Shuru
Apke Nagar Ki App…
Baba Veer Nath
Ram chand
Baba Veer Nath
More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
- रिपोर्ट- 27 फरवरी बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज (कुल्लू): लंबे इंतजार और कड़े जन-आंदोलन के बाद आखिरकार सैंज बाजार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के जीर्णोद्धार का कार्य वीरवार से शुरू हो गया है। जून 2025 की भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यह सड़क तीन स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे बाजार का संपर्क पूरी तरह कट गया था। मुख्य बातें: बजट और निर्माण: मुख्य सड़क के टूटे हिस्से पर 71 लाख रुपये की लागत से डंगे का निर्माण किया जा रहा है। समयसीमा: ठेकेदार सुरेंद्र नेगी ने बताया कि यदि मौसम ने साथ दिया, तो एक महीने के भीतर दीवार का काम पूरा कर लिया जाएगा। पहले हुआ कार्य: सियारनु देवता के पास पहले ही डंगे का निर्माण हो चुका है, जबकि बाजार की आंतरिक सड़क की अस्थायी मरम्मत की गई है। व्यापार मंडल का कड़ा रुख: सड़क बंद होने से कारोबार ठप होने के चलते व्यापार मंडल ने कई बार प्रदर्शन किया था। व्यापार मंडल के प्रधान झाबे राम ठाकुर ने कहा कि आठ महीने की परेशानी के बाद अब काम शुरू होने से व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। इस मांग को प्रमुखता से उठाने वाले व्यापारियों में कमल देव, हैप्पी, रिंकू, रोहित, विजय और लीलाधर चौहान शामिल रहे। प्रभाव: सड़क बहाली से सैंज घाटी की ठप पड़ी अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौटेगी और स्कूली बच्चों व मरीजों को आवाजाही में हो रही भारी दिक्कतें दूर होंगी।1
- Post by Dinesh Kumar1
- Post by Dev Raj Thakur1
- हमीरपुर हमीरपुर में पहुंचे मु,ख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक दिवसीय दौरे के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर जमकर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा है कि भाजपा हिमाचल विरोधी पार्टी है और हमेशा जनता को गुमराह करती आई है। वहीं आरजीडी के मुददे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आरजीडी से ही उतार सकते थे हिमाचल का कर्ज लेकिन केन्द्र सरकार ने आरजीडी बंद कर प्रदेश से अन्याय किया है। इससे पहले मुख्यमंत्री सुक्खू का हमीरपुर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया और मुख्यमंत्री सुक्खू ने जसकोट स्थित हेलीपोर्ट के निर्माणाधीन कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को जल्द इस कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए है। बाद में मेडिकल कालेज जोलसप्पड में कैंसर अस्पताल , नर्सिंग कालेज बनाने की साइट का निरीक्षण भी किया। इसके बाद निर्माणाधीन नए बस अडडे का भी निरीक्षण कर कार्य में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि तीन प्रोजेक्टों को पूरा करने के उदेश्य से हमीरपुर में बैठक की गर्इ्र है और तीन सालों में इन तीनों प्रोजेक्टों को पूरा करने का लक्ष्य रखा है जिसके लिए कार्य तेजी से चल रहा है। उन्हांेने बताया कि मई माह तक तीनों प्रोजेक्टों को पूरा करने का टारगेट दिया है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कालेज में इलाज मिलेगा और एम्ज के बराबर मरीजों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने खुशी जाहिर की है कि इतनी जल्द कभी भी कोई काम नही हुआ है। आरजीडी बंद करनेे के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा हिमाचल विरोधी है और इससे प्रदेश को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के समय में आरजीडी से हिमाचल को 54 हहजार करोड रूपये मिला था और जयराम ठाकुर के सता संभालने पर केवल 48 हजार करोड का कर्ज ही था और केन्द्र सरकार ने तो कर्ज माफ किया है और कर्जा चुकाने के लिए और कर्जा लेना पड रहा है जिससे हिमाचल प्रदेश डेड ट्रेक में फंस चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वितीय कु्रपबंधन का समय रहा है और जयराम ठाकुर ने अपने दोस्तों के लिए एक हजार करोड की खाली भवन बना कर छोड गए थे । मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में सीबीएसई स्कूलों के खुलने