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​सैंज कॉलेज में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह 'त्रिवेणी' की धूम, मेधावियों को मिले पुरस्कार, देखें वीडियो। रिपोर्ट 12 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज (कुल्लू): राजकीय महाविद्यालय सैंज में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह 'त्रिवेणी' का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. सुजाता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ​समारोह के दौरान कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा कुल 396 विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें से: ​136 विद्यार्थियों को शैक्षणिक (Academic) क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार दिए गए। ​260 विद्यार्थियों को गैर-शैक्षणिक (Non-Academic) गतिविधियों जैसे खेलकूद, एनसीसी, एनएसएस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन के लिए नवाजा गया। ​मुख्य अतिथि डॉ. सुजाता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें जीवन में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर कॉलेज स्टाफ, पीटीए सदस्य और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे

22 hrs ago
user_Budhi Singh Thakur
Budhi Singh Thakur
Local News Reporter Sainj, Kullu•
22 hrs ago

​सैंज कॉलेज में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह 'त्रिवेणी' की धूम, मेधावियों को मिले पुरस्कार, देखें वीडियो। रिपोर्ट 12 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज (कुल्लू): राजकीय महाविद्यालय सैंज में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह 'त्रिवेणी' का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. सुजाता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ​समारोह के दौरान कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा कुल 396 विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें से: ​136 विद्यार्थियों को शैक्षणिक (Academic) क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार दिए गए। ​260 विद्यार्थियों को गैर-शैक्षणिक (Non-Academic) गतिविधियों जैसे खेलकूद, एनसीसी, एनएसएस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन के लिए नवाजा गया। ​मुख्य अतिथि डॉ. सुजाता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें जीवन में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर कॉलेज स्टाफ, पीटीए सदस्य और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे

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  • राजधानी शिमला में सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर आज सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने महापौर से मुलाकात कर वेतन भुगतान और बायोमेट्रिक हाजिरी से जुड़े मामलों पर चर्चा की। सैहब सोसायटी के अध्यक्ष यश्वंत ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से वेतन, अवकाश और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। अध्यक्ष यश्वंत ने चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को बायोमेट्रिक हाजिरी से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उनकी कुछ लंबित मांगें पूरी होने के बाद ही कर्मचारी बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के लिए तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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    राजधानी शिमला में सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर आज सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने महापौर से मुलाकात कर वेतन भुगतान और बायोमेट्रिक हाजिरी से जुड़े मामलों पर चर्चा की।
सैहब सोसायटी के अध्यक्ष यश्वंत ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से वेतन, अवकाश और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
अध्यक्ष यश्वंत ने चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को बायोमेट्रिक हाजिरी से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उनकी कुछ लंबित मांगें पूरी होने के बाद ही कर्मचारी बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के लिए तैयार होंगे।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
    user_MINAKSHII BHARDWAJ
    MINAKSHII BHARDWAJ
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Dev Raj Thakur
    1
    Post by Dev Raj  Thakur
