logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

उत्तर प्रदेश में रोडवेज बसों का समय सारिणी का कुछ भी पता नहीं बस कब अपने स्टॉप पर पहुंचेगी ऊपर से परिचालक की दबंगई

10 hrs ago
user_Ramnibas Kashyap
Ramnibas Kashyap
Local News Reporter करहल, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

उत्तर प्रदेश में रोडवेज बसों का समय सारिणी का कुछ भी पता नहीं बस कब अपने स्टॉप पर पहुंचेगी ऊपर से परिचालक की दबंगई

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश में रोडवेज बसों का समय सारिणी का कुछ भी पता नहीं बस कब अपने स्टॉप पर पहुंचेगी ऊपर से परिचालक की दबंगई
    1
    उत्तर प्रदेश में रोडवेज बसों का समय सारिणी का कुछ भी पता नहीं बस कब अपने स्टॉप पर पहुंचेगी ऊपर से परिचालक की दबंगई
    user_Ramnibas Kashyap
    Ramnibas Kashyap
    Local News Reporter करहल, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पटाखा बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ी: सीओ आयुषी सिंह ने पुलिस बल के साथ संभाली सुरक्षा व्यवस्था, ग्रीन पटाखे अपनाने की अपील जसवंतनगर में दीपावली के लिए लगे पटाखा बाजार में रविवार को खरीदारों की भीड़ उमड़ी। बाजार मैदानी रामलीला मैदान के सामने हनुमान द्वार के पास स्थित मैदान में लगा है। पुलिस क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने पुलिस बल के साथ बाजार का निरीक्षण किया। सीओ आयुषी सिंह ने दुकानदारों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकानों पर अग्निशमन उपकरण रखने, पटाखों का सुरक्षित भंडारण करने और तय नियमों के अनुसार बिक्री करने को कहा। उन्होंने पटाखे खरीदने आए लोगों से सावधानी बरतने और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन पटाखे खरीदने की अपील की। बच्चों के पटाखे जलाते समय उन पर नजर रखने, खुले और सुरक्षित स्थान पर पटाखे जलाने और ज्वलनशील चीजों के पास आतिशबाजी न करने की सलाह दी। पुलिस ने बाजार में भीड़ पर नजर रखी, ताकि खरीदारी के दौरान अव्यवस्था न हो और लोग सुरक्षित रहें। इस दौरान कस्बा इंचार्ज हेमंत सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
    1
    पटाखा बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ी: सीओ आयुषी सिंह ने पुलिस बल के साथ संभाली सुरक्षा व्यवस्था, ग्रीन पटाखे अपनाने की अपील
जसवंतनगर में दीपावली के लिए लगे पटाखा बाजार में रविवार को खरीदारों की भीड़ उमड़ी। बाजार मैदानी रामलीला मैदान के सामने हनुमान द्वार के पास स्थित मैदान में लगा है। पुलिस क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने पुलिस बल के साथ बाजार का निरीक्षण किया।
सीओ आयुषी सिंह ने दुकानदारों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकानों पर अग्निशमन उपकरण रखने, पटाखों का सुरक्षित भंडारण करने और तय नियमों के अनुसार बिक्री करने को कहा।
उन्होंने पटाखे खरीदने आए लोगों से सावधानी बरतने और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन पटाखे खरीदने की अपील की। बच्चों के पटाखे जलाते समय उन पर नजर रखने, खुले और सुरक्षित स्थान पर पटाखे जलाने और ज्वलनशील चीजों के पास आतिशबाजी न करने की सलाह दी।
पुलिस ने बाजार में भीड़ पर नजर रखी, ताकि खरीदारी के दौरान अव्यवस्था न हो और लोग सुरक्षित रहें। इस दौरान कस्बा इंचार्ज हेमंत सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
    user_M. Janib -Jaswant Nagar
    M. Janib -Jaswant Nagar
    पत्रकार जसवंतनगर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • 🚨 जसवंतनगर में सीओ आयुषी सिंह का एक्शन, पटाखों की दुकानों का किया औचक निरीक्षण! जसवंतनगर/इटावा। दीपावली पर्व के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में सीओ जसवंतनगर आयुषी सिंह ने पटाखों की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दुकानदारों से सुरक्षा मानकों का पालन करने, अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था रखने तथा निर्धारित नियमों के अनुसार ही पटाखों की बिक्री करने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। देश दुनियाँ 24 न्यूज़ | सच वही जो होगा सही
    1
    🚨 जसवंतनगर में सीओ आयुषी सिंह का एक्शन, पटाखों की दुकानों का किया औचक निरीक्षण!
