सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर सरायकेला में क्रॉस कंट्री रेस का आयोजन किया। इस दौड़ में जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, खेल संस्थाओं और संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में खिलाड़ियों, छात्र-छात्राओं और खेल प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रेस का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने किया, जिन्होंने इस अवसर पर संबोधित करते हुए ओलंपिक को केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, उत्कृष्टता, मित्रता और विश्व बंधुत्व का प्रतीक बताया। श्री चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि खेल युवाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नशा, पर्यावरण प्रदूषण और अस्वस्थ जीवनशैली जैसी चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी माध्यम खेल और शारीरिक गतिविधियां ही हैं, और युवा जितना अधिक खेल मैदानों से जुड़ेंगे, उतना ही वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहेंगे। मनोज कुमार चौधरी ने यह भी बताया कि हाल ही में नगर पंचायत ने बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में तीन खेल मैदानों को जनता को समर्पित किया है। इसके साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को खेल सामग्री के अभाव में पीछे न रहने देने के उद्देश्य से खिलाड़ियों की सुविधा के लिए एक 'खेल बैंक' (Sports Bank) की भी शुरुआत की गई है। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि आने वाले दिनों में सरायकेला मैदान में जिला फुटबॉल लीग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार, ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सिकंदर महतो, जिला खेल संगठन के सचिव दिलदार अंसारी, संनद आचार्य सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। क्रॉस कंट्री रेस में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ दौड़ लगाकर खेलों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और ओलंपिक मूल्यों के प्रति जागरूकता लाना था।
सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर सरायकेला में क्रॉस कंट्री रेस का आयोजन किया। इस दौड़ में जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, खेल संस्थाओं और संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में खिलाड़ियों, छात्र-छात्राओं और खेल प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रेस का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने किया, जिन्होंने इस अवसर पर संबोधित करते हुए ओलंपिक को केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, उत्कृष्टता, मित्रता और विश्व बंधुत्व का प्रतीक बताया। श्री चौधरी ने
इस बात पर जोर दिया कि खेल युवाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नशा, पर्यावरण प्रदूषण और अस्वस्थ जीवनशैली जैसी चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी माध्यम खेल और शारीरिक गतिविधियां ही हैं, और युवा जितना अधिक खेल मैदानों से जुड़ेंगे, उतना ही वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहेंगे। मनोज कुमार चौधरी ने यह भी बताया कि हाल ही में नगर पंचायत
ने बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में तीन खेल मैदानों को जनता को समर्पित किया है। इसके साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को खेल सामग्री के अभाव में पीछे न रहने देने के उद्देश्य से खिलाड़ियों की सुविधा के लिए एक 'खेल बैंक' (Sports Bank) की भी शुरुआत की गई है। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि आने वाले दिनों में सरायकेला मैदान में जिला फुटबॉल लीग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और
जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार, ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सिकंदर महतो, जिला खेल संगठन के सचिव दिलदार अंसारी, संनद आचार्य सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। क्रॉस कंट्री रेस में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ दौड़ लगाकर खेलों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और ओलंपिक मूल्यों के प्रति जागरूकता लाना था।
- पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस मेंस एसोसिएशन चुनाव में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रदीप ओलिवर मिंज को अध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किया गया, जबकि अभय कुमार महतो ने सचिव पद पर जीत हासिल की। इन चुनाव परिणामों के सामने आते ही पुलिस कर्मियों और उनके समर्थकों में भारी उत्साह का माहौल देखा गया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष और सचिव का उनके समर्थकों ने माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर ज़ोरदार स्वागत किया। इस दौरान, पुलिस एसोसिएशन के सदस्यों ने नई कमिटी से पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समाधान करने, कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की उम्मीद जताई है।1
- भारत भूषण तिवारी के 'ड्रामा' और उनकी सोच को लेकर चर्चा चल रही है। इस संदर्भ में यह सवाल उठाया गया है कि क्या वे सच में आज के भगत सिंह हैं, और लोगों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- झारखंड आंदोलनकारी मंच की ओर से मुसाबनी के अग्रसेन भवन में एक श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन के दिवंगत आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान, उपस्थित लोगों ने दिवंगत आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और राज्य निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। समारोह से पूर्व, सैकड़ों आंदोलनकारी ढोल-नगाड़ों और धमसा की थाप के साथ जुलूस के रूप में मुसाबनी बस स्टैंड पहुंचे। वहाँ उन्होंने सिद्धू-कान्हु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद जुलूस अग्रसेन भवन पहुंचा जहाँ मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर, झारखंड आंदोलन के दौरान शहादत देने वाले 27 दिवंगत आंदोलनकारियों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पमाला पहनाकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों का योगदान अविस्मरणीय है और उनकी कुर्बानियों को हमेशा याद रखा जाएगा। इस महत्वपूर्ण समारोह में वरीय आंदोलनकारी संतोष सोरेन, ताराचंद सोरेन, कान्हु सांमत, जगदीश मुर्मू, सिकंदर शाह, अंतू हांसदा, सुंदर मुर्मू, सूराई बास्के, दूला माहली, रघुनाथ माहली, बाबूराम बास्के, श्रीनाथ बास्के, साधु हेंब्रम, राधानाथ महतो, सुधारानी बेसरा सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।1
- सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित पितकी रेलवे फाटक पर लगातार लग रहे जाम और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुर्घटना की आशंका काफी बढ़ गई है। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया है, जिन्होंने क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ओवरब्रिज निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूरा करने की मांग की है, ताकि बढ़ते खतरे को कम किया जा सके।1
- खूंटी जिले में सुरक्षा कर्मियों की भर्ती के लिए 25 जून से विभिन्न थाना परिसरों में कैंप लगाए जाएंगे। ये भर्ती कैंप सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। भर्ती कैंप का कार्यक्रम इस प्रकार है: तारीख 25 और 26 को मुरहू थाना परिसर में, तारीख 27 और 28 को जरियागढ़ थाना परिसर में, तारीख 29 और 30 को मरांगहदा थाना परिसर में, तारीख 1 और 2 को टपकरा थाना परिसर में, तारीख 3 और 4 को अड़की थाना परिसर में, तारीख 5 और 6 को साइको थाना परिसर में, तारीख 7 और 8 को कार्रा थाना परिसर में, तारीख 9 और 10 को खूंटी थाना परिसर में, तारीख 11 और 12 को तोरपा थाना परिसर में, और तारीख 13 और 14 को रानियां थाना परिसर में ये कैंप आयोजित होंगे। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने साथ आधार कार्ड, मार्कशीट और दो फोटो लाना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन फीस ₹350 निर्धारित की गई है। यह नौकरी 65 साल की उम्र तक स्थायी होगी, जिसमें सरकारी पेंशन जैसी सुविधाएं और बच्चों को पढ़ाने की सुविधा भी मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों के लिए शुरुआती मासिक वेतन ₹15,500 से लेकर ₹32,000 तक होगा। अधिक जानकारी के लिए, 9717304564 या 7827067180 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- आजसू नेता शहीद लक्ष्मी नारायण सिंह मुण्डा की प्रतिमा का अनावरण सिल्ली प्रखंड के दोवाडू गाँव स्थित उनके निवास स्थान पर किया गया है। यह अनावरण उनके आंदोलनकारी साथियों द्वारा संपन्न हुआ।1
- कांग्रेस पार्टी ने पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दों पर एक बार फिर केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना साधा है। चाईबासा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राकेश तिवारी ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को समाप्त करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराया। उन्होंने मोदी सरकार के 12 साल के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने, भर्ती प्रक्रियाओं में विलंब, बढ़ती बेरोजगारी तथा वर्तमान शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह विफल रही है।1
- चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के भूंईयाडीह टोला स्थित गैलेक्सी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य द्वार पर सोमवार को समस्त ग्रामवासियों और श्रमिकों ने 14 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया, जिसके कारण कंपनी का संचालन बंद रहा। यह आंदोलन 16 जून को कंपनी में हुए बॉयलर/भट्ठी विस्फोट के बाद मजदूरों की सुरक्षा, मुआवजा, स्थानीय नियोजन और प्रदूषण नियंत्रण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों पर केंद्रित था। प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन निदेशक के नाम एक ज्ञापन कंपनी मैनेजर एस.के. वर्मा को सौंपा। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस धरना-प्रदर्शन में पूर्व जिला परिषद सदस्य ओम लायक, विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो, कृष्णा कालिंदी, ग्राम प्रधान बहादुर लायक, आशुदेव महतो समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में बॉयलर ब्लास्ट की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, घायल एवं मृतकों के आश्रितों को मुआवजा, निःशुल्क इलाज व पुनर्वास, श्रमिकों को ईएसआई-पीएफ सुविधा, न्यूनतम वेतन, सुरक्षा उपकरण, प्रदूषण नियंत्रण, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार, और सीएसआर फंड से स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल तथा बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल था। धरने के दौरान लंबी वार्ता हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने फिलहाल प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने एक अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि मंगलवार शाम 4 बजे कंपनी मालिक, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता होगी। यदि मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक कंपनी संचालन का विरोध जारी रहेगा। एहतियात के तौर पर मौके पर चांडिल पुलिस बल तैनात रहा।1
- सरायकेला/शुरू ऐप न्यूज़ चैनल के रवि गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, सरायकेला-राजनगर मुख्य सड़क मार्ग पर तितिरबिला पुलिया के पास आज सुबह लगभग 6:00 बजे एक 14 चक्का टेलर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह वाहन कोयला लेकर राजनगर की ओर जा रहा था और तितिरबिला पुलिया के पास अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हुआ। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई। हालांकि, दुर्घटना के तुरंत बाद सरायकेला-राजनगर मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण जाम लग गया। स्थानीय जानकारी और वाहन चालक के बयान के अनुसार, सरायकेला-राजनगर मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन चलते हैं। बताया गया है कि एक नया पुलिया क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका मरम्मत कार्य पूरा होने के बावजूद उसे बंद रखा गया है। पिछले छह महीनों से बड़े पुलिया से भारी वाहनों का आवागमन बंद है, जिसके कारण सभी बड़े वाहन एक पुराने और क्षतिग्रस्त पुलिया से गुजरने को मजबूर हैं। प्रशासन द्वारा बोर्ड लगाकर बड़े वाहनों के लिए इस पुलिया पर प्रतिबंध निषेध बताया गया है, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। चालक ने बताया कि इसी बंद पुलिया की वजह से बड़े वाहनों को पुराने, जर्जर पुल से जाना पड़ रहा है। इस घटना के बाद सरायकेला पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाम को खुलवाया और मुख्य सड़क मार्ग को सुचारु रूप से चालू करवाया। परंतु, क्षतिग्रस्त और पुरानी पुलिया से बड़े वाहनों का लगातार आना-जाना किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। आए दिन इस मार्ग पर बड़ी गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें सामने आती रहती हैं, जिससे भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।3