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नूंह जिले के डूंगेजा गांव में बारिश का कहर, दो मकान ढहे; मलबे में दबी महिला गंभीर घायल नूंह जिले के डूंगेजा गांव में लगातार हो रही बारिश के चलते आज गुरुवार सुबह करीब 7 बजे दो मकान ढह गए। हादसे में 62 वर्षीय हारूनी मलबे के नीचे दब गईं, जिन्हें ग्रामीणों ने तुरंत बाहर निकालकर मांडीखेड़ा अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए नल्हड़ अस्पताल रेफर किया गया। हादसे में दोनों मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। उस समय महिला के साथ एक छोटी बच्ची भी मौजूद थी, जो सुरक्षित बच गई। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से उचित मुआवजे और सहायता की मांग की है।
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नूंह जिले के डूंगेजा गांव में बारिश का कहर, दो मकान ढहे; मलबे में दबी महिला गंभीर घायल नूंह जिले के डूंगेजा गांव में लगातार हो रही बारिश के चलते आज गुरुवार सुबह करीब 7 बजे दो मकान ढह गए। हादसे में 62 वर्षीय हारूनी मलबे के नीचे दब गईं, जिन्हें ग्रामीणों ने तुरंत बाहर निकालकर मांडीखेड़ा अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए नल्हड़ अस्पताल रेफर किया गया। हादसे में दोनों मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। उस समय महिला के साथ एक छोटी बच्ची भी मौजूद थी, जो सुरक्षित बच गई। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से उचित मुआवजे और सहायता की मांग की है।
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- बिछौर में बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर जलभराव से बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने समाधान की मांग उठाई पुन्हाना खंड के बिछौर गांव में बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर जलभराव की समस्या से ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग पर काफी समय से गंदा पानी भरा होने के कारण लोगों का पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि राहगीरों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें रोजाना असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इसके चलते गंदा पानी मार्ग पर जमा रहता है और समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सरपंच ,संबंधित विभाग और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीण हाकम, मुस्ताक, दीनू, राजेश, परम, असलम, याकूब और जुम्मे खां सहित अन्य लोगों ने बताया कि बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस मार्ग से न केवल स्थानीय ग्रामीण बल्कि आसपास के कई गांवों के लोग भी प्रतिदिन आवागमन करते हैं। इसके अलावा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु भी इस रास्ते का उपयोग करते हैं। जलभराव के कारण लोगों को मजबूरी में गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने मार्ग पर अवैध रूप से कब्जा कर सामान डाल रखा है। जिससे नाले पूरी तरह से रुक गए है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में समस्या और अधिक बढ़ जाती है। सड़क पर भरे पानी के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। कई बार दोपहिया वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। ----------------- बीडीपीओ पुन्हाना कपिल सिंगला ने बताया कि मार्ग पर बरसात के कारण जलभराव हो सकता है, मार्ग पर नाले का पानी भर रहा है तो ग्राम पंचायत का आदेश देकर इसका समाधान कराया जाएगा।’3
- एक कार्यक्रम में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए और उनकी समस्याएं सुनते हुए1
- गुरुग्राम को इंदौर बनाने का वादा विधायक मुकेश शर्मा का हुआ फेल गुरुग्राम को इंदौर बनाने का वादा विधायक मुकेश शर्मा काहुआ फेल चुनावी दो में पड़े-पड़े वादे करने वाले विधायक मुकेश शर्मा कितना काम किया है वह आज की बारिश ने गुरुग्राम को दिखा दिया आज जनता सवाल पूछ रही है कि विधायक साहब वह 50 करोड़ का विकास कार्य कहां पर है वह गुरुग्राम को इंदौर से बेहतर बनाने का वादा जो किया था वह कहां पर है वादे करने से काम नहीं होते विधायक जी काम करना पड़ता है ग्राउंड पर आकर1
- जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बुधवार को पलवल स्थित डा. भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में कॉलेज पर अटैक होने से संबंधित स्थिति का सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल के माध्यम से सफल परीक्षण किया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में आयोजित सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल ने नागरिकों को यह संदेश दिया कि किसी भी आपदा या सुरक्षा संकट से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केवल संसाधन ही नहीं, बल्कि समय पर निर्णय लेने की क्षमता, विभागों के बीच तालमेल और आम नागरिकों की जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। इस सफल अभ्यास ने जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा के प्रति विश्वास भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास आपदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पलवल फायर सेफ्टी अधिकारी नवीन पाल ने कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में किसी भी प्रकार की आपदा अथवा आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों का समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल से प्रशासनिक तैयारियों का मूल्यांकन करने के साथ-साथ भविष्य में किसी भी वास्तविक संकट की स्थिति में बेहतर एवं तेज प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय और समयबद्ध प्रतिक्रिया किसी भी वास्तविक संकट की स्थिति में प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। इस प्रकार के मॉक ड्रिल एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इन अभ्यासों से अधिकारियों, कर्मचारियों एवं राहत एवं बचाव दलों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। साथ ही आम नागरिकों में आपदा के समय घबराने के बजाय सतर्कता, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार तथा निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन करने के प्रति जागरूकता बढ़ती है।3
- शहर फिरोजपुर झिरका अरावली की वादियों में कृत्रिम झील बनाने की उठी मांग - पूर्व विदेश मंत्रालय अधिकारी रमेश कामरा शहर फिरोजपुर झिरका अरावली की वादियों में कृत्रिम झील बनाने की उठी मांग - पूर्व विदेश मंत्रालय अधिकारी रमेश कामरा1
- नूंह शहर में बड़ी चोरी: व्यापारी के घर से 20 लाख नकद, सोना-चांदी के जेवरात लेकर फरार हुए चोर नूंह शहर में गुरुवार तड़के करीब 1 बजे आर्य समाज मंदिर के पास व्यापारी ज्ञानचंद अग्रवाल खेड़ला वाले के मकान में चोरी की बड़ी वारदात हुई। चोर दरवाजा और सीसीटीवी कैमरे तोड़कर घर में घुसे और करीब 20 लाख रुपये नकद, लगभग 1 किलो चांदी तथा सोने के जेवरात चोरी कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।1
- नहुँ जिले के नलेश्वर मंदिर पहुंचे सुदर्शन राष्ट्र निर्माण के राष्ट्रीय प्रभारी डॉक्टर पवन आर्या1
- GreaterNoida ₹1.38 करोड़ की ज्वेलरी लूट का पुलिस ने महज 24 घंटे में किया खुलासा- ग्रेटर नोएडा में 5 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार लूटा गया सोना-चांदी व आभूषण 100% बरामद 5 टीमों ने 2,000+ CCTV फुटेज खंगालकर वारदात का पर्दाफाश किया GreaterNoida ₹1.38 करोड़ की ज्वेलरी लूट का पुलिस ने महज 24 घंटे में किया खुलासा- ग्रेटर नोएडा में 5 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार लूटा गया सोना-चांदी व आभूषण 100% बरामद 5 टीमों ने 2,000+ CCTV फुटेज खंगालकर वारदात का पर्दाफाश किया1
- श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की उत्पत्ति तथा भगवान शिव की महिमा का दिव्य प्रसंग सुनाया गया गुरुग्राम। जैकबपुरा स्थित दिव्य जीवन संघ श्री कृष्ण मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस कथा व्यास पूज्य पंडित प्रमोद महाराज (चित्रकूट वाले) ने भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की दिव्य उत्पत्ति, भगवान शिव की असीम महिमा तथा शिव परिवार के आदर्श स्वरूप का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और संपूर्ण परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोषों से शिवमय हो