देशभर में पैदल विहार कर रहे जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सकल जैन समाज में भारी आक्रोश और गहरी चिंता व्याप्त है। हाल ही में एक पूज्य आर्यिका माताजी के विहार के दौरान हुई दुखद दुर्घटना और उनके असामयिक निधन के विरोध में सोमवार को भीलवाड़ा के सकल जैन समाज ने काली पट्टी बांधकर एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में समाज ने इस घटना को मात्र एक सड़क दुर्घटना मानने से स्पष्ट इनकार किया, बल्कि इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया। समाज के प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों का हवाला देते हुए यह आशंका व्यक्त की कि जैन साधु-संतों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि जैन संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति और संयम का संदेश देते हैं। ऐसे में, उनके साथ लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं पूरे समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। सकल जैन समाज ने इस घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिसके लिए एक एसआईटी या न्यायिक जांच गठित करने की बात कही गई। इसके साथ ही, घटना स्थल के सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित रखने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई। समाज ने विहाररत संतों के लिए एक विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, संवेदनशील मार्गों पर पुलिस सहयोग और ट्रैफिक नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा चेतावनी संकेतक लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर जसराज चोरड़िया, राजेंद्र चीपड़, विनोद बंब, मंजू पोखरना, पुष्पा गोखरू, सुनीता पाटनी, भूमिका जैन, नरेश गोधा, लोकेश अजमेरा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
देशभर में पैदल विहार कर रहे जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सकल जैन समाज में भारी आक्रोश और गहरी चिंता व्याप्त है। हाल ही में एक पूज्य आर्यिका माताजी के विहार के दौरान हुई दुखद दुर्घटना और उनके असामयिक निधन के विरोध में सोमवार को भीलवाड़ा के सकल जैन समाज ने काली पट्टी बांधकर एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में समाज ने इस घटना को मात्र एक सड़क दुर्घटना मानने से स्पष्ट इनकार किया, बल्कि इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया। समाज के प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों का हवाला देते हुए यह आशंका व्यक्त की कि जैन साधु-संतों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि जैन संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति और संयम का संदेश देते हैं। ऐसे में, उनके साथ लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं पूरे समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। सकल जैन समाज ने इस घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिसके लिए एक एसआईटी या न्यायिक जांच गठित करने की बात कही गई। इसके साथ ही, घटना स्थल के सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित रखने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई। समाज ने विहाररत संतों के लिए एक विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, संवेदनशील मार्गों पर पुलिस सहयोग और ट्रैफिक नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा चेतावनी संकेतक लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर जसराज चोरड़िया, राजेंद्र चीपड़, विनोद बंब, मंजू पोखरना, पुष्पा गोखरू, सुनीता पाटनी, भूमिका जैन, नरेश गोधा, लोकेश अजमेरा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
- भीलवाड़ा जिले के आकोला के निकटवर्ती ग्राम होलीरड़ा में तेजाजी महाराज, बालाजी महाराज और भगवान चारभुजा नाथ की मूर्ति स्थापना तथा एक बड़े यज्ञ की तैयारियां धूमधाम से शुरू हो गई हैं। इन तैयारियों के तहत, समस्त ग्रामवासियों ने मिलकर यज्ञ के झंडे को डीजे के साथ पूरे गांव में भव्यता से घुमाया, जिसके उपरांत इस ध्वज को यज्ञ स्थल पर स्थापित किया गया। इस पुनीत कार्य में तेजाजी समिति के कार्यकर्ता राधेश्याम जाट, किशन जाट, हरिलाल जाट, रामलाल जाट, हरिशंकर जाट, हीरा लाल जाट, देवी लाल जाट सहित समस्त ग्रामवासी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, यह यज्ञ दिनांक 9 जून, 2026 से आरंभ होगा।4
- शनिवार को भीलवाड़ा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शास्त्री नगर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के पास हनुमान मंदिर के बाहर बकरे के अवशेष मिलने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सोलंकी टॉकीज मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और धरने पर बैठ गए, आरोप लगाया कि असामाजिक तत्व शहर का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना मिलने पर सीओ सिटी सज्जन सिंह और कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान चौधरी पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। बजरंग दल के महानगर संयोजक मुकेश प्रजापत ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शहर में लगातार धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के आधार पर पुलिस ने लोकेश खटीक और हेमंत कोली नामक दो युवकों को हिरासत में लिया। कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान चौधरी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि यह कोई साजिशन की गई घटना नहीं, बल्कि एक हादसा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोकेश खटीक पशुओं की खाल खरीदने-बेचने का वैध व्यापार करता है। रविवार रात वह अपने साथी हेमंत के साथ स्कूटी पर कांवाखेड़ा क्षेत्र से कट्टे में खालें भरकर ले जा रहा था। रास्ते में कट्टे का मुंह खुल जाने से बाबा रामदेव मंदिर के सामने सड़क पर अनजाने में दो खालें गिर गईं, जिससे यह गलतफहमी फैल गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को सीसीटीवी फुटेज और जांच के तथ्य दिखाकर पूरा घटनाक्रम स्पष्ट किया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई और लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बताई जा रही है।3
