प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सड़क के निर्माण पर शासन के करीब 7.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। डिंडोरी: करोड़ों की लागत वाली पीएमजीएसवाई सड़क बारिश में बही, विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल डिंडोरी: डिंडोरी जिले में भ्रष्टाचार और लचर निर्माण कार्य का एक ताजा मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई गई करोड़ों रुपये की सड़क पहली ही बारिश में ही बह गई। चाबी–मेंहदवानी मार्ग से कुशेरा तक जाने वाली इस सड़क का लगभग 5 मीटर हिस्सा बुरी तरह टूट गया है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खुल गई है। 7.10 करोड़ की लागत और घटिया निर्माण के आरोप प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सड़क के निर्माण पर शासन के करीब 7.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क का कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त हो जाना विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान तय मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। यही कारण है कि पहली ही बरसात में सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया और बह गया। आवागमन में भारी परेशानी, ग्रामीणों में आक्रोश सड़क टूटने के कारण इस मार्ग पर आवागमन करने वाले राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार तथा लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सड़क के निर्माण पर शासन के करीब 7.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। डिंडोरी: करोड़ों की लागत वाली पीएमजीएसवाई सड़क बारिश में बही, विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल डिंडोरी: डिंडोरी जिले में भ्रष्टाचार और लचर निर्माण कार्य का एक ताजा मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई गई करोड़ों रुपये की सड़क पहली ही बारिश में ही बह गई। चाबी–मेंहदवानी मार्ग से कुशेरा तक जाने वाली इस सड़क का लगभग 5 मीटर हिस्सा बुरी तरह टूट गया है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खुल गई है। 7.10 करोड़ की लागत और घटिया निर्माण के आरोप प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सड़क के निर्माण पर शासन के करीब 7.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क का कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त हो जाना विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान तय मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। यही कारण है कि पहली ही बरसात में सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया और बह गया। आवागमन में भारी परेशानी, ग्रामीणों में आक्रोश सड़क टूटने के कारण इस मार्ग पर आवागमन करने वाले राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार तथा लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
- तिरंगे के रंग में रंगा पाली, सरस्वती स्कूल से साईं मंदिर तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा तिरंगे के रंग में रंगा पाली, सरस्वती स्कूल से साईं मंदिर तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा उमरिया तपस गुप्ता देशभक्ति के जज्बे और राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली नगर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। पाली नगर मंडल अध्यक्ष राधा विजय तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, भाजपा मंडल पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों ने पूरे मार्ग को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। तिरंगा यात्रा की शुरुआत सरस्वती विद्यालय से हुई। यहां से यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए साईं मंदिर तक पहुंची। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंजता रहा। बड़ी संख्या में छात्राएं भी यात्रा में शामिल हुईं और पूरे उत्साह के साथ तिरंगा लेकर कदम से कदम मिलाकर चलती नजर आईं। आयोजकों ने बताया कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रप्रेम, एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। यात्रा में शामिल लोगों ने तिरंगे को सम्मान के साथ थामे रखा और देश की एकता एवं अखंडता का संदेश दिया। सरस्वती विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी विद्यार्थियों के साथ यात्रा में सहभागिता की। भाजपा मंडल पाली के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन को और व्यापक रूप दिया। यात्रा के दौरान सड़क के दोनों ओर लोगों की नजरें भी तिरंगा यात्रा पर टिकी रहीं। विद्यार्थियों की अनुशासित कतार, हाथों में लहराते राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति के नारों ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। कई