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एक मंदिर के बाहर अवशेष मिलने के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस घटना के विरोध में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और रोड जाम कर अपना विरोध जताया।

1 hr ago
user_Dev karan Mali
Dev karan Mali
Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
1 hr ago

एक मंदिर के बाहर अवशेष मिलने के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस घटना के विरोध में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और रोड जाम कर अपना विरोध जताया।

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  • शनिवार को भीलवाड़ा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शास्त्री नगर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के पास हनुमान मंदिर के बाहर बकरे के अवशेष मिलने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सोलंकी टॉकीज मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और धरने पर बैठ गए, आरोप लगाया कि असामाजिक तत्व शहर का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना मिलने पर सीओ सिटी सज्जन सिंह और कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान चौधरी पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। बजरंग दल के महानगर संयोजक मुकेश प्रजापत ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शहर में लगातार धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के आधार पर पुलिस ने लोकेश खटीक और हेमंत कोली नामक दो युवकों को हिरासत में लिया। कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान चौधरी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि यह कोई साजिशन की गई घटना नहीं, बल्कि एक हादसा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोकेश खटीक पशुओं की खाल खरीदने-बेचने का वैध व्यापार करता है। रविवार रात वह अपने साथी हेमंत के साथ स्कूटी पर कांवाखेड़ा क्षेत्र से कट्टे में खालें भरकर ले जा रहा था। रास्ते में कट्टे का मुंह खुल जाने से बाबा रामदेव मंदिर के सामने सड़क पर अनजाने में दो खालें गिर गईं, जिससे यह गलतफहमी फैल गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को सीसीटीवी फुटेज और जांच के तथ्य दिखाकर पूरा घटनाक्रम स्पष्ट किया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई और लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बताई जा रही है।
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    शनिवार को भीलवाड़ा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शास्त्री नगर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के पास हनुमान मंदिर के बाहर बकरे के अवशेष मिलने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सोलंकी टॉकीज मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और धरने पर बैठ गए, आरोप लगाया कि असामाजिक तत्व शहर का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

सूचना मिलने पर सीओ सिटी सज्जन सिंह और कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान चौधरी पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। बजरंग दल के महानगर संयोजक मुकेश प्रजापत ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शहर में लगातार धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के आधार पर पुलिस ने लोकेश खटीक और हेमंत कोली नामक दो युवकों को हिरासत में लिया। कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान चौधरी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि यह कोई साजिशन की गई घटना नहीं, बल्कि एक हादसा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोकेश खटीक पशुओं की खाल खरीदने-बेचने का वैध व्यापार करता है। रविवार रात वह अपने साथी हेमंत के साथ स्कूटी पर कांवाखेड़ा क्षेत्र से कट्टे में खालें भरकर ले जा रहा था। रास्ते में कट्टे का मुंह खुल जाने से बाबा रामदेव मंदिर के सामने सड़क पर अनजाने में दो खालें गिर गईं, जिससे यह गलतफहमी फैल गई।

पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को सीसीटीवी फुटेज और जांच के तथ्य दिखाकर पूरा घटनाक्रम स्पष्ट किया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई और लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बताई जा रही है।
    user_Dev karan Mali
    Dev karan Mali
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    33 min ago
  • देशभर में पैदल विहार कर रहे जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सकल जैन समाज में भारी आक्रोश और गहरी चिंता व्याप्त है। हाल ही में एक पूज्य आर्यिका माताजी के विहार के दौरान हुई दुखद दुर्घटना और उनके असामयिक निधन के विरोध में सोमवार को भीलवाड़ा के सकल जैन समाज ने काली पट्टी बांधकर एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में समाज ने इस घटना को मात्र एक सड़क दुर्घटना मानने से स्पष्ट इनकार किया, बल्कि इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया। समाज के प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों का हवाला देते हुए यह आशंका व्यक्त की कि जैन साधु-संतों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि जैन संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति और संयम का संदेश देते हैं। ऐसे में, उनके साथ लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं पूरे समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। सकल जैन समाज ने इस घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिसके लिए एक एसआईटी या न्यायिक जांच गठित करने की बात कही गई। इसके साथ ही, घटना स्थल के सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित रखने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई। समाज ने विहाररत संतों के लिए एक विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, संवेदनशील मार्गों पर पुलिस सहयोग और ट्रैफिक नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा चेतावनी संकेतक लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर जसराज चोरड़िया, राजेंद्र चीपड़, विनोद बंब, मंजू पोखरना, पुष्पा गोखरू, सुनीता पाटनी, भूमिका जैन, नरेश गोधा, लोकेश अजमेरा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
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    देशभर में पैदल विहार कर रहे जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सकल जैन समाज में भारी आक्रोश और गहरी चिंता व्याप्त है। हाल ही में एक पूज्य आर्यिका माताजी के विहार के दौरान हुई दुखद दुर्घटना और उनके असामयिक निधन के विरोध में सोमवार को भीलवाड़ा के सकल जैन समाज ने काली पट्टी बांधकर एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में समाज ने इस घटना को मात्र एक सड़क दुर्घटना मानने से स्पष्ट इनकार किया, बल्कि इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया। समाज के प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों का हवाला देते हुए यह आशंका व्यक्त की कि जैन साधु-संतों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि जैन संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति और संयम का संदेश देते हैं। ऐसे में, उनके साथ लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं पूरे समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं।

