बलौदा बाजार में 26 जून, शुक्रवार को साहू समाज अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ द्वारा एक भव्य जिला स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम साहू समाज भवन में होगा, जहाँ 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ-साथ समाज से जुड़े पत्रकारों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल मेधावियों का सम्मान करना ही नहीं है, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर के चुनाव और भविष्य की योजनाओं के संबंध में अनुभवी अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से मार्गदर्शन दिलाना भी है। इसका लक्ष्य प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से जरूरतमंद विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करना है। समारोह में साहू समाज के जिला अध्यक्ष सुनील साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। प्रमुख अतिथियों में अपर कलेक्टर अभिषेक गुप्ता, डीएसपी यातायात पुलिस संजय साहू और महाप्रबंधक उद्योग विभाग गुणश्वरी साहू शामिल हैं। इनके अतिरिक्त समाज के निर्वाचित पदाधिकारी और जिले की सभी तहसीलों के अध्यक्ष भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजक संतोष साहू करेंगे, जिसमें अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के सदस्य और समाज के वरिष्ठजन भी सहभागिता करेंगे। प्रकोष्ठ ने यह भी बताया है कि समाज के विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए, भविष्य में नियमित रूप से ट्यूशन क्लास, स्पोर्ट्स क्लास, करियर गाइडेंस कार्यक्रम, रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण और युवाओं के व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न आयोजनों का संचालन किया जाएगा। इन पहलों का उद्देश्य समाज के प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करना और उन्हें प्रतिस्पर्धी वातावरण के लिए तैयार करना है। आयोजकों ने 10वीं एवं 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले साहू समाज के छात्र-छात्राओं से इस कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है, जिसके लिए वे संतोष साहू (जिला संयोजक), केशव साहू (जिला उपाध्यक्ष), विजय कुमार साहू (जिला सचिव), अरुण कुमार साहू (कोषाध्यक्ष), सुरेंद्र साहू (जिला सलाहकार) और बेणीराम साहू (मीडिया प्रभारी) से संपर्क कर सकते हैं। समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल प्रतिभाओं का सम्मान करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी में आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धात्मक सोच और उच्च लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा भी जगाते हैं, जिसे शिक्षा, सामाजिक एकता और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बलौदा बाजार में 26 जून, शुक्रवार को साहू समाज अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ द्वारा एक भव्य जिला स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम साहू समाज भवन में होगा, जहाँ 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ-साथ समाज से जुड़े पत्रकारों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल मेधावियों का सम्मान करना ही नहीं है, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर के चुनाव और भविष्य की योजनाओं के संबंध में अनुभवी अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से मार्गदर्शन दिलाना भी है। इसका लक्ष्य प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से जरूरतमंद विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करना है। समारोह में साहू समाज के जिला अध्यक्ष सुनील साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। प्रमुख अतिथियों में अपर कलेक्टर अभिषेक गुप्ता, डीएसपी यातायात पुलिस संजय साहू और महाप्रबंधक उद्योग विभाग गुणश्वरी साहू शामिल हैं। इनके अतिरिक्त समाज के निर्वाचित पदाधिकारी और जिले की सभी तहसीलों के अध्यक्ष भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजक संतोष साहू करेंगे, जिसमें अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के सदस्य और समाज के वरिष्ठजन भी सहभागिता करेंगे। प्रकोष्ठ ने यह भी बताया है कि समाज के विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए, भविष्य में नियमित रूप से ट्यूशन क्लास, स्पोर्ट्स क्लास, करियर गाइडेंस कार्यक्रम, रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण और युवाओं के व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न आयोजनों का संचालन किया जाएगा। इन पहलों का उद्देश्य समाज के प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करना और उन्हें प्रतिस्पर्धी वातावरण के लिए तैयार करना है। आयोजकों ने 10वीं एवं 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले साहू समाज के छात्र-छात्राओं से इस कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है, जिसके लिए वे संतोष साहू (जिला संयोजक), केशव साहू (जिला उपाध्यक्ष), विजय कुमार साहू (जिला सचिव), अरुण कुमार साहू (कोषाध्यक्ष), सुरेंद्र साहू (जिला सलाहकार) और बेणीराम साहू (मीडिया प्रभारी) से संपर्क कर सकते हैं। समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल प्रतिभाओं का सम्मान करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी में आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धात्मक सोच और उच्च लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा भी जगाते हैं, जिसे शिक्षा, सामाजिक एकता और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
