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जिला कांग्रेस कमेटी, गुरुग्राम (शहरी) अध्यक्ष पंकज डावर सेक्टर-9 स्थित ESI अस्पताल के सामने टूटी हुई सड़क, जलभराव एवं भीषण ट्रैफिक जाम का मौके पर निरीक्षण किया और पंकज डावर ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनी । जिला कांग्रेस कमेटी, गुरुग्राम (शहरी) अध्यक्ष पंकज डावर सेक्टर-9 स्थित ESI अस्पताल के सामने टूटी हुई सड़क, जलभराव एवं भीषण ट्रैफिक जाम का मौके पर निरीक्षण किया और पंकज डावर ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनी ।

9 hrs ago
user_Gaurav kumar
Gaurav kumar
विज्ञापन फोटोग्राफर मानेसर, गुरुग्राम, हरियाणा•
9 hrs ago

जिला कांग्रेस कमेटी, गुरुग्राम (शहरी) अध्यक्ष पंकज डावर सेक्टर-9 स्थित ESI अस्पताल के सामने टूटी हुई सड़क, जलभराव एवं भीषण ट्रैफिक जाम का मौके पर निरीक्षण किया और पंकज डावर ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनी । जिला कांग्रेस कमेटी, गुरुग्राम (शहरी) अध्यक्ष पंकज डावर सेक्टर-9 स्थित ESI अस्पताल के सामने टूटी हुई सड़क, जलभराव एवं भीषण ट्रैफिक जाम का मौके पर निरीक्षण किया और पंकज डावर ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनी ।

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  • जिला कांग्रेस कमेटी, गुरुग्राम (शहरी) अध्यक्ष पंकज डावर सेक्टर-9 स्थित ESI अस्पताल के सामने टूटी हुई सड़क, जलभराव एवं भीषण ट्रैफिक जाम का मौके पर निरीक्षण किया और पंकज डावर ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनी । जिला कांग्रेस कमेटी, गुरुग्राम (शहरी) अध्यक्ष पंकज डावर सेक्टर-9 स्थित ESI अस्पताल के सामने टूटी हुई सड़क, जलभराव एवं भीषण ट्रैफिक जाम का मौके पर निरीक्षण किया और पंकज डावर ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनी ।
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    जिला कांग्रेस कमेटी, गुरुग्राम (शहरी) अध्यक्ष पंकज डावर  सेक्टर-9 स्थित ESI अस्पताल के सामने टूटी हुई सड़क, जलभराव एवं भीषण ट्रैफिक जाम का मौके पर निरीक्षण किया और पंकज डावर ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनी ।
जिला कांग्रेस कमेटी, गुरुग्राम (शहरी) अध्यक्ष पंकज डावर  सेक्टर-9 स्थित ESI अस्पताल के सामने टूटी हुई सड़क, जलभराव एवं भीषण ट्रैफिक जाम का मौके पर निरीक्षण किया और पंकज डावर ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ सुनी ।
    user_Gaurav kumar
    Gaurav kumar
    विज्ञापन फोटोग्राफर मानेसर, गुरुग्राम, हरियाणा•
    9 hrs ago
  • रोडवेज बस कंडक्टर ने टिकट के पैसे मांगे तो भन्नाए UP पुलिस के दरोगा ने अपने स्टाफ को फोन कर बस 3 जगह रुकवाई, तलाशी करवाई, फोटो–वीडियो बनवाए मकसद था ड्राइवर–कंडक्टर को परेशान करना और यह बताना कि दरोगा से पैसा लेना कितना भारी पड़ सकता है 📍जिला हाथरस, यूपी रोडवेज बस कंडक्टर ने टिकट के पैसे मांगे तो भन्नाए UP पुलिस के दरोगा ने अपने स्टाफ को फोन कर बस 3 जगह रुकवाई, तलाशी करवाई, फोटो–वीडियो बनवाए मकसद था ड्राइवर–कंडक्टर को परेशान करना और यह बताना कि दरोगा से पैसा लेना कितना भारी पड़ सकता है 📍जिला हाथरस, यूपी
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    रोडवेज बस कंडक्टर ने टिकट के पैसे मांगे 
तो भन्नाए UP पुलिस के दरोगा ने अपने स्टाफ को फोन कर बस 3 जगह रुकवाई, 
तलाशी करवाई, फोटो–वीडियो बनवाए

मकसद था ड्राइवर–कंडक्टर को परेशान करना और यह बताना कि दरोगा से पैसा लेना कितना भारी पड़ सकता है

📍जिला हाथरस, यूपी
रोडवेज बस कंडक्टर ने टिकट के पैसे मांगे 
तो भन्नाए UP पुलिस के दरोगा ने अपने स्टाफ को फोन कर बस 3 जगह रुकवाई, 
तलाशी करवाई, फोटो–वीडियो बनवाए