स्थानों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत भी किया। पाली नगर में निकली इस तिरंगा यात्रा ने न केवल लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत किया, बल्कि युवा पीढ़ी को देश की एकता और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का संदेश भी दिया। आयोजन के समापन पर सभी ने देश की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया। तिरंगा यात्रा में प्रभारी सुदामा विश्वकर्मा, मंडल अध्यक्ष राधा तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला प्रधान, उपाध्यक्ष राजेश पटेल, महामंत्री विमल अग्रवाल, एल्डरमैन चिंटू सोनी एवं कामता विश्वकर्मा, बहादुर सिंह, प्रकाश पालीवाल, राजकुमार खरे, पार्षद भरत प्रजापति, समय लाल साहू, प्रेमलता बर्मन, लक्ष्मी विश्वकर्मा, सितारा विश्वकर्मा, बबली यादव, सुरेश विश्वकर्मा, हिमांशु तिवारी, नीरज रॉय, किशन कोरी, देवी सिंह और क्षेत्रपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं नगरवासी मौजूद रहे।4
- परफेक्ट पब्लिक स्कूल में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के रंग में रंगा विकटगंज परफेक्ट पब्लिक स्कूल में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति के रंग में रंगा विकटगंज उमरिया। विकटगंज स्थित परफेक्ट पब्लिक स्कूल में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक यात्रा में हिस्सा लिया। तिरंगा यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति के नारे लगाए और पूरे क्षेत्र को राष्ट्रभक्ति के माहौल से सराबोर कर दिया। बच्चों के हाथों में लहराते तिरंगे और उनके उत्साह ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों ने एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देश के प्रति अपने कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। परफेक्ट पब्लिक स्कूल की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1
- उमरिया जिले के NH 43 सड़क मार्ग पर तेजगति से आ रहे वाहन की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हो गई, उमरिया जिले के सड़क मार्ग पर तेजगति से आ रहे वाहन की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हो गई, एवं यह घटना सिविल लाइन पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोढ़ा सड़क मार्ग पर हुई है,जहाँ-घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुँचे इस दौरान लोगो का कहना है कि,तेज रफ्तार वाहनों के कारण आये दिन एक्सीडेंट की घटनायें हो रहीं हैं, अभी कुछ दिन पूर्व में भी एक्सीडेंट होने से मवेशियों की मौत हो गई थी एवं जंगली जानवरों सहित कई नागरिकों की भी मौत हो चुकी है और आज लोढ़ा ग्राम में यह बड़ी घटना सामने आई हैं, वाहनों की रफ्तार पर बिल्कुल भी अंकुश नही लगाया जा रहा,जिसके चलते जिले के विभिन्न स्थानों में लगातार एक्सीडेंट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं,वाहनों की रफ्तार इतनी तेज रहती है कि, रोड क्रॉसिंग के दौरान, किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाता,तेज रफ्तार के चलते स्कूली छात्र छात्राओं के परिजनों को भी उनके एक्सीडेंट होने का भय हमेशा बना रहता है,इन दिनों एक्सीडेंट होने से जहाँ संबंधित विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर होती नजर आ रही है, वहीँ-पशु पलकों की भी लापरवाही सामने आई है,लोग अपने पशुओं को सड़क मार्ग पर छोड़ देते हैं, जिससे एक्सीडेंट की घटनाओं में इजाफा हो रहा है एवं यह घटना लोढ़ा स्कूल के नजदीक हुई है, जहाँ-आनेजाने के दौरान सैकड़ों छात्र सड़क मार्ग पर चलते हैं, लेकिन-इस घटना को देखते हुये छात्र छात्राओं के परिजनों में भय का माहौल बना हुआ है, एवं बच्चो की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से गुहार लगायी हैं। वहीँ-चंदिया सलैया ग्राम सड़क मार्ग पर भी एक्सीडेंट की बड़ी घटना हुई,जिसमें तेज रफ्तार ट्रैक्टर की ठोकर लगने से चंदिया स्कूल की दो छात्राएं सड़क हादसे का शिकार हो गई,जिन्हें गंभीर हालत में हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया,1