उठा। कथा के प्रारंभ में महाराज श्री ने बताया कि माता पार्वती ने अपने उबटन से भगवान श्री गणेश की रचना कर उन्हें अपने द्वार का रक्षक नियुक्त किया। भगवान शिव के आगमन पर गणेशजी ने माता की आज्ञा का पालन करते हुए उन्हें भीतर जाने से रोक दिया। इसके परिणामस्वरूप भगवान शिव द्वारा गणेशजी का मस्तक अलग कर दिया गया। माता पार्वती के करुण विलाप पर भगवान शिव ने हाथी के शिशु का मस्तक स्थापित कर श्री गणेश को पुनर्जीवित किया तथा उन्हें प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता और बुद्धि के अधिष्ठाता देव होने का वरदान प्रदान किया। इसके उपरांत महाराज श्री ने भगवान कार्तिकेय की दिव्य उत्पत्ति का वर्णन करते हुए बताया कि देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव के तेज से भगवान कार्तिकेय का अवतार हुआ। उन्होंने तारकासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया और धर्म की पुनः स्थापना की। भगवान कार्तिकेय शौर्य, पराक्रम, अनुशासन एवं राष्ट्ररक्षा के आदर्श प्रतीक हैं। महाराज श्री ने भगवान श्री गणेश हमें विवेक, विनम्रता, आज्ञाकारिता और बुद्धिमत्ता का संदेश देते हैं, जबकि भगवान कार्तिकेय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म की रक्षा के लिए समर्पण की प्रेरणा देते हैं। शिव परिवार हमें सिखाता है कि प्रेम, सम्मान, मर्यादा और पारस्परिक विश्वास से ही परिवार सुखी एवं समृद्ध बनता है। कथा के दौरान भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत मनोहारी एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया। माता पार्वती की विदाई का करुण दृश्य सुनाते समय कथा पंडाल का वातावरण भावविह्वल हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं की आँखों से अश्रुधारा बह निकली और पूरा परिसर भक्ति एवं भावनाओं से सराबोर हो गया। उपस्थित श्रद्धालु भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य मिलन और विदाई प्रसंग में पूरी तरह भाव-विभोर दिखाई दिए। कथा के दौरान भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव अत्यंत सरल, भोले एवं करुणामय हैं। वे अपने भक्तों की निष्काम भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होकर उनके समस्त कष्टों का निवारण करते हैं तथा उन्हें सुख, शांति, समृद्धि एवं मोक्ष का मार्ग प्रदान करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव के नाम का निरंतर स्मरण, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र एवं "ॐ नमः शिवाय" के जप का महत्व भी बताया। इस अवसर पर विशिष्ट संत अतिथि पूज्य संत कमल दास जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने प्रेरणादायी आशीर्वचन में सभी श्रद्धालुओं को भगवान शिव के दिव्य संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा धर्म, सेवा एवं सदाचार के मार्ग पर चलने का प्रेरक संदेश दिया। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय का पूजन-अर्चन किया तथा भजन-कीर्तन के मध्य पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। "हर-हर महादेव", "जय श्री गणेश" एवं "स्कंद महाराज की जय" के जयघोषों से संपूर्ण परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर दिव्य जीवन संघ श्री कृष्ण मंदिर के प्रधान श्री नरेश गुप्ता द्वारा भगवान शिव के दिव्य दरबार की भव्य एवं मनोहारी सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। पुष्प सज्जा, मनमोहक विद्युत अलंकरण एवं आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को कैलाश धाम की दिव्य अनुभूति कराई। इस अवसर पर एडवोकेट महावीर प्रसाद जी, श्रीमती अंजू गुप्ता, श्रीमती सुधा गुप्ता, श्रीमती आशा गुप्ता, श्री विजय अग्रवाल, श्री नरोत्तम शर्मा जी, श्रीमती रूपाली एवं श्रीमती अनुराधा सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं श्रद्धालु विशेष रूप से उपस्थित रहे। अंत में मंदिर के प्रधान श्री नरेश गुप्ता, महासचिव श्री नरेंद्र मित्तल एवं आयोजन सचिव श्रीमती मीना गुप्ता ने सभी श्रद्धालुओं से श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दो दिनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान शिव की अमृतमयी कथा का लाभ प्राप्त कर2