प्रयागराज के गऊघाट में पुराने पुल के नीचे रेलवे की भूमि पर मलिन बस्ती द्वारा अवैध कब्जे को नगर निगम की टीम ने हटाया..... प्रयागराज: नगर निगम प्रयागराज और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा शुक्रवार को पुराने यमुना पुल के नीचे गऊघाट क्षेत्र में एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया, इस विशेष अभियान के तहत पुराने यमुना पुल के पिलरों के पास और यमुना नदी के किनारे रेलवे की स्वामित्व वाली भूमि पर लंबे समय से अवैध रूप से बसी मलिन बस्ती व झोपड़ियों को पूरी तरह से खाली करा दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पुराने यमुना पुल के पिलरों के आसपास बड़े पैमाने पर झुग्गी-झोपड़ियां बना ली गई थीं इससे न केवल ऐतिहासिक पुल की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था, बल्कि यमुना नदी की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। इसके अलावा, इस भूभाग पर रेलवे का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित है, जिसके निर्माण में यह अवैध कब्जा बाधा बना हुआ था। बार-बार मिली शिकायतों और पूर्व में जारी किए गए नोटिसों के बाद नगर निगम प्रशासन ने इस क्षेत्र को पूरी तरह से खाली कराने का निर्णय लिया। शुक्रवार सुबह नगर निगम का दस्ता भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचा और कार्रवाई शुरू करने से पहले प्रशासन द्वारा संवेदनशीलता बरतते हुए वहां रह रहे लोगों को अपनी गृहस्थी और जरूरी सामान समेटने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। इसके उपरांत जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से अवैध झोपड़ियों और ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर आंशिक विरोध की स्थिति जरूर बनी, परंतु भारी सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की मुस्तैदी के कारण पूरा अभियान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पहले भी इस क्षेत्र सेअतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन कुछ समय बाद लोग पुनः यहाँ झोपड़ियां बना लेते थे। इस बार पूरे क्षेत्र को शत-प्रतिशत खाली करा लिया गया है और आगे यहाँ दोबारा कोई अवैध कब्जा न होने पाए, इसके लिए संबंधित वार्ड और पुलिस चौकी को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जमीन खाली होने के तुरंत बाद नगर निगम ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान और मलबे को हटाने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सरकारी अथवा रेलवे की संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा न करें, अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रयागराज के गऊघाट में पुराने पुल के नीचे रेलवे की भूमि पर मलिन बस्ती द्वारा अवैध कब्जे को नगर निगम की टीम ने हटाया..... प्रयागराज: नगर निगम प्रयागराज और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा शुक्रवार को पुराने यमुना पुल के नीचे गऊघाट क्षेत्र में एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया, इस विशेष अभियान के तहत पुराने यमुना पुल के पिलरों के पास और यमुना नदी के किनारे रेलवे की स्वामित्व वाली भूमि पर लंबे समय से अवैध रूप से बसी मलिन बस्ती व झोपड़ियों को पूरी तरह से खाली करा दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पुराने यमुना पुल के पिलरों के आसपास बड़े पैमाने पर झुग्गी-झोपड़ियां बना ली गई थीं इससे न केवल ऐतिहासिक पुल की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था, बल्कि यमुना नदी की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। इसके अलावा, इस भूभाग पर रेलवे का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित है, जिसके निर्माण में यह अवैध कब्जा बाधा बना हुआ था। बार-बार मिली शिकायतों और पूर्व में जारी किए गए नोटिसों के बाद नगर निगम प्रशासन ने इस क्षेत्र को पूरी तरह से खाली कराने का निर्णय लिया। शुक्रवार सुबह नगर निगम का दस्ता भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचा और कार्रवाई शुरू करने से पहले प्रशासन द्वारा संवेदनशीलता बरतते हुए वहां रह रहे लोगों को अपनी गृहस्थी और जरूरी सामान समेटने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। इसके उपरांत जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से