मध्य प्रदेश के नीमच में हजारों गो प्रेमियों ने गो सम्मान महाआंदोलन के तहत एक पैदल मार्च निकाला। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य गो माता को राष्ट्रीय दर्ज़ा दिलाना और गोहत्या पर सख्त कानून लागू करना है। आंदोलनकारी गो माता की रक्षा और सम्मान के लिए दृढ़ संकल्पित दिखे। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान नारेबाजी की और गो माता की तस्वीरों के साथ मार्च किया। उनका कहना है कि गो माता सिर्फ़ एक पशु नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। इसलिए इसे राष्ट्रीय दर्ज़ा मिलना चाहिए। साथ ही, गोहत्या पर सख्त कानून की मांग भी की गई ताकि गोवंश की रक्षा हो सके। यह आंदोलन गो प्रेमियों की एकजुटता और उनकी मांगों को बलपूर्वक सामने लाता है। भविष्य न्यूज़ 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, नीमच में यह पैदल मार्च गो माता के सम्मान में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
मध्य प्रदेश के नीमच में हजारों गो प्रेमियों ने गो सम्मान महाआंदोलन के तहत एक पैदल मार्च निकाला। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य गो माता को राष्ट्रीय दर्ज़ा दिलाना और गोहत्या पर सख्त कानून लागू करना है। आंदोलनकारी गो माता की रक्षा और सम्मान के लिए दृढ़ संकल्पित दिखे। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान नारेबाजी की और गो माता की तस्वीरों के साथ मार्च किया। उनका कहना है कि गो माता सिर्फ़ एक पशु नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। इसलिए इसे राष्ट्रीय दर्ज़ा मिलना चाहिए। साथ ही, गोहत्या पर सख्त कानून की मांग भी की गई ताकि गोवंश की रक्षा हो सके। यह आंदोलन गो प्रेमियों की एकजुटता और उनकी मांगों को बलपूर्वक सामने लाता है। भविष्य न्यूज़ 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, नीमच में यह पैदल मार्च गो माता के सम्मान में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
- मध्य प्रदेश के नीमच में हजारों गो प्रेमियों ने गो सम्मान महाआंदोलन के तहत एक पैदल मार्च निकाला। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य गो माता को राष्ट्रीय दर्ज़ा दिलाना और गोहत्या पर सख्त कानून लागू करना है। आंदोलनकारी गो माता की रक्षा और सम्मान के लिए दृढ़ संकल्पित दिखे। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान नारेबाजी की और गो माता की तस्वीरों के साथ मार्च किया। उनका कहना है कि गो माता सिर्फ़ एक पशु नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। इसलिए इसे राष्ट्रीय दर्ज़ा मिलना चाहिए। साथ ही, गोहत्या पर सख्त कानून की मांग भी की गई ताकि गोवंश की रक्षा हो सके। यह आंदोलन गो प्रेमियों की एकजुटता और उनकी मांगों को बलपूर्वक सामने लाता है। भविष्य न्यूज़ 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, नीमच में यह पैदल मार्च गो माता के सम्मान में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।1
- नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला सिल्वर मेडल दिलाने का गौरव मणिपुर के वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह चनामबम को प्राप्त हुआ है। ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के चौथे दिन 26 जुलाई रविवार को ऋषिकांत ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने कुल 264 किग्रा वजन उठाकर भारत को पोडियम पर जगह दिलाई। इस दमदार प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने स्नैच राउंड में 121 किग्रा का भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड भी कायम किया। प्रतियोगिता की शुरुआत से ही मणिपुर के इस लिफ्टर ने अपना दबदबा बनाए रखा। ऋषिकांत ने स्नैच वर्ग में बेहद संतुलित शुरुआत की। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 116 किग्रा का भार उठाया। दूसरे प्रयास में ऋषिकांत ने 119 किग्रा का भार उठाने में सफलता हासिल की। अपने तीसरे प्रयास में 121 किग्रा का वजन उठाते ही ऋषिकांत ने पूर्व मानक (120 किग्रा) को पीछे छोड़ते हुए नया सीडब्ल्यूजी स्नैच रिकॉर्ड स्थापित किया।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की दलौदा तहसील अंतर्गत बेहपुर के किसानों ने आज दलौदा तहसील का घेराव किया और तहसीलदार के नाम ज्ञापन दिया। किसानों का आरोप है कि 19 जुलाई को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की खरीफ फसल की राशि का अंतरण मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा किया गया था, लेकिन केवल 4-5 किसानों के खाते में बीमा की राशि ₹50 बीघा आई है, जबकि बाकी किसानों के खाते में राशि नहीं आई है। किसानों ने बताया कि जब उन्होंने पटवारी से संपर्क किया, तो पटवारी द्वारा 70% नुकसान की रिपोर्ट ऊपर भेजी गई थी। लेकिन बीमा कंपनी ने केवल आधा प्रतिशत के हिसाब से कुछ किसानों को मुआवजा बांट दिया। इससे आहत होकर बेहपुर के किसानों ने दलौदा तहसील का घेराव किया और ज्ञापन के माध्यम से जल्द से जल्द बचे किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर 10 दिन में उनकी समस्या का निवारण नहीं होता है, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी समस्त जवाबदारी शासन की रहेगी।1
- मंदसौर जिले के दलोदा तहसील अंतर्गत भाऊगढ़ पंचायत के वार्ड क्रमांक 19 में नाली निर्माण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांव में 10 से 15 साल पहले सीसी रोड का निर्माण तो हो गया था, लेकिन आज तक नाली का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो पाया। इसके बावजूद, जब नाली निर्माण की मांग को लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 पर कॉल किया गया, तो शिकायत को नाली बनाने के बजाय सिर्फ साफ-सफाई के नाम पर दर्ज कर लिया गया। अब सीधा सवाल उठाया जा रहा है कि जब धरातल पर नाली बनी ही नहीं है, तो फिर साफ-सफाई कहां पर की जाएगी और 181 से इसका क्या निराकरण होगा। इसके अलावा रास्ता सही कराने को लेकर इसी महीने 7/7/26 को भी एक आवेदन दिया जा चुका है। नाली निर्माण के लिए हेल्पलाइन पर कॉल करने के बाद भी उसे सफाई में दर्ज कर लिए जाने से कार्रवाई की प्रक्रिया पर गहरी नाराजगी जताई जा रही है।4
- मंदसौर के वेयर हाउस रोड स्थित शास्त्री कॉलोनी में आज काफी समय के बाद पुलिस की कार्रवाई देखने को मिली है। पुलिस चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया है। इस इलाके में हर समय गुंडागर्दी का माहौल बना रहता है, जिसके बीच लंबे समय बाद पुलिस की यह मौजूदगी देखी गई। पुलिस की इस कार्रवाई से आज क्षेत्र के कॉलोनीवासियों में एक अलग ही प्रकार का खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। लंबे समय बाद हुई इस चेकिंग और संदिग्ध के पकड़े जाने पर स्थानीय लोगों ने श्रीमान एसपी साहब का बहुत-बहुत धन्यवाद जताया है।2
- रणवीर सिंह मंदसौर जिले के बोतलगंज के रहने वाले हैं और उन्होंने खुद को स्टार के रूप में पेश किया है।1
