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Avadhlal Singh
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- ब्रेकिंग मऊगंज ट्रैक्टर और बाइक की आमने सामने की जोरदार भिड़ंत दो सड़क हादसे के मामले आए सामने बाइक सवार तीन युवक घायल,एक की हालत गंभीर मऊगंज थाना अंतर्गत पतियारी मोड के पास की है घटना घटना करीब शाम 10 बजे की बताई जा रही घायल सचिन साकेत पिता रमेश साकेत , विनय साकेत पिता राजेंद्र साकेत निवासी पलिया, सुभाष साकेत निवासी जकी थाना लौर के बताए जा रहे है तीनों घायलों को मऊगंज सिविल अस्पताल ,सचिन साकेत की गंभीर स्थिति में किया गया रीवा के संजय गांधी रेफर तो वहीं दूसरी घटना भी बरांव मोड के पास ट्रेक्टर और बाइक की टक्कर,जिसमें एक व्यक्ति विष्णु दत्त मिश्रा निवासी बरांव बड़ा टोला हुए घायल आपातकालीन स्थिति में 112 निभा रही एम्बुलेंस का काम, बन रही जीवनदायिनी पुलिस स्टाफ और पायलट सूचना मिलते ही तत्काल पहुंच रहे घटनास्थल,एम्बुलेंस के बिना इंतजार किए तत्काल घायलों को पहुंचाया जा रहा डायल 112 से ही नजदीकी अस्पताल पुलिस अरूणेंद्र सिंह बघेल पायलट प्रवेश चतुर्वेदी की लगातार सराहनीय मदद से समय पर घटनास्थल पहुंचकर समय गंवाए बिना पहुंचाया जा रहा सिविल अस्पताल3
- Post by Avadhlal Singh1
- Post by Nilesh Kumar1
- 3.5 करोड़ की लागत से राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओल्ड फरीदाबाद में डबल स्टोरी भवन निर्माण भूमि पूजन..विपुल गोयल , कैबिनेट मंत्री हरियाणा सरकार1
- Post by Bablu Namdev1
- वन विभाग की सांठगांठ से चितौरी, खटगिया व सुजौना में कट गये सैकड़ों हरे सागौन आम महुआ पीपल जसरा, प्रयागराज सरकार एक ओर “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियानों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है और करोड़ों रुपये वृक्षारोपण पर खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जसरा क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने इन दावों की पोल खोल दी है। ताजा मामला चितौरी गांव का है, जहां आम, महुआ, गूलर, नीम और पीपल जैसे दर्जनों हरे पेड़ों को काट दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब वन विभाग की मिलीभगत से हुआ और नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से कटान कराया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वन विभाग के बीट प्रभारी चंद्र प्रकाश मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी वैध अनुमति के ठेकेदारों से सांठगांठ कर पैसे लेकर पेड़ों की कटाई कराई। ग्रामीणों का कहना है कि खुलेआम मशीनों से पेड़ गिराए गए, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामला यहीं तक सीमित नहीं है। खटगिया गांव में भी एक पीपल का पेड़ काटे जाने की बात सामने आई है। वहीं, करीब 15 दिन पहले सुजौना गांव में लगभग 70 हरे सागौन के पेड़ों की कटाई भी इसी तरह कराए जाने का आरोप है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कटान पर रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। उन्होंने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाते हैं या फिर पर्यावरण संरक्षण के दावे यूं ही कागजों तक सीमित रहेंगे।4
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