logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सिक्किम में स्थित Khangchendzonga National Park भारत की एक अद्भुत और गौरवशाली विरासत है, जिसे सिर्फ देखा ही नहीं जाता, बल्कि महसूस भी किया जाता है। यहाँ बर्फ से ढके शिखर, घने वन और सदियों पुरानी लोककथाएँ प्रकृति व संस्कृति के अटूट संबंध की जीवंत कहानी बयाँ करती हैं। यह राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 2016 में UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने वाला भारत का पहला 'मिश्रित धरोहर स्थल' (Mixed Heritage Site) बना। यह गौरवशाली धरोहर दुनिया के सामने उस भारतीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है, जहाँ विकास, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति का संरक्षण एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं, विरोधी नहीं।

17 hrs ago
user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
जनता की आवाज़ Morena, Madhya Pradesh•
17 hrs ago

सिक्किम में स्थित Khangchendzonga National Park भारत की एक अद्भुत और गौरवशाली विरासत है, जिसे सिर्फ देखा ही नहीं जाता, बल्कि महसूस भी किया जाता है। यहाँ बर्फ से ढके शिखर, घने वन और सदियों पुरानी लोककथाएँ प्रकृति व संस्कृति के अटूट संबंध की जीवंत कहानी बयाँ करती हैं। यह राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 2016 में UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने वाला भारत का पहला 'मिश्रित धरोहर स्थल' (Mixed Heritage Site) बना। यह गौरवशाली धरोहर दुनिया के सामने उस भारतीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है, जहाँ विकास, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति का संरक्षण एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं, विरोधी नहीं।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मुंगावली गांव में जल भराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। गांव में पानी के निकास की समस्या के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इस संबंध में, समस्या के समाधान हेतु एक आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
    1
    मुंगावली गांव में जल भराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। गांव में पानी के निकास की समस्या के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इस संबंध में, समस्या के समाधान हेतु एक आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
    user_Balluchaubey
    Balluchaubey
    Farmer मुरैना, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सिक्किम का कंचनजंगा नेशनल पार्क एक अद्भुत विरासत है जिसे केवल देखा ही नहीं जाता, बल्कि महसूस भी किया जाता है। यह पार्क अपनी बर्फ से ढकी चोटियों, घने जंगलों और सदियों पुरानी लोककथाओं के माध्यम से प्रकृति और संस्कृति के बीच गहरे व जीवंत संबंध की कहानी कहता है। वर्ष 2016 में, इस गौरवशाली स्थल को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया, जिसके साथ यह भारत का पहला मिश्रित धरोहर स्थल बन गया। यह उपलब्धि देश के लिए एक विशेष सम्मान का प्रतीक है। कंचनजंगा नेशनल पार्क दुनिया के सामने उस भारतीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है, जहां विकास, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति संरक्षण को एक-दूसरे का पूरक माना जाता है, न कि विरोधी। यह धरोहर इस बात पर जोर देती है कि तीनों तत्वों का सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व संभव है।
    1
    सिक्किम का कंचनजंगा नेशनल पार्क एक अद्भुत विरासत है जिसे केवल देखा ही नहीं जाता, बल्कि महसूस भी किया जाता है। यह पार्क अपनी बर्फ से ढकी चोटियों, घने जंगलों और सदियों पुरानी लोककथाओं के माध्यम से प्रकृति और संस्कृति के बीच गहरे व जीवंत संबंध की कहानी कहता है।

वर्ष 2016 में, इस गौरवशाली स्थल को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया, जिसके साथ यह भारत का पहला मिश्रित धरोहर स्थल बन गया। यह उपलब्धि देश के लिए एक विशेष सम्मान का प्रतीक है।

