बीएलओ ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत, शिक्षक असगर की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर वाराणसी: बीएलओ ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत, शिक्षक असगर की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र में स्थित कौवापुर ग्राम सभा के प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक असगर की असमय मृत्यु से पूरे इलाके में गहरा शोक फैल गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही विद्यालय के शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों और ग्रामीणों में दुख और संवेदना का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार शिक्षक असगर को चुनावी कार्य के तहत बीएलओ (Booth Level Officer) की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बताया जा रहा है कि बीएलओ का कार्य संभालने के बाद से वे लगातार अत्यधिक व्यस्त और मानसिक दबाव में थे। इसी बीच उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। जांच कराने पर उन्हें जॉन्डिस (पीलिया) होने की पुष्टि हुई। परिजनों का कहना है कि तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने विभाग से छुट्टी की मांग भी की थी, लेकिन समय पर अवकाश न मिलने के कारण वे लगातार काम करते रहे। लगातार काम और कमजोरी के कारण उनकी हालत धीरे-धीरे और गंभीर होती चली गई। स्थिति बिगड़ने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर सहित अन्य अस्पतालों में लेकर गए, जहां डॉक्टरों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा था। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान ही कल उनकी मृत्यु हो गई। असगर के निधन की खबर मिलते ही विद्यालय परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मी शिक्षकों ने उन्हें एक मेहनती, जिम्मेदार और छात्रों के प्रति समर्पित शिक्षक बताया। ग्रामीणों का कहना है कि असगर न केवल एक अच्छे शिक्षक थे, बल्कि गांव के लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने वाले संवेदनशील इंसान भी थे। उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल है। स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की है कि परिवार को उचित सहायता दी जाए और चुनावी व अन्य अतिरिक्त कार्यों के दौरान शिक्षकों के स्वास्थ्य और परिस्थितियों का विशेष ध्यान रखा जाए। एक समर्पित शिक्षक का यूं अचानक चला जाना न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
बीएलओ ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत, शिक्षक असगर की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर वाराणसी: बीएलओ ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत, शिक्षक असगर की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र में स्थित कौवापुर ग्राम सभा के प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक असगर की असमय मृत्यु से पूरे इलाके में गहरा शोक फैल गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही विद्यालय के शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों और ग्रामीणों में दुख और संवेदना का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार शिक्षक असगर को चुनावी कार्य के तहत बीएलओ (Booth Level Officer) की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बताया जा रहा है कि बीएलओ का कार्य संभालने के बाद से वे लगातार अत्यधिक व्यस्त और मानसिक दबाव में थे। इसी बीच उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। जांच कराने पर उन्हें जॉन्डिस (पीलिया) होने की पुष्टि हुई। परिजनों का कहना है कि तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने विभाग से छुट्टी की मांग भी की थी, लेकिन समय पर अवकाश न मिलने के कारण वे लगातार काम करते रहे। लगातार काम और कमजोरी के कारण उनकी हालत धीरे-धीरे और गंभीर होती चली गई। स्थिति बिगड़ने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर सहित अन्य अस्पतालों में लेकर गए, जहां डॉक्टरों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा था। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान ही कल उनकी मृत्यु हो गई। असगर के निधन की खबर मिलते ही विद्यालय परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मी शिक्षकों ने उन्हें एक मेहनती, जिम्मेदार और छात्रों के प्रति समर्पित शिक्षक बताया। ग्रामीणों का कहना है कि असगर न केवल एक अच्छे शिक्षक थे, बल्कि गांव के लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने वाले संवेदनशील इंसान भी थे। उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल है। स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की है कि परिवार को उचित सहायता दी जाए और चुनावी व अन्य अतिरिक्त कार्यों के दौरान शिक्षकों के स्वास्थ्य और परिस्थितियों का विशेष ध्यान रखा जाए। एक समर्पित शिक्षक का यूं अचानक चला जाना न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
- User7371Pindra, Varanasi😂33 min ago
