भागलपुर जिले के बरारी थाना क्षेत्र स्थित सुरखीकल निवासी सुनील कुमार की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। पेशे से टोटो चालक सुनील का अपनी पत्नी चंदा देवी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद उन्होंने अपने टोटो की चाबी घर में रखकर पत्नी से कहा कि वह पंजाब जा रहे हैं, लेकिन वास्तव में वह पंजाब नहीं गए। इसके बजाय, सुनील हवाई अड्डे के समीप गोपालपुर पुल के नीचे ट्रेन का इंतजार करने लगे, जबकि वहाँ कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। क्रोध में उन्होंने चलती ट्रेन के सामने आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह जानकारी मृतक के भाई विपिन कुमार ने दी। घटना की सूचना मिलते ही सबौर थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची, लेकिन घटना औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना के अंतर्गत आती थी। ग्रामीणों ने औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना पुलिस को कई बार फोन किया, जिसके लगभग दो घंटे बाद पुलिस पहुँची और आगे की कार्रवाई में जुटी। सुनील कुमार के इस कदम से उनके परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है, क्योंकि उन्होंने अपने पीछे चार बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया है।
भागलपुर जिले के बरारी थाना क्षेत्र स्थित सुरखीकल निवासी सुनील कुमार की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। पेशे से टोटो चालक सुनील का अपनी पत्नी चंदा देवी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद उन्होंने अपने टोटो की चाबी घर
में रखकर पत्नी से कहा कि वह पंजाब जा रहे हैं, लेकिन वास्तव में वह पंजाब नहीं गए। इसके बजाय, सुनील हवाई अड्डे के समीप गोपालपुर पुल के नीचे ट्रेन का इंतजार करने लगे, जबकि वहाँ कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। क्रोध में उन्होंने चलती ट्रेन
के सामने आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह जानकारी मृतक के भाई विपिन कुमार ने दी। घटना की सूचना मिलते ही सबौर थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची, लेकिन घटना औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना के अंतर्गत आती थी। ग्रामीणों ने औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना पुलिस
को कई बार फोन किया, जिसके लगभग दो घंटे बाद पुलिस पहुँची और आगे की कार्रवाई में जुटी। सुनील कुमार के इस कदम से उनके परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है, क्योंकि उन्होंने अपने पीछे चार बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया है।
- मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक सेमेस्टर-3 एवं 5 की मुख्य परीक्षाओं में दोबारा ओएमआर (OMR) आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने के विरोध में शनिवार को छात्रों ने आरएस कॉलेज, तारापुर के मुख्य द्वार पर कुलपति का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसएसएआई) के बैनर तले आयोजित किया गया था। छात्र नेता अंकित कुमार ने इस निर्णय को छात्र हितों के खिलाफ करार देते हुए चेतावनी दी कि इससे विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में सेमेस्टर-1 में भी ओएमआर प्रणाली के कारण छात्रों को तकनीकी कठिनाइयों, मूल्यांकन संबंधी विवादों और परीक्षा परिणाम में देरी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा था। प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल पारंपरिक लिखित परीक्षा प्रणाली को बहाल करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय ने अपना यह निर्णय वापस नहीं लिया तो छात्र चरणबद्ध तरीके से एक उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर अनिकेत कुमार, निकेत कुमार, सन्नी कुमार, अंश कुमार, सूरज कुमार, कृष कुमार, अभिनव कुमार, शुभम कुमार, मोहम्मद जावेद, नीलेश कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।1
- खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड की बोरना पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 140 पर शनिवार को एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर गोगरी अनुमंडल चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश के निर्देश पर टीबी की जांच एवं पहचान अभियान के तहत आयोजित किया गया था। जानकारी के अनुसार, यह विशेष जांच अभियान 4 जुलाई से 24 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। शनिवार को दिन के तीन बजे तक कुल 93 लोगों की टीबी जांच की जा चुकी थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव एवं समय पर उपचार के प्रति भी जागरूक किया। शिविर में एएनएम कविता कुमारी, जीविका दीदी तथा आंगनबाड़ी सेविका जुलेखा खातून सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।1
