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बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के श्यामगंज में चाइनीज मांझे से एक युवक के घायल होने की सूचना सामने आई है। इस घटना पर एसएसपी बरेली अनुराग आर्य ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि चाइनीज मांझा पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिबंध के बावजूद मांझा बेचने वाले दुकानदारों को चिन्हित किया जाएगा, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीमों को बाजारों में लगातार चेकिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
Sumit Awasthi पत्रकार
बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के श्यामगंज में चाइनीज मांझे से एक युवक के घायल होने की सूचना सामने आई है। इस घटना पर एसएसपी बरेली अनुराग आर्य ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि चाइनीज मांझा पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिबंध के बावजूद मांझा बेचने वाले दुकानदारों को चिन्हित किया जाएगा, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीमों को बाजारों में लगातार चेकिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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- बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के श्यामगंज में चाइनीज मांझे से एक युवक के घायल होने की सूचना सामने आई है। इस घटना पर एसएसपी बरेली अनुराग आर्य ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि चाइनीज मांझा पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिबंध के बावजूद मांझा बेचने वाले दुकानदारों को चिन्हित किया जाएगा, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीमों को बाजारों में लगातार चेकिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।1
- नेपाल की पवित्र भूमि लुंबिनी स्थित लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और संस्कृति के समन्वय पर एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में 'वाटर वुमन' के नाम से प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता शिप्रा पाठक ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचारों से सभी को प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले के दातागंज की मूल निवासी शिप्रा पाठक ने भारत-नेपाल की साझा विरासत और प्रकृति संरक्षण पर विशेष जोर दिया। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में म्यांमार, श्रीलंका, चीन, जापान और भूटान सहित विभिन्न देशों के विद्वानों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया, जिससे इसका स्वरूप वैश्विक बना। अपने संबोधन में, शिप्रा पाठक ने शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए इसे प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और नैतिक जिम्मेदारी से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में पर्यावरणीय चेतना को शामिल करने से आने वाली पीढ़ियाँ प्रकृति के संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक होंगी। साहित्य और संस्कृति पर बोलते हुए, उन्होंने भारतीय और नेपाली साहित्य में प्रकृति को जीवन का आधार मानने और वेदों से लेकर बौद्ध ग्रंथों तक नदियों, पर्वतों और वनों को आध्यात्मिक व सांस्कृतिक प्रेरणा स्रोत बताने पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 13 हजार किलोमीटर की पदयात्रा और 58 लाख पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया है। शिप्रा पाठक भारत में गंगा और गंडक सहित सात प्रमुख नदियों के संरक्षण अभियान से भी जुड़ी हैं और लंदन की संसद के साथ-साथ जापान, हांगकांग, इंडोनेशिया, थाईलैंड और श्रीलंका जैसे देशों में भी पर्यावरण पर संवाद कर चुकी हैं। लुंबिनी की पवित्रता का उल्लेख करते हुए, उन्होंने इस भूमि की हरियाली, वायु और बौद्ध दर्शन के शांत वातावरण को मानव और प्रकृति के गहरे संबंध का प्रतीक बताया, इसे केवल एक धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक भी कहा। भारत और नेपाल के संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत एक ही स्रोत से जुड़ी है, जिसे किसी भी सीमा से अलग नहीं किया जा सकता। पर्यावरणीय संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने हिमालय के तेजी से पिघलने, गंगा, कोसी और गंडक जैसी नदियों के प्रदूषण, तथा वनों के लगातार घटते क्षेत्र को मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ा खतरा और गंभीर चेतावनी बताया। अपने संबोधन के अंत में, शिप्रा पाठक ने एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए भविष्य के लुंबिनी को हरियाली, स्वच्छ जल और समृद्ध वन जीवन का प्रतीक बनाने का आह्वान किया, जहाँ शिक्षा, समाज और संस्कृति मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लें। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, विद्वानों और छात्रों ने उनके विचारों की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण, शिक्षा और संस्कृति के समन्वय का एक अत्यंत प्रेरणादायक उदाहरण बताया।3
- बरेली के बारादरी पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत श्यामगंज में एक युवक के चाइनीज मांझे से घायल होने की सूचना मिली है। इस घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में, बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री अनुराग आर्य ने एक बयान जारी किया है। यह जानकारी ख़बर जंक्शन बरेली न्यूज चैनल द्वारा साझा की गई है।1
- बरेली के भुता थाना क्षेत्र के नगीरामपुर गांव में एक विधवा महिला की झोपड़ी और जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता अफसाना ने गांव के दो युवकों पर गाली-गलौज, मारपीट की धमकी और सामान बाहर फेंकने का आरोप लगाते हुए भुता थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता अफसाना, जो स्वर्गीय मोहम्मद ताहिर की पत्नी हैं और पिछले सात वर्षों से सरकारी जमीन पर बनी झोपड़ी में रह रही हैं, ने बताया कि गांव के निवासी इस्लाम और नमाज (दोनों अशफाक के पुत्र) उनकी इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करना चाहते हैं। पीड़िता के अनुसार, 15 जून 2026 को सुबह करीब 7 बजे, आरोपी लाठी-डंडे लेकर उनकी झोपड़ी पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए उन्हें वहां से निकालने का प्रयास किया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें मारपीट करने की धमकी दी गई और झोपड़ी से उनका सामान बाहर फेंकना शुरू कर दिया गया। अफसाना ने अपनी शिकायत में कहा कि चूंकि वह विधवा हैं और अकेली रहती हैं, इसलिए आरोपी लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं। पीड़िता ने उसी दिन यानी 15 जून 2026 को भुता थाना प्रभारी निरीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। उन्होंने आशंका जताई है कि यदि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो आरोपी उनकी झोपड़ी पर पूरी तरह से कब्जा कर लेंगे और उन्हें बेघर कर देंगे। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू करने की बात कही है और यह भी बताया गया है कि आरोपी पक्ष के लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।3
- पीलीभीत में ग्रामीणों ने बीडीओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। ये ग्रामीण एक अधूरे नाले के निर्माण कार्य के कारण गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक महिला ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। यह मामला बारादरी थाना क्षेत्र से संबंधित है, जहाँ महिला ने अपनी शिकायत लेकर एसएसपी से संपर्क किया और उनसे इंसाफ दिलाने की अपील की।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में थाना बारादरी क्षेत्र से जुड़ा एक मामला सामने आया है। इस मामले में एक महिला ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- बरेली के श्यामगंज फ्लाईओवर पर एक दुखद घटना में गन्ना मंत्री संजय गंगवार के भतीजे और ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह गंगवार के 15 वर्षीय बेटे वीर सिंह गंगवार का गला चाइनीज मांझे की चपेट में आने से गंभीर रूप से कट गया। स्कूटी पर सवार वीर इस हादसे के बाद अनियंत्रित होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री संजय गंगवार पीलीभीत से बरेली पहुँचे। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि चाइनीज मांझा प्रतिबंधित होने के बावजूद अभी भी बाजार में बेचा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि वह इस मामले में जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से बातचीत करेंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देंगे।1