मकसद था ड्राइवर–कंडक्टर को परेशान करना और यह बताना कि दरोगा से पैसा लेना कितना भारी पड़ सकता है
📍जिला हाथरस, यूपी
    user_Yogesh jangar
    Yogesh jangar
    Voice of people गुरुग्राम, गुरुग्राम, हरियाणा•
    5 min ago
  • रिश्वत मामले में 18 महीने बाद शिकायतकर्ता जुबेर अहमद गिरफ्तार, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई सरपंच, ग्राम सचिव और एसडीएम स्टेनो पहले ही जा चुके हैं जेल; सरपंच ने खुद को झूठे मुकदमे में फंसाने का लगाया था आरोप फिरोजपुर झिरका एसडीएम कार्यालय से जुड़े चर्चित रिश्वत मामले में करीब 18 महीने बाद नया मोड़ सामने आया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) गुरुग्राम की टीम ने मामले के शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को गिरफ्तार किया है। जुबेर अहमद उस समय फिरोजपुर झिरका एसडीएम कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। मामला 6 फरवरी 2025 का है। उस दिन नगीना खंड एवं विकास कार्यालय में कार्यरत ग्राम सचिव हसीन को एसीबी गुरुग्राम की टीम ने तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता जुबेर अहमद की ओर से आरोप लगाया गया था कि करहेड़ा गांव के सरपंच रामपाल की आठवीं कक्षा की मार्कशीट से संबंधित जांच एसडीएम कार्यालय में चल रही थी। जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए सरपंच की ग्राम सचिव हसीन से बातचीत हुई थी। आरोप के अनुसार, हसीन ने जांच को सरपंच के पक्ष में करवाने के लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत करने की बात कही और इसके एवज में तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए हसीन को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। सरपंच और एसडीएम कार्यालय के स्टेनो भी बने आरोपी एसीबी की पूछताछ और जांच के दौरान सरपंच रामपाल तथा एसडीएम कार्यालय में कार्यरत स्टेनो प्रदीप को भी मामले में आरोपी बनाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, सरपंच रामपाल ने जांच अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद के माध्यम से पैसे दिए थे और वही रकम ग्राम सचिव हसीन तक पहुंचाई गई थी। जांच के दौरान ग्राम सचिव हसीन के मोबाइल फोन से स्टेनो प्रदीप के साथ बातचीत के साक्ष्य मिलने की बात भी सामने आई। मामले में सरपंच रामपाल और स्टेनो प्रदीप ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया था, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद 15 सितंबर 2025 को स्टेनो प्रदीप ने अदालत में सरेंडर किया, जबकि 13 अक्टूबर 2025 को एसीबी की टीम ने सरपंच रामपाल को गिरफ्तार कर लिया। सरपंच ने हाईकोर्ट में दी चुनौती सरपंच रामपाल की ओर से अधिवक्ता तालीम हुसैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कार्रवाई को चुनौती दी। अधिवक्ता के अनुसार, सरपंच का आरोप था कि कंप्यूटर ऑपरेटर जुबेर अहमद ने उन्हें डराया-धमकाया और उनकी शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच में गंभीर रूप से फंसाने की बात कही। अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच ने आरोप लगाया कि जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद ने उनसे सात लाख रुपये की मांग की थी। सरपंच के अनुसार उन्होंने तीन किस्तों में रकम दी। कई महीने बीतने के बावजूद जब जांच पूरी नहीं हुई तो उन्होंने तत्कालीन एसडीएम से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। सरपंच के अनुसार, एसडीएम ने जुबेर अहमद को फटकार लगाते हुए रकम वापस करने की बात कही थी। इसी दौरान जुबेर अहमद का तबादला नूंह हो गया। पैसे लौटाने की मांग के बीच एसीबी कार्रवाई का दावा अधिवक्ता तालीम हुसैन के अनुसार, सरपंच लगातार जुबेर अहमद से अपने पैसे वापस मांग रहे थे। इसी बीच 6 फरवरी 2025 को जुबेर अहमद ने सरपंच को पैसे