स्वतंत्रता दिवस में गूंजेगा ‘अंगूठे से कलम की ओर’ का संदेश जिलेभर में होगा उल्लास महा चौपाल का आयोजन स्वतंत्रता दिवस में गूंजेगा ‘अंगूठे से कलम की ओर’ का संदेश जिलेभर में होगा उल्लास महा चौपाल का आयोजन सुकमा- स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर जिला प्रशासन सुकमा जिले को साक्षरता के क्षेत्र में अनोखा उपहार देने जा रहा है। ध्वजारोहण के बाद जिले के सभी स्कूलों एवं पंचायतों में ‘उल्लास महा चौपाल’ का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर अमित कुमार ने जिले के समस्त स्कूलों को निर्देशित करते हुए 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। ‘अंगूठे से कलम की ओर’ थीम के माध्यम से उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। अभियान में फेसबुक, व्हाट्सऐप सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, स्कूलों के डिजिटल डिस्प्ले और प्रोजेक्टर का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। स्कूलों को इस अभियान का ब्रांड एम्बेसडर बनाते हुए विद्यार्थियों को अपने परिवार और आसपास के समुदाय में कम से कम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिला प्रशासन की पहल को जनअभियान का स्वरूप देने के लिए डिजिटल संकल्प भी कराया जाएगा। विद्यार्थी, शिक्षक एवं नागरिक अपने परिवार अथवा आसपास के समुदाय से न्यूनतम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प लेकर शॉर्ट वीडियो तैयार करेंगे और सोशल मीडिया के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार करेंगे। साथ ही, ऐसे लोगों का उल्लास ऐप के माध्यम से पंजीयन कराने के लिए भी नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा, जो अभी पढ़ना-लिखना नहीं जानते। महाचौपाल में नवसाक्षरों को अपनी सफलता की कहानी साझा करने का अवसर मिलेगा। वे बताएंगे कि पढ़ना-लिखना सीखने के बाद उनके दैनिक जीवन में किस तरह सकारात्मक बदलाव आया—मोबाइल चलाने, बैंक का फॉर्म भरने, बस का नंबर पढ़ने जैसे छोटे-छोटे कार्यों में आत्मनिर्भरता ने उनके आत्मविश्वास को कैसे बढ़ाया। नवसाक्षरों की ये प्रेरक कहानियां समुदाय के अन्य शिक्षार्थियों को भी शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रम में ‘बुजुर्ग सम्मान सत्र’ भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें बुजुर्ग महिलाओं एवं पुरुषों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। वे अपनी स्थानीय भाषा में देश की आजादी, पुराने समय और शिक्षा के महत्व से जुड़ी लोकगीत, कहानियां एवं कविताएं प्रस्तुत करेंगे। उल्लास केंद्रों से जुड़े बुजुर्गों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। जिला प्रशासन का यह प्रयास स्वतंत्रता दिवस को केवल ध्वजारोहण और राष्ट्रगान तक सीमित न रखते हुए ज्ञान, सम्मान और जनभागीदारी के उत्सव में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर सुकमा जिले से एक सशक्त संदेश दिया जाएगा—“अंगूठे का निशान हटाएं, हर हाथ में कलम थमाएं”—और साक्षरता के माध्यम से हर व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाकर सच्ची आजादी का संकल्प साकार किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस में गूंजेगा ‘अंगूठे से कलम की ओर’ का संदेश जिलेभर में होगा उल्लास महा चौपाल का आयोजन स्वतंत्रता दिवस में गूंजेगा ‘अंगूठे से कलम की ओर’ का संदेश जिलेभर में होगा उल्लास महा चौपाल का आयोजन सुकमा- स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर जिला प्रशासन सुकमा जिले को साक्षरता के क्षेत्र में अनोखा उपहार देने जा रहा है। ध्वजारोहण के बाद जिले के सभी स्कूलों एवं पंचायतों में ‘उल्लास महा चौपाल’ का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर अमित कुमार ने जिले के समस्त स्कूलों को निर्देशित करते हुए 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। ‘अंगूठे से कलम की ओर’ थीम के माध्यम से उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। अभियान में फेसबुक, व्हाट्सऐप सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, स्कूलों के डिजिटल डिस्प्ले और प्रोजेक्टर का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। स्कूलों को इस अभियान का ब्रांड एम्बेसडर बनाते हुए विद्यार्थियों को अपने परिवार और आसपास के समुदाय में कम से कम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिला प्रशासन की पहल को जनअभियान का स्वरूप देने के लिए डिजिटल संकल्प भी कराया जाएगा। विद्यार्थी, शिक्षक एवं नागरिक अपने परिवार अथवा आसपास के समुदाय से न्यूनतम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प लेकर शॉर्ट वीडियो तैयार करेंगे और सोशल मीडिया के माध्यम से इसका प्रचार-प्रसार करेंगे। साथ ही, ऐसे लोगों का उल्लास ऐप के माध्यम से पंजीयन कराने के लिए भी नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा, जो अभी पढ़ना-लिखना नहीं जानते। महाचौपाल में नवसाक्षरों को अपनी सफलता की कहानी साझा करने का अवसर मिलेगा। वे बताएंगे कि पढ़ना-लिखना सीखने के बाद उनके दैनिक जीवन में किस तरह सकारात्मक बदलाव आया—मोबाइल चलाने, बैंक का फॉर्म भरने, बस का नंबर पढ़ने जैसे छोटे-छोटे कार्यों में आत्मनिर्भरता ने उनके आत्मविश्वास को कैसे बढ़ाया। नवसाक्षरों की ये प्रेरक कहानियां समुदाय के अन्य शिक्षार्थियों को भी शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रम में ‘बुजुर्ग सम्मान सत्र’ भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें बुजुर्ग महिलाओं एवं पुरुषों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। वे अपनी स्थानीय भाषा में देश की आजादी, पुराने समय और शिक्षा के महत्व से जुड़ी लोकगीत, कहानियां एवं कविताएं प्रस्तुत करेंगे। उल्लास केंद्रों से जुड़े बुजुर्गों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। जिला प्रशासन का यह प्रयास स्वतंत्रता दिवस को केवल ध्वजारोहण और राष्ट्रगान तक सीमित न रखते हुए ज्ञान, सम्मान और जनभागीदारी के उत्सव में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर सुकमा जिले से एक सशक्त संदेश दिया जाएगा—“अंगूठे का निशान हटाएं, हर हाथ में कलम थमाएं”—और साक्षरता के माध्यम से हर व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाकर सच्ची आजादी का संकल्प साकार किया जाएगा।