कंचनजंगा नेशनल पार्क दुनिया के सामने उस भारतीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है, जहां विकास, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति संरक्षण को एक-दूसरे का पूरक माना जाता है, न कि विरोधी। यह धरोहर इस बात पर जोर देती है कि तीनों तत्वों का सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व संभव है।
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    जनता की आवाज़ Morena, Madhya Pradesh•
    7 hrs ago
  • मोरैना शहर के वार्ड क्रमांक 7 स्थित चंबल कॉलोनी के पीछे कत्था-अंबाह रोड क्षेत्र में रहने वाले कई परिवारों ने स्थायी आवासीय पट्टा और पेयजल सुविधा की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई है। इन परिवारों का कहना है कि वे पिछले 30 से 40 वर्षों से इस भूमि पर निवास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न तो भूमि का स्थायी कब्जा मिला है और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें शासन स्तर से आवासीय पट्टे आवंटित किए जा चुके हैं, फिर भी स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें अब तक कब्जा नहीं दिलवाया गया है। उनका आरोप है कि कई बार एसडीएम और तहसील कार्यालय में आवेदन देने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। वर्तमान में ये परिवार लगभग 14 झोपड़ियों में जीवन यापन कर रहे हैं और यदि उन्हें इस भूमि से बेदखल किया जाता है, तो उनके सामने छोटे-छोटे बच्चों के साथ रहने का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा और उन्हें दर-दर भटकना पड़ेगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है कि उन्हें आवंटित आवासीय भूमि पर शीघ्र कब्जा दिलाया जाए। साथ ही, क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए हैंडपंप की व्यवस्था कराई जाए। उनका कहना है कि बार-बार आवेदन देने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से वे बहुत परेशान हैं और मूलभूत सुविधाओं के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार चाहते हैं।
    1
    मोरैना शहर के वार्ड क्रमांक 7 स्थित चंबल कॉलोनी के पीछे कत्था-अंबाह रोड क्षेत्र में रहने वाले कई परिवारों ने स्थायी आवासीय पट्टा और पेयजल सुविधा की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई है। इन परिवारों का कहना है कि वे पिछले 30 से 40 वर्षों से इस भूमि पर निवास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न तो भूमि का स्थायी कब्जा मिला है और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

पीड़ितों ने बताया कि उन्हें शासन स्तर से आवासीय पट्टे आवंटित किए जा चुके हैं, फिर भी स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें अब तक कब्जा नहीं दिलवाया गया है। उनका आरोप है कि कई बार एसडीएम और तहसील कार्यालय में आवेदन देने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। वर्तमान में ये परिवार लगभग 14 झोपड़ियों में जीवन यापन कर रहे हैं और यदि उन्हें इस भूमि से बेदखल किया जाता है, तो उनके सामने छोटे-छोटे बच्चों के साथ रहने का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा और उन्हें दर-दर भटकना पड़ेगा।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है कि उन्हें आवंटित आवासीय भूमि पर शीघ्र कब्जा दिलाया जाए। साथ ही, क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए हैंडपंप की व्यवस्था कराई जाए। उनका कहना है कि बार-बार आवेदन देने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से वे बहुत परेशान हैं और मूलभूत सुविधाओं के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार चाहते हैं।
    user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    मीडिया Morena, Madhya Pradesh•
    18 hrs ago
  • राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) संजीव मागो के मार्गदर्शन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) रेखा यादव ने बुधवार को धौलपुर स्थित राजकीय बाल संप्रेषण एवं शिशु गृह का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान बाल संप्रेषण गृह, बाल गृह (देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों हेतु) और शिशु गृह की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। निरीक्षण के समय बाल संप्रेषण गृह में 10 विधि से संघर्षरत बालक, बाल गृह में एक बालक और शिशु गृह में दो शिशु उपस्थित पाए गए। सचिव रेखा यादव ने विशेष रूप से शिशु गृह का निरीक्षण करते हुए नवजात एवं छोटे बच्चों के आवास, खान-पान तथा चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के दूध, पूरक आहार एवं भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में कोई लापरवाही न बरती जाए। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा समय-समय पर शिशु रोग विशेषज्ञ से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए। इसके बाद, सचिव ने बाल संप्रेषण गृह का निरीक्षण कर वहां रह रहे किशोरों से संवाद किया और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही भोजन, खेलकूद एवं विधिक सहायता संबंधी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने किशोरों के मामलों की प्रगति, जमानत एवं अपील से जुड़ी जानकारी भी ली, साथ ही आवासीय कक्षों, बिस्तर व्यवस्था और गर्मी से राहत के लिए लगाए गए कूलरों का भी जायजा लिया। रेखा यादव ने बाल संप्रेषण गृह के प्रबंधन को यह भी निर्देशित किया कि किशोरों के मानसिक एवं व्यवहारिक विकास के लिए नियमित रूप से सकारात्मक परामर्श सत्र, योग शिविर एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियों का आयोजन किया जाए, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने बाल गृह में रह रहे देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे से भी मुलाकात की तथा उसके रहने की व्यवस्था, शैक्षणिक सुविधाओं एवं अध्ययन सामग्री का निरीक्षण किया। इस आकस्मिक निरीक्षण में बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक बबलू शर्मा, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मधु शर्मा, प्रबंधक मुरारीलाल मीणा, कनिष्ठ सहायक संजय, काउंसलर उषा यादव, मैनेजर निमिका मीणा, केयरटेकर राजकुमार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडोतिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    1
    राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) संजीव मागो के मार्गदर्शन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) रेखा यादव ने बुधवार को धौलपुर स्थित राजकीय बाल संप्रेषण एवं शिशु गृह का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान बाल संप्रेषण गृह, बाल गृह (देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों हेतु) और शिशु गृह की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया।

