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भीलवाड़ा जिले की हुरड़ा तहसील के भोजरास गाँव में तहसील मंत्री के नेतृत्व में महेश नवमी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह महोत्सव बेहद धूमधाम और 'जय महेश' के नारों के साथ मनाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोग चारभुजा मंदिर पहुँचे और भगवान महेश का अभिषेक किया। इस अवसर पर पूर्व तहसील मंत्री दुर्गा प्रसाद मालपानी, भोजरास अध्यक्ष सतीश मालपानी, मंत्री जगदीश अजमेरा, हरकचद अजमेरा, सीताराम अजमेरा, नितेश अजमेरा और बालकृष्ण मालपानी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मातृशक्ति के रूप में रेखा देवी अजमेरा, राधा देवी, सीता देवी, टीना देवी, कृष्णा देवी, चंचल देवी, रंजू देवी और कल्पना मालपानी ने भी इस महोत्सव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
राजकुमार गोयल
भीलवाड़ा जिले की हुरड़ा तहसील के भोजरास गाँव में तहसील मंत्री के नेतृत्व में महेश नवमी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह महोत्सव बेहद धूमधाम और 'जय महेश' के नारों के साथ मनाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोग चारभुजा मंदिर पहुँचे और भगवान महेश का अभिषेक किया। इस अवसर पर पूर्व तहसील मंत्री दुर्गा प्रसाद मालपानी, भोजरास अध्यक्ष सतीश मालपानी, मंत्री जगदीश अजमेरा, हरकचद अजमेरा, सीताराम अजमेरा, नितेश अजमेरा और बालकृष्ण मालपानी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मातृशक्ति के रूप में रेखा देवी अजमेरा, राधा देवी, सीता देवी, टीना देवी, कृष्णा देवी, चंचल देवी, रंजू देवी और कल्पना मालपानी ने भी इस महोत्सव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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- भीलवाड़ा जिले में संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत सदर थाना पुलिस ने सुवाणा स्थित एक फार्म हाउस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जुए के एक बड़े अड्डे का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से ₹62,900 नकद राशि, ताश के पत्ते और 11 वाहन जब्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन और पुलिस उप अधीक्षक नेमीचंद चौधरी के सुपरविजन में, सदर थाना प्रभारी गजेन्द्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, उप निरीक्षक भरत कुमार शर्मा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुवाणा कोर्ट के पीछे स्थित रॉयल फार्म हाउस में एक बंद कमरे में ताश के पत्तों पर रुपए का दांव लगाकर जुआ खेला जा रहा है। सूचना मिलते ही, पुलिस टीम सर्च वारंट लेकर फार्म हाउस पर पहुंची और दबिश दी। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने 14 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा। मौके से ₹62,900 नकद राशि और ताश के पत्ते बरामद करने के साथ ही, परिसर में खड़ी 8 मोटरसाइकिल, 2 स्कूटी और एक आई-20 कार भी जब्त की गईं। पुलिस ने बताया कि आरोपी अक्सर सुनसान स्थानों पर एकत्रित होकर संगठित तरीके से जुआ खेलते थे। इस संबंध में सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह जानकारी सदर पुलिस ने सोमवार शाम करीब 4:30 बजे जारी की। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मोहम्मद हुसैन पुत्र मोहम्मद शरीफ (गुलमंडी), शरफुदीन पुत्र फकरूदीन नीलगर (न्यू पटेल नगर), साजिद हुसैन पुत्र गुलाम रसूल (गुलमंडी), मोहम्मद अकरम पुत्र फतेह मोहम्मद (गुलमंडी), अशफाक पुत्र मोहम्मद असलम (गुलमंडी), ताहिर हुसैन पुत्र अब्दुल कदीर (गुलमंडी), नौशाद अली पुत्र अख्तर हुसैन (मोहम्मदी कॉलोनी), मोहम्मद रमजान पुत्र रूस्तम अली शेख (पुरानी धानमंडी), वसीम अंसारी पुत्र अब्दुल गफूर अंसारी (गुलअली नगरी), मोहम्मद उमर पुत्र मोहम्मद मुख्तार (मोहम्मदी कॉलोनी), मोहम्मद हुसैन पुत्र गुलाम मोहम्मद (गुलमंडी), कयूम मोहम्मद लुहार पुत्र सिराजुद्दीन लुहार (गुलमंडी), मोहम्मद आरिफ पुत्र मोहम्मद सलीम (गुलमंडी), और दिनेश कुमार पुत्र रोडूलाल जीनगर (न्यू कोटा रोड, ईरास) शामिल हैं।1
- भीलवाड़ा जिले के मांडल स्थित मलगानी गांव में रविवार देर रात सरकारी चरागाह भूमि से कथित अवैध मिट्टी दोहन को लेकर भारी हंगामा हो गया, जिसके बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में जेसीबी मशीन और डंपरों की मदद से चरागाह भूमि से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही थी। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर खनन कार्य में लगे वाहनों को घेर लिया, जिसमें डंपर संख्या RJ 09 GC 4001 सहित अन्य वाहन शामिल थे। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि उनके विरोध के दौरान खनन कार्य से जुड़े लोग दबाव बनाकर वाहनों को मौके से छुड़ाकर ले गए। ग्रामीणों के अनुसार, चरागाह भूमि से मिट्टी दोहन का यह “खेल” काफी समय से चल रहा है। ग्रामीणों, जिनमें ओमप्रकाश, बालूराम, राहुल, रतनलाल जाट, हनुमान जाट, बालूलाल जाट, सूरजमल और जगदीश शामिल हैं, ने आरोप लगाया है कि इस अवैध गतिविधि की शिकायत कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को की जा चुकी है। इसके बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लग पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद कुछ समय के लिए काम रुक जाता है, लेकिन फिर से मिट्टी निकालने का कार्य शुरू हो जाता है, जिससे उनमें गहरा रोष है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि निकाली गई मिट्टी का उपयोग स्थानीय ईंट भट्ठे पर किया जा रहा है, और उन्होंने भट्ठे के आसपास मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर होने का दावा किया है। उन्होंने चिंता जताई कि चरागाह भूमि, जो पशुओं के लिए चारागाह का मुख्य स्रोत है, पर लगातार मिट्टी खनन से गहरे गड्ढे बन रहे हैं, जिससे भविष्य में पशुपालकों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर मिट्टी के स्रोत की पुष्टि करने, खनन में प्रयुक्त जेसीबी और डंपरों को जब्त करने, भूमि को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, और मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। यह समस्त जानकारी ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों पर आधारित है।2
- चित्तौड़गढ़ ज़िले में स्थित धनेतकलां काजवे पुलिया पर ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बजट में ओवरब्रिज के लिए घोषणाएं होने के बावजूद इसका निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। यह धनेतकलां काजवे पुलिया लगभग 25 गांवों के लिए जीवनरेखा का काम करती है, और हजारों राहगीर इस महत्वपूर्ण ओवरब्रिज के बनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।1
- चित्तौड़गढ़ के बड़ी सादड़ी क्षेत्र में हिंदुस्तान जिंक द्वारा डंप किए गए औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थ जेरोफिक्स को हटाने की मांग को लेकर 'जहर मुक्त बड़ी सादड़ी संघर्ष समिति' का आंदोलन सोमवार को 28वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव धीरज गुर्जर ने आंदोलनकारियों को समर्थन देते हुए सरकार और प्रशासन से मामले पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। धीरज गुर्जर ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता ही सर्वोपरि होती है, और जनभावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को जनता समय आने पर जवाब देती है। उन्होंने प्रशासन और रेलवे अधिकारियों से जेरोफिक्स मामले का जल्द समाधान निकालने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाने और अनशन जैसे कदम उठाने के लिए वे मजबूर होंगे। गुर्जर ने यह भी कहा कि जेरोफिक्स के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बड़ी सादड़ी की जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, और मंत्री गौतम दक मीडिया के सवालों से बचते नजर आ रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि जेरोफिक्स को लेकर स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता है, लेकिन जिले के कई पक्ष और विपक्ष के नेता इस मुद्दे पर खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। उनका आरोप है कि कुछ नेता केवल धरना स्थल पर आकर ठेकेदारों को निशाना बनाते हैं, जबकि मुख्य जिम्मेदारी हिंदुस्तान जिंक की भूमिका पर चर्चा नहीं करते। पूर्व में कांग्रेस से विधायक प्रत्याशी रहे बद्रीलाल जाट ने इस अपशिष्ट पदार्थ के लंबे समय तक क्षेत्र में रहने से आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर की आशंका जताई थी। आंदोलनकारियों का कहना है कि जेरोफिक्स अभी तक पूरी तरह नहीं हटाया गया है और क्षेत्र में स्वास्थ्य, जल स्रोतों तथा पर्यावरण को लेकर खतरे की आशंका बनी हुई है। धीरज गुर्जर के स्थानीय नेताओं पर निशाना साधने और राजनीतिक नुकसान के डर से जनता के पक्ष में आवाज न उठाने के आरोप के बाद चित्तौड़गढ़ जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है, और स्थानीय नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में जेरोफिक्स को क्षेत्र से पूरी तरह हटाना, पर्यावरणीय प्रभावों की जांच कराना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।1
- इंडिया ए और श्रीलंका के बीच हुए मैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए धमाल मचा दिया। इस मुकाबले में उनका दमदार खेल देखने को मिला।1