- स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिल के खिलाफ कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान, पुराने मीटर बहाल करने की मांग शहर जिला कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफ व्यापक जनसंपर्क सह हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व और नगरनार ब्लॉक अध्यक्ष संतोष सेठिया की अगुवाई में घाटपदमुर मंडल के ग्राम नेगीगुड़ा सहित विभिन्न बस्तियों में कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से संपर्क किया। लोगों ने स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर वापस लगाने की मांग को लेकर आवेदन फॉर्म भरे। जनता का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग का बजट बिगड़ गया है। बिना सहमति के जबरन मीटर लगाने को अधिकारों का हन बताया गया। सुशील मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है। स्मार्ट मीटर से केवल कंपनियों को फायदा हो रहा है। जब तक पुराने मीटर बहाल नहीं होते आंदोलन जारी रहेगा। संतोष सेठिया ने '400 यूनिट बिजली बिल हाफ योजना' फिर शुरू करने की मांग की। चेतावनी दी कि मांग न मानने पर उग्र जन-आंदोलन किया जाएगा। अभियान में दयाराम कश्यप, भोजराज नाग सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद थे।4
- फरसगांव: विश्व आदिवासी दिवस पर चिंगनार में उमड़ा जनसैलाब, आदिवासी संस्कृति की भव्य झलक के साथ हुआ पौधरोपण विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के युवा, युवतियां, महिलाएं, बच्चे और सियान-सजन शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में समाजजनों ने अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक विकास का संदेश दिया गया। वहीं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों द्वारा फलदार पौधों का रोपण भी किया गया। चिंगनार में विश्व आदिवासी दिवस का यह आयोजन सामाजिक एकता, संस्कृति संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता नजर आया।1
- *✰तीर्थ यात्रा और जल चढ़ाने से क्या शिव जी प्रसन्न हो सकते हैं?✰* अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel *✰तीर्थ यात्रा और जल चढ़ाने से क्या शिव जी प्रसन्न हो सकते हैं?✰* अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel1
- गंगरेल वन क्षेत्र में घायल भारतीय अजगर का रेस्क्यू, रायपुर जंगल सफारी में चल रहा उपचार गंगरेल वन क्षेत्र में घायल भारतीय अजगर का रेस्क्यू, रायपुर जंगल सफारी में चल रहा उपचार धमतरी। गंगरेल वन क्षेत्र में घायल अवस्था में मिले भारतीय अजगर (Python molurus) का वन विभाग ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उपचार कराया। 8 अगस्त को मिले अजगर को वन परिक्षेत्र कार्यालय लाकर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें उसके सिर, पूंछ और शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव मिले। प्रारंभिक जांच में चोटें किसी कठोर वस्तु या पत्थर से लगने की आशंका जताई गई। डॉ. मयंक पटेल ने अजगर का प्राथमिक उपचार कर आवश्यक दवाएं दीं, जिसके बाद उसकी हालत स्थिर रही। वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रधान और डिप्टी रेंजर राकेश तिवारी की मौजूदगी में उपचार की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। बेहतर चिकित्सा और विशेषज्ञ निगरानी के लिए शनिवार रात अजगर को रायपुर के जंगल सफारी भेज दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। रेस्क्यू अभियान में सर्प मित्र नीरज पांडेय ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घायल या संकटग्रस्त वन्यजीव मिलने पर उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की बजाय तत्काल विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते उसका सुरक्षित रेस्क्यू और उपचार किया जा सके।2
- कोंडागांव: विश्व आदिवासी दिवस पर विश्रामपुरी में उमड़ा जनसैलाब, हजारों की संख्या में हल्बा समाज ने दिखाई एकजुटता विश्रामपुरी में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय हल्बा समाज द्वारा विशाल रैली का आयोजन किया गया। बड़ेराजपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, युवा और युवतियां शामिल हुए। शहीद गेंद सिंह नायक चौक पर समाजजनों ने एकता, अखंडता और सामाजिक विकास का संदेश दिया।1
- फरसगांव में संदिग्धों के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान, 163 को हिरासत में लेकर की जा रही है पुछताछ कोंडागांव जिले में संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए फरसगांव पुलिस ने नगर के सभी 15 वार्डों सहित थाना क्षेत्र में व्यापक कांबिंग एवं शिनाख्ती अभियान चलाया। पुलिस ने 21 टीमों के माध्यम से कार्रवाई करते हुए 163 संदिग्धों को थाना लाकर पूछताछ और दस्तावेजों का सत्यापन किया।1