निरीक्षण के समय बाल संप्रेषण गृह में 10 विधि से संघर्षरत बालक, बाल गृह में एक बालक और शिशु गृह में दो शिशु उपस्थित पाए गए। सचिव रेखा यादव ने विशेष रूप से शिशु गृह का निरीक्षण करते हुए नवजात एवं छोटे बच्चों के आवास, खान-पान तथा चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के दूध, पूरक आहार एवं भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में कोई लापरवाही न बरती जाए। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा समय-समय पर शिशु रोग विशेषज्ञ से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।

इसके बाद, सचिव ने बाल संप्रेषण गृह का निरीक्षण कर वहां रह रहे किशोरों से संवाद किया और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही भोजन, खेलकूद एवं विधिक सहायता संबंधी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने किशोरों के मामलों की प्रगति, जमानत एवं अपील से जुड़ी जानकारी भी ली, साथ ही आवासीय कक्षों, बिस्तर व्यवस्था और गर्मी से राहत के लिए लगाए गए कूलरों का भी जायजा लिया। रेखा यादव ने बाल संप्रेषण गृह के प्रबंधन को यह भी निर्देशित किया कि किशोरों के मानसिक एवं व्यवहारिक विकास के लिए नियमित रूप से सकारात्मक परामर्श सत्र, योग शिविर एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियों का आयोजन किया जाए, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने बाल गृह में रह रहे देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे से भी मुलाकात की तथा उसके रहने की व्यवस्था, शैक्षणिक सुविधाओं एवं अध्ययन सामग्री का निरीक्षण किया।

इस आकस्मिक निरीक्षण में बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक बबलू शर्मा, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मधु शर्मा, प्रबंधक मुरारीलाल मीणा, कनिष्ठ सहायक संजय, काउंसलर उषा यादव, मैनेजर निमिका मीणा, केयरटेकर राजकुमार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडोतिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_Afaq ahmed
    Afaq ahmed
    Court reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    29 min ago
  • मध्य प्रदेश के जौरा स्थित सिविल अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों और नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल का सीधा असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे इलाज और जांच के लिए आ रहे मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदेश संगठन के आह्वान पर जौरा के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने यह सामूहिक हड़ताल प्रारंभ की है। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि नियमितीकरण सहित उनकी अन्य मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन शासन स्तर पर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मी गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मियों के हित में निर्देश दिए जाने के बावजूद नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, और न ही अन्य लंबित मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई हुई है। हड़ताल के कारण अस्पताल की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी। इस बीच, अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
    1
    मध्य प्रदेश के जौरा स्थित सिविल अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों और नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल का सीधा असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे इलाज और जांच के लिए आ रहे मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदेश संगठन के आह्वान पर जौरा के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने यह सामूहिक हड़ताल प्रारंभ की है। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि नियमितीकरण सहित उनकी अन्य मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन शासन स्तर पर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मी गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मियों के हित में निर्देश दिए जाने के बावजूद नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, और न ही अन्य लंबित मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई हुई है।