जसवंतनगर/इटावा। दीपावली पर्व के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में सीओ जसवंतनगर आयुषी सिंह ने पटाखों की दुकानों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने दुकानदारों से सुरक्षा मानकों का पालन करने, अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था रखने तथा निर्धारित नियमों के अनुसार ही पटाखों की बिक्री करने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।
पुलिस प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
देश दुनियाँ 24 न्यूज़ | सच वही जो होगा सही
    user_सुशील कान्त चौधरी
    सुशील कान्त चौधरी
    Local News Reporter जसवंतनगर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • इटावा पुलिस ने 40 हजार के अवैध पटाखे किये बरामद, एक गिरफ्तार इटावा। दीपावली पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए इटावा पुलिस अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत ऊसराहार थाना पुलिस ने गांव ताखा में कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 16 किलोग्राम अवैध आतिशबाजी और पटाखों के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद पटाखों की अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, 7 नवंबर 2026 को पुलिस टीम ने गांव ताखा निवासी प्रमोद कुमार (40) पुत्र गुलाब सिंह को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक कार्टून और एक प्लास्टिक की बोरी में रखे बारूद से निर्मित पटाखे बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पटाखों का भंडारण किया था और उन्हें बेचकर मुनाफा कमाना चाहता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना ऊसराहार में मुकदमा अपराध संख्या 203/2026 के तहत विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1884 की धारा 5/9(ख)1(ख) में मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में की गई। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार मिश्रा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि अवैध पटाखों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
    3
    इटावा पुलिस ने 40 हजार के अवैध पटाखे किये बरामद, एक गिरफ्तार
इटावा। दीपावली पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए इटावा पुलिस अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत ऊसराहार थाना पुलिस ने गांव ताखा में कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 16 किलोग्राम अवैध आतिशबाजी और पटाखों के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद पटाखों की अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, 7 नवंबर 2026 को पुलिस टीम ने गांव ताखा निवासी प्रमोद कुमार (40) पुत्र गुलाब सिंह को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक कार्टून और एक प्लास्टिक की बोरी में रखे बारूद से निर्मित पटाखे बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पटाखों का भंडारण किया था और उन्हें बेचकर मुनाफा कमाना चाहता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना ऊसराहार में मुकदमा अपराध संख्या 203/2026 के तहत विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1884 की धारा 5/9(ख)1(ख) में मुकदमा दर्ज किया है।
यह कार्रवाई एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में की गई। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार मिश्रा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि अवैध पटाखों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
    user_Ashraf Ansari
    Ashraf Ansari
    Journalist इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • विनोद यादव पूर्व प्रधान अघार ब्लॉक जागीर. मैनपुरी की तरफ से समस्त जनपद वासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
    1
    विनोद यादव पूर्व प्रधान अघार ब्लॉक जागीर. मैनपुरी की तरफ से समस्त जनपद वासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
    user_Hariom Chauhan
    Hariom Chauhan
