भीलवाड़ा जिले के आसींद उपखंड मुख्यालय पर स्थित CHC आसींद में प्रतिदिन 800 से 1000 मरीज ओपीडी में आते हैं, जो जिला मुख्यालय के बाद सबसे अधिक संख्या है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण सीएचसी स्टाफ को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और गंभीर रोगियों को जिला मुख्यालय रेफर करना पड़ता है। इसी को देखते हुए आम जनता आसींद CHC को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की मांग कर रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। आसींद भाजपा विधायक जब्बर सिंह सांखला भी इस मांग को लेकर लगातार प्रयासरत हैं कि जल्द से जल्द आसींद सीएचसी को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया जाए। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री तक यह मांग पहुंचाई है और विधानसभा सत्र में भी इसे प्राथमिकता से उठाया है। विधायक जब्बर सिंह सांखला ने यह भी बताया कि आसींद CHC का मौजूदा भवन काफी छोटा है। उन्होंने नए भवन के निर्माण के लिए नई भूमि आवंटित करने की मांग की है, ताकि आमजन को आने-जाने में कोई असुविधा न हो। वे लगातार इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी यह मांग पूरी होगी, जिससे आसींद कस्बे को उप जिला चिकित्सालय के क्रमोन्नत होने के साथ-साथ एक नए भवन की भी सौगात मिलेगी और आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा लाभ मिल सकेगा।
भीलवाड़ा जिले के आसींद उपखंड मुख्यालय पर स्थित CHC आसींद में प्रतिदिन 800 से 1000 मरीज ओपीडी में आते हैं, जो जिला मुख्यालय के बाद सबसे अधिक संख्या है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण सीएचसी स्टाफ को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और गंभीर रोगियों को जिला मुख्यालय रेफर करना पड़ता है। इसी को देखते हुए आम जनता आसींद CHC को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की मांग कर रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। आसींद भाजपा विधायक जब्बर सिंह सांखला भी इस मांग को लेकर लगातार प्रयासरत हैं कि जल्द से जल्द आसींद सीएचसी को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया जाए। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री तक यह मांग पहुंचाई है और विधानसभा सत्र में भी इसे प्राथमिकता से उठाया है। विधायक जब्बर सिंह सांखला ने यह भी बताया कि आसींद CHC का मौजूदा भवन काफी छोटा है। उन्होंने नए भवन के निर्माण के लिए नई भूमि आवंटित करने की मांग की है, ताकि आमजन को आने-जाने में कोई असुविधा न हो। वे लगातार इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी यह मांग पूरी होगी, जिससे आसींद कस्बे को उप जिला चिकित्सालय के क्रमोन्नत होने के साथ-साथ एक नए भवन की भी सौगात मिलेगी और आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा लाभ मिल सकेगा।
- राजस्थान के आसींद विधानसभा क्षेत्र के गुलाबपुरा कस्बे में समस्त जैन समाज के लोगों ने एक अहिंसा रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। यह रैली विहारत पूज्य आर्यिका माता जी के अत्यंत दुखद असामयिक निधन की घटना के कड़े विरोध में आयोजित की गई थी। सकल जैन समाज ने गुलाबपुरा उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखंड अधिकारी दिव्य राज सिंह को देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राजस्थान के मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने संयम, करुणा और अहिंसा का संदेश देने वाले तथा पैदल विहार करने वाले संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल था कि पूज्य आर्यिका माता जी के साथ हुई दुर्घटना को केवल एक सामान्य हादसा न माना जाए और इसकी SIT या न्यायिक जांच करवाई जाए। इसके साथ ही, जैन समाज ने एक राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने की मांग भी की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने यह भी मांग रखी कि संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।1
- राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने पत्रकारों से संवाद किया। इस दौरान, प्रभारी सचिव हिमांशु गुप्ता ने जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। संवाद में, 'जल संरक्षण से ही समृद्धि का संचार' के मूल मंत्र को रेखांकित करते हुए, 'वंदे गंगा' अभियान को एक जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।2
- जयपुर से पाली में आयोजित महिला कांग्रेस के एक कार्यक्रम में भाग लेने जाते समय, राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह जी ने बर ग्राम के बस स्टैंड स्थित रिणवा भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं से चर्चा की। इस दौरान, कांग्रेस और महिला कांग्रेस को मजबूत करने की रूपरेखा बनाने और 'लोकतंत्र बचाओ संगठन बढ़ाओ' कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस अवसर पर, ब्यावर जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष इशिका जैन भी उपस्थित थीं। बर में पूर्व सरपंच धर्मेश रिणवा और एडवोकेट अनुराग रिणवा के नेतृत्व में सारिका सिंह और इशिका जैन का भव्य स्वागत किया गया। चर्चा में भाग लेने वाले गणमान्य वरिष्ठ कांग्रेसजनों में पूर्व सरपंच धर्मेश रिणवा, चंद्रपाल सिंह उदावत, बलवीर जलवानिया, मोहनलाल रेगर, आशा रिणवा, सायरा खान, दुर्गा जलवानिया, कन्या देवी मेवाड़ा, ढगलाई मेघवाल, सीता देवी चोरोटिया, हाजी अब्दुल हफीज, हाजी कमरुद्दीन, हाजी अब्दुल सत्तार, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला महामंत्री नाथूखा, वार्ड पंच पेमाराम मेघवाल, वार्ड पंच संतोष मेघवाल, वार्ड पंच राकेश मेघवाल, अशोक रिणवा, एडवोकेट अनुराग रिणवा, पूसाखान, मोहनलाल जाटोलिया, सीता देवी, दीपाराम मेघवाल, ओगड़ राम रेगर, एडवोकेट योगेश सेन, हिमांशु जलवानिया, मोहम्मद अफजल, गौतम बंजारा, बगदाराम जी राजदमामी, बद्री लाल जी राजदमामी, और ऋषभ सिंदल शामिल थे।1
