मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक गुरसराय (झांसी)। जनपद झांसी के थाना गुरसराय क्षेत्र में मिशन शक्ति फेज 5.0 के अंतर्गत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान मिशन शक्ति टीम, एसएसआई महेंद्र सिंह भदौरिया, हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार, एचजीसीसी दीपेंद्र तथा महिला आरक्षी आकांक्षा की टीम द्वारा कस्बा गुरसराय स्थित तालाब माता मंदिर एवं फुलकी माता मंदिर में दर्शन करने आई महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक किया गया। अभियान के दौरान उपस्थित महिलाओं को शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे विधवा पेंशन, सुमंगला योजना एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही बाल मजदूरी न कराने, गुड टच और बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से समझाया गया। पुलिस टीम ने महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी आपात स्थिति में 1090 वूमेन पावर लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन, 108 एंबुलेंस सेवा एवं 112 पुलिस आपातकालीन सेवा का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड, फ्रॉड कॉल, अनचाहे लिंक से बचाव के उपायों पर भी विशेष रूप से जागरूक किया गया। यातायात नियमों के पालन के तहत “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान के बारे में भी जानकारी दी गई। अंत में टीम द्वारा जागरूकता पंपलेट वितरित कर महिलाओं एवं बालिकाओं को सतर्क एवं जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट
मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक गुरसराय (झांसी)। जनपद झांसी के थाना गुरसराय क्षेत्र में मिशन शक्ति फेज 5.0 के अंतर्गत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान मिशन शक्ति टीम, एसएसआई महेंद्र सिंह भदौरिया, हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार, एचजीसीसी दीपेंद्र तथा महिला आरक्षी आकांक्षा की टीम द्वारा कस्बा गुरसराय स्थित तालाब माता मंदिर एवं फुलकी माता मंदिर में दर्शन करने आई महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक किया गया। अभियान के दौरान उपस्थित महिलाओं को शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे विधवा पेंशन, सुमंगला योजना एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही बाल मजदूरी न कराने, गुड टच और बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से समझाया गया। पुलिस टीम ने महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी आपात स्थिति में 1090 वूमेन पावर लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन, 108 एंबुलेंस सेवा एवं 112 पुलिस आपातकालीन सेवा का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड, फ्रॉड कॉल, अनचाहे लिंक से बचाव के उपायों पर भी विशेष रूप से जागरूक किया गया। यातायात नियमों के पालन के तहत “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान के बारे में भी जानकारी दी गई। अंत में टीम द्वारा जागरूकता पंपलेट वितरित कर महिलाओं एवं बालिकाओं को सतर्क एवं जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट
- गुरसराय (झांसी) वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी गरौठा के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे वारंटी गिरफ्तारी अभियान के तहत थाना गुरसराय पुलिस ने एक वारण्टी अभियुक्त को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। प्रभारी निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त दिलीप पुत्र धनाराम अहिरवार (उम्र 32 वर्ष), निवासी मोहल्ला गांधीनगर, कस्बा एवं थाना गुरसराय, जनपद झांसी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट झांसी द्वारा मु0अ0सं0 160/07 धारा 457/411 भादवि में वारंट जारी किया गया था। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल— प्रभारी निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक उम्मेद सिंह, हेड कांस्टेबल अमृत सिंह एवं कांस्टेबल आशीष द्विवेदी। पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, जिससे क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिलेगी। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1
