राजस्थान के आसींद विधानसभा क्षेत्र के गुलाबपुरा कस्बे में समस्त जैन समाज के लोगों ने एक अहिंसा रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। यह रैली विहारत पूज्य आर्यिका माता जी के अत्यंत दुखद असामयिक निधन की घटना के कड़े विरोध में आयोजित की गई थी। सकल जैन समाज ने गुलाबपुरा उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी दिव्य राज सिंह को देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने संयम, करुणा और अहिंसा का संदेश देने वाले तथा पैदल विहार करने वाले संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल था कि पूज्य आर्यिका माता जी के साथ हुई दुर्घटना को केवल एक सामान्य हादसा न माना जाए और इसकी SIT या न्यायिक जांच करवाई जाए। इसके साथ ही, जैन समाज ने एक राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने की मांग भी की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने यह भी मांग रखी कि संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
राजस्थान के आसींद विधानसभा क्षेत्र के गुलाबपुरा कस्बे में समस्त जैन समाज के लोगों ने एक अहिंसा रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। यह रैली विहारत पूज्य आर्यिका माता जी के अत्यंत दुखद असामयिक निधन की घटना के कड़े विरोध में आयोजित की गई थी। सकल जैन समाज ने गुलाबपुरा उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी दिव्य राज सिंह को देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने संयम, करुणा और अहिंसा का संदेश देने वाले तथा पैदल विहार करने वाले संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल था कि पूज्य आर्यिका माता जी के साथ हुई दुर्घटना को केवल एक सामान्य हादसा न माना जाए और इसकी SIT या न्यायिक जांच करवाई जाए। इसके साथ ही, जैन समाज ने एक राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने की मांग भी की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने यह भी मांग रखी कि संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
- राजस्थान के आसींद विधानसभा क्षेत्र के गुलाबपुरा कस्बे में समस्त जैन समाज के लोगों ने एक अहिंसा रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। यह रैली विहारत पूज्य आर्यिका माता जी के अत्यंत दुखद असामयिक निधन की घटना के कड़े विरोध में आयोजित की गई थी। सकल जैन समाज ने गुलाबपुरा उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी दिव्य राज सिंह को देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने संयम, करुणा और अहिंसा का संदेश देने वाले तथा पैदल विहार करने वाले संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल था कि पूज्य आर्यिका माता जी के साथ हुई दुर्घटना को केवल एक सामान्य हादसा न माना जाए और इसकी SIT या न्यायिक जांच करवाई जाए। इसके साथ ही, जैन समाज ने एक राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने की मांग भी की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने यह भी मांग रखी कि संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।1
- राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने पत्रकारों से संवाद किया। इस दौरान, प्रभारी सचिव हिमांशु गुप्ता ने जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। संवाद में, 'जल संरक्षण से ही समृद्धि का संचार' के मूल मंत्र को रेखांकित करते हुए, 'वंदे गंगा' अभियान को एक जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।2
- जयपुर से पाली में आयोजित महिला कांग्रेस के एक कार्यक्रम में भाग लेने जाते समय, राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह जी ने बर ग्राम के बस स्टैंड स्थित रिणवा भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चर्चा की। इस दौरान, कांग्रेस और महिला कांग्रेस को मजबूत करने की रूपरेखा बनाने और 'लोकतंत्र बचाओ संगठन बढ़ाओ' कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस अवसर पर, ब्यावर जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष इशिका जैन भी उपस्थित थीं। बर में पूर्व सरपंच धर्मेश रिणवा और एडवोकेट अनुराग रिणवा के नेतृत्व में सारिका सिंह और इशिका जैन का भव्य स्वागत किया गया। चर्चा में भाग लेने वाले गणमान्य वरिष्ठ कांग्रेसजनों में पूर्व सरपंच धर्मेश रिणवा, चंद्रपाल सिंह उदावत, बलवीर जलवानिया, मोहनलाल रेगर, आशा रिणवा, सायरा खान, दुर्गा जलवानिया, कन्या देवी मेवाड़ा, ढगलाई मेघवाल, सीता देवी चोरोटिया, हाजी अब्दुल हफीज, हाजी कमरुद्दीन, हाजी अब्दुल सत्तार, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला महामंत्री नाथूखा, वार्ड पंच पेमाराम मेघवाल, वार्ड पंच संतोष मेघवाल, वार्ड पंच राकेश मेघवाल, अशोक रिणवा, एडवोकेट अनुराग रिणवा, पूसाखान, मोहनलाल जाटोलिया, सीता देवी, दीपाराम मेघवाल, ओगड़ राम रेगर, एडवोकेट योगेश सेन, हिमांशु जलवानिया, मोहम्मद अफजल, गौतम बंजारा, बगदाराम जी राजदमामी, बद्री लाल जी राजदमामी, और ऋषभ सिंदल शामिल थे।1
