केंद्र सरकार जहां स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं मांडल स्थित उप जिला चिकित्सालय की बदहाल हालत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। मरीज जहां स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुँचते हैं, वहीं परिसर की गंदगी देखकर लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार सुबह 9 बजे मीडिया टीम के दौरे में अस्पताल का चौंकाने वाला नजारा सामने आया। अस्पताल के बाहर लगी शुद्ध मीठे पानी की प्याऊ गंदगी से अटी पड़ी मिली, जिसके आसपास जमा कीचड़ और गंदा पानी मच्छरों के पनपने का बड़ा कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वजह से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इतना ही नहीं, पूरे अस्पताल परिसर में जगह-जगह कंटीली झाड़ियाँ उगी हुई हैं, कचरा फैला है और आवारा पशु घूमते नजर आते हैं, जो व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ इस गंदगी और बदबू का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वे सवाल उठाते हैं कि जब स्वास्थ्य सेवाओं के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र की यह स्थिति है, तो आम स्थानों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या अस्पताल प्रशासन किसी बड़े हादसे या महामारी का इंतजार कर रहा है, और आखिर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली इन व्यवस्थाओं पर कब तक पर्दा डाला जाएगा? क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल सफाई अभियान चलाने, अस्पताल परिसर से झाड़ियों को हटाने तथा प्याऊ के आसपास फैली गंदगी को साफ कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
केंद्र सरकार जहां स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं मांडल स्थित उप जिला चिकित्सालय की बदहाल हालत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। मरीज जहां स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुँचते हैं, वहीं परिसर की गंदगी देखकर लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार सुबह 9 बजे मीडिया टीम के दौरे में अस्पताल का चौंकाने वाला नजारा सामने आया। अस्पताल के बाहर लगी शुद्ध मीठे पानी की प्याऊ गंदगी से अटी पड़ी मिली, जिसके आसपास जमा कीचड़ और गंदा पानी मच्छरों के पनपने का बड़ा कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वजह से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इतना ही नहीं, पूरे अस्पताल परिसर में जगह-जगह कंटीली झाड़ियाँ उगी हुई हैं, कचरा फैला है और आवारा पशु घूमते नजर आते हैं, जो व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ इस गंदगी और बदबू का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वे सवाल उठाते हैं कि जब स्वास्थ्य सेवाओं के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र की यह स्थिति है, तो आम स्थानों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या अस्पताल प्रशासन किसी बड़े हादसे या महामारी का इंतजार कर रहा है, और आखिर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली इन व्यवस्थाओं पर कब तक पर्दा डाला जाएगा? क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल सफाई अभियान चलाने, अस्पताल परिसर से झाड़ियों को हटाने तथा प्याऊ के आसपास फैली गंदगी को साफ कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
- भीलवाड़ा के शाहपुरा नगर में 23 जून 2026 मंगलवार को प्रातः 9:15 बजे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नगर मंडल ने महेश नवमी के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान भाजपा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। शाहपुरा माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस शोभायात्रा पर, भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज सुगंधी के नेतृत्व में पार्टी के सदस्यों ने फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। इस कार्यक्रम में जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, विधानसभा संयोजक बजरंग सिंह राणावत, नगर महामंत्री जितेंद्र पाराशर और राजाराम पोरवाल सहित पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश मारू मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त, कार्यक्रम सहसंयोजक नवल सोनी, मोहन गुर्जर, गोपाल घूसर, शांतिलाल मामोडिया, देवेंद्र सिंह गहलोत, मंत्री मुकेश माली, राजेंद्र बोहरा, लादूराम खटीक, प्रेमचंद मीणा, गजराज खटीक, शारदा सोनी, मिथिलेश राणावत और राधा बोहरा जैसे कई सदस्य भी उपस्थित रहे।2