हड़ताल के कारण अस्पताल की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी। इस बीच, अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    40 min ago
  • धौलपुर जिले के उमरेह ग्राम पंचायत में आज ग्रामीणों ने पेयजल के गंभीर संकट को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पिछले लंबे समय से नलों में नियमित पानी की आपूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आमजन में गहरा रोष व्याप्त है और पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। इसका खामियाजा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें पीने के पानी के लिए दूर-दराज़ के इलाकों से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द नियमित तथा पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देंगे। उनकी मुख्य मांग है कि तत्काल समस्या का समाधान कर गांव में आमजन को राहत प्रदान की जाए। आज हर ग्रामीण की ज़ुबान पर यही सवाल है कि आखिर ग्राम पंचायत उमरेह में नलों के पानी की यह गंभीर समस्या कब तक बनी रहेगी?
    4
    धौलपुर जिले के उमरेह ग्राम पंचायत में आज ग्रामीणों ने पेयजल के गंभीर संकट को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पिछले लंबे समय से नलों में नियमित पानी की आपूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आमजन में गहरा रोष व्याप्त है और पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। इसका खामियाजा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें पीने के पानी के लिए दूर-दराज़ के इलाकों से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द नियमित तथा पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देंगे। उनकी मुख्य मांग है कि तत्काल समस्या का समाधान कर गांव में आमजन को राहत प्रदान की जाए। आज हर ग्रामीण की ज़ुबान पर यही सवाल है कि आखिर ग्राम पंचायत उमरेह में नलों के पानी की यह गंभीर समस्या कब तक बनी रहेगी?
    user_Deepu Verma Journalist Dholpur
    Deepu Verma Journalist Dholpur
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी अभिनेत्री पत्नी अनुष्का शर्मा ने हाल ही में वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों ने संत से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।
    1
    भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी अभिनेत्री पत्नी अनुष्का शर्मा ने हाल ही में वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों ने संत से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।
    user_NATION MEDIA AB
    NATION MEDIA AB
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • सिक्किम में स्थित Khangchendzonga National Park भारत की एक अद्भुत और गौरवशाली विरासत है, जिसे सिर्फ देखा ही नहीं जाता, बल्कि महसूस भी किया जाता है। यहाँ बर्फ से ढके शिखर, घने वन और सदियों पुरानी लोककथाएँ प्रकृति व संस्कृति के अटूट संबंध की जीवंत कहानी बयाँ करती हैं। यह राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 2016 में UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने वाला भारत का पहला 'मिश्रित धरोहर स्थल' (Mixed Heritage Site) बना। यह गौरवशाली धरोहर दुनिया के सामने उस भारतीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है, जहाँ विकास, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति का संरक्षण एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं, विरोधी नहीं।
    2
    सिक्किम में स्थित Khangchendzonga National Park भारत की एक अद्भुत और गौरवशाली विरासत है, जिसे सिर्फ देखा ही नहीं जाता, बल्कि महसूस भी किया जाता है। यहाँ बर्फ से ढके शिखर, घने वन और सदियों पुरानी लोककथाएँ प्रकृति व संस्कृति के अटूट संबंध की जीवंत कहानी बयाँ करती हैं।

यह राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 2016 में UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने वाला भारत का पहला 'मिश्रित धरोहर स्थल' (Mixed Heritage Site) बना।

यह गौरवशाली धरोहर दुनिया के सामने उस भारतीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती है, जहाँ विकास, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति का संरक्षण एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं, विरोधी नहीं।
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    जनता की आवाज़ Morena, Madhya Pradesh•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.