लौटाने के लिए अपने फार्म हाउस पर बुलाया। अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच रामपाल के साथ ग्राम सचिव हसीन भी वहां पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान जुबेर अहमद ने तीन लाख रुपये ग्राम सचिव हसीन को दिए और एसीबी की टीम ने हसीन को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। सरपंच उस समय एसीबी की गिरफ्त में नहीं आ सके। हाईकोर्ट के आदेश पर गठित हुई एसआईटी मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। इसमें डीएसपी भारतेंद्र, इंस्पेक्टर रणवीर सिंह और इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन को शामिल किया गया। जांच के दौरान स्टेनो प्रदीप, ग्राम सचिव हसीन, सरपंच रामपाल और शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को जांच के दायरे में रखा गया। बताया जा रहा है कि एसआईटी की जांच के दौरान जुबेर अहमद के बयानों और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर उसकी भूमिका भी जांच के घेरे में आई। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत एसीबी ने अब जुबेर अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। स्टेनो प्रदीप बोले—सच्चाई की जीत हुई मामले में नाम सामने आने के बाद स्टेनो प्रदीप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि उनका नाम बेवजह मामले में घसीटा गया और उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और सच्चाई की हमेशा जीत होती है। फिलहाल जुबेर अहमद की गिरफ्तारी के बाद करीब 18 महीने पुराने इस रिश्वत मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब जांच और न्यायालय की आगामी कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही।
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    रिश्वत मामले में 18 महीने बाद शिकायतकर्ता जुबेर अहमद गिरफ्तार, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
सरपंच, ग्राम सचिव और एसडीएम स्टेनो पहले ही जा चुके हैं जेल; सरपंच ने खुद को झूठे मुकदमे में फंसाने का लगाया था आरोप
फिरोजपुर झिरका एसडीएम कार्यालय से जुड़े चर्चित रिश्वत मामले में करीब 18 महीने बाद नया मोड़ सामने आया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) गुरुग्राम की टीम ने मामले के शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को गिरफ्तार किया है। जुबेर अहमद उस समय फिरोजपुर झिरका एसडीएम कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था।
मामला 6 फरवरी 2025 का है। उस दिन नगीना खंड एवं विकास कार्यालय में कार्यरत ग्राम सचिव हसीन को एसीबी गुरुग्राम की टीम ने तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता जुबेर अहमद की ओर से आरोप लगाया गया था कि करहेड़ा गांव के सरपंच रामपाल की आठवीं कक्षा की मार्कशीट से संबंधित जांच एसडीएम कार्यालय में चल रही थी। जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए सरपंच की ग्राम सचिव हसीन से बातचीत हुई थी।
आरोप के अनुसार, हसीन ने जांच को सरपंच के पक्ष में करवाने के लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत करने की बात कही और इसके एवज में तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए हसीन को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
सरपंच और एसडीएम कार्यालय के स्टेनो भी बने आरोपी
एसीबी की पूछताछ और जांच के दौरान सरपंच रामपाल तथा एसडीएम कार्यालय में कार्यरत स्टेनो प्रदीप को भी मामले में आरोपी बनाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, सरपंच रामपाल ने जांच अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद के माध्यम से पैसे दिए थे और वही रकम ग्राम सचिव हसीन तक पहुंचाई गई थी। जांच के दौरान ग्राम सचिव हसीन के मोबाइल फोन से स्टेनो प्रदीप के साथ बातचीत के साक्ष्य मिलने की बात भी सामने आई।
