चाईबासा शहर के महुलसाई स्थित मुख्य मार्ग पर मंगलवार शाम हुई बारिश के बाद एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए और आवागमन घंटों तक बाधित रहा। पेड़ गिरने से एक कार उसके नीचे दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, पेड़ गिरने के बाद उसे काफी देर तक सड़क से नहीं हटाया जा सका। इसी दौरान, रात में चोया मेला से लौट रहे कई मोटरसाइकिल सवार अंधेरे के कारण सड़क पर पड़े पेड़ को नहीं देख पाए और उससे टकराकर दुर्घटना का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में टोंटो गांव निवासी नंद किशोर गोप और पंचों निवासी रमाय कुंटिया गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके सिर और पैरों में चोटें आईं हैं। इसके अलावा, खास जामदा निवासी आयुष चातम्बा और रोशन बिरवा भी घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को सड़क से उठाया और टोटो की व्यवस्था कर उन्हें इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने मिलकर पेड़ से दबे कार को भी बाहर निकाला। देर रात कई घंटों की मशक्कत के बाद पेड़ को काटकर सड़क से हटाया गया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका।
चाईबासा शहर के महुलसाई स्थित मुख्य मार्ग पर मंगलवार शाम हुई बारिश के बाद एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए और आवागमन घंटों तक बाधित रहा। पेड़ गिरने से एक कार उसके नीचे दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, पेड़ गिरने के बाद उसे काफी देर तक सड़क से नहीं हटाया जा सका। इसी दौरान, रात में चोया मेला से लौट रहे कई मोटरसाइकिल सवार अंधेरे के कारण सड़क पर पड़े पेड़ को नहीं देख पाए और उससे टकराकर दुर्घटना का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में टोंटो गांव निवासी नंद किशोर गोप और पंचों निवासी रमाय कुंटिया गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके सिर और पैरों में चोटें आईं हैं। इसके अलावा, खास जामदा निवासी आयुष चातम्बा और रोशन बिरवा भी घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को सड़क से उठाया और टोटो की व्यवस्था कर उन्हें इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने मिलकर पेड़ से दबे कार को भी बाहर निकाला। देर रात कई घंटों की मशक्कत के बाद पेड़ को काटकर सड़क से हटाया गया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका।
- पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस मेंस एसोसिएशन चुनाव में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रदीप ओलिवर मिंज को अध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किया गया, जबकि अभय कुमार महतो ने सचिव पद पर जीत हासिल की। इन चुनाव परिणामों के सामने आते ही पुलिस कर्मियों और उनके समर्थकों में भारी उत्साह का माहौल देखा गया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष और सचिव का उनके समर्थकों ने माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर ज़ोरदार स्वागत किया। इस दौरान, पुलिस एसोसिएशन के सदस्यों ने नई कमिटी से पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समाधान करने, कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की उम्मीद जताई है।1
- एक वीडियो पोस्ट के माध्यम से यह सवाल उठाया गया है कि आखिर बिहार में चीजें 'सरल' क्यों हैं, जबकि झारखंड में 'S.I.R' का कार्य कठिन क्यों प्रतीत होता है। इस तुलनात्मक स्थिति और इसके पीछे के कारणों को गहराई से समझने के लिए दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे वीडियो को अंत तक अवश्य देखें।1
- झारखंड में गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना की बहरागोड़ा प्रखंड की साकरा पंचायत अंतर्गत गोरगी गांव में पोल खुल गई है। चरण मुंडा का चार सदस्यीय परिवार, जिसमें उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं, आज भी इस योजना के लाभ से वंचित है और एक अत्यंत जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर है। यह स्थिति सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के स्पष्ट अंतर को उजागर करती है। सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश राय की पहल पर परिवार के घर का जायजा लेने पर सामने आई तस्वीर बेहद मार्मिक थी। उनकी झोपड़ी की छत इतनी टूटी हुई है कि रात में अंदर से आसमान के तारे साफ दिखते हैं, और गर्मी, सर्दी व बरसात—हर मौसम उनके लिए नई चुनौतियां लेकर आता है। विशेष रूप से बरसात के दिनों में घर के अंदर पानी भर जाने से