सोनभद्र के विंढमगंज–कोन मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरपास (गेट संख्या-49) में सोमवार, 29 जून 2026 की शाम लगभग 4:30 बजे हुई बारिश का पानी मंगलवार दोपहर तक भी जस का तस बना रहा। लगभग 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी जल निकासी के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। यह अंडरपास क्षेत्र के हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही का एक प्रमुख मार्ग है, और जलभराव के कारण ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, व्यापारी और मरीजों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है, जबकि चारपहिया वाहन भी जोखिम उठाकर वहां से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बनती है, तो अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, और यह भी कि जब समस्या की सूचना अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, तब भी राहत कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने, अंडरपास का तकनीकी निरीक्षण कराने और भविष्य के लिए एक स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर बना यह अंडरपास यदि हर बारिश में तालाब बन जाएगा, तो इसका मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। अब जनता की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर इस गंभीर समस्या का समाधान कब होगा।
सोनभद्र के विंढमगंज–कोन मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरपास (गेट संख्या-49) में सोमवार, 29 जून 2026 की शाम लगभग 4:30 बजे हुई बारिश का पानी मंगलवार दोपहर तक भी जस का तस बना रहा। लगभग 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी जल निकासी के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। यह अंडरपास क्षेत्र के हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही का एक प्रमुख मार्ग है, और जलभराव के कारण ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, व्यापारी और मरीजों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है, जबकि चारपहिया वाहन भी जोखिम उठाकर वहां से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बनती है, तो अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, और यह भी कि जब समस्या की सूचना अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, तब भी राहत कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने, अंडरपास का तकनीकी निरीक्षण कराने और भविष्य के लिए एक स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर बना यह अंडरपास यदि हर बारिश में तालाब बन जाएगा, तो इसका मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। अब जनता की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर इस गंभीर समस्या का समाधान कब होगा।
- सोनभद्र जिले के रेणुकूट नगर के मुख्य बाजार में हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए बाइक सवार संजय कुमार ने वाराणसी ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। इस दुखद घटना का कथित लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जबकि हादसे में घायल हुए दूसरे युवक का इलाज अभी भी जारी है। संजय कुमार की मौत की खबर मिलने के बाद उनके परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है, और स्थानीय पुलिस ने इस मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या उन्हें 'फर्जी अवार्ड' मिल रहे हैं। पोस्ट में कटाक्षपूर्ण लहजे में कहा गया है कि अंधभक्तों को दिखाना पड़ेगा कि मोदी जी क्या कर सकते हैं, जो इन अवार्डों की विश्वसनीयता पर संदेह व्यक्त करता है।1
- झारखंड के गढ़वा के जाने-माने और लोकप्रिय यूट्यूबर राजाराम प्रसाद की मेहनत आखिरकार रंग लाई है। सड़क पर ब्रेड बेचने से लेकर एक सफल डिजिटल क्रिएटर बनने तक के उनके संघर्षपूर्ण सफर के बाद, अब उन्होंने टाटा सियाराम कार खरीदी है, जो उनकी नई बुलंदी का प्रतीक है। राजाराम प्रसाद 'सिखे ऑल इन हिंदी' नामक एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिसके 37 लाख (3.7 मिलियन) से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। उनके चैनल पर मुख्य रूप से मोबाइल टिप्स, ट्रिक्स, इंटरनेट, सोशल मीडिया अपडेट्स और टेक्नोलॉजी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं। उनकी यह कहानी बेहद प्रेरणादायक है, क्योंकि उन्होंने सड़क पर ब्रेड बेचकर शुरुआत की थी और 15 साल की कड़ी मेहनत तथा हौसले के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। राजाराम प्रसाद की यह उपलब्धि कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो यह दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और अथक प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।2
- सोनभद्र के मांची थाना क्षेत्र में हुई वर्षा के दौरान पहाड़ से पड़वा नाला में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह आ जाने के कारण तीन व्यक्ति बह गए। इस घटना में एक व्यक्ति को सकुशल बचा लिया गया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं, एक बालक की तलाश अभी भी जारी है। उक्त घटना के संबंध में सोनभद्र के क्षेत्राधिकारी सदर श्री राज सोनकर ने जानकारी दी है।1
- सिंगरौली के विंध्यनगर स्थित मैत्री सभागार में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी प्रदान करना और उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के उपाय सिखाना था। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त साइबर जागरूकता क्लिप्स का प्रदर्शन करके लोगों को इन अपराधों से सावधान रहने का संदेश दिया गया। जागरूकता क्लिप्स के माध्यम से विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिनमें अनजान लिंक पर क्लिक करना, फर्जी कॉल, ओटीपी/पिन साझा करना, केवाईसी अपडेट से जुड़ी धोखाधड़ी, लोन ऐप, क्यूआर कोड संबंधी ठगी, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए होने वाली धोखाधड़ी शामिल हैं। कार्यक्रम में यह बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी, पिन या कोई भी निजी जानकारी साझा न करें। साथ ही, किसी भी लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें।1
- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, रंका प्रखंड में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया है। सोमवार को रंका व्यापार मंडल परिसर स्थित बूथ संख्या-402 पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शुभम बेला तोपनो ने की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध, अद्यतन तथा त्रुटिरहित बनाना है, जिसके लिए 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक पूरे प्रखंड में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत, प्रत्येक मतदान केंद्र क्षेत्र में बीएलओ एवं बीएलओ-2 घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस प्रक्रिया में पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा, मृत अथवा स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, और नाम, पता या अन्य विवरणों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। बीडीओ ने इस बात पर जोर दिया कि निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया के लिए एक शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बीएलओ और बीएलओ-2 निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक प्रपत्र भरवाने, नए मतदाताओं का पंजीकरण कराने और त्रुटियों का सुधार करने का कार्य करेंगे। बीडीओ तोपनो ने आम नागरिकों से अपील की है कि जब बीएलओ सत्यापन के लिए उनके घर पहुंचें तो वे पूरा सहयोग करें और आयु, पहचान तथा निवास से संबंधित आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने न पाए। उन्होंने उन लोगों से भी आवेदन करने का आग्रह किया है जिनकी आयु निर्धारित तिथि तक 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा लोगों को जागरूक करने की अपील की, और कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता सूची में नाम होना बेहद महत्वपूर्ण है, जिसमें सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।1
- महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हरिश्चंद्रगढ़ किले के भीतर स्थित धनेश्वर गुफा मंदिर, जिसे केदारेश्वर गुफा मंदिर भी कहते हैं, एक बेहद रहस्यमयी और प्राचीन धार्मिक स्थल है। यह शानदार गुफा मंदिर सह्याद्री पर्वत श्रृंखला के बीच हरिश्चंद्रगढ़ के शिखर के पास एक गहरी प्राकृतिक गुफा में बसा है, जहाँ मुख्य बेस गाँव से ट्रेक करके पहुँचा जा सकता है। इस गुफा के केंद्र में लगभग 5 फीट ऊँचा एक शिवलिंग स्थापित है, जो पूरे साल बर्फ जैसे ठंडे पानी में डूबा रहता है। मंदिर की छत को मूल रूप से चार खंभों का सहारा था, जिन्हें सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग जैसे चारों युगों का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, वर्तमान में इनमें से तीन खंभे टूट चुके हैं और केवल एक ही शेष बचा है। स्थानीय लोगों का दृढ़ विश्वास है कि जब यह आखिरी खंभा भी ढह जाएगा, तो कलयुग का अंत हो जाएगा और प्रलय आ जाएगी। यह मान्यता प्रचलित है कि मंदिर के ये चार खंभे ही चार युगों को दर्शाते हैं।3
- सिंगरौली जिले के शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैढ़न में प्रवेश उत्सव “स्कूल चलें हम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने विद्यालय पहुँचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासित जीवन अपनाने और शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया, इस दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कलेक्टर ने छात्रों से उनके भविष्य के लक्ष्य, पसंदीदा विषयों, करियर विकल्पों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बच्चों के आत्मविश्वास और जिज्ञासु स्वभाव की सराहना करते हुए कहा कि यदि विद्यार्थी स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करें, तो वे जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। श्री बैनल ने बताया कि स्कूली शिक्षा ही जीवन की सबसे मजबूत नींव है और प्रारंभिक व माध्यमिक स्तर पर विषयों की मूलभूत समझ मजबूत होने से उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाना आसान हो जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से बिना किसी भय और तनाव के पूरी एकाग्रता व लगन से पढ़ाई करने तथा प्रतिदिन नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने यह भी जानकारी दी कि विद्यालय परिसर में सीएसआर मद से नीट, आईआईटी और जेईई प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें इच्छुक छात्र सम्मिलित हो सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अध्ययन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) का सकारात्मक एवं उपयोगी तरीके से प्रयोग करने की सलाह दी, यह कहते हुए कि वर्तमान समय तकनीक आधारित शिक्षा का है। ए.आई. की सहायता से विद्यार्थी कठिन विषयों को सरलता से समझ सकते हैं, अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं तथा नई-नई जानकारी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने और भविष्य में केवल रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनने की भी प्रेरणा दी। कलेक्टर श्री बैनल ने विद्यालय प्रबंधन को कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने विद्यालय में नियमित करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित करने का निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को समय-समय पर विभिन्न करियर विकल्पों, प्रतियोगी परीक्षाओं, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, उन्होंने विद्यालय परिसर में एक सुव्यवस्थित एवं समृद्ध लाइब्रेरी विकसित करने पर विशेष जोर दिया, जिसमें पाठ्य पुस्तकों के अतिरिक्त सामान्य ज्ञान, विज्ञान, साहित्य, व्यक्तित्व विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं प्रेरणादायक पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, जिससे विद्यार्थियों में अध्ययन एवं पठन-पाठन की रुचि विकसित हो सके। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती कविता त्रिपाठी एवं विद्यालय के प्राचार्य श्री संतोष देव पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।2
- गढ़वा जिले के रंका प्रखंड की कंचनपुर पंचायत अंतर्गत रबदा खुरा गाँव में आदिवासी सरना विकास परिषद, गढ़वा के तत्वावधान में मंगलवार को सरना ध्वज स्थापना और हुल दिवस का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए और “जय धर्मेश” के उद्घोष से पूरा गाँव गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत सरना स्थल पर विधिवत पूजा-अर्चना और सरना ध्वज की स्थापना के साथ हुई। हुल दिवस के अवसर पर, वर्ष 1855 के ऐतिहासिक संथाल हुल आंदोलन के महान शहीद सिदो मुर्मू, कान्हू मुर्मू, चांद मुर्मू और भैरव मुर्मू सहित सभी वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इन महान क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत और शोषण के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनका यह बलिदान आज भी आदिवासी समाज को अपने अधिकार, संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। आदिवासी सरना विकास परिषद के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र उरांव ने कहा कि रबदा खुरा गाँव में सरना ध्वज की स्थापना पूरे समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि हुल दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों के संघर्ष, बलिदान और स्वाभिमान को याद करने का दिन है। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक स्थलों की रक्षा करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक पूजा-अर्चना संपन्न हुई और रंका अनुमंडल के विभिन्न गाँवों से आए आदिवासी समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर शहीदों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया, जिससे सामाजिक एकता का संदेश भी दिया गया।1