बाराबंकी में गैस सिलेंडर न मिलने से परेशान एक युवक को गैस डिलीवरी वाहन के आगे लेट गया। युवक ने दरियाबाद स्थित गैस एजेंसी पर ब्लैक में सिलेंडर बेचने का आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के कुशफर निवासी अशोक सिंह पुत्र अंबिका सिंह से संबंधित है। अशोक सिंह ने दरियाबाद ब्लॉक मुख्यालय के सामने स्थित ओम गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वह मिर्कापुर में गैस वितरण स्थल पर सिलेंडर लेने गए थे, लेकिन गैस न मिलने पर उन्होंने विरोध स्वरूप डिलीवरी गाड़ी के आगे लेटकर प्रदर्शन किया। पीड़ित ने दावा किया कि जब उसने इस कालाबाजारी का विरोध किया, तो उससे गैस सिलेंडर देने के बदले 2000 रुपये की मांग की गई। उसने कई दिनों तक लाइन में इंतजार किया, लेकिन उसे गैस नहीं मिली। अशोक सिंह को 150 नंबर का टोकन मिला था, लेकिन उन्हें गैस नहीं दी गई, जबकि 200 नंबर वाले लोगों को गैस मिल गई। अशोक सिंह ने 31 मार्च को आईजीआरएस के माध्यम से इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, युवक द्वारा लगाए गए इन आरोपों की TV हिंदुस्तान नहीं करता है युवक ने बताया कि उसने 15 मार्च को गैस बुक की थी, जिसका डीएसी कोड 16 मार्च को आ गया था। अशोक सिंह का आरोप है कि जब वह गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने गए तो कर्मचारियों ने उन्हें लाइन में खड़ा कर दिया, जबकि एजेंसी के कर्मचारी पीछे से कालाबाजारी कर अन्य लोगों को गैस सिलेंडर बेच रहे थे
बाराबंकी में गैस सिलेंडर न मिलने से परेशान एक युवक को गैस डिलीवरी वाहन के आगे लेट गया। युवक ने दरियाबाद स्थित गैस एजेंसी पर ब्लैक में सिलेंडर बेचने का आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के कुशफर निवासी अशोक सिंह पुत्र अंबिका सिंह से संबंधित है। अशोक सिंह ने दरियाबाद ब्लॉक मुख्यालय के सामने स्थित ओम गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वह मिर्कापुर में गैस वितरण स्थल पर सिलेंडर लेने गए थे, लेकिन गैस न मिलने पर उन्होंने विरोध स्वरूप डिलीवरी गाड़ी के आगे लेटकर प्रदर्शन किया। पीड़ित ने दावा किया कि जब उसने इस कालाबाजारी का विरोध किया, तो उससे गैस सिलेंडर देने के बदले 2000 रुपये की मांग की गई। उसने कई दिनों तक लाइन में इंतजार किया, लेकिन उसे गैस नहीं मिली। अशोक सिंह को 150 नंबर का टोकन मिला था, लेकिन उन्हें गैस नहीं दी गई, जबकि 200 नंबर वाले लोगों को गैस मिल गई। अशोक सिंह ने 31 मार्च को आईजीआरएस के माध्यम से इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, युवक द्वारा लगाए गए इन आरोपों की TV हिंदुस्तान नहीं करता है युवक ने बताया कि उसने 15 मार्च को गैस बुक की थी, जिसका डीएसी कोड 16 मार्च को आ गया था। अशोक सिंह का आरोप है कि जब वह गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने गए तो कर्मचारियों ने उन्हें लाइन में खड़ा कर दिया, जबकि एजेंसी के कर्मचारी पीछे से कालाबाजारी कर अन्य लोगों को गैस सिलेंडर बेच रहे थे
- Post by राम जी दीक्षित पत्रकार1
- जनपद-बाराबंकी, विभिन्न औद्योगिक इकाईयों द्वारा चिन्हित उत्पाद-प्लाईवुड, पशुआहार, मुर्गी दाना, बर्तन धोने वाला साबुन, चीनी मिल एल्कोहल बनाने, डीजल एग्जॉट फ्लूइड (डी0ई0एफ0) आदि सम्बन्धित उत्पाद के निर्माण में उपयोग हेतु अनुदानित यूरिया का नाइट्रेजिनस कम्पाउण्डस अथवा टेक्निकल ग्रेड यूरिया (टी0जी0यू0) या फार्मेल्डीहाइड यूरिया के स्थान पर डायवर्जन कर रा-मैटेरियल के रूप में प्रयोग के सम्बन्ध में जांच हेतु शासन द्वारा प्राप्त निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी महोदय, बाराबंकी