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कानपुर देहात के रसूलाबाद तहसील परिसर में मनावां गांव निवासी संजय तिवारी और उनकी पत्नी महिमा तिवारी ने अपनी संक्रमणीय भूमिधरी गाटा की पैमाइश कराने की मांग को लेकर हंगामा किया। यह घटना शनिवार को करीब 1 बजे हुई। उपजिलाधिकारी शिखा शंखवार ने बताया कि ऐसे भूमिधरी गाटा की सीधे पैमाइश का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। प्रशासन ने दंपति को राजस्व न्यायालय में बंटवारे का वाद दायर करने और जरूरत पड़ने पर धारा-24 के तहत कार्रवाई करने की सलाह दी थी। तहसीलदार संतोष कुमार सिंह ने भी इस बात की पुष्टि की कि नियमों के अनुसार सीधी पैमाइश संभव नहीं है और उन्हें विधिक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई थी। प्रशासन का आरोप है कि समझाने के बावजूद दंपति ने कार्यालय में अभद्रता की। इसके बाद, सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया।
Sarita singh
कानपुर देहात के रसूलाबाद तहसील परिसर में मनावां गांव निवासी संजय तिवारी और उनकी पत्नी महिमा तिवारी ने अपनी संक्रमणीय भूमिधरी गाटा की पैमाइश कराने की मांग को लेकर हंगामा किया। यह घटना शनिवार को करीब 1 बजे हुई। उपजिलाधिकारी शिखा शंखवार ने बताया कि ऐसे भूमिधरी गाटा की सीधे पैमाइश का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। प्रशासन ने दंपति को राजस्व न्यायालय में बंटवारे का वाद दायर करने और जरूरत पड़ने पर धारा-24 के तहत कार्रवाई करने की सलाह दी थी। तहसीलदार संतोष कुमार सिंह ने भी इस बात की पुष्टि की कि नियमों के अनुसार सीधी पैमाइश संभव नहीं है और उन्हें विधिक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई थी। प्रशासन का आरोप है कि समझाने के बावजूद दंपति ने कार्यालय में अभद्रता की। इसके बाद, सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया।
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- कानपुर देहात के रसूलाबाद तहसील परिसर में मनावां गांव निवासी संजय तिवारी और उनकी पत्नी महिमा तिवारी ने अपनी संक्रमणीय भूमिधरी गाटा की पैमाइश कराने की मांग को लेकर हंगामा किया। यह घटना शनिवार को करीब 1 बजे हुई। उपजिलाधिकारी शिखा शंखवार ने बताया कि ऐसे भूमिधरी गाटा की सीधे पैमाइश का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। प्रशासन ने दंपति को राजस्व न्यायालय में बंटवारे का वाद दायर करने और जरूरत पड़ने पर धारा-24 के तहत कार्रवाई करने की सलाह दी थी। तहसीलदार संतोष कुमार सिंह ने भी इस बात की पुष्टि की कि नियमों के अनुसार सीधी पैमाइश संभव नहीं है और उन्हें विधिक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई थी। प्रशासन का आरोप है कि समझाने के बावजूद दंपति ने कार्यालय में अभद्रता की। इसके बाद, सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया।1
- कानपुर देहात जिले के झींझक क्षेत्र के निवासियों ने राधा रानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान, उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ अपने क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि के लिए कामना की।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र के आलमपुर गांव में देसी शराब के ठेके को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। यह जानकारी पत्रकार इकबाल अहमद की एक खास रिपोर्ट से सामने आई है। इस दौरान, एक उम्मीद की राष्ट्रीय अध्यक्ष दीक्षा यादव भी मौके पर पहुंचीं और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने के साथ उनकी शिकायतें भी सुनीं, जिसका समाधान निकालने का प्रयास किया। दूसरी तरफ, ग्रामीणों द्वारा किसी भी तरह का उपद्रव न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए थाना प्रभारी सिकंदरा जनार्दन प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। आबकारी विभाग के अमर सिंह ने भी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। ग्राम वासियों का आरोप है कि शराब निर्धारित समय के विपरीत बेची जाती है और आए दिन ठेके पर उपद्रव होता है। उनका यह भी कहना है कि ठेके पर बैठने वाले व्यक्ति द्वारा शराबियों से कभी-कभी गैस सिलेंडर रख लिए जाते हैं, और शराबी नग्न अवस्था में खड़े होकर पेशाब आदि करते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर शराब का ठेका यहां से नहीं हटाया गया, तो वे कल तहसील दिवस पर सभी ग्रामवासी मिलकर सिकंदरा तहसील में धरना प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, ठेका आज भी खुला हुआ है और पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद है।1
- डेरापुर तहसील में तहसीलदार के कथित अमर्यादित व्यवहार के विरोध में लेखपालों ने मोर्चा खोल दिया है। लेखपाल संघ ने शनिवार दोपहर दो बजे हुई आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि 7 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन और कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। लेखपालों का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और उन्हें लगातार कार्रवाई की धमकियाँ दी जाती हैं। इस विरोध के चलते लेखपालों ने तहसील के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर निकलने का फैसला किया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक तहसीलदार अपने व्यवहार में सुधार नहीं करते, तब तक उनके किसी भी मौखिक आदेश का पालन नहीं किया जाएगा। भविष्य में सभी प्रकार का पत्राचार और संवाद केवल राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से ही किया जाएगा। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि लेखपालों पर लगातार उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, कई लेखपाल एक से अधिक क्षेत्रों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, जिससे उन पर कार्य का दबाव लगातार बढ़ रहा है। बैठक के बाद, लेखपाल संघ ने अपनी मांगों के संबंध में उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम को एक ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा। इस बैठक में तहसील अध्यक्ष शिवम शुक्ला, सुनील कटियार, मनोज सचान, रितेश कटियार, अवधेश कुमार, देवेंद्र सिंह, निगम सिंह, अनुज चौबे और श्रीधर शुक्ला सहित बड़ी संख्या में लेखपाल उपस्थित रहे।1