- ब्यावर के मसूदा रोड पर हुए एक सड़क हादसे में एक एक्टिवा सवार महिला घायल हो गई। पाखरिया वास की निवासी यह महिला एक्टिवा पर जा रही थी, तभी एक कार ने उसे टक्कर मार दी। घटना के बाद, 108 एम्बुलेंस की सहायता से घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया गया।1
- भीलवाड़ा में एक मंदिर के बाहर जानवर की खाल मिलने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम कर दिया, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की सहायता से दो युवकों, लोकेश खटीक और हेमंत कोली, की पहचान की और उन्हें हिरासत में ले लिया है। बताया गया है कि लोकेश खटीक जानवरों की खालों के खरीदने और बेचने का व्यवसाय करता है।1
- एक मंदिर के बाहर अवशेष मिलने के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस घटना के विरोध में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और रोड जाम कर अपना विरोध जताया।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के माण्डलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में स्थित त्रिवेणी संगम पर, जो बनास, बेड़च और मेंनाली नदियों का महासंगम और मेवाड़ के प्रयागराज के रूप में प्रसिद्ध है, "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026" के तहत एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने का संकल्प लेना था। कार्यक्रम के दौरान त्रिवेणी संगम पर विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जल पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की गई। इस कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के यशस्वी उप मुख्यमंत्री और भीलवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री प्रेमचंद बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए आमजन से जल बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आमजन को जल संरक्षण, जल संवर्धन, वर्षा जल संचयन तथा पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन हेतु जनभागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। साथ ही, अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का भी आह्वान किया गया। कार्यक्रम में सभी उपस्थितजनों ने जल और प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान की संस्कृति में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की एक समृद्ध परंपरा रही है और हमारे पूर्वजों ने जल को जीवन तथा संस्कृति का आधार माना है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026" जल स्रोतों के पुनरुद्धार, जल संचयन, स्वच्छता, वृक्षारोपण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। कार्यक्रम में मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना, विधायक अशोक कोठारी, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, प्रभारी सचिव मंजू राजपाल, जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू, भाजपा जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, विधानसभा संयोजक अनिल पारीक, उप जिला प्रमुख शंकर गुर्जर, निवर्तमान चेयरमैन संजय डांगी, मांडलगढ़ नगर मंडल अध्यक्ष अशोक जीनगर, बिजोलिया मंडल अध्यक्ष राजेंद्र बंजारा, मांडलगढ़ ग्रामीण मंडल अध्यक्ष श्याम अहीर, महुआ मंडल अध्यक्ष बृजमोहन शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।4
- भीलवाड़ा जिले के आसींद उपखंड मुख्यालय पर स्थित CHC आसींद में प्रतिदिन 800 से 1000 मरीज ओपीडी में आते हैं, जो जिला मुख्यालय के बाद सबसे अधिक संख्या है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण सीएचसी स्टाफ को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और गंभीर रोगियों को जिला मुख्यालय रेफर करना पड़ता है। इसी को देखते हुए आम जनता आसींद CHC को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की मांग कर रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। आसींद भाजपा विधायक जब्बर सिंह सांखला भी इस मांग को लेकर लगातार प्रयासरत हैं कि जल्द से जल्द आसींद सीएचसी को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया जाए। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री तक यह मांग पहुंचाई है और विधानसभा सत्र में भी इसे प्राथमिकता से उठाया है। विधायक जब्बर सिंह सांखला ने यह भी बताया कि आसींद CHC का मौजूदा भवन काफी छोटा है। उन्होंने नए भवन के निर्माण के लिए नई भूमि आवंटित करने की मांग की है, ताकि आमजन को आने-जाने में कोई असुविधा न हो। वे लगातार इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी यह मांग पूरी होगी, जिससे आसींद कस्बे को उप जिला चिकित्सालय के क्रमोन्नत होने के साथ-साथ एक नए भवन की भी सौगात मिलेगी और आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा लाभ मिल सकेगा।1