मामले में सरपंच रामपाल और स्टेनो प्रदीप ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया था, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद 15 सितंबर 2025 को स्टेनो प्रदीप ने अदालत में सरेंडर किया, जबकि 13 अक्टूबर 2025 को एसीबी की टीम ने सरपंच रामपाल को गिरफ्तार कर लिया।
सरपंच ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
सरपंच रामपाल की ओर से अधिवक्ता तालीम हुसैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कार्रवाई को चुनौती दी। अधिवक्ता के अनुसार, सरपंच का आरोप था कि कंप्यूटर ऑपरेटर जुबेर अहमद ने उन्हें डराया-धमकाया और उनकी शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच में गंभीर रूप से फंसाने की बात कही।
अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच ने आरोप लगाया कि जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद ने उनसे सात लाख रुपये की मांग की थी। सरपंच के अनुसार उन्होंने तीन किस्तों में रकम दी। कई महीने बीतने के बावजूद जब जांच पूरी नहीं हुई तो उन्होंने तत्कालीन एसडीएम से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी।
सरपंच के अनुसार, एसडीएम ने जुबेर अहमद को फटकार लगाते हुए रकम वापस करने की बात कही थी। इसी दौरान जुबेर अहमद का तबादला नूंह हो गया।
पैसे लौटाने की मांग के बीच एसीबी कार्रवाई का दावा
अधिवक्ता तालीम हुसैन के अनुसार, सरपंच लगातार जुबेर अहमद से अपने पैसे वापस मांग रहे थे। इसी बीच 6 फरवरी 2025 को जुबेर अहमद ने सरपंच को पैसे लौटाने के लिए अपने फार्म हाउस पर बुलाया। अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच रामपाल के साथ ग्राम सचिव हसीन भी वहां पहुंचे थे।
आरोप है कि इसी दौरान जुबेर अहमद ने तीन लाख रुपये ग्राम सचिव हसीन को दिए और एसीबी की टीम ने हसीन को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। सरपंच उस समय एसीबी की गिरफ्त में नहीं आ सके।
हाईकोर्ट के आदेश पर गठित हुई एसआईटी
मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। इसमें डीएसपी भारतेंद्र, इंस्पेक्टर रणवीर सिंह और इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन को शामिल किया गया। जांच के दौरान स्टेनो प्रदीप, ग्राम सचिव हसीन, सरपंच रामपाल और शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को जांच के दायरे में रखा गया।
बताया जा रहा है कि एसआईटी की जांच के दौरान जुबेर अहमद के बयानों और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर उसकी भूमिका भी जांच के घेरे में आई। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत एसीबी ने अब जुबेर अहमद को गिरफ्तार कर लिया है।
स्टेनो प्रदीप बोले—सच्चाई की जीत हुई
मामले में नाम सामने आने के बाद स्टेनो प्रदीप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि उनका नाम बेवजह मामले में घसीटा गया और उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और सच्चाई की हमेशा जीत होती है।
फिलहाल जुबेर अहमद की गिरफ्तारी के बाद करीब 18 महीने पुराने इस रिश्वत मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब जांच और न्यायालय की आगामी कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही।
    user_Rajiv Prajapati
    Rajiv Prajapati
    Local News Reporter नूंह, नूंह, हरियाणा•
    49 min ago
  • लोकसभा स्पीकर बिरला की विपक्ष को वार्निंग, बार बार हंगामे के चलते सदन नहीं चल पा रहा, विपक्ष गृहमंत्री से बहस की मांग पर अड़ा... देखिए राजपथ न्यूज़ पर.... लोकसभा स्पीकर बिरला की विपक्ष को वार्निंग, बार बार हंगामे के चलते सदन नहीं चल पा रहा, विपक्ष गृहमंत्री से बहस की मांग पर अड़ा... देखिए राजपथ न्यूज़ पर....