- कानपुर देहात के झींझक रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से झारखंड के एक 50 वर्षीय मजदूर संस्कृत लोहरा की मौत हो गई। संस्कृत लोहरा, जो झारखंड प्रांत के रांची स्थित पूरियो गाँव के निवासी थे, पनकी के एक भट्ठे पर मजदूरी का काम करते थे और कानपुर के पनकी में मजदूरी का काम मिलने पर शुक्रवार को अपनी पत्नी दुलारी देवी, बेटे शिवा, शशि व छोटे बेटे के साथ झींझक स्टेशन पहुँचे थे। परिवार शाम की पैसेंजर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। शाम करीब साढ़े 7 बजे, संस्कृत लोहरा अपने छोटे बेटे के कपड़े लेने के लिए रेलवे ट्रैक पार करके गए थे। कपड़े लेकर वे वापस डाउन प्लेटफॉर्म पर आ रहे थे तभी कानपुर की तरफ जा रही एक ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस दौरान उनका छोटा बेटा बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी पुलिस ने शव को ट्रैक से हटाकर कब्जे में ले लिया और आगे की कार्यवाही शुरू की। संस्कृत लोहरा की मौत से पत्नी दुलारी सहित उनके बच्चे बिलख उठे। जीआरपी प्रभारी चौकी इंचार्ज अर्पित तिवारी ने बताया कि मृतक की जेब से यात्रा टिकट मिला है। शव का पंचायतनामा भरने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा आलमपुर में एक देसी शराब के ठेके को हटाने की मांग पर ग्रामीण दूसरे दिन भी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। पत्रकार आशू श्रीवास्तव भी इस घटना को कवर कर रहे हैं। ग्रामवासियों का आरोप है कि यह शराब ठेका निर्धारित समय के विपरीत भी शराब बेचता है, जिसके कारण आए दिन ठेके पर उपद्रव होता रहता है। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि ठेके पर बैठने वाला व्यक्ति शराबियों से कभी-कभी गैस सिलेंडर रख लेता है, और शराबी नग्न अवस्था में खड़े होकर पेशाब आदि करते हैं, जिससे माहौल खराब होता है। इस बीच, 'एक उम्मीद' की राष्ट्रीय अध्यक्ष दीक्षा यादव मौके पर पहुंचीं और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने के साथ-साथ उनकी शिकायतों को भी सुना, जिसके हल निकालने का वे भरपूर प्रयास कर रही हैं। ग्रामीणों द्वारा किसी भी तरह का उपद्रव न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं। अभिकारी विभाग के अमर सिंह ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शराब का ठेका यहां से नहीं हटाया गया, तो कल तहसील दिवस पर सभी ग्रामवासी मिलकर सिकंदरा तहसील में धरना प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, ठेका आज भी खुला हुआ है और मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद है।2
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ देर रात बड़ी कार्रवाई की गई। शुक्रवार देर रात करीब 1:30 बजे भाल गांव के पास तहसील प्रशासन ने छापा मारा और खनन में इस्तेमाल हो रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके से पकड़ लिया। यह कार्रवाई उपजिलाधिकारी प्रद्युम्न कुमार के निर्देश पर तहसीलदार अनिरुद्ध सिंह और पुलिस टीम द्वारा की गई, जिन्हें मुखबिर से अवैध खनन की सूचना मिली थी। प्रशासन की टीम को देखते ही अन्य वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को राजपुर थाने में खड़ा कराया गया है। तहसीलदार अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि मामले की स्थलीय जांच के लिए संबंधित लेखपाल को निर्देश दिए गए हैं, और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध खनन से शासन को राजस्व की क्षति पहुंच रही है, और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।2
- अमराहट थाना क्षेत्र में कानपुर-औरैया नेशनल हाईवे पर महतोली ओवरब्रिज के पास शुक्रवार रात करीब 9 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से एक कार में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में कार सवार दो लोग घायल हो गए, जिसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। जानकारी के मुताबिक, औरैया जनपद के नारायणपुर निवासी दिलीप कुमार अपनी कार से रोशनी और पूजा के साथ कानपुर से अपने घर वापस लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार महतोली ओवरब्रिज के पास पहुंची, पीछे से आ रहे ट्रक ने इतनी तेज टक्कर मारी कि कार क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार दिलीप कुमार तथा रोशनी घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही अमराहट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को कार से बाहर निकालकर उपचार के लिए औरैया अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने दुर्घटना करने वाले ट्रक को कब्जे में लिया और क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य किया। अमराहट थाना प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि हादसे में घायल दोनों लोगों को इलाज के लिए औरैया अस्पताल भेजा गया है और इसमें कोई जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है और तहरीर मिलने के बाद ही अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1