सकल जैन समाज ने इस घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिसके लिए एक एसआईटी या न्यायिक जांच गठित करने की बात कही गई। इसके साथ ही, घटना स्थल के सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित रखने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई। समाज ने विहाररत संतों के लिए एक विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, संवेदनशील मार्गों पर पुलिस सहयोग और ट्रैफिक नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा चेतावनी संकेतक लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर जसराज चोरड़िया, राजेंद्र चीपड़, विनोद बंब, मंजू पोखरना, पुष्पा गोखरू, सुनीता पाटनी, भूमिका जैन, नरेश गोधा, लोकेश अजमेरा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
    user_Puneet jain
    Puneet jain
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    41 min ago
  • गंगा दशहरा के पावन अवसर पर राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के माण्डलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में स्थित त्रिवेणी संगम पर, जो बनास, बेड़च और मेंनाली नदियों का महासंगम और मेवाड़ के प्रयागराज के रूप में प्रसिद्ध है, "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026" के तहत एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने का संकल्प लेना था। कार्यक्रम के दौरान त्रिवेणी संगम पर विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जल पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की गई। इस कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के यशस्वी उप मुख्यमंत्री और भीलवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री प्रेमचंद बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए आमजन से जल बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आमजन को जल संरक्षण, जल संवर्धन, वर्षा जल संचयन तथा पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन हेतु जनभागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। साथ ही, अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का भी आह्वान किया गया। कार्यक्रम में सभी उपस्थितजनों ने जल और प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान की संस्कृति में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की एक समृद्ध परंपरा रही है और हमारे पूर्वजों ने जल को जीवन तथा संस्कृति का आधार माना है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026" जल स्रोतों के पुनरुद्धार, जल संचयन, स्वच्छता, वृक्षारोपण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। कार्यक्रम में मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना, विधायक अशोक कोठारी, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, प्रभारी सचिव मंजू राजपाल, जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू, भाजपा जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, विधानसभा संयोजक अनिल पारीक, उप जिला प्रमुख शंकर गुर्जर, निवर्तमान चेयरमैन संजय डांगी, मांडलगढ़ नगर मंडल अध्यक्ष अशोक जीनगर, बिजोलिया मंडल अध्यक्ष राजेंद्र बंजारा, मांडलगढ़ ग्रामीण मंडल अध्यक्ष श्याम अहीर, महुआ मंडल अध्यक्ष बृजमोहन शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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    गंगा दशहरा के पावन अवसर पर राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के माण्डलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में स्थित त्रिवेणी संगम पर, जो बनास, बेड़च और मेंनाली नदियों का महासंगम और मेवाड़ के प्रयागराज के रूप में प्रसिद्ध है, "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026" के तहत एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने का संकल्प लेना था। कार्यक्रम के दौरान त्रिवेणी संगम पर विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जल पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की गई।

इस कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के यशस्वी उप मुख्यमंत्री और भीलवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री प्रेमचंद बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए आमजन से जल बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आमजन को जल संरक्षण, जल संवर्धन, वर्षा जल संचयन तथा पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन हेतु जनभागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। साथ ही, अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का भी आह्वान किया गया। कार्यक्रम में सभी उपस्थितजनों ने जल और प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प लिया।

वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान की संस्कृति में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की एक समृद्ध परंपरा रही है और हमारे पूर्वजों ने जल को जीवन तथा संस्कृति का आधार माना है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026" जल स्रोतों के पुनरुद्धार, जल संचयन, स्वच्छता, वृक्षारोपण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