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    लोकसभा स्पीकर बिरला की विपक्ष को वार्निंग, बार बार हंगामे के चलते सदन नहीं चल पा रहा, विपक्ष गृहमंत्री से बहस की मांग पर अड़ा... देखिए राजपथ न्यूज़ पर....
लोकसभा स्पीकर बिरला की विपक्ष को वार्निंग, बार बार हंगामे के चलते सदन नहीं चल पा रहा, विपक्ष गृहमंत्री से बहस की मांग पर अड़ा... देखिए राजपथ न्यूज़ पर....
    user_Rajpath News
    Rajpath News
    South West Delhi, Delhi•
    3 hrs ago
  • sadak tuti huyi he paani bhara hua he sir hamare gao me nayi sadak bani thi jise Bane huye 6 mahine bhi nhi huye lekin aaj sari sadak tuti huyi he paani bhara hua he jisse accident ka khatra he
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    sadak tuti huyi he paani bhara hua he
sir hamare gao me nayi sadak bani thi jise Bane huye 6 mahine bhi nhi huye 
lekin aaj sari sadak tuti huyi he paani bhara hua he jisse accident ka khatra he
    user_Akbar
    Akbar
    नूंह, नूंह, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • राहुल गांधी को झारखंड के छात्रों का दर्द नहीं दिख रहा, उन्हें बस जहां छात्रों को भड़काना और उकसाना होता वो वहां तुरंत पहुंच जाते हैं। राहुल गांधी को झारखंड के छात्रों का दर्द नहीं दिख रहा, उन्हें बस जहां छात्रों को भड़काना और उकसाना होता वो वहां तुरंत पहुंच जाते हैं।
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    राहुल गांधी को झारखंड के छात्रों का दर्द नहीं दिख रहा, उन्हें बस जहां छात्रों को भड़काना और उकसाना होता वो वहां तुरंत पहुंच जाते हैं।
राहुल गांधी को झारखंड के छात्रों का दर्द नहीं दिख रहा, उन्हें बस जहां छात्रों को भड़काना और उकसाना होता वो वहां तुरंत पहुंच जाते हैं।
    user_Yogesh jangar
    Yogesh jangar
    Voice of people गुरुग्राम, गुरुग्राम, हरियाणा•
    7 min ago
  • श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की उत्पत्ति तथा भगवान शिव की महिमा का दिव्य प्रसंग सुनाया गया गुरुग्राम। जैकबपुरा स्थित दिव्य जीवन संघ श्री कृष्ण मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस कथा व्यास पूज्य पंडित प्रमोद महाराज (चित्रकूट वाले) ने भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की दिव्य उत्पत्ति, भगवान शिव की असीम महिमा तथा शिव परिवार के आदर्श स्वरूप का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और संपूर्ण परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोषों से शिवमय हो उठा। कथा के प्रारंभ में महाराज श्री ने बताया कि माता पार्वती ने अपने उबटन से भगवान श्री गणेश की रचना कर उन्हें अपने द्वार का रक्षक नियुक्त किया। भगवान शिव के आगमन पर गणेशजी ने माता की आज्ञा का पालन करते हुए उन्हें भीतर जाने से रोक दिया। इसके परिणामस्वरूप भगवान शिव द्वारा गणेशजी का मस्तक अलग कर दिया गया। माता पार्वती के करुण विलाप पर भगवान शिव ने हाथी के शिशु का मस्तक स्थापित कर श्री गणेश को पुनर्जीवित किया तथा उन्हें प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता और बुद्धि के अधिष्ठाता देव होने का वरदान प्रदान किया। इसके उपरांत महाराज श्री ने भगवान कार्तिकेय की दिव्य उत्पत्ति का वर्णन करते हुए बताया कि देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव के तेज से भगवान कार्तिकेय का अवतार हुआ। उन्होंने तारकासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया और धर्म की पुनः स्थापना की। भगवान कार्तिकेय शौर्य, पराक्रम, अनुशासन एवं राष्ट्ररक्षा के आदर्श प्रतीक हैं। महाराज श्री ने भगवान श्री गणेश हमें विवेक, विनम्रता, आज्ञाकारिता और बुद्धिमत्ता का संदेश देते हैं, जबकि भगवान कार्तिकेय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म की रक्षा के लिए समर्पण की प्रेरणा देते हैं। शिव परिवार हमें सिखाता है कि