मध्य प्रदेश के जौरा स्थित सिविल अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों और नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल का सीधा असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे इलाज और जांच के लिए आ रहे मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदेश संगठन के आह्वान पर जौरा के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने यह सामूहिक हड़ताल प्रारंभ की है। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि नियमितीकरण सहित उनकी अन्य मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन शासन स्तर पर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मी गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मियों के हित में निर्देश दिए जाने के बावजूद नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, और न ही अन्य लंबित मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई हुई है। हड़ताल के कारण अस्पताल की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी। इस बीच, अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
मध्य प्रदेश के जौरा स्थित सिविल अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों और नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल का सीधा असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे इलाज और जांच के लिए आ रहे मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदेश संगठन के आह्वान पर जौरा के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने यह सामूहिक हड़ताल प्रारंभ की है। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि नियमितीकरण सहित उनकी अन्य मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन शासन स्तर पर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मी गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मियों के हित में निर्देश दिए जाने के बावजूद नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, और न ही अन्य लंबित मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई हुई है। हड़ताल के कारण अस्पताल की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी। इस बीच, अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
- जन समस्याओं को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और किसान सभा ने मध्य प्रदेश के कैलारस तहसील कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन किया। इस राज्यव्यापी आंदोलन और अभियान के तहत किसान भवन से रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान हुई आमसभा में वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों की हालत लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड डील देश के किसानों और कृषि को पूरी तरह तबाह कर देगी, जिससे डेयरी उद्योग खत्म हो जाएगा और करोड़ों पशुपालक किसान इससे बाहर हो जाएंगे। जसविंदर सिंह ने यह भी कहा कि खेती की बढ़ती लागत और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) न मिलने से किसान घाटे में हैं, भूमिहीनता बढ़ रही है और जमीन का केंद्रीकरण हो रहा है, जो कृषि क्षेत्र और देश के लिए विनाशकारी होगा, जिसका पुरजोर विरोध करना आवश्यक है। किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने बताया कि शक्कर कारखाना चालू कराने, जल निकासी की व्यवस्था करने, आवारा पशुओं का प्रबंधन करने और नाले-नालियों के निर्माण जैसी मांगों के लिए लगातार संघर्ष जारी है, और यह आगे भी जारी रहेगा। वामपंथी नेता गयाराम सिंह धाकड़ ने भी जन समस्याओं के लिए निरंतर संघर्ष की बात कही और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व सर्वश्री राजेश गुप्ता, भोंरु लाल, सियाराम सिंह, जगन्नाथ सिंह, बनवारी लाल, डॉ. रामकुमार, ब्रजवीर सिंह सिकरवार, कन्हैयालाल और निरंजन शाक्य सहित अन्य नेताओं ने किया। यह अभियान 10 जून तक लगातार जारी रहेगा, जिसके बाद 11 जून को सुबह 7:00 बजे पुरानी सब्जी मंडी पर एक विशाल आमसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव और माकपा नेता बादल सरोज मुख्य वक्ता होंगे। यह अभियान जिले भर में जारी है और आगे भी चलता रहेगा।1
- सिक्किम में स्थित Khangchendzonga National Park भारत की एक अद्भुत और गौरवशाली विरासत है, जिसे सिर्फ देखा ही नहीं जाता, बल्कि महसूस भी किया जाता है। यहाँ बर्फ से ढके शिखर, घने वन और सदियों पुरानी लोककथाएँ प्रकृति व संस्कृति के अटूट संबंध की जीवंत कहानी बयाँ करती हैं। यह राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 2016 में UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने वाला भारत का पहला 'मिश्रित धरोहर स्थल' (Mixed Heritage Site) बना। यह गौरवशाली धरोहर दुनिया के सामने उस भारतीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है, जहाँ विकास, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति का संरक्षण एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं, विरोधी नहीं।2
