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नूंह शहर में बड़ी चोरी: व्यापारी के घर से 20 लाख नकद, सोना-चांदी के जेवरात लेकर फरार हुए चोर नूंह शहर में गुरुवार तड़के करीब 1 बजे आर्य समाज मंदिर के पास व्यापारी ज्ञानचंद अग्रवाल खेड़ला वाले के मकान में चोरी की बड़ी वारदात हुई। चोर दरवाजा और सीसीटीवी कैमरे तोड़कर घर में घुसे और करीब 20 लाख रुपये नकद, लगभग 1 किलो चांदी तथा सोने के जेवरात चोरी कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
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नूंह शहर में बड़ी चोरी: व्यापारी के घर से 20 लाख नकद, सोना-चांदी के जेवरात लेकर फरार हुए चोर नूंह शहर में गुरुवार तड़के करीब 1 बजे आर्य समाज मंदिर के पास व्यापारी ज्ञानचंद अग्रवाल खेड़ला वाले के मकान में चोरी की बड़ी वारदात हुई। चोर दरवाजा और सीसीटीवी कैमरे तोड़कर घर में घुसे और करीब 20 लाख रुपये नकद, लगभग 1 किलो चांदी तथा सोने के जेवरात चोरी कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
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- रिश्वत मामले में 18 महीने बाद शिकायतकर्ता जुबेर अहमद गिरफ्तार, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई सरपंच, ग्राम सचिव और एसडीएम स्टेनो पहले ही जा चुके हैं जेल; सरपंच ने खुद को झूठे मुकदमे में फंसाने का लगाया था आरोप फिरोजपुर झिरका एसडीएम कार्यालय से जुड़े चर्चित रिश्वत मामले में करीब 18 महीने बाद नया मोड़ सामने आया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) गुरुग्राम की टीम ने मामले के शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को गिरफ्तार किया है। जुबेर अहमद उस समय फिरोजपुर झिरका एसडीएम कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। मामला 6 फरवरी 2025 का है। उस दिन नगीना खंड एवं विकास कार्यालय में कार्यरत ग्राम सचिव हसीन को एसीबी गुरुग्राम की टीम ने तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता जुबेर अहमद की ओर से आरोप लगाया गया था कि करहेड़ा गांव के सरपंच रामपाल की आठवीं कक्षा की मार्कशीट से संबंधित जांच एसडीएम कार्यालय में चल रही थी। जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए सरपंच की ग्राम सचिव हसीन से बातचीत हुई थी। आरोप के अनुसार, हसीन ने जांच को सरपंच के पक्ष में करवाने के लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत करने की बात कही और इसके एवज में तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए हसीन को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। सरपंच और एसडीएम कार्यालय के स्टेनो भी बने आरोपी एसीबी की पूछताछ और जांच के दौरान सरपंच रामपाल तथा एसडीएम कार्यालय में कार्यरत स्टेनो प्रदीप को भी मामले में आरोपी बनाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, सरपंच रामपाल ने जांच अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद के माध्यम से पैसे दिए थे और वही रकम ग्राम सचिव हसीन तक पहुंचाई गई थी। जांच के दौरान ग्राम सचिव हसीन के मोबाइल फोन से स्टेनो प्रदीप के साथ बातचीत के साक्ष्य मिलने की बात भी सामने आई। मामले में सरपंच रामपाल और स्टेनो प्रदीप ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया था, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद 15 सितंबर 2025 को स्टेनो प्रदीप ने अदालत में सरेंडर किया, जबकि 13 अक्टूबर 2025 को एसीबी की टीम ने सरपंच रामपाल को गिरफ्तार कर लिया। सरपंच ने हाईकोर्ट में दी चुनौती सरपंच रामपाल की ओर से अधिवक्ता तालीम हुसैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कार्रवाई को चुनौती दी। अधिवक्ता के अनुसार, सरपंच का आरोप था कि कंप्यूटर ऑपरेटर जुबेर अहमद ने उन्हें डराया-धमकाया और उनकी शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच में गंभीर रूप से फंसाने की बात कही। अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच ने आरोप लगाया कि जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद ने उनसे सात लाख रुपये की मांग की थी। सरपंच के अनुसार उन्होंने तीन किस्तों में रकम दी। कई महीने बीतने के बावजूद