- 🚨 बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित, गेट खुलने से पहले मिलेगी चेतावनी 🚨 बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित, गेट खुलने से पहले मिलेगी चेतावनी नदी क्षेत्र में बढ़ते जलप्रवाह से पहले लोगों को किया जाएगा सतर्क, प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर जारी की अपील डिंडोरी, 11 अगस्त 2026। बिलगांव मध्यम परियोजना में मंगलवार को जनसुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सायरन प्रणाली स्थापित की गई है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में यह व्यवस्था जनप्रतिनिधियों की निरंतर मांग को ध्यान में रखते हुए की गई है। परियोजना के गेट खोले जाने से पहले सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। इससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों तथा आसपास मौजूद ग्रामीणों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का अवसर मिलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से संभावित हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। सायरन बजे तो तुरंत नदी क्षेत्र छोड़ें प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन की आवाज सुनते ही तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश करने अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य करने से बचें। जल संसाधन विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन प्रणाली की स्थापना से गेट संचालन के दौरान पूर्व चेतावनी व्यवस्था मजबूत होगी और नदी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। 👉 प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—सायरन बजे, तो नदी से दूरी बनाएं और सुरक्षित स्थान पर जाएं।1
- वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित गेट खुलने से पहले मिलेगी नदी क्षेत्र में जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी, किसानों और ग्रामीणों को मिलेगी सुरक्षा डिंडौरी, - बिलगांव मध्यम परियोजना में आखिरकार वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई। भारतीय किसान संघ द्वारा लंबे समय से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों, किसानों, मछुआरों एवं नदी में कार्य करने वाले लोगों को पूर्व चेतावनी देने के लिए सायरन लगाने की मांग की जा रही थी। मंगलवार को जल संसाधन विभाग द्वारा बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन स्थापित कर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग के मार्गदर्शन में स्थापित किए गए इस सायरन से परियोजना के गेट खोले जाने से पहले नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को जलप्रवाह बढ़ने की चेतावनी दी जाएगी। इससे लोगों को समय रहते नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाने का अवसर मिलेगा। भारतीय किसान संघ लगातार उठा रहा था सुरक्षा का मुद्दा भारतीय किसान संघ द्वारा पिछले कई वर्षों से बिलगांव मध्यम परियोजना में सायरन लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। संगठन का कहना था कि परियोजना के गेट अचानक खोले जाने पर नदी का जलस्तर और प्रवाह तेजी से बढ़ सकता है, जिससे नदी में कार्यरत श्रमिकों, मछुआरों, किसानों एवं आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। किसान संघ की लगातार मांग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस विषय को उठाए जाने के बाद अब परियोजना में सायरन स्थापित किया गया है। सायरन लगने से गेट संचालन से पहले लोगों को अलर्ट करने की व्यवस्था मजबूत होगी। गेट खुलने से पहले बजेगा सायरन परियोजना के गेट खोले जाने से पूर्व सायरन बजाकर नदी क्षेत्र में उपस्थित लोगों को जल प्रवाह बढ़ने की पूर्व चेतावनी दी जाएगी। सायरन की आवाज सुनते ही नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर जाने का समय मिल सकेगा। इससे संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में मदद मिलेगी। नदी क्षेत्र में जाने से बचने की अपील प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने नदी के आसपास रहने वाले ग्रामवासियों, किसानों, मछुआरों तथा नदी क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि सायरन बजने पर तत्काल नदी क्षेत्र से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। गेट संचालन के दौरान नदी में प्रवेश अथवा नदी के समीप किसी भी प्रकार का कार्य न करें। विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में जलस्तर एवं जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सायरन की स्थापना से गेट संचालन के समय पूर्व चेतावनी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा नदी क्षेत्र में रहने एवं काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से की जा रही मांग पूरी होने पर भारतीय किसान संघ एवं क्षेत्र के किसानों ने राहत व्यक्त करते हुए इसे जनसुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।1