- मुरैना जिले के मुंगावली गांव में ग्रामीण पानी निकास की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के सरपंच इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने सरपंच से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है।1
- बाड़ी शहर में डिस्कॉम ने बिजली चोरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया, जिसके तहत शहर के मुख्य बाजार और गलियों में कार्रवाई की गई। इस दौरान चोरी की बिजली का उपयोग करते हुए 11 उपभोक्ताओं को पकड़ा गया। टीम ने पकड़े गए उपभोक्ताओं पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया और वीसीआर (विजिलेंस चेकिंग रिपोर्ट) भरी। कार्रवाई में दूसरों से अधिक बिजली केबल और अन्य बिजली उपकरण भी जब्त किए गए, जिनका उपयोग चोरी की बिजली से किया जा रहा था। यह अभियान एईएन आरडी मीना और उनकी टीम द्वारा चलाया गया।3
- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) संजीव मागो के मार्गदर्शन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर की सचिव रेखा यादव ने बुधवार को महिला अधिकारिता विभाग द्वारा निर्भया योजना के अंतर्गत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य केंद्र पर पीड़ित महिलाओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और विधिक सहायता की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करना था। निरीक्षण के दौरान, केंद्र में एक महिला और एक बालिका मौजूद मिलीं। सचिव रेखा यादव ने दोनों से भोजन, आवास, चिकित्सा सुविधा और स्टाफ के व्यवहार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस प्रक्रिया में, एक बालिका अपने परिजनों का पता बताने में असमर्थ पाई गई, जिस पर उन्होंने केंद्र प्रबंधन को उसके परिजनों की शीघ्र तलाश करने के लिए निर्देशित किया। रेखा यादव ने इस बात पर जोर दिया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रत्येक पीड़ित महिला को निःशुल्क और त्वरित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्र के आपातकालीन आश्रय कक्ष, परामर्श कक्ष और चिकित्सा कक्ष का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त, सचिव ने वन स्टॉप सेंटर में रखे विभिन्न रजिस्टरों, आगंतुक पंजिका और पीड़ित महिलाओं से संबंधित अभिलेखों की भी जांच की। उन्होंने केंद्र प्रबंधक को सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से अद्यतन रखने और मामलों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान, रेखा यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र पर आने वाली किसी भी पीड़ित महिला अथवा बालिका को बिना किसी विलंब के तत्काल राहत, काउंसिलिंग और चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। साथ ही, उन्होंने परिसर में स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। इस अवसर पर महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक बबलू शर्मा, बाल संप्रेषण एवं किशोर गृह प्रबंधक मुरारीलाल मीणा, कनिष्ठ सहायक संजय, वन स्टॉप सेंटर प्रबंधक शिप्रा पचौरी और प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडौतिया सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।1
- धौलपुर जिले के उमरेह ग्राम पंचायत में आज ग्रामीणों ने पेयजल के गंभीर संकट को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पिछले लंबे समय से नलों में नियमित पानी की आपूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आमजन में गहरा रोष व्याप्त है और पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। इसका खामियाजा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें पीने के पानी के लिए दूर-दराज़ के इलाकों से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द नियमित तथा पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देंगे। उनकी मुख्य मांग है कि तत्काल समस्या का समाधान कर गांव में आमजन को राहत प्रदान की जाए। आज हर ग्रामीण की ज़ुबान पर यही सवाल है कि आखिर ग्राम पंचायत उमरेह में नलों के पानी की यह गंभीर समस्या कब तक बनी रहेगी?4
- कैलारस में जन समस्याओं को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और किसान सभा ने एक विशाल प्रदर्शन किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। यह कार्रवाई माकपा/किसान सभा द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी आंदोलन और अभियान का हिस्सा थी, जिसके तहत किसान भवन से रैली निकालकर तहसील कार्यालय तक मार्च किया गया। इस दौरान हुई आमसभा को संबोधित करते हुए माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों की हालत दिनों-दिन बदहाल होती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका के साथ फ्री ट्रेड डील से देश के किसान, खेती-किसानी और डेयरी उद्योग पूरी तरह तबाह हो जाएंगे, जिससे