जब जांच पूरी नहीं हुई तो उन्होंने तत्कालीन एसडीएम से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। सरपंच के अनुसार, एसडीएम ने जुबेर अहमद को फटकार लगाते हुए रकम वापस करने की बात कही थी। इसी दौरान जुबेर अहमद का तबादला नूंह हो गया। पैसे लौटाने की मांग के बीच एसीबी कार्रवाई का दावा अधिवक्ता तालीम हुसैन के अनुसार, सरपंच लगातार जुबेर अहमद से अपने पैसे वापस मांग रहे थे। इसी बीच 6 फरवरी 2025 को जुबेर अहमद ने सरपंच को पैसे लौटाने के लिए अपने फार्म हाउस पर बुलाया। अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच रामपाल के साथ ग्राम सचिव हसीन भी वहां पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान जुबेर अहमद ने तीन लाख रुपये ग्राम सचिव हसीन को दिए और एसीबी की टीम ने हसीन को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। सरपंच उस समय एसीबी की गिरफ्त में नहीं आ सके। हाईकोर्ट के आदेश पर गठित हुई एसआईटी मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। इसमें डीएसपी भारतेंद्र, इंस्पेक्टर रणवीर सिंह और इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन को शामिल किया गया। जांच के दौरान स्टेनो प्रदीप, ग्राम सचिव हसीन, सरपंच रामपाल और शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को जांच के दायरे में रखा गया। बताया जा रहा है कि एसआईटी की जांच के दौरान जुबेर अहमद के बयानों और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर उसकी भूमिका भी जांच के घेरे में आई। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत एसीबी ने अब जुबेर अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। स्टेनो प्रदीप बोले—सच्चाई की जीत हुई मामले में नाम सामने आने के बाद स्टेनो प्रदीप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि उनका नाम बेवजह मामले में घसीटा गया और उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और सच्चाई की हमेशा जीत होती है। फिलहाल जुबेर अहमद की गिरफ्तारी के बाद करीब 18 महीने पुराने इस रिश्वत मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब जांच और न्यायालय की आगामी कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही।2
- sadak tuti huyi he paani bhara hua he sir hamare gao me nayi sadak bani thi jise Bane huye 6 mahine bhi nhi huye lekin aaj sari sadak tuti huyi he paani bhara hua he jisse accident ka khatra he1
- अरावली पहाड़ की खदान में डूबने से 28 वर्षीय युवक की मौत, गांव सीलखो में पसरा मातम नूंह मेवात लियाकत अली : नूंह जिले के गांव सीलखो गांव में एक दर्दनाक हादसे में 28 वर्षीय युवक की पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान जुबेर पुत्र असलुप निवासी सीलखो के रूप में हुई है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार में मातम का माहौल है। जुबेर अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। वह पेशे से ड्राइवर था। ग्रामीण सरपंच अब्दुल रऊफ, शाहिद व जाकिर आदि के अनुसार सोमवार को अवकाश होने के कारण जुबेर घर पर ही था। दोपहर के समय वह गांव के निकट अरावली पहाड़ क्षेत्र में स्थित पुरानी पत्थर खदान की ओर चला गया। बरसात के चलते खदान में काफी पानी भरा हुआ था। स्थानीय लोग और बच्चे अक्सर वहां नहाने के लिए जाते हैं। बताया जाता है कि उस समय भी कई युवक और बच्चे पानी में नहा रहे थे। इसी दौरान जुबेर पानी में उतर गया, लेकिन कुछ समय बाद वह नजर नहीं आया। काफी देर तक जब उसका पता नहीं चला तो आसपास मौजूद लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में पानी में नहा रहे एक बच्चे के पैर से उसका शव टकराया, जिसके बाद ग्रामीणों और स्थानीय युवकों ने उसे बाहर निकाला। बाहर निकालने पर वह मृत पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। हालांकि परिजनों ने अभी तक किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई है और न ही किसी पर शक या संदेह जताया है। ग्रामीणों के अनुसार मृतक के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। जुबेर की असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है।1