प्रेम, सम्मान, मर्यादा और पारस्परिक विश्वास से ही परिवार सुखी एवं समृद्ध बनता है। कथा के दौरान भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत मनोहारी एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया। माता पार्वती की विदाई का करुण दृश्य सुनाते समय कथा पंडाल का वातावरण भावविह्वल हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं की आँखों से अश्रुधारा बह निकली और पूरा परिसर भक्ति एवं भावनाओं से सराबोर हो गया। उपस्थित श्रद्धालु भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य मिलन और विदाई प्रसंग में पूरी तरह भाव-विभोर दिखाई दिए। कथा के दौरान भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव अत्यंत सरल, भोले एवं करुणामय हैं। वे अपने भक्तों की निष्काम भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होकर उनके समस्त कष्टों का निवारण करते हैं तथा उन्हें सुख, शांति, समृद्धि एवं मोक्ष का मार्ग प्रदान करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव के नाम का निरंतर स्मरण, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र एवं "ॐ नमः शिवाय" के जप का महत्व भी बताया। इस अवसर पर विशिष्ट संत अतिथि पूज्य संत कमल दास जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने प्रेरणादायी आशीर्वचन में सभी श्रद्धालुओं को भगवान शिव के दिव्य संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा धर्म, सेवा एवं सदाचार के मार्ग पर चलने का प्रेरक संदेश दिया। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय का पूजन-अर्चन किया तथा भजन-कीर्तन के मध्य पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। "हर-हर महादेव", "जय श्री गणेश" एवं "स्कंद महाराज की जय" के जयघोषों से संपूर्ण परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर दिव्य जीवन संघ श्री कृष्ण मंदिर के प्रधान श्री नरेश गुप्ता द्वारा भगवान शिव के दिव्य दरबार की भव्य एवं मनोहारी सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। पुष्प सज्जा, मनमोहक विद्युत अलंकरण एवं आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को कैलाश धाम की दिव्य अनुभूति कराई। इस अवसर पर एडवोकेट महावीर प्रसाद जी, श्रीमती अंजू गुप्ता, श्रीमती सुधा गुप्ता, श्रीमती आशा गुप्ता, श्री विजय अग्रवाल, श्री नरोत्तम शर्मा जी, श्रीमती रूपाली एवं श्रीमती अनुराधा सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं श्रद्धालु विशेष रूप से उपस्थित रहे। अंत में मंदिर के प्रधान श्री नरेश गुप्ता, महासचिव श्री नरेंद्र मित्तल एवं आयोजन सचिव श्रीमती मीना गुप्ता ने सभी श्रद्धालुओं से श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दो दिनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान शिव की अमृतमयी कथा का लाभ प्राप्त कर
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    श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की उत्पत्ति तथा भगवान शिव की महिमा का दिव्य प्रसंग सुनाया गया
गुरुग्राम। जैकबपुरा स्थित दिव्य जीवन संघ श्री कृष्ण मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस कथा व्यास पूज्य पंडित प्रमोद महाराज (चित्रकूट वाले) ने भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की दिव्य उत्पत्ति, भगवान शिव की असीम महिमा तथा शिव परिवार के आदर्श स्वरूप का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और संपूर्ण परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोषों से शिवमय हो उठा।
कथा के प्रारंभ में महाराज श्री ने बताया कि माता पार्वती ने अपने उबटन से भगवान श्री गणेश की रचना कर उन्हें अपने द्वार का रक्षक नियुक्त किया। भगवान शिव के आगमन पर गणेशजी ने माता की आज्ञा का पालन करते हुए उन्हें भीतर जाने से रोक दिया। इसके परिणामस्वरूप भगवान शिव द्वारा गणेशजी का मस्तक अलग कर दिया गया। माता पार्वती के करुण विलाप पर भगवान शिव ने हाथी के शिशु का मस्तक स्थापित कर श्री गणेश को पुनर्जीवित किया तथा उन्हें प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता और बुद्धि के अधिष्ठाता देव होने का वरदान प्रदान किया।
