उमरिया जिले के NH 43 सड़क मार्ग पर तेजगति से आ रहे वाहन की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हो गई, उमरिया जिले के सड़क मार्ग पर तेजगति से आ रहे वाहन की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हो गई, एवं यह घटना सिविल लाइन पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोढ़ा सड़क मार्ग पर हुई है,जहाँ-घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुँचे इस दौरान लोगो का कहना है कि,तेज रफ्तार वाहनों के कारण आये दिन एक्सीडेंट की घटनायें हो रहीं हैं, अभी कुछ दिन पूर्व में भी एक्सीडेंट होने से मवेशियों की मौत हो गई थी एवं जंगली जानवरों सहित कई नागरिकों की भी मौत हो चुकी है और आज लोढ़ा ग्राम में यह बड़ी घटना सामने आई हैं, वाहनों की रफ्तार पर बिल्कुल भी अंकुश नही लगाया जा रहा,जिसके चलते जिले के विभिन्न स्थानों में लगातार एक्सीडेंट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं,वाहनों की रफ्तार इतनी तेज रहती है कि, रोड क्रॉसिंग के दौरान, किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाता,तेज रफ्तार के चलते स्कूली छात्र छात्राओं के परिजनों को भी उनके एक्सीडेंट होने का भय हमेशा बना रहता है,इन दिनों एक्सीडेंट होने से जहाँ संबंधित विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर होती नजर आ रही है, वहीँ-पशु पलकों की भी लापरवाही सामने आई है,लोग अपने पशुओं को सड़क मार्ग पर छोड़ देते हैं, जिससे एक्सीडेंट की घटनाओं में इजाफा हो रहा है एवं यह घटना लोढ़ा स्कूल के नजदीक हुई है, जहाँ-आनेजाने के दौरान सैकड़ों छात्र सड़क मार्ग पर चलते हैं, लेकिन-इस घटना को देखते हुये छात्र छात्राओं के परिजनों में भय का माहौल बना हुआ है, एवं बच्चो की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से गुहार लगायी हैं। वहीँ-चंदिया सलैया ग्राम सड़क मार्ग पर भी एक्सीडेंट की बड़ी घटना हुई,जिसमें तेज रफ्तार ट्रैक्टर की ठोकर लगने से चंदिया स्कूल की दो छात्राएं सड़क हादसे का शिकार हो गई,जिन्हें गंभीर हालत में हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया,
उमरिया जिले के NH 43 सड़क मार्ग पर तेजगति से आ रहे वाहन की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हो गई, उमरिया जिले के सड़क मार्ग पर तेजगति से आ रहे वाहन की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हो गई, एवं यह घटना सिविल लाइन पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोढ़ा सड़क मार्ग पर हुई है,जहाँ-घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुँचे इस दौरान लोगो का कहना है कि,तेज रफ्तार वाहनों के कारण आये दिन एक्सीडेंट की घटनायें हो रहीं हैं, अभी कुछ दिन पूर्व में भी एक्सीडेंट होने से मवेशियों की मौत हो गई थी एवं जंगली जानवरों सहित कई नागरिकों की भी मौत हो चुकी है और आज लोढ़ा ग्राम में यह बड़ी घटना सामने आई हैं, वाहनों की रफ्तार पर बिल्कुल भी अंकुश नही लगाया जा रहा,जिसके चलते जिले के विभिन्न स्थानों में लगातार एक्सीडेंट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं,वाहनों की रफ्तार इतनी तेज रहती है कि, रोड क्रॉसिंग के दौरान, किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाता,तेज रफ्तार के चलते स्कूली छात्र छात्राओं के परिजनों को भी उनके एक्सीडेंट होने का भय हमेशा बना रहता है,इन दिनों एक्सीडेंट होने से जहाँ संबंधित विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर होती नजर आ रही है, वहीँ-पशु पलकों की भी लापरवाही सामने आई है,लोग अपने पशुओं को सड़क मार्ग पर छोड़ देते हैं, जिससे एक्सीडेंट की घटनाओं में इजाफा हो रहा है एवं यह घटना लोढ़ा स्कूल के नजदीक हुई है, जहाँ-आनेजाने के दौरान सैकड़ों छात्र सड़क मार्ग पर चलते हैं, लेकिन-इस घटना को देखते हुये छात्र छात्राओं के परिजनों में भय का माहौल बना हुआ है, एवं बच्चो की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से गुहार लगायी हैं। वहीँ-चंदिया सलैया ग्राम सड़क मार्ग पर भी एक्सीडेंट की बड़ी घटना हुई,जिसमें तेज रफ्तार ट्रैक्टर की ठोकर लगने से चंदिया स्कूल की दो छात्राएं सड़क हादसे का शिकार हो गई,जिन्हें गंभीर हालत में हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया,
- दुकान की छत की सीट तोड़कर 17 मुर्गे, ₹4 हजार नकद, राजश्री गुटखा और चाकू चोरी दुकान की छत की सीट तोड़कर 17 मुर्गे, ₹4 हजार नकद, राजश्री गुटखा और चाकू चोरी उमरिया। जिले के दुब्बार थाना क्षेत्र में मुर्गी बेचने की दुकान की छत की सीट तोड़कर चोरों द्वारा 17 मुर्गे, करीब ₹4 हजार नकद, राजश्री गुटखा के पैकेट और दुकान में इस्तेमाल होने वाला चाकू चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित दुकानदार ने पुलिस में शिकायत देकर चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आवेदक ने बताया कि वह 31 जुलाई 2026 की रात दुकान बंद कर अपने घर ग्राम दुब्बार चला गया था। अगले दिन 1 अगस्त की सुबह जब वह दुकान पहुंचा तो दुकान की छत की सीट टूटी हुई मिली। दुकान