मौत के बाद भी नहीं थमा अवैध खनन, छापा पड़ते ही भागे माफिया—प्रशासन पर बड़े सवाल गोण्डा । नवाबगंज थाना क्षेत्र के रेहली गांव में अवैध मिट्टी खनन का खेल बेखौफ जारी है। ग्रामीणों की शिकायत पर जब राजस्व टीम मौके पर पहुंची तो खनन माफिया प्रशासन को चुनौती देते हुए भाग खड़े हुए। इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि इलाके में अवैध खनन का कारोबार कितनी मजबूती से जड़ें जमा चुका है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को रेहली गांव में दिनदहाड़े अवैध रूप से मिट्टी खनन कर उसकी बिक्री की जा रही थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत लेखपाल कृष्णा कुमारी से की। शिकायत मिलते ही लेखपाल मौके पर पहुंचीं, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली और रैपर मशीन से तेजी से खनन जारी था। जैसे ही लेखपाल ने मौके का वीडियो बनाना शुरू किया, खनन में लगे लोग हड़कंप में आ गए और मशीनों व वाहनों को लेकर फरार हो गए। सूत्र बताते हैं कि क्षेत्र में लंबे समय से यह अवैध खनन संगठित तरीके से किया जा रहा है। रात के साथ-साथ दिन में भी खुलेआम खनन हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग या तो अनजान बने हुए हैं या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। लेखपाल कृष्णा कुमारी ने बताया कि मौके का निरीक्षण कर खनन की मात्रा का आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार कर तहसील प्रशासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ऐसे आश्वासन पहले भी दिए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आता। मौत के बाद भी नहीं टूटी माफिया की हिम्मत सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीते मंगलवार को हरिहरपुर गांव के चकपान में अवैध खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर एक किशोर की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन सख्ती दिखाएगा, लेकिन हालात जस के तस हैं। इससे साफ है कि माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं। किसके संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार? लगातार हो रही घटनाओं ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं— क्या स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है यह खेल? क्यों नहीं हो रही माफियाओं की पहचान और गिरफ्तारी? मौत के बाद भी क्यों नहीं जाग रहे जिम्मेदार? ग्रामीणों का कहना है कि जब भी शिकायत की जाती है, कुछ दिन दिखावे की कार्रवाई होती है, फिर वही खेल शुरू हो जाता है। अब देखना यह होगा कि इस बार प्रशासन सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहता है या फिर अवैध खनन पर सच में कोई ठोस और कड़ी कार्रवाई होती है। फिलहाल, रेहली और आसपास के इलाकों में खनन माफियाओं का खौफ और प्रशासन की निष्क्रियता दोनों ही चर्चा का विषय बने हुए हैं।
मौत के बाद भी नहीं थमा अवैध खनन, छापा पड़ते ही भागे माफिया—प्रशासन पर बड़े सवाल गोण्डा । नवाबगंज थाना क्षेत्र के रेहली गांव में अवैध मिट्टी खनन का खेल बेखौफ जारी है। ग्रामीणों की शिकायत पर जब राजस्व टीम मौके पर पहुंची तो खनन माफिया प्रशासन को चुनौती देते हुए भाग खड़े हुए। इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि इलाके में अवैध खनन का कारोबार कितनी मजबूती से जड़ें जमा चुका है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को रेहली गांव में दिनदहाड़े अवैध रूप से मिट्टी खनन कर उसकी बिक्री की जा रही थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत लेखपाल कृष्णा कुमारी से की। शिकायत मिलते ही लेखपाल मौके पर पहुंचीं, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली और रैपर मशीन से तेजी से खनन जारी था। जैसे ही लेखपाल ने मौके का वीडियो बनाना शुरू किया, खनन में लगे लोग हड़कंप में आ गए और मशीनों व वाहनों को लेकर फरार हो गए। सूत्र बताते हैं कि क्षेत्र में लंबे समय से यह अवैध खनन संगठित तरीके से किया जा रहा है। रात के साथ-साथ दिन में भी खुलेआम खनन हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग या तो अनजान बने हुए हैं या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। लेखपाल कृष्णा कुमारी ने बताया कि मौके का निरीक्षण कर खनन की मात्रा का आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार
कर तहसील प्रशासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ऐसे आश्वासन पहले भी दिए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आता। मौत के बाद भी नहीं टूटी माफिया की हिम्मत सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीते मंगलवार को हरिहरपुर गांव के चकपान में अवैध खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर एक किशोर की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन सख्ती दिखाएगा, लेकिन हालात जस के तस हैं। इससे साफ है कि माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं। किसके संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार? लगातार हो रही घटनाओं ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं— क्या स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है यह खेल? क्यों नहीं हो रही माफियाओं की पहचान और गिरफ्तारी? मौत के बाद भी क्यों नहीं जाग रहे जिम्मेदार? ग्रामीणों का कहना है कि जब भी शिकायत की जाती है, कुछ दिन दिखावे की कार्रवाई होती है, फिर वही खेल शुरू हो जाता है। अब देखना यह होगा कि इस बार प्रशासन सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहता है या फिर अवैध खनन पर सच में कोई ठोस और कड़ी कार्रवाई होती है। फिलहाल, रेहली और आसपास के इलाकों में खनन माफियाओं का खौफ और प्रशासन की निष्क्रियता दोनों ही चर्चा का विषय बने हुए हैं।
- गोण्डा । नवाबगंज थाना क्षेत्र के रेहली गांव में अवैध मिट्टी खनन का खेल बेखौफ जारी है। ग्रामीणों की शिकायत पर जब राजस्व टीम मौके पर पहुंची तो खनन माफिया प्रशासन को चुनौती देते हुए भाग खड़े हुए। इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि इलाके में अवैध खनन का कारोबार कितनी मजबूती से जड़ें जमा चुका है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को रेहली गांव में दिनदहाड़े अवैध रूप से मिट्टी खनन कर उसकी बिक्री की जा रही थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत लेखपाल कृष्णा कुमारी से की। शिकायत मिलते ही लेखपाल मौके पर पहुंचीं, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली और रैपर मशीन से तेजी से खनन जारी था। जैसे ही लेखपाल ने मौके का वीडियो बनाना शुरू किया, खनन में लगे लोग हड़कंप में आ गए और मशीनों व वाहनों को लेकर फरार हो गए। सूत्र बताते हैं कि क्षेत्र में लंबे समय से यह अवैध खनन संगठित तरीके से किया जा रहा है। रात के साथ-साथ दिन में भी खुलेआम खनन हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग या तो अनजान बने हुए हैं या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। लेखपाल कृष्णा कुमारी ने बताया कि मौके का निरीक्षण कर खनन की मात्रा का आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार कर तहसील प्रशासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ऐसे आश्वासन पहले भी दिए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आता। मौत के बाद भी नहीं टूटी माफिया की हिम्मत सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीते मंगलवार को हरिहरपुर गांव के चकपान में अवैध खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर एक किशोर की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन सख्ती दिखाएगा, लेकिन हालात जस के तस हैं। इससे साफ है कि माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं। किसके संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार? लगातार हो रही घटनाओं ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं— क्या स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है यह खेल? क्यों नहीं हो रही माफियाओं की पहचान और गिरफ्तारी? मौत के बाद भी क्यों नहीं जाग रहे जिम्मेदार? ग्रामीणों का कहना है कि जब भी शिकायत की जाती है, कुछ दिन दिखावे की कार्रवाई होती है, फिर वही खेल शुरू हो जाता है। अब देखना यह होगा कि इस बार प्रशासन सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहता है या फिर अवैध खनन पर सच में कोई ठोस और कड़ी कार्रवाई होती है। फिलहाल, रेहली और आसपास के इलाकों में खनन माफियाओं का खौफ और प्रशासन की निष्क्रियता दोनों ही चर्चा का विषय बने हुए हैं।2