    user_Dev Raj  Thakur
    Dev Raj Thakur
    Farmer निरमंड, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    19 hrs ago
  • मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ने सेरा विश्राम गृह में लोगों की जन समस्याओं को सुनी और अधिकतर समस्याओं का मुख्यमंत्री ने मौके पर निपटारा किया । वही जो समस्याएं समय पर हल नहीं हो पाई उन् समस्याओं को जल्द हल करने के दिशा निर्देश दिए हैं। इस मौके पर सुजानपुर के विधायक कैप्टन रंजीत सिंह, जिला अध्यक्ष सुमन भारती, कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, डॉ पुष्पेंद्र वर्मा सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। वही इस मौके पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर की कोई जमाखोरी नहीं हो रही है। उन्होंने लोगों से झूठी अफवाहों से बचने का आह्वान किया । मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल में गैस की कमी न होने के लिए आश्वस्त किया है। बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के पंचायत चुनावों को लेकर की बयानबाजी पर जमकर निशाना साधा है उन्होंने जयराम ठाकुर पर तंज करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा के पांच गुट बने हुए हैं। जिसमें जयराम ठाकुर अपने गुट की मजबूती के लिए आए दिन बयान बाजी करते हैं और अखबारों में सुर्खियां बनने का कार्य करते हैं । बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के वित्त मंत्री हरजीत सिंह चीमा के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री को हिमाचल के बारे में सही जानकारी नहीं है उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री को हिमाचल के बारे में सही जानकारी हासिल करें । वहीं उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एनवायरमेंट और एंट्री टैक्स नीलामी के माध्यम से निर्धारित किया जाता है और उसे पर पंजाब सरकार द्वारा प्रश्नचिन्ह लगाना गलत बात है बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री) वही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी पर्यटकों का हिमाचल में स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की आय के मुख्य स्रोत पर्यटन और हाइड्रो है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए हिमाचल सरकार हर संभव प्रयास करेगी।
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    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ने सेरा विश्राम गृह में लोगों की जन समस्याओं को सुनी और अधिकतर समस्याओं का मुख्यमंत्री ने मौके पर निपटारा किया । वही जो समस्याएं समय पर हल नहीं हो पाई उन् समस्याओं को जल्द हल करने के दिशा निर्देश दिए हैं। इस मौके पर सुजानपुर के विधायक कैप्टन रंजीत सिंह, जिला अध्यक्ष सुमन भारती, कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, डॉ पुष्पेंद्र वर्मा सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वही इस मौके पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर की कोई जमाखोरी नहीं हो रही है। उन्होंने लोगों से झूठी अफवाहों से बचने का आह्वान किया । मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल में गैस की कमी न होने के लिए आश्वस्त किया है।
बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री)
वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के पंचायत चुनावों को लेकर की बयानबाजी पर जमकर निशाना साधा है उन्होंने जयराम ठाकुर पर तंज करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा के पांच गुट बने हुए हैं। जिसमें जयराम ठाकुर अपने गुट की मजबूती के लिए आए दिन बयान बाजी करते हैं और अखबारों में सुर्खियां बनने का कार्य करते हैं ।
बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री)
वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के वित्त मंत्री हरजीत सिंह चीमा के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री को हिमाचल के बारे में सही जानकारी नहीं है उन्होंने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री को हिमाचल के बारे में सही जानकारी हासिल करें । वहीं उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एनवायरमेंट और एंट्री टैक्स नीलामी के माध्यम से निर्धारित किया जाता है और उसे पर पंजाब सरकार द्वारा प्रश्नचिन्ह लगाना गलत बात है
बाइट-- ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू ( मुख्यमंत्री)