अवैध झोपड़ियों और ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर आंशिक विरोध की स्थिति जरूर बनी, परंतु भारी सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की मुस्तैदी के कारण पूरा अभियान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पहले भी इस क्षेत्र सेअतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन कुछ समय बाद लोग पुनः यहाँ झोपड़ियां बना लेते थे। इस बार पूरे क्षेत्र को शत-प्रतिशत खाली करा लिया गया है और आगे यहाँ दोबारा कोई अवैध कब्जा न होने पाए, इसके लिए संबंधित वार्ड और पुलिस चौकी को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जमीन खाली होने के तुरंत बाद नगर निगम ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान और मलबे को हटाने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सरकारी अथवा रेलवे की संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा न करें, अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- प्रयागराज के गऊघाट में पुराने पुल के नीचे रेलवे की भूमि पर मलिन बस्ती द्वारा अवैध कब्जे को नगर निगम की टीम ने हटाया..... प्रयागराज: नगर निगम प्रयागराज और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा शुक्रवार को पुराने यमुना पुल के नीचे गऊघाट क्षेत्र में एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया, इस विशेष अभियान के तहत पुराने यमुना पुल के पिलरों के पास और यमुना नदी के किनारे रेलवे की स्वामित्व वाली भूमि पर लंबे समय से अवैध रूप से बसी मलिन बस्ती व झोपड़ियों को पूरी तरह से खाली करा दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पुराने यमुना पुल के पिलरों के आसपास बड़े पैमाने पर झुग्गी-झोपड़ियां बना ली गई थीं इससे न केवल ऐतिहासिक पुल की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था, बल्कि यमुना नदी की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। इसके अलावा, इस भूभाग पर रेलवे का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित है, जिसके निर्माण में यह अवैध कब्जा बाधा बना हुआ था। बार-बार मिली शिकायतों और पूर्व में जारी किए गए नोटिसों के बाद नगर निगम प्रशासन ने इस क्षेत्र को पूरी तरह से खाली कराने का निर्णय लिया। शुक्रवार सुबह नगर निगम का दस्ता भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचा और कार्रवाई शुरू करने से पहले प्रशासन द्वारा संवेदनशीलता बरतते हुए वहां रह रहे लोगों को अपनी गृहस्थी और जरूरी सामान समेटने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। इसके उपरांत जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से अवैध झोपड़ियों और ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर आंशिक विरोध की स्थिति जरूर बनी, परंतु भारी सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की मुस्तैदी के कारण पूरा अभियान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पहले भी इस क्षेत्र सेअतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन कुछ समय बाद लोग पुनः यहाँ झोपड़ियां बना लेते थे। इस बार पूरे क्षेत्र को शत-प्रतिशत खाली करा लिया गया है और आगे यहाँ दोबारा कोई अवैध कब्जा न होने पाए, इसके लिए संबंधित वार्ड और पुलिस चौकी को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जमीन खाली होने के तुरंत बाद नगर निगम ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान और मलबे को हटाने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सरकारी अथवा रेलवे की संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा न करें, अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- मेजा 259 विधानसभा से सपा के उम्मीदवार गायत्री प्रसाद तिवारी ने कहा मेजा 259 विधानसभा से सपा के उम्मीदवार गायत्री प्रसाद तिवारी ने कहा मेजा, प्रयागराज। झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव में मेजा विधानसभा में 65 प्रतिशत मतदान हो चुका है। जानकारी के अनुसार पूरे विधानसभा में कुल 8600 मतदाता हैं। वहीं मेजा तहसील बूथो पर 2200 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दौरान गायत्री प्रसाद तिवारी ने कहा कि 11 सीटों में से 8 सीटों पर परचम लहराएगे। उन्होंने कहा कि स्नातक मतदाता सपा के साथ हैं और विकास के नाम पर मतदान कर रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा की बीना मिश्रा ने कहा कि हम 11 के 11 सीट जीत रहे हैं मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।2
