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चित्तौड़गढ़ ज़िले में स्थित धनेतकलां काजवे पुलिया पर ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बजट में ओवरब्रिज के लिए घोषणाएं होने के बावजूद इसका निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। यह धनेतकलां काजवे पुलिया लगभग 25 गांवों के लिए जीवनरेखा का काम करती है, और हजारों राहगीर इस महत्वपूर्ण ओवरब्रिज के बनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
Hello Chittorgarh News
चित्तौड़गढ़ ज़िले में स्थित धनेतकलां काजवे पुलिया पर ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बजट में ओवरब्रिज के लिए घोषणाएं होने के बावजूद इसका निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। यह धनेतकलां काजवे पुलिया लगभग 25 गांवों के लिए जीवनरेखा का काम करती है, और हजारों राहगीर इस महत्वपूर्ण ओवरब्रिज के बनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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- इंडिया ए और श्रीलंका के बीच हुए मैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए धमाल मचा दिया। इस मुकाबले में उनका दमदार खेल देखने को मिला।1
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- केंद्र सरकार जहां स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं मांडल स्थित उप जिला चिकित्सालय की बदहाल हालत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। मरीज जहां स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुँचते हैं, वहीं परिसर की गंदगी देखकर लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार सुबह 9 बजे मीडिया टीम के दौरे में अस्पताल का चौंकाने वाला नजारा सामने आया। अस्पताल के बाहर लगी शुद्ध मीठे पानी की प्याऊ गंदगी से अटी पड़ी मिली, जिसके आसपास जमा कीचड़ और गंदा पानी मच्छरों के पनपने का बड़ा कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वजह से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इतना ही नहीं, पूरे अस्पताल परिसर में जगह-जगह कंटीली झाड़ियाँ उगी हुई हैं, कचरा फैला है और आवारा पशु घूमते नजर आते हैं, जो व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ इस गंदगी और बदबू का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वे सवाल उठाते हैं कि जब स्वास्थ्य सेवाओं के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र की यह स्थिति है, तो आम स्थानों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या अस्पताल प्रशासन किसी बड़े हादसे या महामारी का इंतजार कर रहा है, और आखिर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली इन व्यवस्थाओं पर कब तक पर्दा डाला जाएगा? क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल सफाई अभियान चलाने, अस्पताल परिसर से झाड़ियों को हटाने तथा प्याऊ के आसपास फैली गंदगी को साफ कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।1
- फादर्स डे के अवसर पर चित्तौड़गढ़ में पूर्व नायब तहसीलदार बंशीलाल सोनी को सम्मानित किया गया। इसी के साथ, गोविंद सोनी को उनके श्रवण कुमार सुपुत्र होने के लिए विशेष 'श्रवण कुमार सुपुत्र सम्मान' से नवाजा गया।1
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