- बलौदा बाजार के ग्राम खर्वे में चार महीने से चल रही लगातार संदिग्ध मौतों का रहस्य आखिरकार खुल गया है। पुलिस की गहन जांच में गांव के ही 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को इन घटनाओं का मुख्य आरोपी पाया गया है। आरोपी अपने परिचितों को ही निशाना बनाता था और पुरानी रंजिश, विवाद या छोटी-छोटी बातों के चलते शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर उनकी जान ले लेता था। जांच में सामने आई कहानी चौंकाने वाली है, जिसमें पता चला कि आरोपी ने इंसानों पर जहर आजमाने से पहले एक कुत्ते पर इसका परीक्षण किया था। कुत्ते पर जहर का असर देखने के बाद ही उसने लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। अपनी वारदातों के बाद, वह खुद मृतकों को अस्पताल पहुंचाता और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव में किसी को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 06 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने कसडोल के SDOP को आवेदन देकर फरवरी से 14 मई तक हुई 8 संदिग्ध मौतों की जानकारी दी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 7 मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम कराया, जिन्हें मेकाहारा रायपुर की विशेष मेडिकल टीम ने जांचा। फॉरेंसिक परीक्षण के लिए डीएनए, विसरा और अन्य नमूने भी सुरक्षित किए गए, जबकि मृतक बुधराम जायसवाल का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों से पूछताछ और लगातार निगरानी के आधार पर रामसहाय से कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उसने शुरुआत में गुमराह करने की कोशिश की, पर अंततः अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चूहा मारने की दवा के नाम पर सुहागा (जहर) प्राप्त किया था। उसने 06 फरवरी 2026 को बद्री को गाली-गलौज और शराब के लिए परेशान करने के चलते, 20 फरवरी 2026 को बुठालु को पुराने विवाद और सामाजिक रंजिश के कारण, 12 मार्च 2026 को छत्तुराम को अपनी पत्नी के प्रति गलत नियत रखने की शंका में, 20 मार्च 2026 को बुधराम जायसवाल को जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते, 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को बैगा-गुनिया करने की शंका में, 29 अप्रैल 2026 को चैतुराम को 50 हजार रुपये के कर्ज पर ब्याज से छुटकारा पाने के लिए, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को वर्ष 2023 के चुनावी विवाद व पुरानी रंजिश के कारण जहरीली शराब पिलाई थी। इसके अतिरिक्त, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी गई थी, जिसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया और पुलिस ने इसे हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज किया। पुलिस ने रामसहाय जायसवाल के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इस पूरे मामले की जांच में IG रायपुर श्री अमरेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह, SDOP कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के निर्देशन में निरीक्षक प्रवीण मिंज एवं साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- मंगलवार देर रात करीब 1:40 बजे, बिल्हा मोड़ के पास सर्विस रोड पर एक खड़े ट्रेलर ट्रक में दूसरे ट्रेलर वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना की सूचना हिर्री के डायल 112 को एक कॉलर ने फोन पर दी। टक्कर के कारण दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि किसी को कोई चोट नहीं आई। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां उन्होंने देखा कि सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर में पीछे से आ रहे दूसरे ट्रेलर के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए टक्कर मारी थी। इस दुर्घटना के बाद सड़क पर जाम की स्थिति बन गई थी, लेकिन गनीमत रही कि दोनों वाहनों के चालक सुरक्षित थे। रात में ही क्रेन बुलवाकर दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाया गया, और शिकायतकर्ता ड्राइवर को हिर्री थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी गई है। यह उल्लेखनीय है कि इस सड़क पर अक्सर सड़क किनारे खड़े ट्रकों से टकराकर कार और बाइक चालकों की बड़ी दुर्घटनाओं में मौतें भी हो चुकी हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, सड़क किनारे खड़े वाहनों पर उचित कार्रवाई करने और वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक गाड़ी चलाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।1