- बांका जिले के सिहुड़ी गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में हैंडपंप खराब पड़ा है, जिसके कारण स्कूल में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। यह स्थिति तब बनी हुई है जब कोई भी संबंधित अधिकारी या व्यक्ति इसकी मरम्मत के लिए आगे नहीं आ रहा है, जिससे विद्यालय में पेयजल की किल्लत लगातार बनी हुई है।1
- खगड़िया जिलाधिकारी ने जिले में बाढ़ से पूर्व की तैयारियों का जायजा लिया।1
- खगड़िया जिले के परबत्ता स्थित सलारपुर विद्यालय में छात्र-छात्राएं गंभीर भवन संकट का सामना कर रहे हैं। इस संकट के कारण, विद्यालय के छात्र-छात्राओं को दरी पर बैठकर परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन चुनौतियों के बावजूद, छात्रों की पढ़ाई का सफर जारी है और वह रुका नहीं है।2
- भागलपुर के सुलतानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम में 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारी और बेहतर सुविधाओं का दावा किया गया है। जिलाधिकारी ने कुछ दिन पहले सुलतानगंज में नमामि गंगा घाट, सीढ़ी घाट और कांवरिया पथ का निरीक्षण भी किया था और सुविधाओं को लेकर आश्वस्त किया था। हालांकि, सुलतानगंज का नमामि गंगा घाट श्रद्धालुओं का मुख्य घाट है, जहाँ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु खास तौर पर जल भरकर पूजा अर्चना के लिए देवघर जाते हैं। इस घाट के हालात दावों के विपरीत हैं; यहाँ न तो बैरिकेडिंग है और न ही समुचित साफ-सफाई दिख रही है। घाट के नीचे गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि सुलतानगंज नगर परिषद लगातार साफ-सफाई का दावा करती रहती है। यह स्थिति तब है जब मेले के प्रारंभ होने में अभी 27 दिन शेष हैं। इस संदर्भ में सुलतानगंज सीढ़ी घाट के पंडा राजेश बाबा और समस्तीपुर के श्रद्धालु शंकर झा ने भी अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं।4
- शनिवार को तारापुर प्रखंड सह अंचल सभागार में अध्यक्ष जय कृष्ण सिंह की अध्यक्षता में 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई, जिसका संचालन बीडीओ प्रशांत कुमार ने किया। इस बैठक के दौरान मनरेगा, आवास, शौचालय, पीएचईडी, स्वास्थ्य और पेंशन योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में सदस्य शंभु शरण चौधरी ने कई अधिकारियों की अनुपस्थिति और सदस्य विनोद दास को बैठक की सूचना न मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, जिस पर बीडीओ ने अगली बैठक से सभी संबंधितों को समय पर सूचना भेजने का आश्वासन दिया। उपाध्यक्ष नीतीश कुमार सिंह ने वृद्धावस्था पेंशन के वितरण में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए। इसके जवाब में बीडीओ ने बताया कि सभी लाभुकों का बिल तैयार है और 12 जुलाई तक उनकी राशि सीधे खातों में भेज दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, वार्ड-13 की बंद पड़ी नल-जल योजना और अस्पताल में महिला चिकित्सक की कमी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए गए। इसी क्रम में, सीओ संतोष कुमार ने घोषणा की कि श्रावणी मेला मार्ग पर पानी की बर्बादी करने वाले दुकानदारों पर इस बार जुर्माना लगाया जाएगा।1
- भागलपुर जिले के बरारी थाना क्षेत्र स्थित सुरखीकल निवासी सुनील कुमार की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। पेशे से टोटो चालक सुनील का अपनी पत्नी चंदा देवी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद उन्होंने अपने टोटो की चाबी घर में रखकर पत्नी से कहा कि वह पंजाब जा रहे हैं, लेकिन वास्तव में वह पंजाब नहीं गए। इसके बजाय, सुनील हवाई अड्डे के समीप गोपालपुर पुल के नीचे ट्रेन का इंतजार करने लगे, जबकि वहाँ कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। क्रोध में उन्होंने चलती ट्रेन के सामने आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह जानकारी मृतक के भाई विपिन कुमार ने दी। घटना की सूचना मिलते ही सबौर थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची, लेकिन घटना औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना के अंतर्गत आती थी। ग्रामीणों ने औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना पुलिस को कई बार फोन किया, जिसके लगभग दो घंटे बाद पुलिस पहुँची और आगे की कार्रवाई में जुटी। सुनील कुमार के इस कदम से उनके परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है, क्योंकि उन्होंने अपने पीछे चार बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया है।4