वही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी पर्यटकों का हिमाचल में स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की आय के मुख्य स्रोत पर्यटन और हाइड्रो है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए हिमाचल सरकार हर संभव प्रयास करेगी।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    36 min ago
  • शिमला में तिब्बती विमेंस एसोसिएशन ने 67वें तिब्बती महिला राष्ट्रीय विद्रोह दिवस पर चीन की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन 67वें तिब्बती नेशनल विमेंस अपराइजिंग डे ( Tibetan Women's Uprising Day) के मौके पर, तिब्बती विमेंस एसोसिएशन ने गुरुवार को शिमला में तिब्बती समुदाय ने चीन की दमनकारी नीतियों के विरोध में आक्रोश रैली निकाली। यह रैली शेर-ए-पंजाब चौक से उपायुक्त कार्यालय तक निकाली गई. रैली के बाद आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत तिब्बत और भारत के राष्ट्रगान के साथ की गई। इस दौरान तिब्बत की आजादी के लिए आत्मदाह करने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गई। तिब्बतियन वुमेन एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने चीन सरकार की नीतियों की निंदा करते हुए तिब्बत की आजादी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि तिब्बत की स्वतंत्रता न केवल तिब्बती लोगों के लिए बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र और विश्व समुदाय से तिब्बत आंदोलन को समर्थन देने की अपील की गई। गौरतलब है कि यह पहला प्रोटेस्ट 10 मार्च को हुआ था, जब वे नोरबुलिंगका के बाहर इकट्ठा हुईं और 12 तारीख को तिब्बती महिलाएं सड़कों पर उतरीं और कई तिब्बती महिलाओं ने तिब्बत के लिए अपनी जान दे दी। इसलिए यह एक बहुत ही अहम और ऐतिहासिक पल है।उसी घटना की स्मृति में हर वर्ष 12 मार्च को तिब्बती समुदाय विश्वभर में जनक्रांति दिवस मनाता है। यह उस दिन को याद करने का इवेंट है जब तिब्बत के तीनों प्रोविंस की तिब्बती महिलाएं, तिब्बत के इतिहास में पहली बार, एक साथ खड़ी हुईं और 1959 में तिब्बत पर कब्ज़ा कर रही क्रूर चीनी मिलिट्री फोर्स के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई।
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    शिमला में तिब्बती विमेंस एसोसिएशन ने 67वें तिब्बती महिला राष्ट्रीय विद्रोह दिवस पर चीन की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन
67वें तिब्बती नेशनल विमेंस अपराइजिंग डे ( Tibetan Women's Uprising Day)
के मौके पर, तिब्बती विमेंस एसोसिएशन ने गुरुवार को शिमला में तिब्बती समुदाय ने चीन की दमनकारी नीतियों के विरोध में आक्रोश रैली निकाली। यह रैली शेर-ए-पंजाब चौक से उपायुक्त कार्यालय तक निकाली गई.
रैली के बाद आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत तिब्बत और भारत के राष्ट्रगान के साथ की गई। इस दौरान तिब्बत की आजादी के लिए आत्मदाह करने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गई।
तिब्बतियन वुमेन एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने चीन सरकार की नीतियों की निंदा करते हुए तिब्बत की आजादी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि तिब्बत की स्वतंत्रता न केवल तिब्बती लोगों के लिए बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र और विश्व समुदाय से तिब्बत आंदोलन को समर्थन देने की अपील की गई।
गौरतलब है कि यह पहला प्रोटेस्ट 10 मार्च को हुआ था, जब वे नोरबुलिंगका के बाहर इकट्ठा हुईं और 12 तारीख को तिब्बती महिलाएं सड़कों पर उतरीं और कई तिब्बती महिलाओं ने तिब्बत के लिए अपनी जान दे दी। इसलिए यह एक बहुत ही अहम और ऐतिहासिक पल है।उसी घटना की स्मृति में हर वर्ष 12 मार्च को तिब्बती समुदाय विश्वभर में जनक्रांति दिवस मनाता है।
यह उस दिन को याद करने का इवेंट है जब तिब्बत के तीनों प्रोविंस की तिब्बती महिलाएं, तिब्बत के इतिहास में पहली बार, एक साथ खड़ी हुईं और 1959 में तिब्बत पर कब्ज़ा कर रही क्रूर चीनी मिलिट्री फोर्स के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    5 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
    1
    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Kurtis Business
    1
    Kurtis Business
    user_Reporter Ravinder
    Reporter Ravinder
    Business management consultant Deha, Shimla•
    14 hrs ago