- Gonda jila godar Shah Purva ka road hai is road ko koi Pradhan Dhyan nahin dete aap log se jitna ho sake aage share Karen1
- गोंडा में “अरगा ज्ञान गंज: चाय एण्ड चैप्टर्स” का शुभारंभ, संवाद व सशक्तिकरण को मिला नया मंच *गोंडा में “अरगा ज्ञान गंज” की शुरुआत, युवाओं को मिला अध्ययन का नया केंद्र* *आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने किया “चाय एण्ड चैप्टर्स” लाइब्रेरी का उद्घाटन* *मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, “ज्ञान गंज” पहल से बढ़ेगा संवाद और सशक्तिकरण* *विकास भवन में नई लाइब्रेरी शुरू, डीएम-सीडीओ की पहल से युवाओं को मिला सुरक्षित अध्ययन स्थल* विकास भवन परिसर स्थित शक्ति कैफे में शुक्रवार को *“अरगा ज्ञान गंज: चाय एण्ड चैप्टर्स”* पहल का सफल शुभारंभ किया गया। इस पहल के तहत अब जनपद के युवाओं को सुरक्षित, शांत एवं सुविधाजनक वातावरण में बैठकर अध्ययन करने के लिए एक उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो गया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयुक्त, देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल उपस्थित रहीं, जिन्होंने फीता काटकर लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी भी उपस्थित रहीं। आयुक्त ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी की इस अभिनव पहल की सराहना की। इस दौरान कमिश्नर डीएम और सीडीओ ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल एवं माला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, डायरी एवं पेन भी भेंट किए। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं से बात करते हुए आयुक्त ने कहा कि “चाय की चुस्की के साथ ज्ञान की राह” जैसी पहलें समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देती हैं तथा महिलाओं एवं युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने इसे सामाजिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रभावी प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों की सफलता में उनके अलावा उनके अभिभावकों का भी काफी योगदान है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने तथा जीवन के प्रत्येक लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनपद की युवाओं को पढ़ने के लिए अच्छी और सुरक्षित जगह मिली है। सभी छात्र-छात्रायें अपने जीवन के हर लक्ष्य को प्राप्त करें।वहीं जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सम्बोधित करते हुए कहा विकास भवन परिसर में स्थापित इस लाइब्रेरी से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा। उन्होंने बताया कि शक्ति कैफे में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध है, जिससे छात्र-छात्राएं अध्ययन के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी ध्यान रख सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह लाइब्रेरी सभी विद्यार्थियों के लिए खुली है और कोई भी यहां आकर अध्ययन कर सकता है। मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन ने कहा कि इस लाइब्रेरी के निर्माण से छात्र-छात्राओं को शांत एवं अनुकूल वातावरण में अध्ययन करने की सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।6
- जीवन की कुछ जरूरी बाते1
- नल की व्यवस्था पूरी तरह से खराब है जब से इसको बोरिंग हुई थी तब से यह स्टार्ट ही नहीं हुआ 2 दिन के बाद यह खराब हो गया उसके बाद में बहुत कहे सुनने पर प्राइवेट से भी बनवाई फिर भी वह सक्सेस नहीं हो पा रहा है मगर कोई उसकी सुनवाई नहीं1
- यह हमारा स्कूल है बहुत पुराना है इसमें हमने कक्षा 1 से 5 तक को बगल वाले में कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाई किया है1
- सिनेमा हॉल में लाइटें बंद थीं और पर्दे पर एक्शन चल रहा था। इसी बीच एक युवक ने सोचा कि अंधेरे का फायदा उठाकर वह अपनी 'धुरंधरपंती' दिखाएगा। उसने पास बैठी एक युवती के साथ छेड़छाड़ और अभद्रता शुरू कर दी। उसे लगा था कि वह अंधेरे में बच निकलेगा, पर उसे नहीं पता था कि फिल्म अभी बाकी है! जैसे ही युवक ने अपनी हदें पार कीं, युवती ने बिना डरे शोर मचा दिया। बस फिर क्या था? बगल में बैठे पिता का खून खौला और देखते ही देखते पूरा हॉल 'इंसाफ मोड' में आ गया। जनता ने आरोपी को दबोच लिया और फिर शुरू हुआ असली मुकाबला।1
- Gurdar Shahpura1