कोटा शहर के लाड़पुरा में एनएसयूआई ने नीट पेपर लीक मामले के विरोध में एक मशाल यात्रा निकाली, जिसका समापन एक नुक्कड़ सभा के आयोजन के साथ हुआ। एनएसयूआई लाड़पुरा ब्लॉक अध्यक्ष रोहित मेघवाल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में एनएसयूआई प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा और जिलाध्यक्ष विशाल मेवाड़ा की गरिमामयी उपस्थिति रही। रोहित मेघवाल ने बताया कि नीट का पेपर यह तीसरी बार लीक हुआ है, इसके बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने हुए हैं और इस्तीफा नहीं दे रहे। प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा ने नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के 22 लाख छात्र-छात्राएं कई सालों तक कड़ी मेहनत करके यह परीक्षा देते हैं, और उनके माता-पिता लाखों रुपये खर्च कर उन्हें बड़ी कोचिंग में दाखिला दिलाते हैं। अंततः पेपर लीक होने से हताश होकर छात्र आत्महत्या तक कर लेते हैं, जिसका सीधा दोष इस व्यवस्था पर है। जिलाध्यक्ष विशाल मेवाड़ा ने बताया कि यह मशाल यात्रा लाड़पुरा के प्रेम नगर क्षेत्र से निकाली गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश का आम विद्यार्थी सड़क पर आकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहा है, लेकिन इस सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। मेवाड़ा ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि धर्मेंद्र प्रधान ने जल्द इस्तीफा नहीं दिया, तो छात्र एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद झखड़ के नेतृत्व में दिल्ली में शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव करेंगे, धरना देंगे और इस्तीफा लेकर ही मानेंगे। इस कार्यक्रम में इटावा ब्लॉक अध्यक्ष अनिल पंकज अयाना के साथ मोहित टेपन, निखिल मेहरा, सुनील, नितेश रैगर, आर्यन, वैभव मिश्रा, आयुष जारवाल, मोहम्मद वकार और अक्की पठान जैसे कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कोटा शहर के लाड़पुरा में एनएसयूआई ने नीट पेपर लीक मामले के विरोध में एक मशाल यात्रा निकाली, जिसका समापन एक नुक्कड़ सभा के आयोजन के साथ हुआ। एनएसयूआई लाड़पुरा ब्लॉक अध्यक्ष रोहित मेघवाल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में एनएसयूआई प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा और जिलाध्यक्ष विशाल मेवाड़ा की गरिमामयी उपस्थिति रही। रोहित मेघवाल ने बताया कि नीट का पेपर यह तीसरी बार लीक हुआ है, इसके बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने हुए हैं और इस्तीफा नहीं दे रहे। प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा ने नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के 22 लाख छात्र-छात्राएं कई सालों तक कड़ी मेहनत करके यह परीक्षा देते हैं, और उनके माता-पिता लाखों रुपये खर्च कर उन्हें बड़ी कोचिंग में दाखिला दिलाते हैं। अंततः पेपर लीक होने से हताश होकर छात्र आत्महत्या तक कर लेते हैं, जिसका सीधा दोष इस व्यवस्था पर है। जिलाध्यक्ष विशाल मेवाड़ा ने बताया कि यह मशाल यात्रा लाड़पुरा के प्रेम नगर क्षेत्र से निकाली गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश का आम विद्यार्थी सड़क पर आकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहा है, लेकिन इस सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। मेवाड़ा ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि धर्मेंद्र प्रधान ने जल्द इस्तीफा नहीं दिया, तो छात्र एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद झखड़ के नेतृत्व में दिल्ली में शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव करेंगे, धरना देंगे और इस्तीफा लेकर ही मानेंगे। इस कार्यक्रम में इटावा ब्लॉक अध्यक्ष अनिल पंकज अयाना के साथ मोहित टेपन, निखिल मेहरा, सुनील, नितेश रैगर, आर्यन, वैभव मिश्रा, आयुष जारवाल, मोहम्मद वकार और अक्की पठान जैसे कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- कोटा शहर के लाड़पुरा में एनएसयूआई ने नीट पेपर लीक मामले के विरोध में एक मशाल यात्रा निकाली, जिसका समापन एक नुक्कड़ सभा के आयोजन के साथ हुआ। एनएसयूआई लाड़पुरा ब्लॉक अध्यक्ष रोहित मेघवाल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में एनएसयूआई प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा और जिलाध्यक्ष विशाल मेवाड़ा की गरिमामयी उपस्थिति रही। रोहित मेघवाल ने बताया कि नीट का पेपर यह तीसरी बार लीक हुआ है, इसके बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने हुए हैं और इस्तीफा नहीं दे