झारखंड आंदोलनकारी मंच की ओर से मुसाबनी के अग्रसेन भवन में एक श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन के दिवंगत आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान, उपस्थित लोगों ने दिवंगत आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और राज्य निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। समारोह से पूर्व, सैकड़ों आंदोलनकारी ढोल-नगाड़ों और धमसा की थाप के साथ जुलूस के रूप में मुसाबनी बस स्टैंड पहुंचे। वहाँ उन्होंने सिद्धू-कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद जुलूस अग्रसेन भवन पहुंचा जहाँ मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर, झारखंड आंदोलन के दौरान शहादत देने वाले 27 दिवंगत आंदोलनकारियों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पमाला पहनाकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों का योगदान अविस्मरणीय है और उनकी कुर्बानियों को हमेशा याद रखा जाएगा। इस महत्वपूर्ण समारोह में वरीय आंदोलनकारी संतोष सोरेन, ताराचंद सोरेन, कान्हु सांमत, जगदीश मुर्मू, सिकंदर शाह, अंतू हांसदा, सुंदर मुर्मू, सूराई बास्के, दूला माहली, रघुनाथ माहली, बाबूराम बास्के, श्रीनाथ बास्के, साधु हेंब्रम, राधानाथ महतो, सुधारानी बेसरा सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
झारखंड आंदोलनकारी मंच की ओर से मुसाबनी के अग्रसेन भवन में एक श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन के दिवंगत आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान, उपस्थित लोगों ने दिवंगत आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और राज्य निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। समारोह से पूर्व, सैकड़ों आंदोलनकारी ढोल-नगाड़ों और धमसा की थाप के साथ जुलूस के रूप में मुसाबनी बस स्टैंड पहुंचे। वहाँ उन्होंने सिद्धू-कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद जुलूस अग्रसेन भवन पहुंचा जहाँ मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर, झारखंड आंदोलन के दौरान शहादत देने वाले 27 दिवंगत आंदोलनकारियों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पमाला पहनाकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों का योगदान अविस्मरणीय है और उनकी कुर्बानियों को हमेशा याद रखा जाएगा। इस महत्वपूर्ण समारोह में वरीय आंदोलनकारी संतोष सोरेन, ताराचंद सोरेन, कान्हु सांमत, जगदीश मुर्मू, सिकंदर शाह, अंतू हांसदा, सुंदर मुर्मू, सूराई बास्के, दूला माहली, रघुनाथ माहली, बाबूराम बास्के, श्रीनाथ बास्के, साधु हेंब्रम, राधानाथ महतो, सुधारानी बेसरा सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
- झारखंड आंदोलनकारी मंच की ओर से मुसाबनी के अग्रसेन भवन में एक श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन के दिवंगत आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान, उपस्थित लोगों ने दिवंगत आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और राज्य निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। समारोह से पूर्व, सैकड़ों आंदोलनकारी ढोल-नगाड़ों और धमसा की थाप के साथ जुलूस के रूप में मुसाबनी बस स्टैंड पहुंचे। वहाँ उन्होंने सिद्धू-कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद जुलूस अग्रसेन भवन पहुंचा जहाँ मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर, झारखंड आंदोलन के दौरान शहादत देने वाले 27 दिवंगत आंदोलनकारियों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पमाला पहनाकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों का योगदान अविस्मरणीय है और उनकी कुर्बानियों को हमेशा याद रखा जाएगा। इस महत्वपूर्ण समारोह में वरीय आंदोलनकारी संतोष सोरेन, ताराचंद सोरेन, कान्हु सांमत, जगदीश मुर्मू, सिकंदर शाह, अंतू हांसदा, सुंदर मुर्मू, सूराई बास्के, दूला माहली, रघुनाथ माहली, बाबूराम बास्के, श्रीनाथ बास्के, साधु हेंब्रम, राधानाथ महतो, सुधारानी बेसरा सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।1
- जमशेदपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 65 किलोग्राम कॉपर तार बरामद किया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने चोरी के एक नेटवर्क का भी खुलासा किया और इसमें शामिल होने के आरोप में 2 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।1
- भारत भूषण तिवारी के 'ड्रामा' और उनकी सोच को लेकर चर्चा चल रही है। इस संदर्भ में यह सवाल उठाया गया है कि क्या वे सच में आज के भगत सिंह हैं, और लोगों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित पितकी रेलवे फाटक पर लगातार लग रहे जाम और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुर्घटना की आशंका काफी बढ़ गई है। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया है, जिन्होंने क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ओवरब्रिज निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूरा करने की मांग की है, ताकि बढ़ते खतरे को कम किया जा सके।1
- सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत तेलाई गांव के समीप मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार 63 वर्षीय बुजुर्ग लक्ष्मण चंपिया की मौत हो गई। पश्चिम सिंहभूम जिले के मंझगांव निवासी मृतक लक्ष्मण चंपिया की स्कूटी एक तेज रफ्तार से सड़क किनारे खड़ी 407 मालवाहक वाहन के पीछे जा टकराई। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। हादसे के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस को सूचित किया और घायल को राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही राजनगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मृतक के परिजनों को सूचित किया। परिजनों के पहुंचने के बाद, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेजा जाएगा। इस दर्दनाक हादसे से मृतक के परिवार में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है, और पूरे क्षेत्र में भी इस घटना को लेकर दुख का माहौल है। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।1
- चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के भूंईयाडीह टोला स्थित गैलेक्सी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य द्वार पर सोमवार को समस्त ग्रामवासियों और श्रमिकों ने 14 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया, जिसके कारण कंपनी का संचालन बंद रहा। यह आंदोलन 16 जून को कंपनी में हुए बॉयलर/भट्ठी विस्फोट के बाद मजदूरों की सुरक्षा, मुआवजा, स्थानीय नियोजन और प्रदूषण नियंत्रण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों पर केंद्रित था। प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन निदेशक के नाम एक ज्ञापन कंपनी मैनेजर एस.के. वर्मा को सौंपा। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस धरना-प्रदर्शन में पूर्व जिला परिषद सदस्य ओम लायक, विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो, कृष्णा कालिंदी, ग्राम प्रधान बहादुर लायक, आशुदेव महतो समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में बॉयलर ब्लास्ट की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, घायल एवं मृतकों के आश्रितों को मुआवजा, निःशुल्क इलाज व पुनर्वास, श्रमिकों को ईएसआई-पीएफ सुविधा, न्यूनतम वेतन, सुरक्षा उपकरण, प्रदूषण नियंत्रण, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार, और सीएसआर फंड से स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल तथा बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल था। धरने के दौरान लंबी वार्ता हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने फिलहाल प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने एक अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि मंगलवार शाम 4 बजे कंपनी मालिक, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता होगी। यदि मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक कंपनी संचालन का विरोध जारी रहेगा। एहतियात के तौर पर मौके पर चांडिल पुलिस बल तैनात रहा।1
- सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर सरायकेला में क्रॉस कंट्री रेस का आयोजन किया। इस दौड़ में जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, खेल संस्थाओं और संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में खिलाड़ियों, छात्र-छात्राओं और खेल प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रेस का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने किया, जिन्होंने इस अवसर पर संबोधित करते हुए ओलंपिक को केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, उत्कृष्टता, मित्रता और विश्व बंधुत्व का प्रतीक बताया। श्री चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि खेल युवाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नशा, पर्यावरण प्रदूषण और अस्वस्थ जीवनशैली जैसी चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी माध्यम खेल और शारीरिक गतिविधियां ही हैं, और युवा जितना अधिक खेल मैदानों से जुड़ेंगे, उतना ही वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहेंगे। मनोज कुमार चौधरी ने यह भी बताया कि हाल ही में नगर पंचायत ने बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में तीन खेल मैदानों को जनता को समर्पित किया है। इसके साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को खेल सामग्री के अभाव में पीछे न रहने देने के उद्देश्य से खिलाड़ियों की सुविधा के लिए एक 'खेल बैंक' (Sports Bank) की भी शुरुआत की गई है। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि आने वाले दिनों में सरायकेला मैदान में जिला फुटबॉल लीग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार, ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सिकंदर महतो, जिला खेल संगठन के सचिव दिलदार अंसारी, संनद आचार्य सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। क्रॉस कंट्री रेस में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ दौड़ लगाकर खेलों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और ओलंपिक मूल्यों के प्रति जागरूकता लाना था।4