इसके उपरांत महाराज श्री ने भगवान कार्तिकेय की दिव्य उत्पत्ति का वर्णन करते हुए बताया कि देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव के तेज से भगवान कार्तिकेय का अवतार हुआ। उन्होंने तारकासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया और धर्म की पुनः स्थापना की। भगवान कार्तिकेय शौर्य, पराक्रम, अनुशासन एवं राष्ट्ररक्षा के आदर्श प्रतीक हैं।
महाराज श्री ने भगवान श्री गणेश हमें विवेक, विनम्रता, आज्ञाकारिता और बुद्धिमत्ता का संदेश देते हैं, जबकि भगवान कार्तिकेय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म की रक्षा के लिए समर्पण की प्रेरणा देते हैं। शिव परिवार हमें सिखाता है कि प्रेम, सम्मान, मर्यादा और पारस्परिक विश्वास से ही परिवार सुखी एवं समृद्ध बनता है।
कथा के दौरान भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का अत्यंत मनोहारी एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया। माता पार्वती की विदाई का करुण दृश्य सुनाते समय कथा पंडाल का वातावरण भावविह्वल हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं की आँखों से अश्रुधारा बह निकली और पूरा परिसर भक्ति एवं भावनाओं से सराबोर हो गया। उपस्थित श्रद्धालु भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य मिलन और विदाई प्रसंग में पूरी तरह भाव-विभोर दिखाई दिए।
कथा के दौरान भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव अत्यंत सरल, भोले एवं करुणामय हैं। वे अपने भक्तों की निष्काम भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होकर उनके समस्त कष्टों का निवारण करते हैं तथा उन्हें सुख, शांति, समृद्धि एवं मोक्ष का मार्ग प्रदान करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव के नाम का निरंतर स्मरण, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र एवं "ॐ नमः शिवाय" के जप का महत्व भी बताया।
इस अवसर पर विशिष्ट संत अतिथि पूज्य संत कमल दास जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने प्रेरणादायी आशीर्वचन में सभी श्रद्धालुओं को भगवान शिव के दिव्य संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा धर्म, सेवा एवं सदाचार के मार्ग पर चलने का प्रेरक संदेश दिया।
कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय का पूजन-अर्चन किया तथा भजन-कीर्तन के मध्य पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। "हर-हर महादेव", "जय श्री गणेश" एवं "स्कंद महाराज की जय" के जयघोषों से संपूर्ण परिसर गूंज उठा।
इस अवसर पर दिव्य जीवन संघ श्री कृष्ण मंदिर के प्रधान श्री नरेश गुप्ता द्वारा भगवान शिव के दिव्य दरबार की भव्य एवं मनोहारी सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। पुष्प सज्जा, मनमोहक विद्युत अलंकरण एवं आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को कैलाश धाम की दिव्य अनुभूति कराई।
इस अवसर पर एडवोकेट महावीर प्रसाद जी, श्रीमती अंजू गुप्ता, श्रीमती सुधा गुप्ता, श्रीमती आशा गुप्ता, श्री विजय अग्रवाल, श्री नरोत्तम शर्मा जी, श्रीमती रूपाली एवं श्रीमती अनुराधा सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं श्रद्धालु विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अंत में मंदिर के प्रधान श्री नरेश गुप्ता, महासचिव श्री नरेंद्र मित्तल एवं आयोजन सचिव श्रीमती मीना गुप्ता ने सभी श्रद्धालुओं से श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दो दिनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान शिव की अमृतमयी कथा का लाभ प्राप्त कर
    user_Surendra
    Surendra
    कादीपुर सेंट, गुरुग्राम, हरियाणा•
    6 hrs ago
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