    सिटी स्टार मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • नमस्कार, एक दौर था जब सड़कों पर हादसों का शिकार हुए लोगों की मदद करने से लोग इसलिए डरते थे कि कहीं पुलिसिया कार्रवाई का शिकंजा उन पर ही न कस जाए। जब कानून में बदलाव हुआ, तब जाकर राहगीरों के मन से वह खौफ दूर हुआ और लोगों की जानें बचना आसान हो सका। लेकिन आज के दौर में एक ऐसा नया और खतरनाक रुझान देखने को मिल रहा है, जो अगर इसी तरह बढ़ता रहा तो शायद कोई भी अस्पताल या डॉक्टर किसी मरीज को समय पर भर्ती करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा। इलाज कराने के बाद बिल चुकाने से बचने और अस्पताल की छवि धूमिल करने की नीयत से रचा जाने वाला यह सुनियोजित ड्रामा न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करता है, बल्कि पूरे समाज की मानवीय संवेदनाओं पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और क्यों यह प्रवृत्ति बेहद चिंताजनक बनती जा रही है। ​न्यूज़ रिपोर्ट (Detailed Report): ​मैनपुरी जिले के थाना भोगांव क्षेत्र से हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रबंधन और वहां तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब पांच दिन पहले एक व्यक्ति अपनी पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा था। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की मेहनत से महिला का प्रसव पूरी तरह से सकुशल और सुरक्षित संपन्न हुआ। उपचार के उपरांत कुल बिल करीब 21 हजार रुपये बना था, जिसे कई लोगों की सिफारिश और मान-मनौव्वल के बाद घटाकर 16 हजार रुपये कर दिया गया। ​अस्पताल प्रशासन ने अपनी ओर से हर संभव राहत प्रदान की, लेकिन इलाज कराने आए व्यक्ति की मंशा पहले से ही संदिग्ध थी। उसकी नीयत में खोट था और वह पहले ही यह योजना बना चुका था कि न तो अस्पताल का एक भी रुपया भुगतान करना है और न ही बिना किसी विवाद के बाहर निकलना है। योजना के अनुसार, अस्पताल संचालक की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए परिजनों ने रिसेप्शन और अस्पताल के कर्मचारियों के साथ अकारण बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट तक की नौबत आ गई। ​जब कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा और नियमानुसार कार्रवाई की बात कही, तो बिल न देना पड़े और उल्टे खुद पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो जाए, इसके लिए बाहर आकर एक पूर्व-नियोजित ड्रामा रचा गया। अस्पताल परिसर के बाहर आते ही महिलाओं ने अपने खुद के कपड़े फाड़े और जोर-जोर से हंगामा करना शुरू कर दिया, ताकि राहगीरों और आसपास के लोगों को यह दिखाया जा सके कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनके साथ कोई ज्यादती या अभद्रता की गई है। इस पूरी हरकत का एकमात्र मकसद अस्पताल की साख को बट्टा लगाना और दबाव बनाकर बिना पैसे दिए वहां से निकल जाना था। ​हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने वालों को इस बात का तनिक भी अहसास नहीं था कि उनकी हर एक करतूत अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो रही है। सीसीटीवी फुटेज में यह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि किस तरह से पहले कर्मचारियों पर हमला किया गया और फिर बाहर आकर खुद ही कपड़ों को फाड़कर पीड़ित बनने का नाटक रचा गया। इस साक्ष्य ने पूरी साजिश की पोल खोलकर रख दी है। ​यह मामला केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी सामाजिक समस्या की ओर इशारा करता है जो भविष्य के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है। अगर इलाज के बाद इस तरह झूठे आरोप लगाने, मारपीट करने और खुद के कपड़े फाड़कर पीड़िता बनने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिला, तो कोई भी चिकित्सा संस्थान आपात स्थिति में मरीजों को भर्ती करने से हिचकिचाएगा। जिस तरह पहले कानूनी पेचीदगियों के डर से लोग सड़क हादसों के पीड़ितों की मदद करने से पीछे हटते थे, ठीक उसी तरह इस तरह के वीडियो और घटनाएं अस्पताल संचालकों के मन में डर पैदा करेंगी। अगर डॉक्टर अपनी सुरक्षा को लेकर ही आशंकित रहेंगे, तो वास्तव में जिन मरीजों को तत्काल और समुचित इलाज की जरूरत है, उन्हें दर-दर भटकना पड़ेगा। ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई होना बेहद जरूरी है ताकि इस तरह की साजिश रचने वालों के मन में कानून का डर कायम हो सके। ​एंकर आउट्रो (Anchor Outro): ​अस्पताल किसी भी समाज के लिए उम्मीद की वह जगह होते हैं जहाँ जिंदगी की सांसें वापस लौटती हैं। लेकिन अगर इलाज कराने के बाद बिल चुकाने से बचने के लिए इसी तरह से कानून को हाथ में लिया गया और झूठे ड्रामे रचकर संस्थाओं की छवि खराब की गई, तो इसका खामियाजा अंततः पूरे समाज को ही भुगतना पड़ेगा। सीसीटीवी कैमरों की मदद से सच तो सामने आ जाता है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ ऐसी मिसाली कार्रवाई की जाए कि भविष्य में कोई भी इलाज करने वाले हाथों पर हमला करने की हिम्मत न कर सके। ​जुड़े रहने के लिए धन्यवाद, नमस्कार।