द्वारा कृषि, उद्योग केन्द्र एवं गन्ना विभाग के अधिकारियों की गठित संयुक्त टीम द्वारा आज दिनांक 02.04.2026 को जनपद के कुल 12 औद्योगिक इकाईयों में छापे डालकर यूरिया प्रयोग की जांच की गयी। तहसील-नवाबगंज में श्री धीरेन्द्र सिंह उप कृषि निदेशक, बाराबंकी द्वारा श्रीमती रेखा श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त, जिला उद्योग केन्द्र-बाराबंकी द्वारा कुल 03 औद्योगिक इकाईयां दयाल इण्डस्ट्रीज, सत्यम इण्डस्ट्रीज, मो0पुर चौकी एवं श्याम टिम्बर, संदौली का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दयाल इण्डस्ट्रीज मो0पुर चौकी में टेक्निकल ग्रेड यूरिया मात्रा-118.653 मी0टन स्टाक उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 01 नमूना ग्रहित किया गया। तहसील-फतेहपुर में श्री राजिराम, जिला कृषि अधिकारी, बाराबंकी द्वारा श्रीमती ऐश्वर्या गिरी, सांख्यिकीय निरीक्षक, जिला उद्योग केन्द्र के साथ कुल-06 औद्योगिक इकाईयां अमरधन, सोना गोल्ड एग्रोकेन, महाराष्ट्रा फीड्स, एस0एम0बी0डी0, सी0पी0 मिल्क, विनी टिम्बर का निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान किसी भी इकाई में अनुदानित यूरिया उर्वरक का प्रयोग नहीं पाया गया। तहसील-रामनगर में श्री विनोद कुमार यादव, भूमि संरक्षण अधिकारी-कुर्सी द्वारा श्री हरि नरायाण सिंह, सहायक आयुक्त, उद्योग केन्द्र-बाराबंकी के साथ संयुक्त रूप से 02 इकाईयों जय अम्बे विनीयर, ज्योली, अल्फा विनीयर सुरवारी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनुदानित यूरिया उर्वरक का प्रयोग नहीं पाया गया। तहसील-सिरौलीगौसपुर में श्री सौरभ कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी-कुर्सी द्वारा श्री हरि नरायाण सिंह, सहायक आयुक्त, उद्योग केन्द्र-बाराबंकी के साथ निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान तहसील सिरालीगौसपुर में कोई औद्योगिक इकाई संचालित नहीं पायी गयी। तहसील-रामसनेहीघाट एवं हैदरगढ में श्री विजय कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, बाराबंकी द्वारा कुल 01 इकाई चीनी मिल का निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान अनुदानित यूरिया उर्वरक का प्रयोग नहीं पाया गया, एवं तहसील रामसनेहीघाट में कोई औद्योगिक इकाई संचालित नहीं पायी गयी।1
- इस देश में सबसे अभागा किसान ही है 10 बीघा गेहूं की फसल जल कर राख हो गई #अन्नदाता1
- Wednesday night 01/04/2026 Lucknow ke Engineering Chauraha par shopkeeper aur customer ke beech hui jhadap ne kanooni mod le liya hai. Kya aapko pata hai aise mamlo me kaun si dharaein (sections) lag sakti hain? Legal Insights: Aisi fights me aam taur par ye kanoon apply hote hain: Section 323 IPC : Swachhanda se chot pahunchana (Voluntarily causing hurt). Section 504 IPC: Shanti bhang karne ke irade se apmaan (Intentional insult to provoke breach of peace). Section 506 IPC: Apradhik dhamki (Criminal intimidation). Section 160 IPC: Affray (Danga), agar public place ki shanti bhang hui ho. Kanoon ko apne hath me lena bhari pad sakta hai. Awareness failayein aur safe rahein! Aapka kya kehna hai is incident par? Comment me bataiye! 👇1
- लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र के फैजुल्लागंज में मारपीट की सूचना देना युवकों को भारी पड़ गया। घर लौटते समय दबंगों ने उन्हें घेर लिया और चाकू से हमला करने के साथ उन पर तेजाब फेंक दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की तलाश में जुटी है।1