- करछना में 33.7 प्रतिशत मतदान, पर्ची स्थल का टेंट हटाने पर सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में नोंक-झोंक करछना। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शुक्रवार को करछना तहसील क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। क्षेत्र के कुल 4915 मतदाताओं में से 1657 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह कुल मतदान प्रतिशत करीब 33.7 रहा। मतदान के दौरान पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की भागीदारी कम रही, हालांकि युवतियों ने भी उत्साह के साथ मतदान किया।मतदान प्रक्रिया सुबह आठ बजे शुरू हुई। शुरुआती घंटों के बाद सुबह 10 बजे से मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बढ़ने लगी। पुरुष और महिला मतदाता कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। शाम चार बजे तक मतदान की प्रक्रिया संपन्न हुई। कुल पड़े 1657 मतों में 1347 पुरुष और 310 महिला मतदाताओं ने मतदान किया। चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय रहे। करछना ब्लॉक में डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र, एसीपी कुंजलता, तहसीलदार राजेश पाल और नायब तहसीलदार अनुग्रह नारायण मौजूद रहे। एसडीएम संदीप तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सील कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत भेज दिया गया। पर्ची स्थल का टेंट हटाने पर हुआ विरोध मतदान के दौरान शाम करीब 4 बजे फर्जी वोटिंग को लेकर एजेंटों और पुलिस के बीच बहस होने की बात सामने आई। वहीं, सपा प्रत्याशी के पर्ची स्थल पर लगाए गए टेंट को पुलिस द्वारा दो बार हटाए जाने को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर की। सपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पर्ची स्थल के पंडाल को बार-बार हटाकर उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर सत्ता पक्ष के इशारे पर कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए प्रशासन के रवैये को मनमाना बताया। इस मुद्दे को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और सपा कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई। हालांकि, मतदान की प्रक्रिया निर्धारित समय पर संपन्न हो गई।1
- *भूपेंद्र सोनी की संदिग्ध मौत में कार्रवाई पर परिजनों ने उठाए सवाल, CBI जांच की मांग* **पिता ने डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव को सौंपा प्रार्थना पत्र, पांच नामजद लोगों में से केवल एक की गिरफ्तारी का आरोप** **प्रयागराज।** यमुनानगर के घूरपुर थाना क्षेत्र के चम्पतपुर निवासी 32 वर्षीय भूपेंद्र सोनी की 25 सितंबर 2026 को मानस विहार स्थित एडीए कॉलोनी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना को लेकर मृतक के परिजन हत्या की आशंका जताते हुए लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। मृतक के पिता नेब्बू लाल सोनी के अनुसार, उनके बेटे भूपेंद्र के मोबाइल पर फोन आया था, जिसके बाद वह मानस विहार गया था। कुछ समय बाद परिजनों को उसकी मौ*त की सूचना मिली। परिवार के मुताबिक, उसे छह मंजिला मकान से गिरने की परिस्थितियों में अस्पताल ले जाया गया था। बाद में चाका हॉस्पिटल होते हुए स्वरूप रानी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ### पांच लोगों के नाम होने के बावजूद एक की गिरफ्तारी का आरोप मृतक के परिजनों का आरोप है कि मामले में पांच लोगों के नाम सामने आए थे, लेकिन पुलिस ने अब तक केवल एक व्यक्ति को ही जेल भेजा है। परिवार का कहना है कि अन्य आरोपितों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके। इसी संबंध में मृतक के पिता नेब्बू लाल सोनी ने डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव से मुलाकात कर लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने शेष आरोपितों के खिलाफ भी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि अब तक हुई कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। ### जमीन और पैसों के विवाद की आशंका परिजनों ने जमीन और पैसों के लेन-देन