*लखनऊ: नगर निगम टीम और पुलिस पर पथराव करने वाली दो सगी बहनें गिरफ्तार, भेजा गया जेल लखनऊ:लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में अवैध मवेशियों को पकड़ने गई नगर निगम की कैटल कैचर टीम और पुलिस बल पर लाठी-डंडों व पत्थरों से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. घटना की जांच और वीडियो फुटेज के आधार पर पारा पुलिस ने पथराव व उपद्रव में शामिल दो सगी बहनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पारा थाना क्षेत्र के गादियाना आदर्श विहार में अवैध रूप से संचालित डेयरियों और मवेशियों के खिलाफ नगर निगम की टीम कार्रवाई करने पहुंची थी. टीम ने जब मौके से 18 अवैध भैंसों को पकड़कर गाड़ियों में चढ़ाना शुरू किया, तभी स्थानीय पशुपालकों और उपद्रवियों ने विरोध शुरू कर दिया. पथराव में दरोगा समेत चार लोग हुए घायल:देखते ही देखते भीड़ ने नगर निगम कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से हमला बोलते हुए भीषण पथराव कर दिया था. उपद्रवियों द्वारा किए गए इस हमले में बीच-बचाव कराने पहुंचे बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल के सिर में गंभीर चोट आई थी, जिससे वह लहूलुहान हो गए थे. इसके अलावा नगर निगम के तीन अन्य कर्मचारी भी घायल हुए थे. पथराव में नगर निगम के चार कैटल कैचर वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए थे. वीडियो फुटेज के आधार पर हुई कार्रवाई:पशु कल्याण अधिकारी अवधेश कुमार की तहरीर पर पारा पुलिस ने बलवा, जानलेवा हमला, तोड़फोड़ और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी. पारा प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह ने बताया कि मौके के वीडियो और साक्ष्यों की जांच के दौरान उपद्रव और पथराव में दो युवतियों की सक्रिय भूमिका सामने आई. इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर खुशबून (24 वर्ष) और आफरीन (26 वर्ष), निवासी गादियाना, आदर्श विहार, थाना पारा को गिरफ्तार कर लिया. दोनों बहनों को भेजा जेल, अन्य आरोपियों की तलाश जारी:इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दोनों महिलाओं को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है. घटना में शामिल अन्य हमलावरों और उपद्रवियों की पहचान फुटेज के जरिए की जा रही है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. पुलिस अन्य उपद्रवियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है.
*लखनऊ: नगर निगम टीम और पुलिस पर पथराव करने वाली दो सगी बहनें गिरफ्तार, भेजा गया जेल लखनऊ:लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में अवैध मवेशियों को पकड़ने गई नगर निगम की कैटल कैचर टीम और पुलिस बल पर लाठी-डंडों व पत्थरों से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. घटना की जांच और वीडियो फुटेज के आधार पर पारा पुलिस ने पथराव व उपद्रव में शामिल दो सगी बहनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पारा थाना क्षेत्र के गादियाना आदर्श विहार में अवैध रूप से संचालित डेयरियों और मवेशियों के खिलाफ नगर निगम की टीम कार्रवाई करने पहुंची थी. टीम ने जब मौके से 18 अवैध भैंसों को पकड़कर गाड़ियों में चढ़ाना शुरू किया, तभी स्थानीय पशुपालकों और उपद्रवियों ने विरोध शुरू कर दिया. पथराव में दरोगा समेत चार लोग हुए घायल:देखते ही देखते भीड़ ने नगर निगम कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से हमला बोलते हुए भीषण पथराव कर दिया था. उपद्रवियों द्वारा किए गए इस हमले में बीच-बचाव कराने पहुंचे बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल के सिर में गंभीर चोट आई थी, जिससे वह लहूलुहान हो गए थे. इसके अलावा नगर निगम के तीन अन्य कर्मचारी भी घायल हुए थे. पथराव में नगर निगम के चार कैटल कैचर वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए थे. वीडियो फुटेज के आधार पर हुई कार्रवाई:पशु कल्याण अधिकारी अवधेश कुमार की तहरीर पर पारा पुलिस ने बलवा, जानलेवा हमला, तोड़फोड़ और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी. पारा प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह ने बताया कि मौके के वीडियो और साक्ष्यों की जांच के दौरान उपद्रव और पथराव में दो युवतियों की सक्रिय भूमिका सामने आई. इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर खुशबून (24 वर्ष) और आफरीन (26 वर्ष), निवासी गादियाना, आदर्श विहार, थाना पारा को गिरफ्तार कर लिया. दोनों बहनों को भेजा जेल, अन्य आरोपियों की तलाश जारी:इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दोनों महिलाओं को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है. घटना में शामिल अन्य हमलावरों और उपद्रवियों की पहचान फुटेज के जरिए की जा रही है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. पुलिस अन्य उपद्रवियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है.