- जिला कांग्रेस कमेटी, गुरुग्राम (शहरी) अध्यक्ष पंकज डावर सेक्टर-9 स्थित ESI अस्पताल के सामने टूटी हुई सड़क, जलभराव एवं भीषण ट्रैफिक जाम का मौके पर निरीक्षण किया और पंकज डावर ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनी । जिला कांग्रेस कमेटी, गुरुग्राम (शहरी) अध्यक्ष पंकज डावर सेक्टर-9 स्थित ESI अस्पताल के सामने टूटी हुई सड़क, जलभराव एवं भीषण ट्रैफिक जाम का मौके पर निरीक्षण किया और पंकज डावर ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनी ।1
- नूंह पुलिस अधीक्षक ने किया कावड़ रूट का निरीक्षण, कावड़ शिविरों में व्यवस्थाओं का लिया जायजा नूंह। कावड़ यात्रा के मद्देनजर जिले से गुजरने वाले कावड़ रूट पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बुधवार को नूंह के पुलिस अधीक्षक स्वयं मैदान में उतरे और कावड़ रूट व विभिन्न कावड़ शिविरों में पहुंचकर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जिले में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक कावड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। कावड़ियों के जिले से गुजरने के दौरान विभिन्न पीसीआर और राइडर सहित करीब ढाई सौ से अधिक पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। इन जवानों को थाना रोजका मेव, नूंह सदर, नूंह शहर, आकेड़ा, नगीना, फिरोजपुर झिरका सदर और शहर, पिनगवां, पुनहाना शहर, पुनहाना सदर, तावडू शहर और तावडू सदर सहित यातायात प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण स्थानों, चौराहों और डिवाइडिंग रोड पर तैनात किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष ड्यूटी भी लगाई गई है। सम्पूर्ण व्यवस्था की निगरानी डीएसपी अभिमन्यु लोहान, डीएसपी सुरेंद्र कौर और डीएसपी हरदीप सिंह के नेतृत्व में की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कावड़ियों के लिए लगाए गए शिविरों में पेयजल, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अर्पित जैन का कहना है कि जिले में कावड़ यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और कावड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।4
- सँस्कृति संग प्रकृति वंदन" ,नशे से दूरी- है बहुत जरूरी, भगवान भोलेनाथ जी की कृपा से गौमुख, गंगोत्री धाम, हरिद्वार से लगभग 26वीं कावंड़ पदयात्रा में प्रभु नाम संग नशामुक्ति, प्रकृति पर्यावरण संरक्षण संदेश सेवा प्रयास जी। जीओ ओर जीने दो ।।।जय हिंद, जय सियाराम जी।। माता भूमि: पुत्रोsहं पृथिव्या:।। 🌱प्रकृति बचाओ अभियान💧हरित भारत- स्वस्थ भारत🕊️ "दिन की शुरुआत- प्रकृति माँ की सेवा के साथ" "बच्चों को दो यह शिक्षा- प्रकृति पर्यावरण की करें सुरक्षा" *विश्व शांति दिवस* हर हर महादेव "सँस्कृति संग प्रकृति वंदन" ,नशे से दूरी- है बहुत जरूरी, भगवान भोलेनाथ जी की कृपा से गौमुख, गंगोत्री धाम, हरिद्वार से लगभग 26वीं कावंड़ पदयात्रा में प्रभु नाम संग नशामुक्ति, प्रकृति पर्यावरण संरक्षण संदेश सेवा प्रयास जी। जीओ ओर जीने दो के साथ जीवों पर दया करें, शाकाहारी बनें, जल बचाओ, वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण एवं नारी सम्मान के साथ प्रकृति की रक्षा करें। 🌳जहाँ हरियाली- वहाँ खुशहाली🌳 आओ मिलकर जनक्रांति से हरितक्रांति की और चलें🌱💧🕊️🙏 सन ऑफ नेचर, ग्रीन एम्बेसडर अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण अवॉर्डी डॉ० आचार्य राम कुमार बघेल संस्थापक- अध्यक्ष मिशन प्रकृति बचाओ पर्यावरण सचेतक सेवा ट्रस्ट पलवल, हरियाणा।1
- नूंह जिले के डूंगेजा गांव में बारिश का कहर, दो मकान ढहे; मलबे में दबी महिला गंभीर घायल नूंह जिले के डूंगेजा गांव में लगातार हो रही बारिश के चलते आज गुरुवार सुबह करीब 7 बजे दो मकान ढह गए। हादसे में 62 वर्षीय हारूनी मलबे के नीचे दब गईं, जिन्हें ग्रामीणों ने तुरंत बाहर निकालकर मांडीखेड़ा अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए नल्हड़ अस्पताल रेफर किया गया। हादसे में दोनों मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। उस समय महिला के साथ एक छोटी बच्ची भी मौजूद थी, जो सुरक्षित बच गई। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से उचित मुआवजे और सहायता की मांग की है।1