- जनपद जालौन के जालौन विकासखंड में सोमवार को एलिमको (ALIMCO) द्वारा एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को चिन्हित कर उन्हें सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। शिविर में कानपुर से एलिमको के कृत्रिम अंग विशेषज्ञ डॉ ब्रजेश कुमार,हियरिंग विशेषज्ञ डॉ अशोक प्रताप सिंह तथा डाटा मैनेजमेंट से जुड़े अंकित बाजपेयी उपस्थित रहे। एलिमको की ADIP स्कीम के तहत 26 लोगों का पंजीकरण किया गया, जिसमें सुनने की मशीन, व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, मोटराइज्ड साइकिल, छड़ी और बैसाखी शामिल हैं। वहीं राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत 29 लोगों का पंजीकरण किया गया, जिसमें हियरिंग मशीन, व्हीलचेयर, छड़ी, सिलिकॉन कुशन, स्पाइनल सपोर्ट और कमोड वाली कुर्सी जैसे उपकरण शामिल हैं। शिविर में विशेषज्ञों द्वारा सभी लाभार्थियों का परीक्षण कर उनकी आवश्यकताओं के अनुसार उपकरण चिन्हित किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही और लोगों ने इस पहल की सराहना की। बताया कि आगे भी इस तरह के शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।1
- Post by मुजीब आलम पत्रकार1
- वर्दी बदली, थाना बदला… पर केस डायरी वही चली कट-पेस्ट की केस डायरी, ट्रांसफर के बाद भी विवेचना; 4 साल बाद कोर्ट पहुँची एफआर—न्याय या ‘केस मैनेजमेंट’? #जालौन 👉 “ट्रांसफर के बाद कलम चली, तारीखों पर पेन चली—और 4 साल बाद कोर्ट चली… आखिर सच क्या है?” उरई/जालौन। लॉकडाउन 2020 के दौरान दुकान में आगजनी से जुड़े कोतवाली उरई के मुकदमा अपराध संख्या 348/2020 (धारा 436, 504, 506 IPC) में सामने आए दस्तावेजों व जनसूचना ने पुलिस विवेचना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में ट्रांसफर के बाद भी विवेचना जारी रहने, केस डायरी में कथित कटिंग-पेस्ट और फाइनल रिपोर्ट (FR) को चार साल बाद न्यायालय में दाखिल किए जाने जैसे आरोप उभर रहे हैं। दस्तावेजों के अनुसार संबंधित उपनिरीक्षक का स्थानांतरण 29 जुलाई 2022 को हो गया और उन्होंने 03 अगस्त 2022 को थाना गोहन में कार्यभार ग्रहण कर लिया। इसके बावजूद आरोप है कि 04 अगस्त 2022 को उसी केस में केस डायरी (CD-24, 25, 26) तैयार कर फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। सवाल उठता है कि दूसरे थाने में ज्वाइन करने के अगले ही दिन उरई में विवेचना कैसे पूरी हुई। मामले में यह भी आरोप है कि केस डायरी के कई पर्चे डिजिटल CCTNS के बजाय सादे कागज पर तैयार किए गए। इतना ही नहीं, न्यायालय में दाखिल रिकॉर्ड में CD-8 से CD-23 तक तारीखों में पेन से कटिंग कर नई तारीखें लिखे जाने के आरोप हैं, जिससे अभिलेखों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। सबसे बड़ा विवाद समय-रेखा को लेकर है—जहां 04 अगस्त 2022 को FR तैयार होने की बात कही जा रही है, वहीं 03 जनवरी 2026 को उसे न्यायालय में दाखिल किया गया। यानी फाइल को कोर्ट तक पहुंचने में करीब चार साल लग गए। साथ ही, आरोप है कि अभियोजन आख्या भी केस डायरी में शामिल नहीं की गई। इन सबके बावजूद माननीय मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लिए जाने से कानूनी हलकों में चर्चा तेज है। सवाल यही है—क्या यह महज लापरवाही है या किसी बड़े खेल के संकेत?1
- जहां सामने से आ रही स्कार्पियो ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। रिपोर्ट: मोहित, उरई1
- निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर नगर परिषद परिसर में संकल्प से समाधान शिविर का किया गया आयोजन निवाड़ी कलेक्टर रही मौजूद,,,,1
- शीघ्र होगी निषादराज समाज की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मत्स्यपालन के लिए देंगे अधिक से अधिक सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटनी और बलदेवगढ़ में निषादराज जयंती कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए भोपाल : 23 मार्च, 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान निषादराज ने भगवान श्रीराम को केवटराज से कहकर गंगाजी पार करवाने का पुण्य कार्य किया था। वनवास के पश्चात भगवान श्री राम ने पहली रात टोंस नदी के तट पर बिताई थी। श्रृंगवेगपुर (प्रयागराज) के राजा होने के नाते निषादराज ने जनजातीय सेना का