- पाली क्षेत्र के नेवास गांव में ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित गोरखपुर। जनपद के पाली क्षेत्र अंतर्गत नेवास गांव में ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। बिजली गुल होने से गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से घरों में पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई है, जबकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार जिस ट्रांसफार्मर से गांव में बिजली आपूर्ति की जाती थी, उसमें पर्याप्त मात्रा में ट्रांसफार्मर ऑयल (तेल) नहीं था। इसी कारण ट्रांसफार्मर अधिक गर्म होकर जल गया और पूरे गांव की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर का निरीक्षण किया। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खराब ट्रांसफार्मर को हटाकर उसकी जगह नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। विभाग के अनुसार नया ट्रांसफार्मर आज उपलब्ध कराया जा रहा है और उसे स्थापित करने का कार्य पूरा होते ही गांव की बिजली आपूर्ति पुनः बहाल कर दी जाएगी। इस बीच ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ट्रांसफार्मरों के रखरखाव और समय-समय पर उनकी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि इस तरह की समस्याओं से लोगों को बार-बार परेशान न होना पड़े। लोगों का कहना है कि नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत से ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। ग्रामीणों को अब बिजली विभाग से उम्मीद है कि नया ट्रांसफार्मर जल्द स्थापित कर आपूर्ति बहाल की जाएगी, जिससे लोगों को राहत मिल सके।1
- मदरसे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, सपा नेताओं और प्रशासन के बीच हुई नोकझोंक सिद्धार्थनगर जिले के पथरा थाना क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में स्थित अरबिया जियाउल उलूम मदरसे पर मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर भवन को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर सात जेसीबी मशीनों के साथ बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहा। मदरसा ध्वस्त किए जाने की सूचना पर समाजवादी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान प्रशासन और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बताया गया कि अरबिया जियाउल उलूम मदरसे का निर्माण वर्ष 1968 में हुआ था। तभी से यहां मदरसे का संचालन किया जा रहा था। मदरसे में करीब 350 बच्चे उर्दू की तालीम हासिल कर रहे थे। मदरसे का पंजीकरण वक्फ बोर्ड में होने की बात बताई जा रही है, हालांकि सरकार से इसे मान्यता नहीं मिल सकी थी। मदरसे की जमीन को लेकर चकबंदी विभाग में मुकदमा भी चल रहा है। मदरसे की देखरेख कर रहे ग्राम प्रधान इरशाद अहमद के मुताबिक, जमीन के अभिलेखों में मदरसा संचालक अब्दुल सलाम के नाम दर्ज है। उन्होंने बताया कि मंडलायुक्त बस्ती मंडल की ओर से एसडीएम और चकबंदी विभाग को मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। उनका आरोप है कि मुकदमा लंबित होने और जांच के निर्देश के बावजूद प्रशासन ने मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे मदरसे को ध्वस्त कर दिया। इरशाद अहमद का आरोप है कि मदरसा ध्वस्त करने से पहले प्रशासन की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि मदरसा संचालक अब्दुल सलाम इस समय मुंबई में हैं। कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कार्रवाई के दौरान सपा नेताओं के मौके पर पहुंचने के बाद माहौल गरमा गया। प्रशासनिक अधिकारियों और सपा नेताओं के बीच कार्रवाई को लेकर तीखी बहस हुई। पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन की ओर से मदरसा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किस आधार पर की गई, इसे लेकर अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आ सका है।1
- सिद्धार्थ नगर ब्यूरो रिपोर्ट यूपी के सिद्धार्थनगर में मंगलवार को मदरसे के आधे से ज्यादा हिस्से को बुलडोजर चला कर ढहा दिया गया।1
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- कांवड़ियों और महिला सिपाही में विवाद, बोलीं—DM को बुला लो या DSP को! AajKal NEWS 24 | हर खबर का तेज असर सावन के महीने में देशभर में कांवड़ यात्रा का माहौल है। इसी बीच कानपुर-इटावा हाईवे पर महिला सिपाही और कांवड़ियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो इंटरनेट पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में महिला सिपाही कथित तौर पर कहती नजर आ रही हैं—“चाहे डीएम को बुला लो, डीएसपी को बुला लो या किसी नेता को।” वहीं कांवड़ियों ने महिला सिपाही पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि घटना अकबरपुर थाना क्षेत्र की है। रविवार को महिला सिपाही औरैया से कानपुर जा रही थीं। रास्ते में उन्होंने कार से जा रहे एक डॉक्टर से लिफ्ट ली। इसी दौरान रास्ते में किसी बात को लेकर उनकी कांवड़ियों से बहस हो गई। कांवड़ियों का आरोप है कि विवाद के बाद उन्होंने महिला सिपाही की कार का करीब 30 किलोमीटर तक पीछा किया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस वीडियो और सामने आए आरोपों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। जांच के बाद ही विवाद की पूरी सच्चाई सामने आएगी। 📍 अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश AajKal NEWS 24 — हर खबर का तेज असर1
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- ब्रेकिंग न्यूज़ गोरखपुर में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ता हुआ1
- नागपंचमी के जश्न में मातम, तालाब में डूबने से 12 साल के मासूम की मौत #viral #followers #ambedkarnagarpolice #uppolice #ambedkar_nagar1
- नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, खेसरहा पुलिस ने भेजा जेल नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, खेसरहा पुलिस ने भेजा जेल बांसी,सिद्धार्थनगर। अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना खेसरहा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में वांछित एक अभियुक्त को पंचमोहनी इंटर कॉलेज सड़क तिराहे के पास से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद के कुशल निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी बाँसी शुबेन्दु सिंह के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष खेसरहा अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। दिनांक 16 अगस्त 2026 को थाना खेसरहा पर पंजीकृत मु०अ०सं० 114/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 137(2), 87, 352, 351(3), एससी/एसटी एक्ट की प्रासंगिक धाराओं और 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी घटना के बाद से ही वांछित चल रहा था।गिरफ्तार अभियुक्त नाम: मोहम्मद इजरान पुत्र अलीजान निवासी कुनौना, थाना खेसरहा, जनपद सिद्धार्थनगरअभियुक्त को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उ०नि० श्री वीरेन्द्र सिंह यादव चौकी प्रभारी कुर्थिया, उ०नि० मुन्नीलाल आरक्षी देवानन्द शामिल रहे।1