    2
    नमस्कार, एक दौर था जब सड़कों पर हादसों का शिकार हुए लोगों की मदद करने से लोग इसलिए डरते थे कि कहीं पुलिसिया कार्रवाई का शिकंजा उन पर ही न कस जाए। जब कानून में बदलाव हुआ, तब जाकर राहगीरों के मन से वह खौफ दूर हुआ और लोगों की जानें बचना आसान हो सका। लेकिन आज के दौर में एक ऐसा नया और खतरनाक रुझान देखने को मिल रहा है, जो अगर इसी तरह बढ़ता रहा तो शायद कोई भी अस्पताल या डॉक्टर किसी मरीज को समय पर भर्ती करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा। इलाज कराने के बाद बिल चुकाने से बचने और अस्पताल की छवि धूमिल करने की नीयत से रचा जाने वाला यह सुनियोजित ड्रामा न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करता है, बल्कि पूरे समाज की मानवीय संवेदनाओं पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और क्यों यह प्रवृत्ति बेहद चिंताजनक बनती जा रही है।
​न्यूज़ रिपोर्ट (Detailed Report):
​मैनपुरी जिले के थाना भोगांव क्षेत्र से हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रबंधन और वहां तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब पांच दिन पहले एक व्यक्ति अपनी पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा था। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की मेहनत से महिला का प्रसव पूरी तरह से सकुशल और सुरक्षित संपन्न हुआ। उपचार के उपरांत कुल बिल करीब 21 हजार रुपये बना था, जिसे कई लोगों की सिफारिश और मान-मनौव्वल के बाद घटाकर 16 हजार रुपये कर दिया गया।
​अस्पताल प्रशासन ने अपनी ओर से हर संभव राहत प्रदान की, लेकिन इलाज कराने आए व्यक्ति की मंशा पहले से ही संदिग्ध थी। उसकी नीयत में खोट था और वह पहले ही यह योजना बना चुका था कि न तो अस्पताल का एक भी रुपया भुगतान करना है और न ही बिना किसी विवाद के बाहर निकलना है। योजना के अनुसार, अस्पताल संचालक की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए परिजनों ने रिसेप्शन और अस्पताल के कर्मचारियों के साथ अकारण बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट तक की नौबत आ गई।
​जब कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा और नियमानुसार कार्रवाई की बात कही, तो बिल न देना पड़े और उल्टे खुद पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो जाए, इसके लिए बाहर आकर एक पूर्व-नियोजित ड्रामा रचा गया। अस्पताल परिसर के बाहर आते ही महिलाओं ने अपने खुद के कपड़े फाड़े और जोर-जोर से हंगामा करना शुरू कर दिया, ताकि राहगीरों और आसपास के लोगों को यह दिखाया जा सके कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनके साथ कोई ज्यादती या अभद्रता की गई है। इस पूरी हरकत का एकमात्र मकसद अस्पताल की साख को बट्टा लगाना और दबाव बनाकर बिना पैसे दिए वहां से निकल जाना था।
​हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने वालों को इस बात का तनिक भी अहसास नहीं था कि उनकी हर एक करतूत अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो रही है। सीसीटीवी फुटेज में यह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि किस तरह से पहले कर्मचारियों पर हमला किया गया और फिर बाहर आकर खुद ही कपड़ों को फाड़कर पीड़ित बनने का नाटक रचा गया। इस साक्ष्य ने पूरी साजिश की पोल खोलकर रख दी है।