- ब्यावर के मसूदा रोड पर हुए एक सड़क हादसे में एक एक्टिवा सवार महिला घायल हो गई। पाखरिया वास की निवासी यह महिला एक्टिवा पर जा रही थी, तभी एक कार ने उसे टक्कर मार दी। घटना के बाद, 108 एम्बुलेंस की सहायता से घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया गया।1
- भीलवाड़ा में एक मंदिर के बाहर जानवर की खाल मिलने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम कर दिया, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की सहायता से दो युवकों, लोकेश खटीक और हेमंत कोली, की पहचान की और उन्हें हिरासत में ले लिया है। बताया गया है कि लोकेश खटीक जानवरों की खालों के खरीदने और बेचने का व्यवसाय करता है।1
- शनिवार को भीलवाड़ा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शास्त्री नगर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के पास हनुमान मंदिर के बाहर बकरे के अवशेष मिलने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सोलंकी टॉकीज मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और धरने पर बैठ गए, आरोप लगाया कि असामाजिक तत्व शहर का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना मिलने पर सीओ सिटी सज्जन सिंह और कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान चौधरी पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। बजरंग दल के महानगर संयोजक मुकेश प्रजापत ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शहर में लगातार धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के आधार पर पुलिस ने लोकेश खटीक और हेमंत कोली नामक दो युवकों को हिरासत में लिया। कोतवाली थाना प्रभारी हनुमान चौधरी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि यह कोई साजिशन की गई घटना नहीं, बल्कि एक हादसा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोकेश खटीक पशुओं की खाल खरीदने-बेचने का वैध व्यापार करता है। रविवार रात वह अपने साथी हेमंत के साथ स्कूटी पर कांवाखेड़ा क्षेत्र से कट्टे में खालें भरकर ले जा रहा था। रास्ते में कट्टे का मुंह खुल जाने से बाबा रामदेव मंदिर के सामने सड़क पर अनजाने में दो खालें गिर गईं, जिससे यह गलतफहमी फैल गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को सीसीटीवी फुटेज और जांच के तथ्य दिखाकर पूरा घटनाक्रम स्पष्ट किया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई और लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बताई जा रही है।3
- देशभर में पैदल विहार कर रहे जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सकल जैन समाज में भारी आक्रोश और गहरी चिंता व्याप्त है। हाल ही में एक पूज्य आर्यिका माताजी के विहार के दौरान हुई दुखद दुर्घटना और उनके असामयिक निधन के विरोध में सोमवार को भीलवाड़ा के सकल जैन समाज ने काली पट्टी बांधकर एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहाँ मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में समाज ने इस घटना को मात्र एक सड़क दुर्घटना मानने से स्पष्ट इनकार किया, बल्कि इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया। समाज के प्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों का हवाला देते हुए यह आशंका व्यक्त की कि जैन साधु-संतों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि जैन संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति और संयम का संदेश देते हैं। ऐसे में, उनके साथ लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं पूरे समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। सकल जैन समाज ने इस घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिसके लिए एक एसआईटी या न्यायिक जांच गठित करने की बात कही गई। इसके साथ ही, घटना स्थल के सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित रखने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई। समाज ने विहाररत संतों के लिए एक विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, संवेदनशील मार्गों पर पुलिस सहयोग और ट्रैफिक नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा चेतावनी संकेतक लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर जसराज चोरड़िया, राजेंद्र चीपड़, विनोद बंब, मंजू पोखरना, पुष्पा गोखरू, सुनीता पाटनी, भूमिका जैन, नरेश गोधा, लोकेश अजमेरा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।1
- भीलवाड़ा जिले के आसींद उपखंड मुख्यालय पर स्थित CHC आसींद में प्रतिदिन 800 से 1000 मरीज ओपीडी में आते हैं, जो जिला मुख्यालय के बाद सबसे अधिक संख्या है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण सीएचसी स्टाफ को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और गंभीर रोगियों को जिला मुख्यालय रेफर करना पड़ता है। इसी को देखते हुए आम जनता आसींद CHC को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की मांग कर रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। आसींद भाजपा विधायक जब्बर सिंह सांखला भी इस मांग को लेकर लगातार प्रयासरत हैं कि जल्द से जल्द आसींद सीएचसी को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया जाए। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री तक यह मांग पहुंचाई है और विधानसभा सत्र में भी इसे प्राथमिकता से उठाया है। विधायक जब्बर सिंह सांखला ने यह भी बताया कि आसींद CHC का मौजूदा भवन काफी छोटा है। उन्होंने नए भवन के निर्माण के लिए नई भूमि आवंटित करने की मांग की है, ताकि आमजन को आने-जाने में कोई असुविधा न हो। वे लगातार इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी यह मांग पूरी होगी, जिससे आसींद कस्बे को उप जिला चिकित्सालय के क्रमोन्नत होने के साथ-साथ एक नए भवन की भी सौगात मिलेगी और आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा लाभ मिल सकेगा।1