करोड़ों पशुपालक किसान डेयरी व्यवसाय से बाहर हो जाएंगे। जसविंदर सिंह ने आगे बताया कि खेती में बढ़ती लागत के बावजूद किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे वे लगातार घाटे में हैं। इसके परिणामस्वरूप भूमिहीनता बढ़ रही है और जमीन का केंद्रीकरण हो रहा है, जो कृषि क्षेत्र और देश के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा; उन्होंने इसके पुरजोर विरोध की आवश्यकता पर बल दिया। किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने शक्कर कारखाना चालू कराने, जल निकासी की व्यवस्था करने, आवारा पशुओं का प्रबंध करने और नाले-नालियों का निर्माण कराने जैसी मांगों के लिए लगातार संघर्ष जारी रखने की बात कही। वामपंथी नेता गयाराम सिंह धाकड़ ने यह स्पष्ट किया कि यदि जन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन का नेतृत्व राजेश गुप्ता, भोंरु लाल, सियाराम सिंह, जगन्नाथ सिंह, बनवारी लाल, डॉ रामकुमार, ब्रजवीर सिंह सिकरवार, कन्हैयालाल, निरंजन शाक्य सहित अन्य नेताओं ने किया। यह अभियान और आंदोलन 10 जून तक लगातार जारी रहेगा। इसके बाद, 11 जून को सुबह 7:00 बजे पुरानी सब्जी मंडी पर एक विशाल आमसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव और माकपा नेता बादल सरोज मुख्य वक्ता होंगे। यह अभियान कैलारस समेत पूरे जिले भर में जारी है और आगे भी जारी रहेगा।1
- सबलगढ़ नगर पालिका परिषद की विभिन्न जनसमस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर पार्षदों द्वारा चलाया जा रहा जनहित सत्याग्रह मंगलवार को 26वें दिन भी जारी रहा। यह आंदोलन नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें आमजन भी अपनी समस्याओं को लेकर सत्याग्रह स्थल पर पहुँच रहे हैं, जिससे पार्षदों का संघर्ष और तेज हो गया है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने बताया कि नगर में सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें, अधूरे निर्माण कार्य और नालों की सफाई जैसी अनेक जनसमस्याएं लंबे समय से अनदेखी का शिकार हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इन मामलों पर आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी गई थी, लेकिन आज तक संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। कई शिकायतों और मांगों के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण ही पार्षदों को जनहित सत्याग्रह का मार्ग अपनाना पड़ा है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी, कैलाश चंद भगत और रचना अशरफ खान ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं है, बल्कि नगर की जनता के अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं के लिए एक लड़ाई है। उन्होंने यह भी बताया कि 26 दिनों से लगातार जारी इस सत्याग्रह के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है, फिर भी सभी पार्षद और नागरिक अपने संकल्प पर अडिग हैं। पार्षदों ने इस बात पर जोर दिया कि नगरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि जब तक जनता की समस्याओं के समाधान हेतु ठोस एवं प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह जनहित सत्याग्रह जारी रहेगा। सत्याग्रह स्थल पर पहुँच रहे नागरिक भी इस आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए अपनी समस्याएं रख रहे हैं, जिससे यह जनआवाज निरंतर और अधिक मजबूत होती जा रही है।1
- पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर बाड़ी थाना पुलिस ने सर्राफा व्यापारी से ₹20 लाख की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी अमित गुर्जर को मात्र 48 घंटे में गिरफ्तार कर लिया है। यह सनसनीखेज मामला 29 मई को सामने आया था जब बाड़ी के सर्राफा व्यापारी को धमकी मिली थी। आरोपी अमित गुर्जर ने बड़ी चालाकी से दूसरे के मोबाइल का इस्तेमाल कर खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन बताकर व्यापारी को रंगदारी और जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि यह विवाद लगभग तीन माह पहले शादी के गहने बनवाने के लिए दिए गए एडवांस पैसों की वापसी को लेकर था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विकास सांगवान ने थाना स्तर पर तीन अलग-अलग टीमें गठित की थीं। इन टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय इनपुट के आधार पर रंगदारी की धमकी देने वाले मुल्जिम अमित को चिन्हित कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से प्रकरण में इस्तेमाल किया गया मोबाइल भी बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई एडिशनल एसपी श्रवण कुमार झोरड़ और डीएसपी महेंद्र मीणा के सुपरविजन में बाड़ी कोतवाली थानाप्रभारी देवेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में की गई, जिसमें कांस्टेबल राजेन्द्र की अहम भूमिका रही। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान जारी है, और जघन्य मामलों में अपराधियों की धरपकड़ अभियान जारी रहेगा।2