- एंकर: देवरिया से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है… जहां साइबर क्राइम टीम ने म्यूल अकाउंट के जरिए हो रही करोड़ों की ऑनलाइन ठगी का बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है… जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। देवरिया जिले में साइबर क्राइम टीम को बड़ी सफलता मिली है… अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनन्द कुमार पाण्डेय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। 2 अप्रैल को जांच के दौरान बरहज थाना क्षेत्र के बेलडाड मोड़ से माखन लाल गुप्ता को गिरफ्तार किया गया… जो बरगड्या टोला, जयनगर वार्ड नंबर-4 का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने “लैक्सीरुफ सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड” नाम से एक फर्जी कंपनी बनाकर कई बैंक खातों का संचालन किया… इन खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी की रकम का ट्रांजैक्शन किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क से जुड़े 9 बैंक खाते संचालित किए जा रहे थे… और एनसीआरपी पोर्टल पर इन खातों से जुड़ी 46 शिकायतें दर्ज हैं। अब तक की जांच में करीब 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है… जो इस पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 11 चेकबुक, 9 एटीएम कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, कंपनी के दस्तावेज, एपीआई एग्रीमेंट, एक एप्पल मोबाइल फोन और दो डेल लैपटॉप बरामद किए हैं। इस मामले में थाना साइबर क्राइम देवरिया में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है… पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। “साइबर क्राइम टीम द्वारा म्यूल अकाउंट के माध्यम से हो रही ऑनलाइन धोखाधड़ी का खुलासा किया गया है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। आम जनता से अपील है कि वे अपने बैंक डिटेल्स, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की सूचना तुरंत 1930 पर दें।”1
- फूलपुर नगर में हनुमान जयंती पर धार्मिक कार्यक्रम हुए आयोजित।1
- बाराबंकी में गैस सिलेंडर न मिलने से परेशान एक युवक को गैस डिलीवरी वाहन के आगे लेट गया। युवक ने दरियाबाद स्थित गैस एजेंसी पर ब्लैक में सिलेंडर बेचने का आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के कुशफर निवासी अशोक सिंह पुत्र अंबिका सिंह से संबंधित है। अशोक सिंह ने दरियाबाद ब्लॉक मुख्यालय के सामने स्थित ओम गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वह मिर्कापुर में गैस वितरण स्थल पर सिलेंडर लेने गए थे, लेकिन गैस न मिलने पर उन्होंने विरोध स्वरूप डिलीवरी गाड़ी के आगे लेटकर प्रदर्शन किया। पीड़ित ने दावा किया कि जब उसने इस कालाबाजारी का विरोध किया, तो उससे गैस सिलेंडर देने के बदले 2000 रुपये की मांग की गई। उसने कई दिनों तक लाइन में इंतजार किया, लेकिन उसे गैस नहीं मिली। अशोक सिंह को 150 नंबर का टोकन मिला था, लेकिन उन्हें गैस नहीं दी गई, जबकि 200 नंबर वाले लोगों को गैस मिल गई। अशोक सिंह ने 31 मार्च को आईजीआरएस के माध्यम से इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, युवक द्वारा लगाए गए इन आरोपों की TV हिंदुस्तान नहीं करता है युवक ने बताया कि उसने 15 मार्च को गैस बुक की थी, जिसका डीएसी कोड 16 मार्च को आ गया था। अशोक सिंह का आरोप है कि जब वह गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने गए तो कर्मचारियों ने उन्हें लाइन में खड़ा कर दिया, जबकि एजेंसी के कर्मचारी पीछे से कालाबाजारी कर अन्य लोगों को गैस सिलेंडर बेच रहे थे1