पंचायत चुनाव समय से कराने, नहीं होने की स्थिति में प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने की मांग, संगठन ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन सोहावल अयोध्या। प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। अखिल भारतीय प्रधान संगठन (रजि.) के बैनर तले प्रधान संघ जिला अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह की अगुवाई में बड़ी संख्या में प्रधानों ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पंचायत चुनाव समय से कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें जमीनी हालात और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किए गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय ग्राम पंचायतों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, लेकिन वर्तमान हालातों से लग रहा है कि चुनाव आयोग औऱ उत्तर प्रदेश सरकार समय से पंचायत चुनाव नही करा पायेगी जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अव्यवस्था फैलेगी औऱ लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर असर पड़ेगा संगठन ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि हाल के वर्षों में आई विभिन्न आपदाओं और विशेषकर कोरोना महामारी जैसी चुनौतियों के दौरान ग्राम प्रधानों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए न केवल पंचायत स्तर पर व्यवस्थाएं संभालीं, बल्कि जरूरतमंदों तक भोजन, दवा और अन्य आवश्यक संसाधन भी पहुंचाए। ऐसे में इन जनप्रतिनिधियों के अनुभव और योगदान को देखते हुए उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी तर्क दिया गया कि यदि वर्तमान समय में चुनाव नही कराए जाते हैं तो इससे प्रशासनिक अव्यवस्था और जनसमस्याओं में वृद्धि हो सकती है। संगठन ने मांग की है कि वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल निर्धारित अवधि तक बढ़ाया जाए। इससे न केवल प्रशासनिक निरंतरता बनी रहेगी, बल्कि ग्रामीण विकास कार्यों में भी बाधा नहीं आएगी। ज्ञापन के अंत में संगठन के पदाधिकारियों और विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं, जो इस मांग के प्रति व्यापक समर्थन को दर्शाते हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है, क्योंकि यह मुद्दा सीधे तौर पर ग्रामीण प्रशासन, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनहित से जुड़ा हुआ है। इस अवसर पर नदीम मलिक दुर्गा प्रसाद निषाद विष्णु निषाद बिंदेश कुमार मनोज कुमार सिंह अविरल कुमार तिवारी शेखर सिंह अनुज मिश्रा मुन्ना मिश्रा कामराज राकेश यादव रामचंद्र रावत पुष्प लता सूर्यनारायण गुप्ता रामनाथ मौर्य रामकिशन अखिलेश सोनी राज किशोर यादव रामबचन राकेश कुमार धर्मेंद्र कुमार यादव फूलचंद यादव वकार अहमद रमेश कुमार कामता प्रसाद सहित कई दर्जन प्रधानगण मौजूद रहे
पंचायत चुनाव समय से कराने, नहीं होने की स्थिति में प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने की मांग, संगठन ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन सोहावल अयोध्या। प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। अखिल भारतीय प्रधान संगठन (रजि.) के बैनर तले प्रधान संघ जिला अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह की अगुवाई में बड़ी संख्या में प्रधानों ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पंचायत चुनाव समय से कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें जमीनी हालात और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किए गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय ग्राम पंचायतों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, लेकिन वर्तमान हालातों से लग रहा है कि चुनाव आयोग औऱ उत्तर प्रदेश सरकार समय से पंचायत चुनाव नही करा पायेगी जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अव्यवस्था फैलेगी औऱ लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर असर पड़ेगा संगठन ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि हाल के वर्षों में आई विभिन्न आपदाओं और विशेषकर कोरोना महामारी जैसी चुनौतियों के दौरान ग्राम प्रधानों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए न केवल पंचायत स्तर पर व्यवस्थाएं संभालीं, बल्कि जरूरतमंदों तक भोजन, दवा और अन्य आवश्यक संसाधन भी पहुंचाए। ऐसे में इन जनप्रतिनिधियों के अनुभव और योगदान को देखते हुए उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी तर्क दिया गया कि यदि वर्तमान समय में चुनाव नही कराए जाते हैं तो इससे प्रशासनिक अव्यवस्था और जनसमस्याओं में वृद्धि हो सकती है। संगठन ने मांग की है कि वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल निर्धारित अवधि तक बढ़ाया जाए। इससे न केवल प्रशासनिक निरंतरता बनी रहेगी, बल्कि ग्रामीण विकास कार्यों में भी बाधा नहीं आएगी। ज्ञापन के अंत में संगठन के पदाधिकारियों और विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं, जो इस मांग के प्रति व्यापक समर्थन को दर्शाते हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है, क्योंकि यह मुद्दा सीधे तौर पर ग्रामीण प्रशासन, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनहित से जुड़ा हुआ है। इस अवसर पर नदीम मलिक दुर्गा प्रसाद निषाद विष्णु निषाद बिंदेश कुमार मनोज कुमार सिंह अविरल कुमार तिवारी शेखर सिंह अनुज मिश्रा मुन्ना मिश्रा कामराज राकेश यादव रामचंद्र रावत पुष्प लता सूर्यनारायण गुप्ता रामनाथ मौर्य रामकिशन अखिलेश सोनी राज किशोर यादव रामबचन राकेश कुमार धर्मेंद्र कुमार यादव फूलचंद यादव वकार अहमद रमेश कुमार कामता प्रसाद सहित कई दर्जन प्रधानगण मौजूद रहे
- अयोध्या। राम नगरी में दोपहिया वाहन खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। सोहावल चौराहे के पास स्थित रजा ऑटो सेल्स में “बजाज पल्सर महोत्सव” का आयोजन किया गया है। यह विशेष मेला 20 अप्रैल से शुरू होकर 10 मई तक चलेगा, जिसमें ग्राहकों को आकर्षक ऑफर और आसान फाइनेंस की सुविधा दी जा रही है। महोत्सव के दौरान Bajaj Auto की लोकप्रिय बाइक्स जैसे बजाज पल्सर (100cc व 125cc) और बजाज प्लेटिना (100cc व 110cc) पर खास छूट मिल रही है। शोरूम प्रबंधन का दावा है कि इन मॉडलों की बिक्री अन्य कंपनियों जैसे Hero MotoCorp और TVS Motor Company की गाड़ियों को कड़ी टक्कर दे रही है। मेला की सबसे खास बात यह है कि ग्राहकों को 2,000 से 5,000 रुपये तक की छूट दी जा रही है। साथ ही बेहद कम दस्तावेज़ों में तत्काल लोन सुविधा उपलब्ध है। ग्राहक केवल आधार कार्ड, दो पासपोर्ट फोटो और बैंक चेक बुक के साथ आसानी से अपनी पसंद की बाइक खरीद सकते हैं। शोरूम के मैनेजर विजय दुबे ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे इस मौके का लाभ उठाएं और अपने सपनों की बाइक घर ले जाएं। उन्होंने बताया कि रजा ऑटो सेल्स समय-समय पर ऐसे मेले आयोजित करता रहता है, जिससे ग्राहकों को बेहतर ऑफर और सुविधाएं मिलती हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह महोत्सव किफायती कीमत में नई बाइक खरीदने का सुनहरा अवसर बन गया है।1
- देश में गर्मी तेज गति से पड़ रही है मानव जीवन कष्ट से जी रहा है लेकिन पशु पक्षी भी गर्मी से परेशान1
- मोदी सरकार अटल पेंशन योजना (APY) के तहत मिलने वाली अधिकतम मासिक पेंशन को ₹5,000 से बढ़ाकर ₹10,000 करने पर विचार कर रही है। यह कदम असंगठित क्षेत्र के कामगारों, रेहड़ी-पटरी वालों और मजदूरों को महंगाई से राहत देने के लिए उठाया जा रहा है। पेंशन फंड नियामक (PFRDA) और वित्त मंत्रालय इस प्रस्ताव पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।1
- जीवन की कुछ जरूरी बाते1
- गोण्डा । नवाबगंज थाना क्षेत्र के रेहली गांव में अवैध मिट्टी खनन का खेल बेखौफ जारी है। ग्रामीणों की शिकायत पर जब राजस्व टीम मौके पर पहुंची तो खनन माफिया प्रशासन को चुनौती देते हुए भाग खड़े हुए। इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि इलाके में अवैध खनन का कारोबार कितनी मजबूती से जड़ें जमा चुका है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को रेहली गांव में दिनदहाड़े अवैध रूप से मिट्टी खनन कर उसकी बिक्री की जा रही थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत लेखपाल कृष्णा कुमारी से की। शिकायत मिलते ही लेखपाल मौके पर पहुंचीं, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली और रैपर मशीन से तेजी से खनन जारी था। जैसे ही लेखपाल ने मौके का वीडियो बनाना शुरू किया, खनन में लगे लोग हड़कंप में आ गए और मशीनों व वाहनों को लेकर फरार हो गए। सूत्र बताते हैं कि क्षेत्र में लंबे समय से यह अवैध खनन संगठित तरीके से किया जा रहा है। रात के साथ-साथ दिन में भी खुलेआम खनन हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग या तो अनजान बने हुए हैं या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। लेखपाल