से बच्चों को बेहतर पढाई के साथ बढिया माहौल मिलेगा लेकिन कुछ जगहों पर लोग इसका विरोध कर रह है। उन्होंने कहा कि अगर कही पर एचपी बोर्ड खोलने की जरूरत है तो उस पर भी सरकार विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर आरजीडी बंद होने पर तुरत जनता को बोल रहे है कि चुनावों के लिए तैयार हो जाए इसके लगता है कि भाजपा को हिमाचल से कितना प्रेम है। हमीरपुर में दो नए प्रदेश कार्यालय खोले जाएंगे जिसके लिए पूरी औपचारिकताएं की जा चुकी है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि ट्रासपोर्ट का नया बिंग हमीरपुर में खोला जा रहा है और अर्बल डिवेलपमेंट विभाग का प्रदेश का मुख्यालय हमीरपुर में खोला जाएगा और नए बस अडडे के भवन में दोनों कार्यालयों को खोला जा रहा है। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में हो रहे कामों पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जिस तरह से प्रदेश में काम किया है प्रदेश आत्मर्निारता की ओर बढ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चोर दरवाजों को बंद करने का काम सरकार ने किया है और रिफार्म से आम जनता को कोई बोझ नही पडेगा।4
- जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में मौनी अमावस्या के बाद चंद्र मास की दसवीं तिथि को जुकारू उत्सव के अंतर्गत मनाया जाने वाला दशालु मेला शुक्रवार को श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। घाटी के मिंधल, रेई, कुमार-परमार, हिल्लोर, शून और थांदल सहित लगभग दस गांवों में मेले की रौनक देखने को मिली। लोगों ने स्थानीय देवी-देवताओं के मंदिरों में पूजा-अर्चना कर माताओं का आशीर्वाद लिया और एक-दूसरे से गले मिलकर शुभकामनाएं दीं। पारंपरिक नृत्य-गान के साथ पूरा क्षेत्र उत्सवमय बना रहा। मिंधल गांव में आयोजित दशालु मेला विशेष रूप से अखंड चंडी मिंधलावासनी माता मंदिर से जुड़ी आस्था का केंद्र रहा। यह मेला माता की भक्तिन घुंगती को समर्पित है। मान्यता है कि माता ने अपनी भक्तिन को वरदान दिया था कि दशालु के दिन उसकी विशेष पूजा होगी और माता का चेला उसकी चादर ओढ़ने वाली सुई को मेला स्थल तक लाएगा। परंपरा के अनुसार जब चेला बर्फ की गिट्टी बनाकर मंदिर द्वार की ओर फेंकता है तो उसी के साथ मंदिर का द्वार खुलता है। मिंधल में यह रस्म आज भी पूरी श्रद्धा से निभाई जाती है। किलाड़ और धरवास क्षेत्र में चार दिनों तक चलने वाले उयांन मेले का आरंभ भी दसवीं तिथि से हुआ। किलाड़ के महालियत गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर से इस मेले की शुरुआत होती है। यहां दो नाग भाइयों—सिंघ वाहन और देंती नाग—का पावन मिलन होता है। देंती नाग का निवास स्थान हनसुन गांव में तथा सिंघ वाहन का पुंटो गांव में माना जाता है। दोनों देवताओं का मिलन वर्ष में दो बार—जुकारू उत्सव के दसवें दिन और फुलयात्रा के अवसर पर—प्राचीन शिव मंदिर में होता है। उयांन मेले के दौरान दसवीं तिथि को नाग देवता का, ग्यारहवीं को राजा का और बारहवीं को प्रजा का उयांन मनाया जाता है। नागे उयांन की सुबह महालियत गांव के प्राचीन शिव मंदिर में उल्टी ढोल (ढ़ढ़) बजाने की परंपरा है। लोकविश्वास के अनुसार यह प्रथा राणा द्वारा बंधक बनाए गए राक्षस परिवार को यह संकेत देने के लिए है कि गांव में कोई शुभ कार्य नहीं हो रहा। देंती नाग के देवलू (चेले) ढोल-नगाड़ों और पूजा सामग्री के साथ शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद हनसुन स्थित देंती नाग मंदिर में जाते हैं। वहां से वे प्रसाद के रूप में सिन्दूर-टिका और देवदार की छोटी टहनियां (छाबू) श्रद्धालुओं में वितरित करते हैं। श्रद्धालु इन्हें अपने घरों में सुख-शांति और समृद्धि की कामना से स्थापित करते हैं। मान्यता है कि हनसुन का क्षेत्र पहले कुफा के ठाकुर का खेत था, जो कालांतर में देवदार के घने जंगल में परिवर्तित हो गया। आज भी स्थानीय लोग उस जंगल की लकड़ी का उपयोग न इमारती कार्य में करते हैं और न ही ईंधन के लिए, इसे नाग देवता की पवित्र धरोहर माना जाता है। सिंघ वाहन के पुजारी धनदेव के अनुसार नागे उयांन के दिन दोनों नाग भाई महालियत गांव में भगवान शिव के दर्शन हेतु एकत्र होते हैं। वहीं मिंधल माता के पुजारी भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि दशालु मेले के दिन घुंगती की पवित्र सुई ‘सौ लहाड़’ नामक स्थान से लाकर विशेष पूजा के बाद माता के मंदिर में स्थापित की जाती है। यह सुई वर्ष में केवल एक बार, दशालु मेले के अवसर पर ही बाहर निकाली जाती है। पांगी घाटी में दशालु और उयांन मेलों के माध्यम से सदियों पुरानी लोक आस्थाएं, देव परंपराएं और सामुदायिक एकता की भावना आज भी जीवंत बनी हुई है।1