रहे। प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा ने नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के 22 लाख छात्र-छात्राएं कई सालों तक कड़ी मेहनत करके यह परीक्षा देते हैं, और उनके माता-पिता लाखों रुपये खर्च कर उन्हें बड़ी कोचिंग में दाखिला दिलाते हैं। अंततः पेपर लीक होने से हताश होकर छात्र आत्महत्या तक कर लेते हैं, जिसका सीधा दोष इस व्यवस्था पर है। जिलाध्यक्ष विशाल मेवाड़ा ने बताया कि यह मशाल यात्रा लाड़पुरा के प्रेम नगर क्षेत्र से निकाली गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश का आम विद्यार्थी सड़क पर आकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहा है, लेकिन इस सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। मेवाड़ा ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि धर्मेंद्र प्रधान ने जल्द इस्तीफा नहीं दिया, तो छात्र एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद झखड़ के नेतृत्व में दिल्ली में शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव करेंगे, धरना देंगे और इस्तीफा लेकर ही मानेंगे। इस कार्यक्रम में इटावा ब्लॉक अध्यक्ष अनिल पंकज अयाना के साथ मोहित टेपन, निखिल मेहरा, सुनील, नितेश रैगर, आर्यन, वैभव मिश्रा, आयुष जारवाल, मोहम्मद वकार और अक्की पठान जैसे कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- कोटा जिले के रामगंजमंडी में बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े एक वारदात को अंजाम दिया। यह घटना रामगंजमंडी के बाजार नंबर 4 स्थित मालगोदाम चौराहे पर हुई, जहाँ बाइक पर सवार तीन बदमाश एक युवती के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए। यह घटना रामगंजमंडी में बदमाशों के बढ़ते हौसलों को दिखाती है।1
- कोटा के राजकीय पशु चिकित्सालय, मोखापाड़ा में भर्ती घायल और मृत पशुओं को आवारा कुत्तों द्वारा नोचे जाने के गंभीर मामले में समाजसेवी हिम्मत सिंह ने कैथूनीपोल थाने में अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई गौसेवकों द्वारा अस्पताल परिसर में कुत्तों को घायल पशुओं का मांस नोचते देखने के बाद की गई। हिम्मत सिंह के अनुसार, यह घटना 8 जून की सुबह सामने आई, जब गौसेवकों ने अस्पताल परिसर में इस भयावह दृश्य को देखा। शिकायत करने पर अस्पताल के कर्मचारियों ने इसे रोज की घटना बताते हुए स्टाफ की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद हिम्मत सिंह खुद अस्पताल पहुंचे, अपनी नाराजगी व्यक्त की और कैथूनीपोल थानाधिकारी अमरेश सिंह को एक परिवाद सौंपकर तत्काल मुकदमा दर्ज करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान, हिम्मत सिंह ने अस्पतालों और गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ-साथ 24 घंटे चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी पुरानी मांग को फिर से दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे साधु-संतों, गौसेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करेंगे। मुकदमा दर्ज कराने के समय प्रमुख रूप से अमर धामोंनिया, नरेंद्र गुर्जर, पीयूष खंडेलवाल, संजीव शर्मा, शुभम गुप्ता, गोलू जैन, करन शर्मा, अमित कुमार सहित कई अन्य सामाजिक सदस्य मौजूद रहे।1
- सनातन धर्म में कर्णभेदन संस्कार को सोलह प्रमुख संस्कारों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधान माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, ये संस्कार केवल शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, स्वास्थ्य और जीवन की शुभ दिशा निर्धारित करने के लिए भी किए जाते हैं। बालक और बालिका दोनों के लिए कर्णभेदन को एक आवश्यक संस्कार बताया गया है, जो किसी भी तरह से केवल आभूषण धारण करने तक सीमित नहीं है। इस संस्कार के माध्यम से बालक-बालिका रोगों से सुरक्षित रहते हैं और उनमें शुभ संस्कारों को ग्रहण करने की क्षमता बढ़ती है। शास्त्रों में कन्या के लिए पहले बायां कान और फिर दायां कान छेदने का निर्देश दिया गया है। जिस प्रकार खेत में बीज बोने से पहले भूमि को तैयार किया जाता है, उसी प्रकार जीवन में शुभ संस्कारों के बीज बोने के लिए बाल्यावस्था में ही इन संस्कारों का पालन किया जाता है। कन्या के कानों का कर्णभेदन शुभ विचारों, अच्छे संस्कारों और मंगलमय जीवन की कामना का प्रतीक है। कर्णभेदन संस्कार के लिए शुभ समय निर्धारित किया गया है: जन्म के 6वें, 7वें या 8वें महीने में, अथवा 1वें, 3वें, 5वें या 7वें वर्ष में। इसके लिए अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती जैसे नक्षत्र शुभ माने गए हैं। शुभ तिथियों में द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी एवं त्रयोदशी शामिल हैं, जबकि सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को इस संस्कार के लिए शुभ वार बताया गया है। भाग्येश गौतम, कोटा, राजस्थान से इस बात पर जोर देते हैं कि जब जन्म, नामकरण, अन्नप्राशन और विवाह जैसे संस्कार महत्वपूर्ण हैं, तो कर्णभेदन संस्कार को केवल फैशन मानकर उपेक्षित नहीं किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जिस घर में बेटी के संस्कारों का सम्मान होता है, वहाँ लक्ष्मी और सौभाग्य दोनों का वास होता है, क्योंकि संस्कारों से ही संस्कृति जीवित रहती है और संस्कृति से ही समाज का निर्माण होता है।1