- केंद्र सरकार जहां स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं मांडल स्थित उप जिला चिकित्सालय की बदहाल हालत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। मरीज जहां स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुँचते हैं, वहीं परिसर की गंदगी देखकर लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार सुबह 9 बजे मीडिया टीम के दौरे में अस्पताल का चौंकाने वाला नजारा सामने आया। अस्पताल के बाहर लगी शुद्ध मीठे पानी की प्याऊ गंदगी से अटी पड़ी मिली, जिसके आसपास जमा कीचड़ और गंदा पानी मच्छरों के पनपने का बड़ा कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वजह से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इतना ही नहीं, पूरे अस्पताल परिसर में जगह-जगह कंटीली झाड़ियाँ उगी हुई हैं, कचरा फैला है और आवारा पशु घूमते नजर आते हैं, जो व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ इस गंदगी और बदबू का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वे सवाल उठाते हैं कि जब स्वास्थ्य सेवाओं के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र की यह स्थिति है, तो आम स्थानों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या अस्पताल प्रशासन किसी बड़े हादसे या महामारी का इंतजार कर रहा है, और आखिर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली इन व्यवस्थाओं पर कब तक पर्दा डाला जाएगा? क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल सफाई अभियान चलाने, अस्पताल परिसर से झाड़ियों को हटाने तथा प्याऊ के आसपास फैली गंदगी को साफ कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।1
- बनेड़ा तहसील के कुंडिया कला गांव में स्थित सरकारी तालाब पर 2 साल पहले बनाई गई नहर के गेट को तोड़ने का प्रयास किया गया। यह कोशिश कथित तौर पर चोरी के इरादे से की गई थी।2
- केंद्र सरकार एक ओर जहाँ स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं भीलवाड़ा के मांडल स्थित उप जिला चिकित्सालय की हालत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। मरीज यहाँ स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर पहुँचते हैं, लेकिन अस्पताल परिसर की गंदगी देखकर लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। अस्पताल के बाहर लगी शुद्ध मीठे पानी की प्याऊ गंदगी से अटी पड़ी है, और इसके आसपास जमा कीचड़ तथा गंदा पानी मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थिति के चलते डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। परिसर में जगह-जगह उगी कंटीली झाड़ियाँ, फैला कचरा और घूमते आवारा पशु भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ गंदगी और बदबू का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र की ऐसी स्थिति है, तो आम स्थानों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अब क्षेत्रवासी यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या अस्पताल प्रशासन किसी बड़े हादसे या महामारी का इंतजार कर रहा है, और मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली इन व्यवस्थाओं पर आखिर कब तक पर्दा डाला जाएगा। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल सफाई अभियान चलाने, अस्पताल परिसर से झाड़ियों को हटाने और प्याऊ के आसपास फैली गंदगी को साफ कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।4
- सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने दुर्ग क्षेत्र में 'बुलडोजर संस्कृति' के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह 'बुलडोजर संस्कृति' किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह ज्ञापन हजारों परिवारों के आशियानों और उनके रोजगार को बचाने की मांग को लेकर दिया गया है, ताकि इन परिवारों को संभावित बेघर होने और आजीविका खोने से बचाया जा सके।2
- यह पोस्ट दर्शकों को भारतीय टीम के सेमीफाइनल और फाइनल में पहुँचने की संभावनाओं से जुड़ी ख़बरें जानने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह करती है। इसके माध्यम से खेल जगत की ऐसी ही अन्य ख़बरें भी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।1
- आयुष हॉस्पिटल अपनी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के माध्यम से बेहतरीन परिणाम दे रहा है। इन शानदार परिणामों की कहानी मरीजों की जुबानी सुनने को मिल रही है, जो उनके अनुभवों पर आधारित है।1
- भीलवाड़ा जिले की हुरड़ा तहसील के भोजरास गाँव में तहसील मंत्री के नेतृत्व में महेश नवमी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह महोत्सव बेहद धूमधाम और 'जय महेश' के नारों के साथ मनाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोग चारभुजा मंदिर पहुँचे और भगवान महेश का अभिषेक किया। इस अवसर पर पूर्व तहसील मंत्री दुर्गा प्रसाद मालपानी, भोजरास अध्यक्ष सतीश मालपानी, मंत्री जगदीश अजमेरा, हरकचद अजमेरा, सीताराम अजमेरा, नितेश अजमेरा और बालकृष्ण मालपानी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मातृशक्ति के रूप में रेखा देवी अजमेरा, राधा देवी, सीता देवी, टीना देवी, कृष्णा देवी, चंचल देवी, रंजू देवी और कल्पना मालपानी ने भी इस महोत्सव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।3