- नई दिल्ली। E20 पेट्रोल का नाम तो सुना ही होगा। बीते दिनों जंतर-मंतर पर हुए भूख हड़ताल, अनशन और 'Gen-Z' के आंदोलनों के बीच ये नाम चर्चा से बाहर हो गया था। लेकिन एक बार फिर से इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल सुर्खियों में है। पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरा। जिसका नतीजा रहा कि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अब सोशल मीडिया पर एक नई 'पार्टी' उतर आई है। नाम है E20 जनता पार्टी। मांग सिर्फ एक है: देश के लोगों को E20 के साथ 100% शुद्ध पेट्रोल खरीदने का भी विकल्प मिलना चाहिए। मीम्स, तंज और सवालों के सहारे शुरू हुआ यह अभियान अब पेट्रोल पंप से लेकर सरकार की ईंधन नीति तक बहस छेड़ रहा है। CJP से कैसे जुड़ रहा है नाम E20 जनता पार्टी का अंदाज काफी हद तक कॉकरोच जनता पार्टी जैसा है। यह भी सोशल मीडिया, मीम्स और व्यंग्य के जरिए लोगों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में हुई थी, जो एक सटायर कैंपेन के तौर पर शुरू हुआ था, लेकिन बाद में NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी में ये कैंपेन एक बड़े आंदोलन में बदल गया। जिसमें देश भर से आए छात्रों और छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया। E20 जनता पार्टी ने भी उसी शैली को अपनाती नज़र आ रही है। इस ग्रुप ने अभिजीत दिपके की 16 मई की एक पोस्ट शेयर की है। क्या है E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक लंबे पोस्ट के मुताबिक, E20 जनता पार्टी खुद को नागरिकों की ओर से चलाया जा रहा मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर बाकायदा इसके एक कंज्यूमर राइट कैंपेन बताती है। सोशल लिए एक हैंडल बनाया गया है। इस ग्रुप का कहना है कि, फ्यूल पॉलिसी में पारदर्शिता, सही जानकारी और उपभोक्ताओं की पसंद का सम्मान होना चाहिए। उनका कहना है कि जैसे दूसरे प्रोडक्ट्स में लोगों को विकल्प मिलता है, वैसे ही पेट्रोल खरीदते आजादी मिलनी चाहिए। समय भी ग्राहकों को अपनी पसंद चुनने की आजादी मिलनी चाहिए। E20 जनता पार्टी औपचारिक संगठन नहीं है। इसका कोई घोषित संस्थापक, संगठन या बड़े स्तर पर सड़क पर आंदोलन नहीं है। यह अभी एक डिजिटल अभियान के रूप में सोशल मीडिया पर एक्टिव है। लेकिन 'X' और इंस्टाग्राम पर लोग तेजी से इस कैंपेन से जुड़ रहे हैं। खबर लिखे जाने तक 'X' पर इस हैंडल के तकरीबन 13,000 और इंस्टाग्राम हैंडल पर तकरीबन 8800 से ज्यादा फॉलोवर जुड़ चुके हैं। क्या है मांगें? E20 जनता पार्टी की सबसे बड़ी मांग यह है कि देश के हर पेट्रोल पंप पर E20 के साथ 100% शुद्ध पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए। इस सोशल मीडिया हैंडल से किए गए पोस्ट के अनुसार, किसी सब्सिडी, फ्री फ्यूल या इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को बंद करने की मांग नहीं कर रहे हैं। वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि ग्राहकों को अपनी जरूरत के हिसाब से पेट्रोल चुनने का अधिकार मिले। ग्रुप का कहना है कि कई वाहन मालिकों ने माइलेज में कमी, इंजन की खराबी, मेंटेनेंस खर्च और लंबे समय में इंजन पर असर को लेकर चिंता जताई है। इसके अलावा उन्होंने हर तरह के फ्यूल की फायदे और नुकसान से जुड़ा डेटा साफ लेबलिंग, अलग-अलग फ्यूल ब्लैंड के सार्वजनिक करने, माइलेज, इंजन पर असर, प्रदूषण और मेंटेनेंस लागत पर इंडिपेंडेंट रिसर्च कराने और उसकी रिपोर्ट लोगों के सामने रखने की भी मांग की है। पार्टी का कहना है कि नागरिकों को जानकारी देकर फैसला लेने का अधिकार मिलना चाहिए, न कि सिर्फ एक ही विकल्प दिया जाए।1
- मंदसौर के अफीम गोदाम रोड पर एक निर्माणाधीन मंदिर में मजदूरी का कार्य कर रहे 30 वर्षीय युवक की बिल्डिंग से गिरने से मौत हो गई। मृतक का नाम साबिर है, जो कालेखा अचेरी का निवासी था। वह मंदिर के निर्माण कार्य में लगा हुआ था। अचानक वह बिल्डिंग से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना मंदसौर नगर के अफीम गोदाम रोड पर घटी।1