सहयोग दिलवाया था। दोनों परम मित्र बने। उनकी मित्रा नि:श्छल और अटूट थी। राज्य सरकार मछुआ समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। मछुआ और केवट समाज के सदस्यों को राज्य सरकार द्वारा मत्स्यपालन कार्य के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवश्यक सुविधाएं दिलवाई जाएंगी। कृषक कल्याण वर्ष : 2026 में समाज बंधुओं की समृद्धि के लिए कार्य होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में निषादराज समाज की पंचायत का आयोजन भी किया जाएगा। इस पंचायत में मछुआ समाज के लिए रोजगार, शिक्षा, आवास सुविधा से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा निषादराज जयंती पर कटनी और बलदेवगढ़ (टीकमगढ़) में आयोजित कार्यक्रमों को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉफ्रेंस से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त समाज बंधुओं को निषादराज भगवान के जन्मोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि निषादराज और भगवान श्री राम के प्रसंग को इन कार्यक्रमों में जीवंत किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में मत्स्य पालन से जुड़े समुदाय के लिए विशेष सुविधाएं देने के लिए की गई पहल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.40 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र है, जिसमें से 99 प्रतिशत जल क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन हो रहा है। जहां प्रदेश में स्मार्ट फिश पार्लर प्रारंभ करने, झींगा पालन, नीली क्रांति के तहत केज कल्चर से मछली पकड़ने को बढ़ावा देने, आईस बाक्स युक्त मोटरसाइकिल प्रदाय के साथ ही आधुनिक मछली पालन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी इस वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध हैं। मध्यप्रदेश में जहां लगभग डेढ़ लाख मछुआ कार्ड प्रदाय किए गए हैं, वहीं मत्स्य पालन कार्य से जुड़े मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। लगभग 2500 समितियां सक्रियता से कार्य कर रही हैं। मध्यप्रदेश मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। कटनी में आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री संदीप जायसवाल, श्री दीपक टंडन सोनी, श्री वेंकट निषाद, श्रीमती पार्वती निषाद, जयनारायण निषाद, श्री श्याम निषाद आदि उपस्थित थे। टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बलदेवगढ़ जिला टीकमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री राहुल सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उमिता सिंह, बलदेवगढ़ नगरपालिका की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी विश्वदीपक मिश्रा उपस्थित थीं।1
- गुरसराय (झांसी)। जनपद झांसी के थाना गुरसराय क्षेत्र में मिशन शक्ति फेज 5.0 के अंतर्गत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान मिशन शक्ति टीम, एसएसआई महेंद्र सिंह भदौरिया, हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार, एचजीसीसी दीपेंद्र तथा महिला आरक्षी आकांक्षा की टीम द्वारा कस्बा गुरसराय स्थित तालाब माता मंदिर एवं फुलकी माता मंदिर में दर्शन करने आई महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक किया गया। अभियान के दौरान उपस्थित महिलाओं को शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे विधवा पेंशन, सुमंगला योजना एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही बाल मजदूरी न कराने, गुड टच और बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से समझाया गया। पुलिस टीम ने महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी आपात स्थिति में 1090 वूमेन पावर लाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन, 108 एंबुलेंस सेवा एवं 112 पुलिस आपातकालीन सेवा का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड, फ्रॉड कॉल, अनचाहे लिंक से बचाव के उपायों पर भी विशेष रूप से जागरूक किया गया। यातायात नियमों के पालन के तहत “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान के बारे में भी जानकारी दी गई। अंत में टीम द्वारा जागरूकता पंपलेट वितरित कर महिलाओं एवं बालिकाओं को सतर्क एवं जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1