- प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अंकु बड़याल ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2014 से छात्र संघ चुनाव बंद किए गए हैं। इन चुनावों के न होने से छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है जबकि पहले छात्र संघ के माध्यम से छात्रों की समस्याओं का निदान हो जाता था। इसलिए सरकार जल्द छात्र संघ चुनाव बहाल करे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकार जल्द कृषि विविद्यालय पालमपुर को उनकी 112 हैकटर भूमि वापिस करे ताकि इस भूमि पर छात्रों को प्रैक्टिकल इत्यादि करवाए जा सकें। वहीं विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय को स्थायी भवन उयलब्ध करवाया जाए और इस भवन निर्माण के लिए प्रदेश सरकार से प्रस्तावित 30 करोड़ की धनराशि जल्द जारी की जाए। अंकु बड़याल ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व प्रदेश के 5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान करने की बात कही थी लेकिन इस बारे भी युवाओं को ठगा गया है और अब तक इस वादे को सरकार ने पूरा नहीं किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द विद्यार्थी परिषद की इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा। बाइट : अंकु बड़याल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विद्यार्थी परिषद2
- क्रिश्चियन नर्सिंग कॉलेज में फ्रेशर v फेयरवेल पार्टी की धूम,CMO रणजीत सिंह रहे चीफ गेस्ट,,,,,1
- Post by न्यूज रिपोर्टर1
- जनजातीय क्षेत्र पांगी की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के बीच एक दुर्लभ और विशालकाय पक्षी हिमालयन ग्रिफ़ॉन (Himalayan Griffon) देखे जाने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। यह दुर्लभ श्रेणी में पाया जाने वाला गिद्ध प्रजाति का पक्षी खिनण डीपीएफ (DPF) के फिन्डूरू बीट क्षेत्र में देखा गया। वन विभाग पांगी के डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) Ravi Guleria ने वीडियो साभार के माध्यम से इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह पक्षी पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसका पांगी क्षेत्र में दिखना जैव विविधता के लिहाज से सकारात्मक संकेत है। क्या है हिमालयन ग्रिफ़ॉन? Himalayan griffon एक बड़े आकार का गिद्ध है, जो मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके पंखों का फैलाव लगभग 2.5 से 3 मीटर तक होता है। यह ऊंचाई वाले दुर्गम पर्वतीय इलाकों में निवास करता है और मृत पशुओं को खाकर पर्यावरण को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दुर्लभता और संरक्षण पिछले कुछ वर्षों में गिद्धों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण दवाओं का दुष्प्रभाव और प्राकृतिक आवास में कमी रहा है। ऐसे में पांगी जैसे दूरस्थ और प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र में हिमालयन ग्रिफ़ॉन का दिखना संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत माना जा रहा है। DFO रवि गुलेरिया ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी दुर्लभ प्रजाति की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। जैव विविधता के लिए शुभ संकेत विशेषज्ञों का मानना है कि पांगी की स्वच्छ वादियां और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र अभी भी कई दुर्लभ प्रजातियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल बने हुए हैं। हिमालयन ग्रिफ़ॉन की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र की पारिस्थितिकी संतुलित और समृद्ध है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि इस दुर्लभ पक्षी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1