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- भदोही। कटरा बाजार में बरनवाल समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें होली मिलन समारोह की तैयारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बरनवाल समाज का होली मिलन समारोह 17 मार्च को शाम 6 बजे आयोजित किया जाएगा। बैठक में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पदाधिकारियों का चयन भी किया गया। इसमें संध्या बरनवाल को अध्यक्ष, रीना बरनवाल को उपाध्यक्ष, मोनी बरनवाल को मंत्री तथा एकता बरनवाल को कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं कार्यक्रम के संयोजक के रूप में रंजन बरनवाल और रेखा बरनवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि होली मिलन समारोह में हर वर्ष की तरह इस बार भी गीत-संगीत, रंग-गुलाल और गुजिया के साथ आपसी भाईचारे और उत्साह के बीच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने कहा कि इस बार समारोह को पहले से और बेहतर तरीके से आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर ममता बरनवाल, रीना बरनवाल, पूजा, प्रीति, पूर्णिमा, रीना (कटरा), रीना (रामरायपुर), रंजन बरनवाल (रजपुरा), रंजन (भदोही), ममता, अनामिका, माला, यशी, सरिता, मनी, रेनू, निखिल बरनवाल, विनीत बरनवाल सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे।1
- खाड़ी युद्ध गैस संकट गहराया, एजेंसियों पर उमड़ी भीड़ रिपोर्ट: अवनीश दुबे क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस को लेकर भारी संकट की स्थिति बनती जा रही है। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की शुरुआत और गैस आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता की चर्चाओं के बीच गैस एजेंसियों पर अचानक भारी भीड़ देखने को मिल रही है। सामान्य दिनों में शांत रहने वाली गैस एजेंसियों पर इन दिनों लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग नंबर पर गैस बुक कराने के लिए कॉल किया जा रहा है, लेकिन लगातार प्रयास के बावजूद कॉल नहीं लग पा रही है, जिससे लोग काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं। कई लोग एजेंसी के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इधर कुछ ट्रॉली संचालक उपभोक्ताओं से पहले बुकिंग कराने की बात कहकर बुकिंग नंबर देखने के बाद गैस उपलब्ध कराने की बात कर रहे हैं। ऐसे में कुछ ट्रॉली संचालकों के गोदामों पर भी गैस लेने वालों की भारी भीड़ देखी जा रही है। गैस की किल्लत का असर विद्यालयों पर भी पड़ रहा है। मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) बनाने के लिए स्कूलों के प्रधानाचार्य गैस की व्यवस्था को लेकर परेशान हैं। पड़ाव स्थित प्राइमरी स्कूल के प्रधानाचार्य सुधीर सिंह ने बताया कि विद्यालयों में लकड़ी पर भोजन बनाने पर रोक है और गैस के लिए मारामारी की स्थिति है। मजबूरी में उन्हें अपने घर का सिलेंडर विद्यालय ले जाकर एमडीएम बनवाना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का शीघ्र संज्ञान लेने की मांग की है, अन्यथा जनपद के कई विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन बन पाना मुश्किल हो जाएगा। आगे ईद का पर्व भी नजदीक है और वैवाहिक समारोहों का भी दौर चल रहा है। ऐसे में गैस की मांग और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि एक शादी समारोह में कम से कम 10 से 12 सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है। गैस की किल्लत के कारण लोग असमंजस में हैं कि ऐसे हालात में शादी-ब्याह के कार्यक्रम कैसे संपन्न होंगे। क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से गैस आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की है, ताकि आम जनता, विद्यालयों और सामाजिक कार्यक्रमों को होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।3
- Reliance के टेक्सास निवेश पर सियासत तेज, सपा सांसद Awadhesh Prasad ने उठाए बड़े सवाल #AwadheshPrasad #SamajwadiParty #Reliance #MukeshAmbani #TexasRefinery #Anbnews1
- जहां गाड़ी चला रहे एक बुजुर्ग व्यक्ति को अचानक दिल का दौरा पड़ गया. हालत बिगड़ने के कारण कार का नियंत्रण छूट गया और वाहन सड़क के बीच बने डिवाइडर पर चढ़ गया. लेकिन मौके पर मौजूद एक ट्रैफिक कांस्टेबल की सूझबूझ और तत्परता से बुजुर्ग की जान बच गई.1
- आप भेलूपुर वार्ड के पार्षद या जलकल विभाग को भी जानकारी दे सकते हैं ताकि जल्दी सफाई मशीन भेजी जा सके।1
- वाराणसी: गंगा नदी में मिला अज्ञात युवक का शव थाना लंका क्षेत्र के मुरारी चौक बस स्टैंड के पीछे गंगा नदी में तैरता हुआ एक अज्ञात युवक का शव मिला है। शुरुआती जानकारी के अनुसार युवक की उम्र लगभग 25 से 28 वर्ष, कद लगभग 5 फुट 4 इंच और रंग गेहुआ बताया गया है। शव पर पहने कपड़े – सफेद फुल स्लीव टी-शर्ट और काले रंग की फुल पैंट हैं। कमर में लाल रंग का बेल्ट भी पहना हुआ था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यदि किसी को युवक की पहचान या किसी प्रकार की जानकारी हो तो थाना लंका के सीयूजी नंबर 9454 40 4390 पर संपर्क करें।1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- आजमगढ़ में पिता कर रहा था सातवीं शादी की तैयारी, बेटे ने पुलिस से कहा - 'रुकवा दो पिता की शादी' आजमगढ़ में एक 17 वर्षीय किशोर ने अपने पिता के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। किशोर का आरोप है कि उसके पिता सातवीं शादी की तैयारी कर रहे हैं, जबकि वे पहले ही छह शादियां कर चुके हैं। बेटे ने पुलिस से इस शादी को रोकने और परिवार की बची हुई जमीन बचाने की गुहार लगाई है।1