राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏
राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏
- स्कूल में शराबी का हाई-वोल्टेज ड्रामा, क्लासरूम में घुसा नशे में धुत युवक, बच्चों के सामने शिक्षक से मारपीट शहडोल | बुढ़ार थाना क्षेत्र की केशवाही चौकी अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमकी टोला में शराब के नशे में एक युवक के घुसने से हड़कंप मच गया। आरोप है कि युवक क्लासरूम में बच्चों के बीच पहुंचा और फर्श पर लेटकर गाना गाने लगा। इसके बाद उसने हंगामा करते हुए जमीन पर सिर पटकना शुरू कर दिया। शिक्षक ने जब युवक को रोकने की कोशिश की तो आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौच और मारपीट शुरू कर दी। शिक्षक को गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इस दौरान क्लासरूम में मौजूद बच्चे डर के मारे सहमे रहे।2
- राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏 राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏1
- तिरंगे के रंग में रंगा पाली, सरस्वती स्कूल से साईं मंदिर तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा तिरंगे के रंग में रंगा पाली, सरस्वती स्कूल से साईं मंदिर तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा उमरिया तपस गुप्ता देशभक्ति के जज्बे और राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली नगर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। पाली नगर मंडल अध्यक्ष राधा विजय तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, भाजपा मंडल पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों ने पूरे मार्ग को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। तिरंगा यात्रा की शुरुआत सरस्वती विद्यालय से हुई। यहां से यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए साईं मंदिर तक पहुंची। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंजता रहा। बड़ी संख्या में छात्राएं भी यात्रा में शामिल हुईं और पूरे उत्साह के साथ तिरंगा लेकर कदम से कदम मिलाकर चलती नजर आईं। आयोजकों ने बताया कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रप्रेम, एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। यात्रा में शामिल लोगों ने तिरंगे को सम्मान के साथ थामे रखा और देश की एकता एवं अखंडता का संदेश दिया। सरस्वती विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी विद्यार्थियों के साथ यात्रा में सहभागिता की। भाजपा मंडल पाली के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन को और व्यापक रूप दिया। यात्रा के दौरान सड़क के दोनों ओर लोगों की नजरें भी तिरंगा यात्रा पर टिकी रहीं। विद्यार्थियों की अनुशासित कतार, हाथों में लहराते राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति के नारों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। कई स्थानों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत भी किया। पाली नगर में निकली इस तिरंगा यात्रा ने न केवल लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया, बल्कि युवा पीढ़ी को देश की एकता और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का संदेश भी दिया। आयोजन के समापन पर सभी ने देश की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया। तिरंगा यात्रा में प्रभारी सुदामा विश्वकर्मा, मंडल अध्यक्ष राधा तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला प्रधान, उपाध्यक्ष राजेश पटेल, महामंत्री विमल अग्रवाल, एल्डरमैन चिंटू सोनी एवं कामता विश्वकर्मा, बहादुर सिंह, प्रकाश पालीवाल, राजकुमार खरे, पार्षद भरत प्रजापति, समय लाल साहू, प्रेमलता बर्मन, लक्ष्मी विश्वकर्मा, सितारा विश्वकर्मा, बबली यादव, सुरेश विश्वकर्मा, हिमांशु तिवारी, नीरज रॉय, किशन कोरी, देवी सिंह और क्षेत्रपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं नगरवासी मौजूद रहे।4
- उमरिया जिले के NH 43 सड़क मार्ग पर तेजगति से आ रहे वाहन की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हो गई, उमरिया जिले के सड़क मार्ग पर तेजगति से आ रहे वाहन की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हो गई, एवं यह घटना सिविल लाइन पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोढ़ा सड़क मार्ग पर हुई है,जहाँ-घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुँचे इस दौरान लोगो का कहना है कि,तेज रफ्तार वाहनों के कारण आये दिन एक्सीडेंट की घटनायें हो रहीं हैं, अभी कुछ दिन पूर्व में भी एक्सीडेंट होने से मवेशियों की मौत हो गई थी एवं जंगली जानवरों सहित कई नागरिकों की भी मौत हो चुकी है और आज लोढ़ा ग्राम में यह बड़ी घटना सामने आई हैं, वाहनों की रफ्तार पर बिल्कुल भी अंकुश नही लगाया जा रहा,जिसके चलते जिले के विभिन्न स्थानों में लगातार एक्सीडेंट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं,वाहनों की रफ्तार इतनी तेज रहती है कि, रोड क्रॉसिंग के दौरान, किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाता,तेज रफ्तार के चलते स्कूली छात्र छात्राओं के परिजनों को भी उनके एक्सीडेंट होने का भय हमेशा बना रहता है,इन दिनों एक्सीडेंट होने से जहाँ संबंधित विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर होती नजर आ रही है, वहीँ-पशु पलकों की भी लापरवाही सामने आई है,लोग अपने पशुओं को सड़क मार्ग पर छोड़ देते हैं, जिससे एक्सीडेंट की घटनाओं में इजाफा हो रहा है एवं यह घटना लोढ़ा स्कूल के नजदीक हुई है, जहाँ-आनेजाने के दौरान सैकड़ों छात्र सड़क मार्ग पर चलते हैं, लेकिन-इस घटना को देखते हुये छात्र छात्राओं के परिजनों में भय का माहौल बना हुआ है, एवं बच्चो की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से गुहार लगायी हैं। वहीँ-चंदिया सलैया ग्राम सड़क मार्ग पर भी एक्सीडेंट की बड़ी घटना हुई,जिसमें तेज रफ्तार ट्रैक्टर की ठोकर लगने से चंदिया स्कूल की दो छात्राएं सड़क हादसे का शिकार हो गई,जिन्हें गंभीर हालत में हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया,1