- आज दिल्ली से आए प्रसिद्ध इस्लामी स्कॉलर प्रोफेसर मुख्तार अशरफ साहब ने 'उसकी देन कमेटी' के मंच पर स्मारिका 'पैगाम-ए-कर्बला' का भव्य विमोचन किया। इस आयोजन में शेख नाजिरुद्दीन (छोटे), जो नगर निगम के पूर्व सभापति रह चुके हैं, ने सहयोग किया। 'पैगाम-ए-कर्बला' स्मारिका को जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क द्वारा प्रकाशित किया गया है।1
- बिलासपुर की न्यायधानी में ओल्ड बस स्टैंड स्थित होटल हेवन पार्क का 'LIT' (Life In Trance) क्लब एक बार फिर विवादों में है। आरोप है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी यहां देर रात तक शराब और संगीत की महफिलें सजी रहीं, जबकि प्रशासनिक नियम सिर्फ कागजों तक सीमित रहे। शनिवार की रात करीब 1 बजे तक क्लब में रौनक बरकरार थी, और अगले ही दिन रविवार को भी यही तस्वीर दोहराई गई, जिससे शहर के प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी इलाके में स्थित इस क्लब को लेकर आसपास के रहवासियों की चिंता बढ़ गई है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में नियमों को इतनी खुली चुनौती दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, क्लब के देर रात तक संचालन की खबर सार्वजनिक होने के बाद पुलिस की टीम रात लगभग 1 बजे होटल परिसर पहुंची। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई और न तो कोई सख्त वैधानिक कार्रवाई हुई और न ही नियम उल्लंघन पर कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में समय सीमा का उल्लंघन हो रहा था, तो केवल समझाइश देकर लौट जाना किस कानून का हिस्सा है और क्या आम दुकानदार या छोटे व्यवसायी के मामले में भी इतनी ही नरमी दिखाई जाती। यह सवाल अब शहरभर में चर्चा का विषय बन गया है। यह पहला मौका नहीं है जब होटल हेवन पार्क और उसका 'LIT' क्लब विवादों में घिरा हो। पिछले कुछ वर्षों में इस परिसर का नाम कई सनसनीखेज घटनाओं में सामने आ चुका है। इनमें बार सील होने के बाद एक छापेमारी में कई रसूखदार लोगों को लाखों रुपये के साथ जुआ खेलते पकड़ा जाना और बाद में कुछ प्रभावशाली लोगों को छोड़ने पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठना शामिल है। इसके अलावा, मई 2023 में होटल के बाहर लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हुए जानलेवा हमले में 12 आरोपियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। क्लब में रायपुर के एक व्यवसायी की बेरहमी से पिटाई और थाने में हुए हंगामे का वीडियो भी वायरल हुआ था। बाउंसरों द्वारा एंट्री विवाद को लेकर युवकों की पिटाई, बेसबॉल बैट से हमला और चाकूबाजी की घटनाएं भी दर्ज हुई हैं। एक ग्राहक द्वारा अवैध हुक्का संचालन का वीडियो बनाने पर मारपीट और मोबाइल तोड़ने का मामला भी सामने आया था, वहीं मार्च 2024 में होटल परिसर के भीतर एक युवक का खुलेआम धारदार हथियार लहराते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि देर रात तक तेज संगीत, शराब पार्टी और नशे में बाहर निकलने वाले लोगों की गतिविधियों से पूरे इलाके का माहौल प्रभावित हो रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है, खासकर सप्ताहांत में रात 2 बजे तक गतिविधियां चलने से शांति भंग होती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना भी हो सकती है। शहर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और आसपास के रहवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आबकारी विभाग से मांग की है कि क्लब परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच कराई जाए। यदि निर्धारित समय सीमा के बाद संचालन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जाए। इन सब के बीच, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब छोटे व्यापारियों पर नियमों का डंडा चलता है, तब क्या रसूखदार प्रतिष्ठानों के लिए कानून की धार कुंद हो जाती है? क्या न्यायधानी में नियमों से बड़ा प्रभाव और पहुंच बन चुका है? और यदि नहीं, तो फिर बार-बार विवादों में घिरने वाले इस क्लब पर अब तक निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब का इंतजार सिर्फ आसपास के रहवासियों को नहीं, बल्कि पूरी न्यायधानी को है।2
- सेंट जेवियर स्कूल दुष्कर्म मामले को लेकर जनता का भारी आक्रोश देखने को मिला है। इसी कड़ी में, सर्वसेन समाज के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया, जहाँ दुष्कर्मी को तत्काल फांसी की सजा देने की जोरदार मांग उठाई गई। त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 10 दिनों में इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो पूरे प्रदेश भर में व्यापक आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।1
- बिलासपुर-रायपुर हाईवे पर चलती क्रेटा कार की सनरूफ से बाहर निकलकर स्टंटबाजी करने वाले युवकों को यह हरकत महंगी पड़ गई। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चकरभाठा पुलिस ने इस पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। पुलिस ने CG 10 BE 4400 नंबर की कार को जब्त कर लिया और आरोपी प्रशांत जायसवाल के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। कार में मौजूद लड़कियों को पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। पुलिस ने नियम तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी भी जारी की है।1