- तिरंगे के सम्मान में उमरिया में निकली बाइक-साइकिल रैली, बनी विशाल मानव श्रृंखला तिरंगे के सम्मान में उमरिया में निकली बाइक-साइकिल रैली, बनी विशाल मानव श्रृंखला कलेक्टर राखी सहाय ने हरी झंडी दिखाकर रैली को किया रवाना, राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन उमरिया, 11 अगस्त। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत जिले में 17 अगस्त तक विभिन्न देशभक्ति गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में बाइक एवं साइकिल रैली निकाली गई। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली कलेक्ट्रेट से प्रारंभ होकर स्टेशन चौराहा, कलेक्टर बंगला, नया बस स्टैंड, रमपुरी रोड, रणविजय चौक, गांधी चौक, जय स्तंभ चौक, पुराना बस स्टैंड और रानी दुर्गावती चौक होते हुए रेलवे स्टेशन परिसर पहुंची। रैली के दौरान प्रमुख मार्गों पर देशभक्ति गीतों और नारों से वातावरण राष्ट्रप्रेम से सराबोर रहा। रेलवे स्टेशन परिसर में रैली के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने विशाल मानव श्रृंखला बनाकर देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। कलेक्टर राखी सहाय ने उपस्थित जनों को देश और तिरंगे के सम्मान की शपथ दिलाई। कलेक्टर ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने के साथ देश के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया। इससे पूर्व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह के नेतृत्व में मोटरसाइकिल रैली जिला पंचायत से कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज, प्रत्युष श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।4
- उमरिया जिले के NH परतेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने 10 पशुओं को मारी टक्कर , हुई मौत उमरिया जिले के सड़क मार्ग पर तेजगति से आ रहे वाहन की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हो गई, एवं यह घटना सिविल लाइन पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत लोढ़ा सड़क मार्ग पर हुई है,जहाँ-घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुँचे इस दौरान लोगो का कहना है कि,तेज रफ्तार वाहनों के कारण आये दिन एक्सीडेंट की घटनायें हो रहीं हैं, अभी कुछ दिन पूर्व में भी एक्सीडेंट होने से मवेशियों की मौत हो गई थी एवं जंगली जानवरों सहित कई नागरिकों की भी मौत हो चुकी है और आज लोढ़ा ग्राम में यह बड़ी घटना सामने आई हैं, वाहनों की रफ्तार पर बिल्कुल भी अंकुश नही लगाया जा रहा,जिसके चलते जिले के विभिन्न स्थानों में लगातार एक्सीडेंट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं,वाहनों की रफ्तार इतनी तेज रहती है कि, रोड क्रॉसिंग के दौरान, किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाता,तेज रफ्तार के चलते स्कूली छात्र छात्राओं के परिजनों को भी उनके एक्सीडेंट होने का भय हमेशा बना रहता है,इन दिनों एक्सीडेंट होने से जहाँ संबंधित विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर होती नजर आ रही है, वहीँ-पशु पलकों की भी लापरवाही सामने आई है,लोग अपने पशुओं को सड़क मार्ग पर छोड़ देते हैं, जिससे एक्सीडेंट की घटनाओं में इजाफा हो रहा है एवं यह घटना लोढ़ा स्कूल के नजदीक हुई है, जहाँ-आनेजाने के दौरान सैकड़ों छात्र सड़क मार्ग पर चलते हैं, लेकिन-इस घटना को देखते हुये छात्र छात्राओं के परिजनों में भय का माहौल बना हुआ है, एवं बच्चो की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से गुहार लगायी हैं। वहीँ-चंदिया सलैया ग्राम सड़क मार्ग पर भी एक्सीडेंट की बड़ी घटना हुई,जिसमें तेज रफ्तार ट्रैक्टर की ठोकर लगने से चंदिया स्कूल की दो छात्राएं सड़क हादसे का शिकार हो गई,जिन्हें गंभीर हालत में हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया,1
- प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सड़क के निर्माण पर शासन के करीब 7.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। डिंडोरी: करोड़ों की लागत वाली पीएमजीएसवाई सड़क बारिश में बही, विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल डिंडोरी: डिंडोरी जिले में भ्रष्टाचार और लचर निर्माण कार्य का एक ताजा मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई गई करोड़ों रुपये की सड़क पहली ही बारिश में ही बह गई। चाबी–मेंहदवानी मार्ग से कुशेरा तक जाने वाली इस सड़क का लगभग 5 मीटर हिस्सा बुरी तरह टूट गया है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खुल गई है। 7.10 करोड़ की लागत और घटिया निर्माण के आरोप प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सड़क के निर्माण पर शासन के करीब 7.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क का कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त हो जाना विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान तय मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। यही कारण है कि पहली ही बरसात में सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया और बह गया। आवागमन में भारी परेशानी, ग्रामीणों में आक्रोश सड़क टूटने के कारण इस मार्ग पर आवागमन करने वाले राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार तथा लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।1