कार्यक्रम में मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना, विधायक अशोक कोठारी, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, प्रभारी सचिव मंजू राजपाल, जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू, भाजपा जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, विधानसभा संयोजक अनिल पारीक, उप जिला प्रमुख शंकर गुर्जर, निवर्तमान चेयरमैन संजय डांगी, मांडलगढ़ नगर मंडल अध्यक्ष अशोक जीनगर, बिजोलिया मंडल अध्यक्ष राजेंद्र बंजारा, मांडलगढ़ ग्रामीण मंडल अध्यक्ष श्याम अहीर, महुआ मंडल अध्यक्ष बृजमोहन शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
    user_राजकुमार गोयल
    राजकुमार गोयल
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    2 hrs ago
  • राजस्थान के बूंदी जिले की हिंडोली तहसील के नेगढ पटवार हलका अंतर्गत मरडिया जाखोली में स्थित 80,000 हेक्टेयर के क्लोजर (वन भूमि) के पूरी तरह तबाह हो जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि सरकारी अफसर इस मामले में सोए हुए हैं, जिसके कारण इस विशाल वन क्षेत्र में पेड़ लगातार नष्ट हो रहे हैं। इस बर्बादी के चलते गौ माता को काफी दुख हो रहा है, जंगल से छोटे-मोटे जानवर और जंगली जानवर भी गायब हो गए हैं, जिससे वन में उनका अस्तित्व खत्म हो गया है। साथ ही, क्षेत्र को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि सरकार द्वारा पाँच साल तक इस क्लोजर को बंद रखे जाने के बाद, किसी अन्य समाज के लोगों ने इस पर कब्जा कर लिया है, और यह क्षेत्र अभी भी बंद है। इस पूरी स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
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    राजस्थान के बूंदी जिले की हिंडोली तहसील के नेगढ पटवार हलका अंतर्गत मरडिया जाखोली में स्थित 80,000 हेक्टेयर के क्लोजर (वन भूमि) के पूरी तरह तबाह हो जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि सरकारी अफसर इस मामले में सोए हुए हैं, जिसके कारण इस विशाल वन क्षेत्र में पेड़ लगातार नष्ट हो रहे हैं।

इस बर्बादी के चलते गौ माता को काफी दुख हो रहा है, जंगल से छोटे-मोटे जानवर और जंगली जानवर भी गायब हो गए हैं, जिससे वन में उनका अस्तित्व खत्म हो गया है। साथ ही, क्षेत्र को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि सरकार द्वारा पाँच साल तक इस क्लोजर को बंद रखे जाने के बाद, किसी अन्य समाज के लोगों ने इस पर कब्जा कर लिया है, और यह क्षेत्र अभी भी बंद है। इस पूरी स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
    user_Dev enterprises
    Dev enterprises
    Accountant मंडल गढ़, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • राजस्थान के आसींद विधानसभा क्षेत्र के गुलाबपुरा कस्बे में समस्त जैन समाज के लोगों ने एक अहिंसा रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। यह रैली विहारत पूज्य आर्यिका माता जी के अत्यंत दुखद असामयिक निधन की घटना के कड़े विरोध में आयोजित की गई थी। सकल जैन समाज ने गुलाबपुरा उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी दिव्य राज सिंह को देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने संयम, करुणा और अहिंसा का संदेश देने वाले तथा पैदल विहार करने वाले संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल था कि पूज्य आर्यिका माता जी के साथ हुई दुर्घटना को केवल एक सामान्य हादसा न माना जाए और इसकी SIT या न्यायिक जांच करवाई जाए। इसके साथ ही, जैन समाज ने एक राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने की मांग भी की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने यह भी मांग रखी कि संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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    राजस्थान के आसींद विधानसभा क्षेत्र के गुलाबपुरा कस्बे में समस्त जैन समाज के लोगों ने एक अहिंसा रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। यह रैली विहारत पूज्य आर्यिका माता जी के अत्यंत दुखद असामयिक निधन की घटना के कड़े विरोध में आयोजित की गई थी। सकल जैन समाज ने गुलाबपुरा उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी दिव्य राज सिंह को देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से समाज ने संयम, करुणा और अहिंसा का संदेश देने वाले तथा पैदल विहार करने वाले संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल था कि पूज्य आर्यिका माता जी के साथ हुई दुर्घटना को केवल एक सामान्य हादसा न माना जाए और इसकी SIT या न्यायिक जांच करवाई जाए। इसके साथ ही, जैन समाज ने एक राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने की मांग भी की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