- बिलासपुर में चकरभाठा पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री और परिवहन के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए, मंगलवार रात 10:09 बजे जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी कि 120 पाव देशी प्लेन शराब और 6 नग बियर के साथ एक आरोपी और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा गया है। यह कार्रवाई 23.06.2026 को मिली मुखबिर की सूचना पर की गई। पकड़े गए आरोपी की पहचान 36 वर्षीय अजय कौशिक, पिता विजय कौशिक, निवासी हिर्री थाना के सामने, हिर्री, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है, जिसके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक भी था। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी मोटर साइकल क्रमांक CG 24 K 2311 पर, जिसके पीछे एक लड़का बैठा है, प्लास्टिक की बोरियों में शराब रखकर चकरभाठा से परसदा की ओर जा रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए, चकरभाठा पुलिस की टीम ने होटल सेंट्रल प्वाइंट के आगे मुख्य मार्ग पर उक्त मोटर साइकल को रोका और उसकी जाँच की। जाँच के दौरान प्लास्टिक की बोरियों से कुल 120 पाव देशी प्लेन शराब, जिसकी कीमत ₹9600 है, और 6 नग बियर, जिसकी कीमत ₹1260 है, बरामद की गई। अजय कौशिक और विधि से संघर्षरत बालक ने पूछताछ में इस शराब को बिक्री के उद्देश्य से ले जाना स्वीकार किया। अजय कौशिक के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 47 के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे अभिरक्षा में लिया गया है, जिसे बुधवार को न्यायिक रिमांड के लिए माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं, विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही की गई है। चकरभाठा पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध कार्यों में लिप्त अपराधियों की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या डायल 112 पर दें।1
- बिलासपुर की केंद्रीय जेल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ सोमवार सुबह बैरक के भीतर एक विचाराधीन बंदी की पत्थर से हमला कर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब कोटा निवासी 25 वर्षीय नीलू जगत पर जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि मुंगेली जिले के चामरी निवासी 40 वर्षीय राजेश राय ने बैरक में घुसकर सीमेंट के एक भारी ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले के कारण नीलू जगत गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में गिर पड़ा। उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहा था, और उसके द्वारा जेल के भीतर ही ऐसी वारदात को अंजाम देना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी केंद्रीय जेल से कैदियों की मौज-मस्ती, मोबाइल उपयोग और सुरक्षा में लापरवाही से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार न होना अब एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल, हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, और पुलिस तथा जेल प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।3
- बिलासपुर केंद्रीय जेल एक बार फिर विवादों में घिर गई है, जहाँ जेल परिसर के भीतर ही एक विचाराधीन बंदी की हत्या कर दी गई। इस चौंकाने वाली घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी इस केंद्रीय जेल से सुरक्षा चूक और विवादित वीडियो सामने आते रहे हैं, लेकिन इस घटना ने आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे जेल परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक विचाराधीन बंदी नीलू जगत (25 वर्ष), निवासी कोटा पर दूसरे बंदी राजेश राय (40 वर्ष), निवासी ग्राम चामरी, जिला मुंगेली ने जानलेवा हमला कर दिया। राजेश राय ने बैरक के भीतर घुसकर सीमेंट के ढक्कन (पत्थर) से नीलू जगत पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे नीलू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने घायल बंदी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद नीलू जगत की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद जेल प्रशासन पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हमलावर बंदी के हाथ में भारी सीमेंट का ढक्कन बैरक के भीतर कैसे पहुंचा और इतनी बड़ी वारदात जेल के अंदर कैसे हो गई। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राजेश राय पहले से ही ट्रिपल मर्डर और दो हत्या के प्रयास (हाफ मर्डर) के मामलों में सजा काट रहा था। ऐसे खतरनाक अपराधी द्वारा जेल के भीतर हत्या को अंजाम दिए जाने से सुरक्षा इंतजामों की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस तथा जेल प्रशासन घटना के कारणों एवं परिस्थितियों की गहन पड़ताल कर रहे हैं।4