झारखंड में गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना की बहरागोड़ा प्रखंड की साकरा पंचायत अंतर्गत गोरगी गांव में पोल खुल गई है। चरण मुंडा का चार सदस्यीय परिवार, जिसमें उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं, आज भी इस योजना के लाभ से वंचित है और एक अत्यंत जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर है। यह स्थिति सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के स्पष्ट अंतर को उजागर करती है। सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश राय की पहल पर परिवार के घर का जायजा लेने पर सामने आई तस्वीर बेहद मार्मिक थी। उनकी झोपड़ी की छत इतनी टूटी हुई है कि रात में अंदर से आसमान के तारे साफ दिखते हैं, और गर्मी, सर्दी व बरसात—हर मौसम उनके लिए नई चुनौतियां लेकर आता है। विशेष रूप से बरसात के दिनों में घर के अंदर पानी भर जाने से परिवार को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक तंगी के कारण चरण मुंडा अपने घर की मरम्मत कराने में भी असमर्थ हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वास्तविक रूप से जरूरतमंद होने के बावजूद चरण मुंडा को अब तक अबुआ आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इस पर सवाल उठते हैं कि आखिर यह योजना किन लोगों तक पहुंच रही है और ऐसे जरूरतमंद परिवार कब तक इंतजार करते रहेंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने और चरण मुंडा के परिवार को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ दिलाने की मांग की है, ताकि उन्हें भी सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके। इसके साथ ही, समाज के सक्षम और सहृदय लोगों से भी अपील की गई है कि वे इस जरूरतमंद परिवार को आर्थिक सहायता, राशन या अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान कर मदद का हाथ बढ़ाएं।
झारखंड में गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना की बहरागोड़ा प्रखंड की साकरा पंचायत अंतर्गत गोरगी गांव में पोल खुल गई है। चरण मुंडा का चार सदस्यीय परिवार, जिसमें उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं, आज भी इस योजना के लाभ से वंचित है और एक अत्यंत जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर है। यह स्थिति सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के स्पष्ट अंतर को उजागर करती है। सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश राय की पहल पर परिवार के घर का जायजा लेने पर सामने आई तस्वीर बेहद मार्मिक थी। उनकी झोपड़ी की छत इतनी टूटी हुई है कि रात में अंदर से आसमान के तारे साफ दिखते हैं, और गर्मी, सर्दी व बरसात—हर मौसम उनके लिए नई चुनौतियां लेकर आता है। विशेष रूप से बरसात के दिनों में घर के अंदर पानी भर जाने से परिवार को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक तंगी के कारण चरण मुंडा अपने घर की मरम्मत कराने में भी असमर्थ हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वास्तविक रूप से जरूरतमंद होने के बावजूद चरण मुंडा को अब तक अबुआ आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इस पर सवाल उठते हैं कि आखिर यह योजना किन लोगों तक पहुंच रही है और ऐसे जरूरतमंद परिवार कब तक इंतजार करते रहेंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने और चरण मुंडा के परिवार को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ दिलाने की मांग की है, ताकि उन्हें भी सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके। इसके साथ ही, समाज के सक्षम और सहृदय लोगों से भी अपील की गई है कि वे इस जरूरतमंद परिवार को आर्थिक सहायता, राशन या अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान कर मदद का हाथ बढ़ाएं।
- झारखंड में गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना की बहरागोड़ा प्रखंड की साकरा पंचायत अंतर्गत गोरगी गांव में पोल खुल गई है। चरण मुंडा का चार सदस्यीय परिवार, जिसमें उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं, आज भी इस योजना के लाभ से वंचित है और एक अत्यंत जर्जर झोपड़ी में रहने को मजबूर है। यह स्थिति सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के स्पष्ट अंतर को उजागर करती है। सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश राय की पहल पर परिवार के घर का जायजा लेने पर सामने आई तस्वीर बेहद मार्मिक थी। उनकी झोपड़ी की छत इतनी टूटी हुई है कि रात में अंदर से आसमान के तारे साफ दिखते हैं, और गर्मी, सर्दी व बरसात—हर मौसम उनके लिए नई चुनौतियां लेकर आता है। विशेष रूप से बरसात के दिनों में घर के अंदर पानी भर जाने से परिवार को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक तंगी के कारण चरण मुंडा अपने घर की मरम्मत कराने में भी असमर्थ हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वास्तविक रूप से जरूरतमंद होने के बावजूद चरण मुंडा को अब तक अबुआ आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इस पर सवाल उठते हैं कि आखिर यह योजना किन लोगों तक पहुंच रही है और ऐसे जरूरतमंद परिवार कब तक इंतजार करते रहेंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने और चरण मुंडा के परिवार को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ दिलाने की मांग की है, ताकि उन्हें भी सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके। इसके साथ ही, समाज के सक्षम और सहृदय लोगों से भी अपील की गई है कि वे इस जरूरतमंद परिवार को आर्थिक सहायता, राशन या अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान कर मदद का हाथ बढ़ाएं।1
- जमशेदपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 65 किलोग्राम कॉपर तार बरामद किया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने चोरी के एक नेटवर्क का भी खुलासा किया और इसमें शामिल होने के आरोप में 2 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।1
- भारत भूषण तिवारी के 'ड्रामा' और उनकी सोच को लेकर चर्चा चल रही है। इस संदर्भ में यह सवाल उठाया गया है कि क्या वे सच में आज के भगत सिंह हैं, और लोगों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- मिली जानकारी के अनुसार, अब कंपीटिशन एज का दौर खत्म हो चुका है।1
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उनकी धर्मपत्नी रूपी सोरेन ने प्राप्त किया, जिससे पूरे झारखंड में गर्व और खुशी की लहर है। शिबू सोरेन को यह सम्मान सार्वजनिक मामलों (Public Affairs) के क्षेत्र में और आदिवासी समाज व झारखंड आंदोलन में उनके अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। इस सम्मान को ईटीवी भारत की विस्तृत रिपोर्ट में भी प्रमुखता से कवर किया गया है। झारखंड के महानायक शिबू सोरेन को मरणोपरांत मिले इस पद्म भूषण ने झारखंड राज्य और आदिवासी जनमानस के लिए एक ऐतिहासिक क्षण प्रदान किया है, जिससे पूरे राज्य में गौरव का माहौल व्याप्त है।1
- सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत तेलाई गांव के समीप मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार 63 वर्षीय बुजुर्ग लक्ष्मण चंपिया की मौत हो गई। पश्चिम सिंहभूम जिले के मंझगांव निवासी मृतक लक्ष्मण चंपिया की स्कूटी एक तेज रफ्तार से सड़क किनारे खड़ी 407 मालवाहक वाहन के पीछे जा टकराई। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। हादसे के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस को सूचित किया और घायल को राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही राजनगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मृतक के परिजनों को सूचित किया। परिजनों के पहुंचने के बाद, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेजा जाएगा। इस दर्दनाक हादसे से मृतक के परिवार में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है, और पूरे क्षेत्र में भी इस घटना को लेकर दुख का माहौल है। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।1
- झारखंड आंदोलनकारी मंच की ओर से मुसाबनी के अग्रसेन भवन में एक श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन के दिवंगत आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान, उपस्थित लोगों ने दिवंगत आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और राज्य निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। समारोह से पूर्व, सैकड़ों आंदोलनकारी ढोल-नगाड़ों और धमसा की थाप के साथ जुलूस के रूप में मुसाबनी बस स्टैंड पहुंचे। वहाँ उन्होंने सिद्धू-कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद जुलूस अग्रसेन भवन पहुंचा जहाँ मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर, झारखंड आंदोलन के दौरान शहादत देने वाले 27 दिवंगत आंदोलनकारियों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पमाला पहनाकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों का योगदान अविस्मरणीय है और उनकी कुर्बानियों को हमेशा याद रखा जाएगा। इस महत्वपूर्ण समारोह में वरीय आंदोलनकारी संतोष सोरेन, ताराचंद सोरेन, कान्हु सांमत, जगदीश मुर्मू, सिकंदर शाह, अंतू हांसदा, सुंदर मुर्मू, सूराई बास्के, दूला माहली, रघुनाथ माहली, बाबूराम बास्के, श्रीनाथ बास्के, साधु हेंब्रम, राधानाथ महतो, सुधारानी बेसरा सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।1
- सरायकेला के लक्ष्मी नारायण मंदिर धर्मशाला में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा अपनी पत्नी श्रीमती मीरा मुंडा के साथ पहुंचे। सुबह 7:00 बजे से ही पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा प्रारंभ हो चुकी है, जिसे दूर-दराज से आए पुरोहित संपन्न करा रहे हैं। इस धार्मिक आयोजन में सभी सनातनी सागर आमंत्रित हैं और दोपहर 12:00 बजे के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा।4