उन्होंने यह भी मांग रखी कि संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
    user_आसींद मंजूर
    आसींद मंजूर
    Advertising Photographer आसींद, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ में आयुष हॉस्पिटल समाज बंधुओं के स्वास्थ्य को समर्पित है, जो निरंतर आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है। हॉस्पिटल का मुख्य उद्देश्य एक स्वस्थ शरीर के आधार पर सुखी जीवन सुनिश्चित करना है। यह आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) में स्थित है और अनुभवी चिकित्सकों द्वारा विभिन्न रोगों की जाँच तथा परामर्श के लिए ओपीडी सुविधा उपलब्ध है। गंभीर एवं लंबे समय से चल रहे रोगों के उपचार हेतु आयुष हॉस्पिटल में स्वच्छ एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त 10 बेड का इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) भी मौजूद है। यहाँ कमर दर्द, सर्वाइकल, सायटिका, घुटनों एवं जोड़ों का दर्द, लकवा, नसों से संबंधित समस्याएँ, मोटापा, थायरॉइड प्रबंधन, गैस, कब्ज, पेट रोग, त्वचा रोग, एलर्जी, माइग्रेन, सिरदर्द, और महिलाओं एवं वृद्धजन के स्वास्थ्य देखभाल जैसी समस्याओं का सफल उपचार किया जाता है। पंचकर्म चिकित्सा में अभ्यंग, स्वेदन, कटि बस्ती, जानू बस्ती जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। हॉस्पिटल की विशेषताओं में विशुद्ध आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक उपचार, अनुभवी चिकित्सक डॉ. C.P. Patel और विशेषज्ञ टीम के साथ प्रशिक्षित स्टाफ की सेवाएँ शामिल हैं। यह एक NABH प्रमाणित आयुर्वेद हॉस्पिटल है, जहाँ मेडिक्लेम पॉलिसी / हेल्थ इंश्योरेंस के अंतर्गत भी उपचार सुविधा उपलब्ध है। यहाँ रोग के मूल कारण पर आधारित सुरक्षित उपचार प्रदान किया जाता है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक आयुर्वेद चिकित्सा का संयोजन है। डॉ. C.P. Patel और उनकी टीम रोगी की प्रकृति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करती है। स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान लोगों को सुरक्षित एवं प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार के लिए हॉस्पिटल से संपर्क करने का आग्रह किया गया है।
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    चित्तौड़गढ़ में आयुष हॉस्पिटल समाज बंधुओं के स्वास्थ्य को समर्पित है, जो निरंतर आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है। हॉस्पिटल का मुख्य उद्देश्य एक स्वस्थ शरीर के आधार पर सुखी जीवन सुनिश्चित करना है। यह आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) में स्थित है और अनुभवी चिकित्सकों द्वारा विभिन्न रोगों की जाँच तथा परामर्श के लिए ओपीडी सुविधा उपलब्ध है।

गंभीर एवं लंबे समय से चल रहे रोगों के उपचार हेतु आयुष हॉस्पिटल में स्वच्छ एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त 10 बेड का इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) भी मौजूद है। यहाँ कमर दर्द, सर्वाइकल, सायटिका, घुटनों एवं जोड़ों का दर्द, लकवा, नसों से संबंधित समस्याएँ, मोटापा, थायरॉइड प्रबंधन, गैस, कब्ज, पेट रोग, त्वचा रोग, एलर्जी, माइग्रेन, सिरदर्द, और महिलाओं एवं वृद्धजन के स्वास्थ्य देखभाल जैसी समस्याओं का सफल उपचार किया जाता है। पंचकर्म चिकित्सा में अभ्यंग, स्वेदन, कटि बस्ती, जानू बस्ती जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।

हॉस्पिटल की विशेषताओं में विशुद्ध आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक उपचार, अनुभवी चिकित्सक डॉ. C.P. Patel और विशेषज्ञ टीम के साथ प्रशिक्षित स्टाफ की सेवाएँ शामिल हैं। यह एक NABH प्रमाणित आयुर्वेद हॉस्पिटल है, जहाँ मेडिक्लेम पॉलिसी / हेल्थ इंश्योरेंस के अंतर्गत भी उपचार सुविधा उपलब्ध है। यहाँ रोग के मूल कारण पर आधारित सुरक्षित उपचार प्रदान किया जाता है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक आयुर्वेद चिकित्सा का संयोजन है। डॉ. C.P. Patel और उनकी टीम रोगी की प्रकृति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करती है। स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान लोगों को सुरक्षित एवं प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार के लिए हॉस्पिटल से संपर्क करने का आग्रह किया गया है।
    user_Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉ
    Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉ
    Ayurvedic Practitioner चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • एक महिला जो अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी, वह अब प्रेमी की आर्थिक स्थिति से तंग आकर अपने पति के पास वापस लौट आई है।
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    एक महिला जो अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी, वह अब प्रेमी की आर्थिक स्थिति से तंग आकर अपने पति के पास वापस लौट आई है।
    user_प्रतापhttps://www.facebook.com
    प्रतापhttps://www.facebook.com
    Nurse चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • एक मंदिर के बाहर अवशेष मिलने के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस घटना के विरोध में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और रोड जाम कर अपना विरोध जताया।
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    एक मंदिर के बाहर अवशेष मिलने के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस घटना के विरोध में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और रोड जाम कर अपना विरोध जताया।
    user_Dev karan Mali
    Dev karan Mali
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    1 hr ago
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