- स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने कलेक्टर ने दिए निर्देश अनूपपुर - कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने उत्कृष्ट विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा कलेक्टर रत्नाकर झा एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराद ने आज उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान का निरीक्षण कर 15 अगस्त को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं आपसी समन्वय से समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री झा ने साफ-सफाई, रंग-रोगन, मंच एवं ध्वजारोहण स्थल, परेड मैदान, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, ध्वनि विस्तारक यंत्र, वाहन पार्किंग तथा प्रवेश-निकास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जिले का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों की नियमित समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराएं, ताकि 15 अगस्त को जिला स्तरीय समारोह गरिमापूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न हो सके। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने समारोह स्थल की सुरक्षा, यातायात, प्रवेश-निकास एवं वाहन पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने समारोह के दौरान सुचारू आवागमन एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात कलेक्टर श्री झा ने 15 अगस्त को आयोजित होने वाले विशेष मध्याह्न भोजन कार्यक्रम हेतु चयनित जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह बालक आश्रम (अंग्रेजी माध्यम), परसवार, अनूपपुर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को कार्यक्रम की आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने तथा भोजन, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलवीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री प्राशी अग्रवाल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री सरिता नायक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- तिरंगे के सम्मान में उमरिया में निकली बाइक-साइकिल रैली, बनी विशाल मानव श्रृंखला तिरंगे के सम्मान में उमरिया में निकली बाइक-साइकिल रैली, बनी विशाल मानव श्रृंखला कलेक्टर राखी सहाय ने हरी झंडी दिखाकर रैली को किया रवाना, राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन उमरिया, 11 अगस्त। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत जिले में 17 अगस्त तक विभिन्न देशभक्ति गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में बाइक एवं साइकिल रैली निकाली गई। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली कलेक्ट्रेट से प्रारंभ होकर स्टेशन चौराहा, कलेक्टर बंगला, नया बस स्टैंड, रमपुरी रोड, रणविजय चौक, गांधी चौक, जय स्तंभ चौक, पुराना बस स्टैंड और रानी दुर्गावती चौक होते हुए रेलवे स्टेशन परिसर पहुंची। रैली के दौरान प्रमुख मार्गों पर देशभक्ति गीतों और नारों से वातावरण राष्ट्रप्रेम से सराबोर रहा। रेलवे स्टेशन परिसर में रैली के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने विशाल मानव श्रृंखला बनाकर देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। कलेक्टर राखी सहाय ने उपस्थित जनों को देश और तिरंगे के सम्मान की शपथ दिलाई। कलेक्टर ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने के साथ देश के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया। इससे पूर्व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह के नेतृत्व में मोटरसाइकिल रैली जिला पंचायत से कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज, प्रत्युष श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।4
- छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग को लेकर एनएसयूआई उमरिया ने महामहिम राज्यपाल महोदय जी के नाम सौंपा ज्ञापन *छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग को लेकर एनएसयूआई उमरिया ने महामहिम राज्यपाल महोदय जी के नाम सौंपा ज्ञापन* *प्रदेश अध्यक्ष माननीय आशुतोष चौकसे जी के निर्देशानुसार जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर के नेतृत्व में NSUI ने उठाई छात्रहित की आवाज* उमरिया- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश अध्यक्ष माननीय आशुतोष चौकसे जी के निर्देशानुसार, एनएसयूआई जिला उमरिया द्वारा जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली (Direct/Presidential Election System) से कराए जाने की मांग को लेकर शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय, उमरिया के प्राचार्य महोदय को महामहिम राज्यपाल महोदय जी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि मध्यप्रदेश के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के कारण विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकार एवं छात्र नेतृत्व की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा मध्य प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव कराए जाने के संबंध में आदेश दिए जा चुके हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार को छात्रहित एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए आगामी छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली (Direct/Presidential Election System) से कराना चाहिए।