के अंदर जाकर देखने पर वहां रखे 17 नग मुर्गे गायब मिले। इसके साथ ही दुकान में रखी करीब ₹4 हजार की नकदी भी गायब थी। पीड़ित के अनुसार दुकान में रखे राजश्री गुटखा के पैकेट भी चोरी हो गए। इसके अलावा दुकान पर मुर्गी काटने सहित अन्य काम में इस्तेमाल किया जाने वाला चाकू भी चोरी हो गया। आवेदक के अनुसार दुकान में सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ है, जिसकी फुटेज से घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना की रिपोर्ट पुलिस में कराने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच कर छत की सीट तोड़कर दुकान में घुसे आरोपियों का पता लगाने, चोरी गए 17 मुर्गों, ₹4 हजार नकद, राजश्री गुटखा के पैकेट और चाकू की बरामदगी तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले में पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।1
- कांवड़ यात्रा" सावन महीने में भोलेनाथ के उपासक कांवड़ लेकर नीलकंठेश्वर धाम पहुँचे। कटनी के बागेश्वर धाम पीठ से कांवड़ यात्रा प्रारंभ हुई नीलकंठेश्वर धाम जाने के लिए कांवड़ियों का एक बड़ा समूह सड़क मार्ग से 25 किलोमीटर पैदल कांवड़ लेकर शिव शंकर भोलेनाथ के नीलकंठेश्वर धाम जाने बड़े धुमधाम से नाचते गाते भजन करते जा रहे जिसमे छोटे शिव भक्त और महिलाएं भी शामिल है। नीलकंठेश्वर धाम जाने के।मार्ग में जगह जगह कावंड़ियों का फूल मालाओं से स्वागत किया गया ,नीलकंठेश्वर धाम के प्रमुख बाबू रंजन ग्रोवर स्वयं डीठवारा मोड़ पर कांवड़ियों के आगमन पर पुष्पहार पहनकर अभिवादन किया। विशाल कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात बाधित न हो कांवड़ियों के लिए कुठला पुलिस पूरे यात्रा में साथ चलती रही और कांवड़ियों ने पूरे तन्मयता से महादेव के भक्ति में डूबे हुए नजर आए। नीलकंठेश्वर धाम मंदिर में भक्तों द्वारा कीर्तन पाठ भजन का आयोजन किया गया है और भोलेनाथ बाबा के शिवलिंग पर बेलपत्री फूल मालाओं सहित जल अर्पित कर पूजन कार्य करते नजर आए।4
- कटनी नगर//- शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर विधायक को सौंपा ज्ञापन कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर विधायक को सौंपा ज्ञापन 15 दिन का अल्टीमेटम, मांग पूरी नहीं हुई तो विधायक निवास के सामने धरने की चेतावनी कटनी। कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर मंगलवार को मुड़वारा विधायक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से कटनी में जल्द मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने की मांग उठाई गई। साथ ही स्पष्ट किया गया कि मेडिकल कॉलेज पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर नहीं, बल्कि पूर्णतः शासकीय होना चाहिए। ज्ञापन देने पहुंचे लोगों ने कहा कि कटनी में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए जबलपुर सहित अन्य शहरों की ओर जाना पड़ता है। ऐसे में कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से जिले के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस दौरान मुड़वारा विधायक ने मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर समर्थन का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे इस आवाज को मुख्यमंत्री और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। हालांकि, मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि 15 दिनों के भीतर मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर आवाज शासन स्तर तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचाई गई, तो कटनी के लोग विधायक निवास के सामने धरना-प्रदर्शन एवं हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि कटनी को मेडिकल कॉलेज की सख्त आवश्यकता है और इस मांग को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कटनी के चारों विधायकों और दोनों सांसदों से भी इस मुद्दे पर जनता की आवाज को मजबूती से शासन तक पहुंचाने की अपेक्षा है। रिपोर्ट:- राकेश निषाद AIMA MEDIA-24×7 | जन जन की आवाज1
- 15 दिन का अल्टीमेटम, मांग पूरी नहीं हुई तो विधायक निवास के सामने धरने की चेतावनी कटनी। कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 की मांग को लेकर मंगलवार को मुड़वारा विधायक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से कटनी में जल्द मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने की मांग उठाई गई। साथ ही स्पष्ट किया गया कि मेडिकल कॉलेज पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर नहीं, बल्कि पूर्णतः शासकीय होना चाहिए। ज्ञापन देने पहुंचे लोगों ने कहा कि कटनी में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए जबलपुर सहित अन्य शहरों की ओर जाना पड़ता है। ऐसे में कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से जिले के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस दौरान मुड़वारा विधायक ने मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर समर्थन का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे इस आवाज को मुख्यमंत्री और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। हालांकि, मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि 15 दिनों के भीतर मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर आवाज शासन स्तर तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचाई गई, तो कटनी के लोग विधायक निवास के सामने धरना-प्रदर्शन एवं हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि कटनी को मेडिकल कॉलेज की सख्त आवश्यकता है और इस मांग को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कटनी के चारों विधायकों और दोनों सांसदों से भी इस मुद्दे पर जनता की आवाज को मजबूती से शासन तक पहुंचाने की अपेक्षा है।1
- कटनी नगर//- सावन के पावन महीने में 12 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। सावन में लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण सावन के पावन महीने में 12 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस खगोलीय घटना को लेकर लोगों में खासा उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिल रही है। सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य और चंद्रमा की अद्भुत स्थिति देखने को मिलेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय पूजा-पाठ, मंत्र जाप और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है। वहीं, वैज्ञानिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। ग्रहण को सीधे आंखों से देखने के बजाय विशेष सुरक्षा वाले चश्मे का उपयोग करना चाहिए। सावन में होने वाला यह सूर्य ग्रहण लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।1
- प्रदेश में अब तक 527 लोगों का रेस्क्यू, उमरिया में भी प्रशासन अलर्ट प्रदेश में अब तक 527 लोगों का रेस्क्यू, उमरिया में भी प्रशासन अलर्ट सीएम डॉ. मोहन यादव ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर नदी-नालों के किनारे रहने वालों से सावधानी बरतने की अपील की उमरिया, 11 अगस्त। प्रदेश में बारिश के बीच कई जिलों में बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को होमगार्ड कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है, लेकिन जिन क्षेत्रों में अधिक बारिश हुई है, वहां राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रेस्क्यू टीमों ने अब तक 527 लोगों की जान बचाई है। खंडवा में 7 कांवड़ियों का भी सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है। अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई बार खतरे की स्थिति बन जाती है। ऐसे में रेस्क्यू टीमें दिन-रात तत्परता से कार्य कर रही हैं। उमरिया में भी प्रशासन की नजर बारिश के मौसम को देखते हुए उमरिया जिले में भी नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच निचले इलाकों, नदी-नालों और जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। प्रशासन एवं संबंधित विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसी जिलों से भी रेस्क्यू एवं राहत कार्य के लिए सहायता ली जाए। प्रदेश स्तर पर बाढ़ की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सरकार का उद्देश्य हर परिस्थिति में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से अपील करते हुए कहा कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी, नाले अथवा तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने का प्रयास न करें और प्रशासन की सलाह का पालन करें।1
- प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सड़क के निर्माण पर शासन के करीब 7.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। डिंडोरी: करोड़ों की लागत वाली पीएमजीएसवाई सड़क बारिश में बही, विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल डिंडोरी: डिंडोरी जिले में भ्रष्टाचार और लचर निर्माण कार्य का एक ताजा मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई गई करोड़ों रुपये की सड़क पहली ही बारिश में ही बह गई। चाबी–मेंहदवानी मार्ग से कुशेरा तक जाने वाली इस सड़क का लगभग 5 मीटर हिस्सा बुरी तरह टूट गया है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खुल गई है। 7.10 करोड़ की लागत और घटिया निर्माण के आरोप प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सड़क के निर्माण पर शासन के करीब 7.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क का कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त हो जाना विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान तय मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। यही कारण है कि पहली ही बरसात में सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया और बह गया। आवागमन में भारी परेशानी, ग्रामीणों में आक्रोश सड़क टूटने के कारण इस मार्ग पर आवागमन करने वाले राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार तथा लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।1