- चित्तौड़गढ़ की मंगलवाड़ थाना पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की है। एक कार्रवाई में पुलिस ने 19 ग्राम अवैध MDMA पाउडर के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार कर एक मोटरसाइकिल जब्त की, वहीं दूसरी कार्रवाई में वाहनों की संरचना में अवैध परिवर्तन और अनाधिकृत लेखन पाए जाने पर 9 मोटरसाइकिलों को जब्त किया गया। यह जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ धर्मेंद्र सिंह ने दी, जिन्होंने बताया कि यह कार्रवाई एएसपी मुकुल शर्मा आरपीएस के निर्देशन और डीएसपी बड़ीसादड़ी के सुपरविजन में की गई। पहली कार्रवाई 22 जून को हुई, जब मंगलवाड़ पुलिस ने चित्तौड़गढ़-उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर छापरी गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल आती दिखी, जिसके चालक ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे रोककर नियमानुसार तलाशी ली, जिसमें आरोपी रामचंद्र पिता नारायणलाल गाडरी निवासी भगीमों का खेड़ा, थाना भीण्डर, जिला उदयपुर, और शंभूलाल पिता गंगाराम गुर्जर निवासी नेगड़िया, थाना मंगलवाड़, जिला चित्तौड़गढ़ के कब्जे से 19 ग्राम अवैध मिथाइलीनडाइऑक्सी मेथाम्फेटामाइन (MDMA) बरामद हुई। अवैध मादक पदार्थ के परिवहन में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरी कार्रवाई में, यातायात एवं सड़क सुरक्षा अभियान के तहत वाहनों की जांच की गई। इस दौरान जिन वाहनों की संरचना में अवैध परिवर्तन, अनाधिकृत शब्द, चिन्ह या लेखन पाए गए, ऐसी 09 मोटरसाइकिलों को धारा 38 पुलिस एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया।1
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने 22 जून, सोमवार को एक संयुक्त समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इसमें जल संसाधन विभाग, नगर निगम, नगर विकास न्यास, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। विधायक कोठारी ने अधिकारियों से शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि बारिश से पूर्व सभी विकास एवं सफाई कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। बैठक में शहर की प्रमुख जल निकासी व्यवस्थाओं, मेजा बांध से निकलने वाली नहरों की मरम्मत और निर्माण कार्यों, मानसरोवर झील, गांधी सागर तालाब एवं नेहरू तलाई सहित विभिन्न छोटे-बड़े नालों एवं नालियों की स्थिति की समीक्षा की गई। विधायक कोठारी ने अधिकारियों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बारिश से पहले सभी नालों और नालियों की उचित सफाई की जाए, तथा गंदे पानी के निकास मार्गों को अवरोधमुक्त रखा जाए। उन्होंने जलभराव संभावित क्षेत्रों में चल रहे सफाई कार्यों की प्रगति पर चर्चा करते हुए सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लंबित सड़कों, नालियों और नई कॉलोनियों में स्वीकृत विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। विधायक ने संबंधित विभागों को सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ भी नालों की सफाई, निर्माण कार्य या क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के रखरखाव की आवश्यकता हो, वहाँ संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। विधायक ने सभी अधिकारियों को बारिश से पूर्व आवश्यक कार्यों का निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता हितेश कुमार मेघवाल और सहायक अभियंता जगदीश डांगी, नगर विकास न्यास के अधिशासी अभियंता रामप्रसाद जाट, राजू बढ़ेरिया और कनिष्ठ अभियंता रोहन जैन, नगर निगम के अधिशासी अभियंता अखेराम बगडोदिया, पवन नुवाल और शंभूलाल, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशासी अभियंता किशन खोईवाल तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता साहिल शर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड, एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेन्द्र सिंह राठौड़, संजय राठी, सुभाष बाहेती, भगवान सिंह चौहान एवं बाबूलाल टाक भी मौजूद थे।3
- चित्तौड़गढ़ के श्री सांवरिया सेठ के आज के लाइव श्रृंगार दर्शन प्रस्तुत किए गए हैं। भक्तों के लिए उनके दिव्य स्वरूप के दर्शन उपलब्ध कराए गए हैं, जिसमें उनकी सुंदर साज-सज्जा और अलौकिक उपस्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।1
- समाज को यौन अपराधों से जुड़ी अपनी सोच पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है, क्योंकि यह एक आम धारणा है कि यौन अपराधों का पीड़ित केवल महिला ही हो सकती है। हालांकि, सच्चाई यह है कि पुरुष भी यौन हिंसा, शोषण और दुष्कर्म का शिकार हो सकते हैं, और यह ज़रूरी है कि समाज इस मानसिकता को बदले, क्योंकि 'पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं' (#MenCanBeVictimsToo)। पीड़ित की पीड़ा का कोई लिंग नहीं होता; पुरुष भी उतना ही दर्द, अपमान और मानसिक आघात महसूस करते हैं जितना कोई महिला। सबसे दुखद पहलू यह है कि पुरुष पीड़ितों का अक्सर मज़ाक उड़ाया जाता है, उनकी आपबीती पर विश्वास नहीं किया जाता, या उन्हें चुप करा दिया जाता है। इस भेदभावपूर्ण और रूढ़िवादी मानसिकता को बदलने की सख्त ज़रूरत है। अतः, यदि किसी युवक के साथ यौन अपराध होता है, तो उसे भी उतनी ही गंभीरता से लेना अनिवार्य है। न्याय का आधार पीड़ित का लिंग नहीं, बल्कि उसके साथ किया गया अपराध होना चाहिए। अपराध हमेशा अपराध ही रहता है, चाहे पीड़ित महिला हो या पुरुष, और सभी के लिए न्याय सुनिश्चित होना चाहिए, क्योंकि 'पीड़ित का कोई लिंग नहीं होता' और हर किसी के लिए न्याय मिलना चाहिए (#JusticeForAll)।1