परिवार को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक तंगी के कारण चरण मुंडा अपने घर की मरम्मत कराने में भी असमर्थ हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वास्तविक रूप से जरूरतमंद होने के बावजूद चरण मुंडा को अब तक अबुआ आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इस पर सवाल उठते हैं कि आखिर यह योजना किन लोगों तक पहुंच रही है और ऐसे जरूरतमंद परिवार कब तक इंतजार करते रहेंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने और चरण मुंडा के परिवार को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ दिलाने की मांग की है, ताकि उन्हें भी सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके। इसके साथ ही, समाज के सक्षम और सहृदय लोगों से भी अपील की गई है कि वे इस जरूरतमंद परिवार को आर्थिक सहायता, राशन या अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान कर मदद का हाथ बढ़ाएं।1
- जमशेदपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 65 किलोग्राम कॉपर तार बरामद किया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने चोरी के एक नेटवर्क का भी खुलासा किया और इसमें शामिल होने के आरोप में 2 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।1
- भारत भूषण तिवारी के 'ड्रामा' और उनकी सोच को लेकर चर्चा चल रही है। इस संदर्भ में यह सवाल उठाया गया है कि क्या वे सच में आज के भगत सिंह हैं, और लोगों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- कांग्रेस पार्टी ने पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दों पर एक बार फिर केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना साधा है। चाईबासा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राकेश तिवारी ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को समाप्त करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराया। उन्होंने मोदी सरकार के 12 साल के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने, भर्ती प्रक्रियाओं में विलंब, बढ़ती बेरोजगारी तथा वर्तमान शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह विफल रही है।1
- झारखंड आंदोलनकारी मंच की ओर से मुसाबनी के अग्रसेन भवन में एक श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन के दिवंगत आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान, उपस्थित लोगों ने दिवंगत आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और राज्य निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। समारोह से पूर्व, सैकड़ों आंदोलनकारी ढोल-नगाड़ों और धमसा की थाप के साथ जुलूस के रूप में मुसाबनी बस स्टैंड पहुंचे। वहाँ उन्होंने सिद्धू-कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद जुलूस अग्रसेन भवन पहुंचा जहाँ मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर, झारखंड आंदोलन के दौरान शहादत देने वाले 27 दिवंगत आंदोलनकारियों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पमाला पहनाकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों का योगदान अविस्मरणीय है और उनकी कुर्बानियों को हमेशा याद रखा जाएगा। इस महत्वपूर्ण समारोह में वरीय आंदोलनकारी संतोष सोरेन, ताराचंद सोरेन, कान्हु सांमत, जगदीश मुर्मू, सिकंदर शाह, अंतू हांसदा, सुंदर मुर्मू, सूराई बास्के, दूला माहली, रघुनाथ माहली, बाबूराम बास्के, श्रीनाथ बास्के, साधु हेंब्रम, राधानाथ महतो, सुधारानी बेसरा सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।1
- पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और उनकी धर्म पत्नी श्रीमती मीरा मुंडा, अपने पूरे परिवार के साथ, कल 24 जून 2026 को सरायकेला के लक्ष्मी नारायण मंदिर धर्मशाला में पूजा-अर्चना करेंगे। यह पूजा सुबह 7:00 बजे से शुरू होगी। मिली जानकारी के अनुसार, यह पूजा-अर्चना पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा द्वारा लक्ष्मी नारायण मंदिर में मांगी गई एक मन्नत पूरी होने के उपलक्ष्य में रखी गई है, जो अब पूरी हो चुकी है। इस मंदिर से उनकी गहरी आस्था जुड़ी है, और जब अर्जुन मुंडा पहली बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे, तब भी उन्होंने सरायकेला आकर इसी लक्ष्मी नारायण मंदिर धर्मशाला में पूजा-अर्चना की थी। इस अवसर पर सभी सनातनी भाइयों और सरायकेला वासियों को सादर आमंत्रित किया गया है कि वे दोपहर 12:00 बजे से मंदिर आकर प्रसाद ग्रहण करें। प्रसाद वितरण दोपहर 12:00 बजे से प्रारंभ होगा।4