​यह मामला केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी सामाजिक समस्या की ओर इशारा करता है जो भविष्य के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है। अगर इलाज के बाद इस तरह झूठे आरोप लगाने, मारपीट करने और खुद के कपड़े फाड़कर पीड़िता बनने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिला, तो कोई भी चिकित्सा संस्थान आपात स्थिति में मरीजों को भर्ती करने से हिचकिचाएगा। जिस तरह पहले कानूनी पेचीदगियों के डर से लोग सड़क हादसों के पीड़ितों की मदद करने से पीछे हटते थे, ठीक उसी तरह इस तरह के वीडियो और घटनाएं अस्पताल संचालकों के मन में डर पैदा करेंगी। अगर डॉक्टर अपनी सुरक्षा को लेकर ही आशंकित रहेंगे, तो वास्तव में जिन मरीजों को तत्काल और समुचित इलाज की जरूरत है, उन्हें दर-दर भटकना पड़ेगा। ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई होना बेहद जरूरी है ताकि इस तरह की साजिश रचने वालों के मन में कानून का डर कायम हो सके।
​एंकर आउट्रो (Anchor Outro):
​अस्पताल किसी भी समाज के लिए उम्मीद की वह जगह होते हैं जहाँ जिंदगी की सांसें वापस लौटती हैं। लेकिन अगर इलाज कराने के बाद बिल चुकाने से बचने के लिए इसी तरह से कानून को हाथ में लिया गया और झूठे ड्रामे रचकर संस्थाओं की छवि खराब की गई, तो इसका खामियाजा अंततः पूरे समाज को ही भुगतना पड़ेगा। सीसीटीवी कैमरों की मदद से सच तो सामने आ जाता है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ ऐसी मिसाली कार्रवाई की जाए कि भविष्य में कोई भी इलाज करने वाले हाथों पर हमला करने की हिम्मत न कर सके।
​जुड़े रहने के लिए धन्यवाद, नमस्कार।
    user_Devendra Kumar
    Devendra Kumar
    मैनपुरी, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में थाना ऊसराहार प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार मिश्रा की टीम की बड़ी कार्रवाई, 72.500 किलोग्राम अवैध आतिशबाजी व पटाखों के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार, 1.25 लाख रुपये की सामग्री बरामद*।
    1
    *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में थाना ऊसराहार प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार मिश्रा की टीम की बड़ी कार्रवाई, 72.500 किलोग्राम अवैध आतिशबाजी व पटाखों के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार, 1.25 लाख रुपये की सामग्री बरामद*।
    user_देवेन्द्र सिंह
    देवेन्द्र सिंह
    इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति अभद्र भाषा का मामला, इटावा पुलिस से कार्रवाई की मांग! जनपद इटावा के थाना चौबिया क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे एक व्यक्ति का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति कथित रूप से अपमानजनक एवं अभद्र भाषा का प्रयोग करता दिखाई दे रहा है। ऐसी भाषा सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान के लिए उचित नहीं है। बाबा साहब का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। इटावा पुलिस से विनम्र निवेदन है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर वीडियो की सत्यता एवं संबंधित व्यक्ति की पहचान की जांच कराएं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। प्रशासन से अपेक्षा है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। 🙏 बाबा साहब का सम्मान, देश का सम्मान। देश दुनियाँ 24 न्यूज़ | सच वही जो होगा सही
    1
    बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति अभद्र भाषा का मामला, इटावा पुलिस से कार्रवाई की मांग!
जनपद इटावा के थाना चौबिया क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे एक व्यक्ति का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति कथित रूप से अपमानजनक एवं अभद्र भाषा का प्रयोग करता दिखाई दे रहा है।
ऐसी भाषा सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान के लिए उचित नहीं है। बाबा साहब का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
इटावा पुलिस से विनम्र निवेदन है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर वीडियो की सत्यता एवं संबंधित व्यक्ति की पहचान की जांच कराएं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
प्रशासन से अपेक्षा है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
🙏 बाबा साहब का सम्मान, देश का सम्मान।
देश दुनियाँ 24 न्यूज़ | सच वही जो होगा सही
    user_सुशील कान्त चौधरी
    सुशील कान्त चौधरी
    Local News Reporter जसवंतनगर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.