से जुड़े विवाद को घटना की संभावित वजह बताया है। उनका आरोप है कि भूपेंद्र को मानस विहार में जमीन दिलाने की बात कही गई थी और इसके लिए रकम भी दी गई थी। परिवार को आशंका है कि इसी विवाद के चलते उसके साथ वारदात हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर जांच से संतुष्टि नहीं मिलती है, तो मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। ### पत्नी की सरकार से गुहार, दो मासूम बच्चों के भविष्य की चिंता भूपेंद्र सोनी की पत्नी अंजली सोनी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अनुसार, उनके दो छोटे बेटे हैं—एक वर्षीय आकाय सोनी और दो माह का आरो सोनी। पिता की मौ*त के बाद दोनों बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा को लेकर परिवार चिंतित है। अंजली सोनी ने उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कानून के दायरे में अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग करते हुए दोनों बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी गुहार लगाई है। **अब पीड़ित परिवार की निगाहें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। परिजन चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, सभी आरोपितों की भूमिका सामने आए और दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।** *भूपेंद्र सोनी की संदिग्ध मौत में कार्रवाई पर परिजनों ने उठाए सवाल, CBI जांच की मांग* **पिता ने डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव को सौंपा प्रार्थना पत्र, पांच नामजद लोगों में से केवल एक की गिरफ्तारी का आरोप** **प्रयागराज।** यमुनानगर के घूरपुर थाना क्षेत्र के चम्पतपुर निवासी 32 वर्षीय भूपेंद्र सोनी की 25 सितंबर 2026 को मानस विहार स्थित एडीए कॉलोनी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना को लेकर मृतक के परिजन हत्या की आशंका जताते हुए लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। मृतक के पिता नेब्बू लाल सोनी के अनुसार, उनके बेटे भूपेंद्र के मोबाइल पर फोन आया था, जिसके बाद वह मानस विहार गया था। कुछ समय बाद परिजनों को उसकी मौ*त की सूचना मिली। परिवार के मुताबिक, उसे छह मंजिला मकान से गिरने की परिस्थितियों में अस्पताल ले जाया गया था। बाद में चाका हॉस्पिटल होते हुए स्वरूप रानी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ### पांच लोगों के नाम होने के बावजूद एक की गिरफ्तारी का आरोप मृतक के परिजनों का आरोप है कि मामले में पांच लोगों के नाम सामने आए थे, लेकिन पुलिस ने अब तक केवल एक व्यक्ति को ही जेल भेजा है। परिवार का कहना है कि अन्य आरोपितों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके। इसी संबंध में मृतक के पिता नेब्बू लाल सोनी ने डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव से मुलाकात कर लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने शेष आरोपितों के खिलाफ भी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि अब तक हुई कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। ### जमीन और पैसों के विवाद की आशंका परिजनों ने जमीन और पैसों के लेन-देन से जुड़े विवाद को घटना की संभावित वजह बताया है। उनका आरोप है कि भूपेंद्र को मानस विहार में जमीन दिलाने की बात कही गई थी और इसके लिए रकम भी दी गई थी। परिवार को आशंका है कि इसी विवाद के चलते उसके साथ वारदात हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर जांच से संतुष्टि नहीं मिलती है, तो मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। ### पत्नी की सरकार से गुहार, दो मासूम बच्चों के भविष्य की चिंता भूपेंद्र सोनी की पत्नी अंजली सोनी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अनुसार, उनके दो छोटे बेटे हैं—एक वर्षीय आकाय सोनी और दो माह का आरो सोनी। पिता की मौ*त के बाद दोनों बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा को लेकर परिवार चिंतित है। अंजली सोनी ने उत्तर प्रदेश सरकार से मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कानून के दायरे में अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग करते हुए दोनों बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी गुहार लगाई है। **अब पीड़ित परिवार की निगाहें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। परिजन चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, सभी आरोपितों की भूमिका सामने आए और दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।**4
