों पर सख्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई राम मंदिर में हुई चोरी के बाद एक 'बड़ा एक्शन' मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करना है।1