  • राजधानी शिमला में बाहरी राज्यों से आने वाली वोल्वो बसों की कथित मनमानी पार्किंग के खिलाफ एचआरटीसी ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन के बैनर तले ड्राइवरों और कंडक्टरों ने वीरवार को ओल्ड बस स्टैंड शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया और इसके विरोध में बस स्टैंड में चक्का जाम भी किया। यूनियन का आरोप है कि बाहरी राज्यों से आने वाली वोल्वो बसें शहर में सड़क किनारे और एचआरटीसी की निर्धारित पार्किंग जगहों पर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे निगम की बसों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने बताया कि इस समस्या को लेकर करीब एक सप्ताह पहले एचआरटीसी प्रबंधन, डीसी शिमला और एसपी को अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिमला में क्रॉसिंग से लेकर लालपानी तक सुबह 4 बजे से देर रात तक बाहरी राज्यों की वोल्वो बसें एचआरटीसी की पार्किंग जगहों पर खड़ी कर दी जाती हैं। कहा कि यह बसें जगह-जगह सवारिया उठाती है उन्होंने कहा कि लंबी दूरी से आने वाली एचआरटीसी बसों को जगह तक नहीं मिलती, जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। मानसिंह ठाकुर ने कहा कि इस मुद्दे को कई बार प्रशासन और निगम प्रबंधन के सामने उठाया गया है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद एचआरटीसी के लिए पार्किंग की जगह निर्धारित की गई थी, लेकिन उसके बावजूद उन स्थानों पर बाहरी राज्यों की वोल्वो बसें खड़ी रहती हैं। यहां पर प्राइवेट या टैक्सी खड़ी हो तो बात माने लेकिन इन वोल्वो बसों को यहां पार्क करना और उसे पर कार्यवाही न करना कई सवाल खड़े करता है। इसी के विरोध में यूनियन को आज धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करना पड़ा। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में फिर से बड़ा आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा। बाइट मानसिंह ठाकुर, अध्यक्ष, एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन।
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    राजधानी शिमला में बाहरी राज्यों से आने वाली वोल्वो बसों की कथित मनमानी पार्किंग के खिलाफ एचआरटीसी ड्राइवर-कंडक्टर यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन के बैनर तले ड्राइवरों और कंडक्टरों ने वीरवार को ओल्ड बस स्टैंड शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया और इसके विरोध में बस स्टैंड में चक्का जाम भी किया।
यूनियन का आरोप है कि बाहरी राज्यों से आने वाली वोल्वो बसें शहर में सड़क किनारे और एचआरटीसी की निर्धारित पार्किंग जगहों पर खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे निगम की बसों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने बताया कि इस समस्या को लेकर करीब एक सप्ताह पहले एचआरटीसी प्रबंधन, डीसी शिमला और एसपी को अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिमला में क्रॉसिंग से लेकर लालपानी तक सुबह 4 बजे से देर रात तक बाहरी राज्यों की वोल्वो बसें एचआरटीसी की पार्किंग जगहों पर खड़ी कर दी जाती हैं। कहा कि यह बसें जगह-जगह सवारिया उठाती है 
उन्होंने कहा कि लंबी दूरी से आने वाली एचआरटीसी बसों को जगह तक नहीं मिलती, जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। मानसिंह ठाकुर ने कहा कि इस मुद्दे को कई बार प्रशासन और निगम प्रबंधन के सामने उठाया गया है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद एचआरटीसी के लिए पार्किंग की जगह निर्धारित की गई थी, लेकिन उसके बावजूद उन स्थानों पर बाहरी राज्यों की वोल्वो बसें खड़ी रहती हैं। यहां पर प्राइवेट या टैक्सी खड़ी हो तो बात माने लेकिन इन वोल्वो बसों को यहां पार्क करना और उसे पर कार्यवाही न करना कई सवाल खड़े करता है। इसी के विरोध में यूनियन को आज धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करना पड़ा। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में फिर से बड़ा आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा।
बाइट
मानसिंह ठाकुर, अध्यक्ष, एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन।
    user_MINAKSHII BHARDWAJ
    MINAKSHII BHARDWAJ
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    19 hrs ago
  • राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत नेगी पर भाजपा का हमला, भाजपा नेता सूरत नेगी बोले मानसिक संतुलन खो चुके हैं मंत्री। एंकर,,,हिमाचल प्रदेश में जनजातीय मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने राज्यपाल को लेकर टिप्पणी की थी। भाजपा नेता सूरत नेगी ने इसे संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताया है। और जगत नेगी पर हमला बोलते हुए जगत नेगी का मानसिक संतुलन खोने की बात कही है। वीओ किन्नौर से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी सूरत नेगी ने शिमला में पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी मानसिक संतुलन खो चुके हैं और ट्राइबल मंत्री के रूप में पूरी तरह असफल साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बेतुकी बयानबाजी से मंत्री ने जनजातीय समाज के हितों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि नौतोड़ जैसे संवेदनशील मुद्दे का समाधान करने में मंत्री विफल रहे हैं और अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को निशाना बना रहे हैं। सूरत नेगी ने कहा कि नौतोड़ का मुद्दा नया नहीं है, बल्कि पिछले 20–25 वर्षों से चर्चा में है। वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार ने जनता को गुमराह किया। उस समय फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट, 1980 को आंशिक रूप से निलंबित करने की बात कही गई, लेकिन 2006 में लगाई गई “लैंडलेस” की शर्त को नहीं हटाया गया। उन्होंने कहा कि 2017 में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार ने इस पूरे मामले का अध्ययन किया और उस शर्त को हटाने का रास्ता निकाला, ताकि जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को नौतोड़ का लाभ मिल सके। हालांकि उस समय मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण तत्काल फैसला संभव नहीं हो पाया। सूरत नेगी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के समय ट्राइबल सब प्लान के तहत लगभग 400 करोड़ रुपये का बजट तीनों जनजातीय विधानसभा क्षेत्रों के लिए रखा गया था, जिसे वर्तमान कांग्रेस सरकार ने घटाकर करीब 150 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक लाभ के लिए मंत्री राज्यपाल पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। बाइट सूरत नेगी, भाजपा नेता व पूर्व प्रत्याशी, किन्नौर।
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    राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत नेगी पर भाजपा का हमला, भाजपा नेता सूरत नेगी बोले मानसिक संतुलन खो चुके हैं मंत्री।
एंकर,,,हिमाचल प्रदेश में जनजातीय मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने राज्यपाल को लेकर टिप्पणी की थी। भाजपा नेता सूरत नेगी ने इसे संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताया है। और जगत नेगी पर हमला बोलते हुए जगत नेगी का मानसिक संतुलन खोने की बात कही है।
वीओ
किन्नौर से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी सूरत नेगी ने शिमला में पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी मानसिक संतुलन खो चुके हैं और ट्राइबल मंत्री के रूप में पूरी तरह असफल साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बेतुकी बयानबाजी से मंत्री ने जनजातीय समाज के हितों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि नौतोड़ जैसे संवेदनशील मुद्दे का समाधान करने में मंत्री विफल रहे हैं और अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को निशाना बना रहे हैं। सूरत नेगी ने कहा कि नौतोड़ का मुद्दा नया नहीं है, बल्कि पिछले 20–25 वर्षों से चर्चा में है। वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार ने जनता को गुमराह किया। उस समय फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट, 1980 को आंशिक रूप से निलंबित करने की बात कही गई, लेकिन 2006 में लगाई गई “लैंडलेस” की शर्त को नहीं हटाया गया। उन्होंने कहा कि 2017 में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार ने इस पूरे मामले का अध्ययन किया और उस शर्त को हटाने का रास्ता निकाला, ताकि जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को नौतोड़ का लाभ मिल सके। हालांकि उस समय मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण तत्काल फैसला संभव नहीं हो पाया। सूरत नेगी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के समय ट्राइबल सब प्लान के तहत लगभग 400 करोड़ रुपये का बजट तीनों जनजातीय विधानसभा क्षेत्रों के लिए रखा गया था, जिसे वर्तमान कांग्रेस सरकार ने घटाकर करीब 150 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक लाभ के लिए मंत्री राज्यपाल पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
बाइट
सूरत नेगी, भाजपा नेता व पूर्व प्रत्याशी, किन्नौर।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    6 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
    1
    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
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