- कोटा शहर के रेलवे स्टेशन के पटरी पार क्षेत्र में सोमवार सुबह सड़क पर एक मगरमच्छ दौड़ता हुआ दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों और राहगीरों ने जब मगरमच्छ को सड़क पर घूमते देखा, तो अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को दी। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में शहर के कई इलाकों में मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचते देखे गए हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर नदी में छोड़ दिया।1
- पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर कोटा स्थित प्रथम पीठ मथुराधीश मंदिर में धार्मिक श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। मंदिर परिसर में आज विशेष रूप से महाराज एवं अलौकिक झांकियों का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रथम पीठ मिलन बाबा गोसाईं के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक एवं दिव्य झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मंदिर को आकर्षक पुष्प सज्जा एवं विद्युत रोशनी से सजाया गया, जिससे संपूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। भक्तों ने भगवान के दर्शन कर सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। पुरुषोत्तम मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संतों एवं विद्वानों ने बताया कि यह माह भगवान विष्णु को समर्पित है तथा इस दौरान किए गए जप, तप, दान और पूजा का विशेष पुण्य प्राप्त होता है। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। मंदिर प्रशासन ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के दौरान प्रतिदिन विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।2
- कोटा शहर के लाडपुरा में एनएसयूआई द्वारा नीट पेपर लीक के विरोध में एक मशाल यात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व एनएसयूआई लाडपुरा ब्लॉक अध्यक्ष रोहित मेघवाल ने किया। इस यात्रा के बाद एक नुक्कड़ सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें एनएसयूआई प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा और जिलाध्यक्ष विशाल मेवाड़ा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। मेघवाल ने बताया कि नीट का पेपर यह तीसरी बार लीक हुआ है, फिर भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने हुए हैं और इस्तीफा नहीं दे रहे। प्रदेश सचिव रिद्धम शर्मा ने नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए बताया कि नीट की परीक्षा देश भर में 22 लाख छात्र-छात्राओं द्वारा कई सालों की कड़ी मेहनत के बाद दी जाती है। उनके माता-पिता लाखों रुपये खर्च कर उन्हें बड़ी से बड़ी कोचिंग में दाखिला दिलाते हैं, लेकिन अंततः पेपर लीक हो जाता है। इससे हताश होकर छात्र आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं। जिलाध्यक्ष विशाल मेवाड़ा ने जानकारी दी कि मशाल यात्रा लाडपुरा के प्रेम नगर क्षेत्र से शुरू हुई थी। मेवाड़ा का कहना है कि देश का आम विद्यार्थी सड़क पर आकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है, पर इस सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द धर्मेंद्र प्रधान द्वारा इस्तीफा नहीं दिया गया, तो छात्र एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद झखड़ के नेतृत्व में दिल्ली में शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव करेंगे, धरना देंगे और इस्तीफा लेकर ही मानेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश सचिव एनएसयूआई रिद्धम शर्मा, शहर अध्यक्ष विशाल मेवाड़ा, लाडपुरा ब्लॉक अध्यक्ष रोहित मेघवाल, इटावा ब्लॉक अध्यक्ष अनिल पंकज अयाना, मोहित टेपन, निखिल मेहरा, सुनील, नितेश रैगर, आर्यन, वैभव मिश्रा, आयुष जारवाल, मोहम्मद वकार और अक्की पठान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- Post by Mahendar.merotha2