कृष्णा कुमारी ने बताया कि मौके का निरीक्षण कर खनन की मात्रा का आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार कर तहसील प्रशासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ऐसे आश्वासन पहले भी दिए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आता। मौत के बाद भी नहीं टूटी माफिया की हिम्मत सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीते मंगलवार को हरिहरपुर गांव के चकपान में अवैध खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर एक किशोर की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन सख्ती दिखाएगा, लेकिन हालात जस के तस हैं। इससे साफ है कि माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं। किसके संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार? लगातार हो रही घटनाओं ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं— क्या स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है यह खेल? क्यों नहीं हो रही माफियाओं की पहचान और गिरफ्तारी? मौत के बाद भी क्यों नहीं जाग रहे जिम्मेदार? ग्रामीणों का कहना है कि जब भी शिकायत की जाती है, कुछ दिन दिखावे की कार्रवाई होती है, फिर वही खेल शुरू हो जाता है। अब देखना यह होगा कि इस बार प्रशासन सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहता है या फिर अवैध खनन पर सच में कोई ठोस और कड़ी कार्रवाई होती है। फिलहाल, रेहली और आसपास के इलाकों में खनन माफियाओं का खौफ और प्रशासन की निष्क्रियता दोनों ही चर्चा का विषय बने हुए हैं।2
- Gonda jila godar Shah Purva ka road hai is road ko koi Pradhan Dhyan nahin dete aap log se jitna ho sake aage share Karen1
- welcome1
- सोहावल अयोध्या। प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। अखिल भारतीय प्रधान संगठन (रजि.) के बैनर तले प्रधान संघ जिला अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह की अगुवाई में बड़ी संख्या में प्रधानों ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पंचायत चुनाव समय से कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें जमीनी हालात और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण तर्क प्रस्तुत किए गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय ग्राम पंचायतों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, लेकिन वर्तमान हालातों से लग रहा है कि चुनाव आयोग औऱ उत्तर प्रदेश सरकार समय से पंचायत चुनाव नही करा पायेगी जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अव्यवस्था फैलेगी औऱ लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर असर पड़ेगा संगठन ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि हाल के वर्षों में आई विभिन्न आपदाओं और विशेषकर कोरोना महामारी जैसी चुनौतियों के दौरान ग्राम प्रधानों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए न केवल पंचायत स्तर पर व्यवस्थाएं संभालीं, बल्कि जरूरतमंदों तक भोजन, दवा और अन्य आवश्यक संसाधन भी पहुंचाए। ऐसे में इन जनप्रतिनिधियों के अनुभव और योगदान को देखते हुए उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी तर्क दिया गया कि यदि वर्तमान समय में चुनाव नही कराए जाते हैं तो इससे प्रशासनिक अव्यवस्था और जनसमस्याओं में वृद्धि हो सकती है। संगठन ने मांग की है कि वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल निर्धारित अवधि तक बढ़ाया जाए। इससे न केवल प्रशासनिक निरंतरता बनी रहेगी, बल्कि ग्रामीण विकास कार्यों में भी बाधा नहीं आएगी। ज्ञापन के अंत में संगठन के पदाधिकारियों और विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं, जो इस मांग के प्रति व्यापक समर्थन को दर्शाते हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है, क्योंकि यह मुद्दा सीधे तौर पर ग्रामीण प्रशासन, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनहित से जुड़ा हुआ है। इस अवसर पर नदीम मलिक दुर्गा प्रसाद निषाद विष्णु निषाद बिंदेश कुमार मनोज कुमार सिंह अविरल कुमार तिवारी शेखर सिंह अनुज मिश्रा मुन्ना मिश्रा कामराज राकेश यादव रामचंद्र रावत पुष्प लता सूर्यनारायण गुप्ता रामनाथ मौर्य रामकिशन अखिलेश सोनी राज किशोर यादव रामबचन राकेश कुमार धर्मेंद्र कुमार यादव फूलचंद यादव वकार अहमद रमेश कुमार कामता प्रसाद सहित कई दर्जन प्रधानगण मौजूद रहे1
- Gurdar Shahpura1