- कंजासा गांव में शराब की दुकान के खिलाफ ग्रामीणों का हल्ला बोल,बंद कराया शटर प्रयागराज: घूरपुर थाना क्षेत्र के कंजासा गांव में शराब की दुकान के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने दुकान पर पहुंचकर विरोध जताया और उसका शटर बंद करा दिया। महिलाओं ने गांव में शराब की बिक्री से परिवारों पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को लेकर नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान पर कम उम्र के बच्चों को भी शराब बेची जाती है। शराब के नशे में घर पहुंचने वाले कुछ लोग पत्नियों के साथ मारपीट करते हैं,जिससे घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने कहा कि शराब की लत से कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं।1
- इलाहाबाद झांसी खंड स्नातक चुनाव में ब्लॉक प्रमुख गायत्री प्रसाद मिश्रा ने दिया बयान1
- *आज दिनांक 23/10/2026* *प्रयागराज यमुनापार, थाना शंकरगढ़* *मायके से लौटी विधवा महिला का आरोप, बड़ी बेटी ने ताला तोड़कर घर का सामान, नकदी, वाहन और आभूषण उठा ले गई, 14 अक्टूबर को वापस करने का समझौता भी नहीं हुआ* *शंकरगढ़, प्रयागराज:* थाना शंकरगढ़ के निवासी पूरे भटू नेवरिया की रहने वाली महिला *गीता पत्नी स्वर्गीय महेंद्र कुमार साहू* ने अपनी बड़ी बेटी पर घर का सामान जबरदस्ती उठा ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। गीता ने बताया कि वह *29/09/2026 को अपने मायके चली गई थी और 03/10/2026 को वापस आई* तो घर का ताला टूटा हुआ था। पड़ोसी से पूछने पर पता चला कि उसकी बड़ी बेटी *अर्चना साहू पत्नी प्रदीप कुमार साहू* आई थी और घर का ताला तोड़कर घर में रखा सामान उठा ले गई। आरोप है कि घर में रखा *सभी कीमती सामान और साठ हजार रुपए सहित बोलेरो और मोटरसाइकिल और सोने-चांदी का आभूषण, कीमती बर्तन, अनाज* सब उठा ले गई। गीता ने बताया कि उन्होंने लिखित तहरीर *थाना शंकरगढ़ में और ACP बारा में दिया*, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थाना में दोनों पक्षों में समझौता पत्र हुआ कि *अर्चना देवी पत्नी प्रदीप कुमार 14.10.2026 को पूरा सामान वापस कर देंगी*, लेकिन अभी तक वापस नहीं हुआ। इसलिए विधवा महिला दर-दर की ठोकर खा रही है। *पारिवारिक विवाद की जड़:* गीता ने बताया कि महेंद्र कुमार साहू की पहली पत्नी से एक बेटी पैदा हुई जिसका नाम *अर्चना साहू* रखा गया। डेढ़ महीने की थी तभी उसकी मां का स्वर्गवास हो गया। कुछ दिनों बाद उसके पिता महेंद्र कुमार साहू ने दूसरी शादी की, जिससे दूसरी पत्नी *गीता देवी* है। गीता देवी से एक पुत्री हुई जिसका नाम *वंदना साहू* है। कुछ दिनों बाद महेंद्र कुमार की मौत हो गई। महेंद्र कुमार का कारोबार अच्छा था, जिसमें *चार-पांच बीघा खेत, बोलेरो गाड़ी, दोपहिया वाहन, किराने की दुकान* सब कुछ है। गीता देवी का कहना है कि मेरे लिए दोनों बेटियां बराबर हैं, दोनों बेटियों की शादी बड़े धूमधाम से हुई है। मेरे पास जो गृहस्थी है वह मेरे मर जाने के बाद दोनों बेटियां आपस में बराबर-बराबर ले लेंगी। अभी मैं जैसे दोनों बेटियों को देती थी, बुलाती थी, उसी हिसाब से बुलाऊंगी, दूंगी और देती रहूंगी। लेकिन मेरे मर जाने के बाद ही दोनों लोग आपस में बराबर-बराबर ले लेंगी। लेकिन फिलहाल अभी हम नहीं दे पाएंगे। लेकिन बड़ी बेटी घर का सामान जबरदस्ती उठा ले गई। इसमें छोटी बेटी वंदना साहू भी गंभीर है। छोटी बेटी वंदना ने अपनी बड़ी बहन *अर्चना साहू* पर आरोप लगाया है। गीता देवी ने यहां के जिम्मेदार पुलिस प्रशासन, *ACP बारा और पुलिस कमिश्नर प्रयागराज* से न्याय की गुहार लगाई है कि हमारे मर जाने के बाद ही दोनों बेटियां आपस में बराबर ले लेंगी, लेकिन पहले बड़ी वाली बेटी अर्चना साहू पूरा सामान घर में वापस करे। *आज दिनांक 23/10/2026* *प्रयागराज यमुनापार, थाना शंकरगढ़* *मायके से लौटी विधवा महिला का आरोप, बड़ी बेटी ने ताला तोड़कर घर का सामान, नकदी, वाहन और आभूषण उठा ले गई, 14 अक्टूबर को वापस करने का समझौता भी नहीं हुआ* *शंकरगढ़, प्रयागराज:* थाना शंकरगढ़ के निवासी पूरे भटू नेवरिया की रहने वाली महिला *गीता पत्नी स्वर्गीय महेंद्र कुमार