प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव होने पर महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने प्रतिनिधियों का सीधे मतदान के माध्यम से चयन कर सकेंगे। इससे छात्र हितों की आवाज को मजबूत प्रतिनिधित्व मिलेगा तथा विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। एनएसयूआई ने मांग की कि मध्य प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव शीघ्र आयोजित कराए जाएं, चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं, चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक बनाया जाए तथा विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को तत्काल बहाल किया जाए। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का सीधा अधिकार मिलेगा और छात्रहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने वाला नेतृत्व सामने आएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली तक एनएसयूआई का संघर्ष जारी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कांत तिवारी, ओम असाटी कॉलेज अध्यक्ष आदर्श महाविद्यालय ,अम्बर शुक्ला, अनुराग चतुर्वेदी, सचिव रचना यादव, गितेंद्र बैगा, सोमचंद महार, अर्पिता तिवारी, अर्चना, मीनाक्षी, कशिश भट्ट, हेमलता, दीपाक्षी, अनुराधा, मुकेश यादव, अमित बर्मन, अजय विश्वकर्मा, हर्ष तिवारी, राजा, काजल, सरिता, सोनम अरुणा, सोनाली, मोहनी, संध्या, नेहा, अरुणा, सपना बंसल एवं आदि भारी संख्या में पदाधिकारी एवं छात्र छात्रा उपस्थित रहे।1
- राष्ट्रीय विधिक मंच पर शहडोल की आवाज, ग्राम सिंहपुर के PLV प्रकाश राव ने प्रस्तुत किए बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच के जमीनी प्रयास इंदौर/शहडोल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 8 एवं 9 अगस्त 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन “Enhancing Access to Justice” में शहडोल जिले के ग्राम सिंहपुर निवासी पैरा लीगल वालंटियर (PLV) प्रकाश राव ने सहभागिता की। सम्मेलन में न्यायपालिका के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, विधिक सेवा संस्थानों के अधिकारियों तथा देशभर से आए पैरा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम “एकजुट आवाजें, सशक्त भविष्य—संवाद, गरिमा और समावेशन के माध्यम से न्याय तक पहुंच” रखी गई थी। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर कमजोर एवं वंचित वर्गों तक समयबद्ध, सुलभ और सम्मानजनक न्याय तथा कानूनी सहायता की पहुंच को और मजबूत करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं NALSA के संरक्षक-प्रमुख न्यायमूर्ति सूर्यकांत तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान NALSA की विभिन्न योजनाओं, हिंदी संस्करण, ब्रेल गाइड, भारतीय सांकेतिक भाषा में थीम सॉन्ग तथा मध्यस्थता एवं बाल न्याय से संबंधित पहलों का शुभारंभ एवं विमोचन किया गया। बाल संरक्षण पर राष्ट्रीय मंच से जमीनी अनुभव साझा सम्मेलन के तकनीकी सत्र-III “हर बच्चा मायने रखता है: बाल-हितैषी न्याय, संरक्षण और पुनर्वास को मजबूत बनाना” में ग्राम सिंहपुर, जिला शहडोल के पैरा लीगल वालंटियर प्रकाश राव को जमीनी स्तर पर किए जा रहे बाल संरक्षण, कानूनी जागरूकता एवं न्याय तक पहुंच के प्रयासों पर प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रकाश राव ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों और उनके परिवारों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना, जरूरतमंद बच्चों को उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी देना तथा बाल संरक्षण से संबंधित संस्थाओं और समुदाय के बीच समन्वय स्थापित करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार, समय पर कानूनी सहायता, संरक्षण, पुनर्वास और बच्चे की गरिमा की रक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मध्यस्थता, आदिवासी अधिकार और जेल सुधार पर भी हुआ मंथन सम्मेलन में न्यायालयों से परे मध्यस्थता, सामुदायिक समाधान और समावेशी भागीदारी, आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकार, गैर-अधिसूचित एवं खानाबदोश जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच, बाल-हितैषी कानूनी सेवाएं तथा कैदियों और उनके परिवारों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-IV में “कारावास से परे: कैदियों और उनके परिवारों के लिए पुनर्वास, पुनर्एकीकरण और न्याय तक पहुंच” विषय पर भी चर्चा हुई। इसमें जेलों में कानूनी सहायता, जेल लोक अदालत, परिवार पुनर्मिलन, रिहाई के बाद पुनर्वास, शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पुनर्समावेशन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। न्याय को आम नागरिक तक पहुंचाने पर जोर सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्याय की प्रक्रिया में संवेदनशील संवाद और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की तलाश में आने वाले व्यक्ति की समस्या को समझना और उससे सही तरीके से संवाद करना न्याय तक पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी न्याय को प्रत्येक नागरिक तक सरल, सुगम और सम्मानजनक तरीके से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। शहडोल के लिए गौरव का अवसर राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण विधिक सम्मेलन में शहडोल जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सिंहपुर से चयनित PLV प्रकाश राव की सहभागिता को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से बाल संरक्षण और न्याय तक पहुंच जैसे विषय पर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर जमीनी अनुभव साझा करना ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को रेखांकित करता है। NALSA का उद्देश्य कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा लोक अदालतों एवं अन्य माध्यमों से न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। 🙏1