- देशभर में पैदल विहार कर रहे जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सकल जैन समाज में भारी आक्रोश और गहरी चिंता व्याप्त है। हाल ही में एक पूज्य आर्यिका माताजी के विहार के दौरान हुई दुखद दुर्घटना और उनके असामयिक निधन के विरोध में सोमवार को भीलवाड़ा के सकल जैन समाज ने काली पट्टी बांधकर एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में समाज ने इस घटना को मात्र एक सड़क दुर्घटना मानने से स्पष्ट इनकार किया, बल्कि इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया। समाज के प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों का हवाला देते हुए यह आशंका व्यक्त की कि जैन साधु-संतों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि जैन संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति और संयम का संदेश देते हैं। ऐसे में, उनके साथ लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं पूरे समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। सकल जैन समाज ने इस घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिसके लिए एक एसआईटी या न्यायिक जांच गठित करने की बात कही गई। इसके साथ ही, घटना स्थल के सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित रखने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई। समाज ने विहाररत संतों के लिए एक विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, संवेदनशील मार्गों पर पुलिस सहयोग और ट्रैफिक नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा चेतावनी संकेतक लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर जसराज चोरड़िया, राजेंद्र चीपड़, विनोद बंब, मंजू पोखरना, पुष्पा गोखरू, सुनीता पाटनी, भूमिका जैन, नरेश गोधा, लोकेश अजमेरा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के बूंदी जिले की हिंडोली तहसील के नेगढ पटवार हलका अंतर्गत मरडिया जाखोली में स्थित 80,000 हेक्टेयर के क्लोजर (वन भूमि) के पूरी तरह तबाह हो जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि सरकारी अफसर इस मामले में सोए हुए हैं, जिसके कारण इस विशाल वन क्षेत्र में पेड़ लगातार नष्ट हो रहे हैं। इस बर्बादी के चलते गौ माता को काफी दुख हो रहा है, जंगल से छोटे-मोटे जानवर और जंगली जानवर भी गायब हो गए हैं, जिससे वन में उनका अस्तित्व खत्म हो गया है। साथ ही, क्षेत्र को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि सरकार द्वारा पाँच साल तक इस क्लोजर को बंद रखे जाने के बाद, किसी अन्य समाज के लोगों ने इस पर कब्जा कर लिया है, और यह क्षेत्र अभी भी बंद है। इस पूरी स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- एसपी धर्मेंद्र सिंह के 'एक्शन मोड' में आते ही शहर में एक बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। इस अभियान के तहत यातायात पुलिस और नगर परिषद ने मिलकर मोर्चा संभाला है, जिसके परिणामस्वरूप सड़कों से अतिक्रमण हटाकर ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित किया गया है। यह कार्रवाई शहर में यातायात की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, और इससे शहर की परिवहन व्यवस्था में सुधार देखा गया है।2
- गुलाबपुरा कस्बे में सकल जैन समाज द्वारा एक अहिंसा रैली का आयोजन किया गया। यह रैली उपखंड कार्यालय तक निकाली गई, जहाँ समाज के सदस्यों ने अपना ज्ञापन सौंपा।1
- भारत में पतियों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया गया है, जहाँ उन्हें कहीं करंट देकर हत्या की जा रही है, कहीं पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया जा रहा है, कहीं जहर दिया जा रहा है, कहीं सुपारी किलर से मारा जा रहा है, तो कहीं मानसिक प्रताड़ना देकर आत्महत्या तक मजबूर किया जा रहा है। इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा गया है कि समाज हर बार पुरुष को ही कठोर मान लेता है, उसकी पीड़ा को मज़ाक बना देता है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि क्या पति इंसान नहीं होता, और क्या उसके आंसू, उसका दर्द, या उसकी मानसिक यातना किसी कानून या समाज को दिखाई नहीं देती। यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग “अबला” की आड़ लेकर कानून का डर दिखाते हैं, झूठे आरोप लगाते हैं, और अवैध संबंध छुपाने के लिए परिवार तक बर्बाद कर देते हैं। इस संदर्भ में, यह पुरजोर मांग की गई है कि अब समय आ गया है कि कानून सिर्फ लिंग देखकर नहीं, बल्कि अपराध देखकर फैसला करे। पोस्ट में कहा गया है कि पुरुषों की चुप्पी अब उनकी कमजोरी नहीं रही, बल्कि यह समाज की संवेदनहीनता बन चुकी है। यह साफ तौर पर कहा गया है कि हर अत्याचार गलत है – चाहे वह महिला पर हो या पुरुष पर – और न्याय बराबरी का होना चाहिए, एकतरफा नहीं। अंत में, यह गंभीर टिप्पणी की गई है कि हर दिन किसी न किसी पति की मौत की खबर सामने आ रही है, पर बेगुनाह पुरुष की मौत से किसी को कोई मतलब नहीं होता।1
- एक मंदिर के बाहर अवशेष मिलने के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस घटना के विरोध में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और रोड जाम कर अपना विरोध जताया।1