साहू* ने अपनी बड़ी बेटी पर घर का सामान जबरदस्ती उठा ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। गीता ने बताया कि वह *29/09/2026 को अपने मायके चली गई थी और 03/10/2026 को वापस आई* तो घर का ताला टूटा हुआ था। पड़ोसी से पूछने पर पता चला कि उसकी बड़ी बेटी *अर्चना साहू पत्नी प्रदीप कुमार साहू* आई थी और घर का ताला तोड़कर घर में रखा सामान उठा ले गई। आरोप है कि घर में रखा *सभी कीमती सामान और साठ हजार रुपए सहित बोलेरो और मोटरसाइकिल और सोने-चांदी का आभूषण, कीमती बर्तन, अनाज* सब उठा ले गई। गीता ने बताया कि उन्होंने लिखित तहरीर *थाना शंकरगढ़ में और ACP बारा में दिया*, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थाना में दोनों पक्षों में समझौता पत्र हुआ कि *अर्चना देवी पत्नी प्रदीप कुमार 14.10.2026 को पूरा सामान वापस कर देंगी*, लेकिन अभी तक वापस नहीं हुआ। इसलिए विधवा महिला दर-दर की ठोकर खा रही है। *पारिवारिक विवाद की जड़:* गीता ने बताया कि महेंद्र कुमार साहू की पहली पत्नी से एक बेटी पैदा हुई जिसका नाम *अर्चना साहू* रखा गया। डेढ़ महीने की थी तभी उसकी मां का स्वर्गवास हो गया। कुछ दिनों बाद उसके पिता महेंद्र कुमार साहू ने दूसरी शादी की, जिससे दूसरी पत्नी *गीता देवी* है। गीता देवी से एक पुत्री हुई जिसका नाम *वंदना साहू* है। कुछ दिनों बाद महेंद्र कुमार की मौत हो गई। महेंद्र कुमार का कारोबार अच्छा था, जिसमें *चार-पांच बीघा खेत, बोलेरो गाड़ी, दोपहिया वाहन, किराने की दुकान* सब कुछ है। गीता देवी का कहना है कि मेरे लिए दोनों बेटियां बराबर हैं, दोनों बेटियों की शादी बड़े धूमधाम से हुई है। मेरे पास जो गृहस्थी है वह मेरे मर जाने के बाद दोनों बेटियां आपस में बराबर-बराबर ले लेंगी। अभी मैं जैसे दोनों बेटियों को देती थी, बुलाती थी, उसी हिसाब से बुलाऊंगी, दूंगी और देती रहूंगी। लेकिन मेरे मर जाने के बाद ही दोनों लोग आपस में बराबर-बराबर ले लेंगी। लेकिन फिलहाल अभी हम नहीं दे पाएंगे। लेकिन बड़ी बेटी घर का सामान जबरदस्ती उठा ले गई। इसमें छोटी बेटी वंदना साहू भी गंभीर है। छोटी बेटी वंदना ने अपनी बड़ी बहन *अर्चना साहू* पर आरोप लगाया है। गीता देवी ने यहां के जिम्मेदार पुलिस प्रशासन, *ACP बारा और पुलिस कमिश्नर प्रयागराज* से न्याय की गुहार लगाई है कि हमारे मर जाने के बाद ही दोनों बेटियां आपस में बराबर ले लेंगी, लेकिन पहले बड़ी वाली बेटी अर्चना साहू पूरा सामान घर में वापस करे।4
- *प्रयागराज में दिल दहलाने वाला हादसा: स्कूल वैन ने 8 साल की छात्रा को कुचला, CCTV में कैद हुई खौफनाक वारदात* *प्रयागराज में दिल दहलाने वाला हादसा: स्कूल वैन ने 8 साल की छात्रा को कुचला, CCTV में कैद हुई खौफनाक वारदात* *प्रयागराज।* शहर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ स्कूल वैन ने 8 साल की मासूम छात्रा उदयांसी को कुचल दिया। इस पूरे हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो बेहद विचलित करने वाला है। *CCTV में कैद हुई घटना* वीडियो में साफ दिख रहा है कि छात्रा वैन के पीछे से उतरती है। उसके उतरने के तुरंत बाद चालक लापरवाही से वैन को पीछे बैक कर देता है, तभी मासूम वैन और दीवार के बीच में दब जाती है। दबते ही उसकी जोरदार चीख निकल गई। चीख सुनकर चालक ने वैन को आगे बढ़ाया तो खून से लथपथ छात्रा जमीन पर गिर पड़ी। *दादी ईंट लेकर दौड़ी* छात्रा की चीख सुनकर उसकी दादी और आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। देखा तो खून से लथपथ छात्रा जमीन पर पड़ी थी, उसके हाथ में खून से सना बैग फंसा हुआ था। घरवाले उसे गोद में उठाकर बोलेरो से अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उदयांसी को मृत घोषित कर दिया। उधर वैन चालक ने भागने की कोशिश की तो छात्रा की दादी ईंट लेकर उसके पीछे दौड़ पड़ी। लोगों ने चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। *मन्नतों से हुई थी बेटी* छात्रा का शव घर पहुंचते ही मां और दादी ने उसे सीने से चिपका लिया। रोते-रोते मां बेहोश हो गई। मां ने रोते हुए कहा- "मन्नतों के बाद बेटी हुई थी। नवरात्र में मैंने और उसकी दादी ने 9 दिन का व्रत रखा था।" पुलिस ने वैन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी के आधार पर जांच कर रही है। #PrayagrajNews #SchoolVanAccident #PrayagrajAccident #CCTVFootage #Udayansi1